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Tuesday, April 13, 2010

मप्र को मिला उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिये पुरस्कार

 राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन नई दिल्ली में उप राष्ट्रपति द्वारा  पुरस्कृत
मध्यप्रदेश को आज राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्य को मैदानी स्तर पर बेहतर प्रभावी और परिणामोउन्मुखी तरीके से क्रियान्वित करने पर भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। देश के उप राष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित समारोह में यह पुरस्कार मध्यप्रदेश को दिया।

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Monday, April 12, 2010

बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिये मप्र को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला

 पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल प्रदान करेंगी
स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धि के लिये भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने तथा इनके बेहतर स्वास्थ्य के लिये अपनाई गई नवाचार योजनाओं के लिये दूसरा पुरस्कार दिया है। 12 अप्रैल को विज्ञान भवन में यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल प्रदान करेंगी।

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Sunday, March 21, 2010

मध्यप्रदेश माध्यम को मिले तीन पुरस्कार

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री के. शंकर नारायणन ने आज मुंबई में आयोजित एक समारोह में मध्यप्रदेश सरकार के उपक्रम ‘¨माध्यम’ को श्रेष्ठता के तीन पुरस्कार प्रदान किये। इन पुरस्कारों के तहत उसे अपने नए प्रकाशन विन्टेज ग्वालियर के लिए स्वर्ण पारितोषिक, सामाजिक उत्तरदायित्व के साध्य संवाद के लिए रजत और बाघ पुस्तक के लिए भी रजत पारितोषिक से नवाजा गया है।

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Saturday, March 13, 2010

मप्र में लघु उद्योग राज्य स्तरीय पुरस्कार की घोषणा

  उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पुरस्कार वितरण
मध्यप्रदेश शासन ने राज्य में पहली बार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सत्र 2007-08 के लिये राज्य स्तरीय पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके तहत प्रथम पुरस्कार के लिये इंदौर की मेसर्स सांई मशीन टूल्स प्राईवेट लिमिटेड को देने के लिये चुना गया है।

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Monday, March 8, 2010

प्रदेश में चार बहादुर महिलाओं का सम्मान करेंगे मुख्यमंत्री

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को भोपाल की चार बहादुर महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल की अशोका गार्डन निवासी श्रीमती संध्या पांडे जिन्होंने एक लुटेरे का पीछा कर उसे अपने कृत्य करने से रोका था।

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Saturday, February 6, 2010

बैजूबावरा राष्ट्रीय सम्मान स्थापित होगा

बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव में संस्कृति मंत्री द्वारा घोषणा
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश सरकार बैजूबावरा की स्मृति में राष्ट्रीय सम्मान स्थापित करेगा। संगीत के क्षेत्र में यह सम्मान प्रतिवर्ष दिया जायेगा। श्री शर्मा आज यहां रवीन्द्र भवन में संस्कार भारती द्वारा आयोजित बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। श्री शर्मा ने देश के विख्यात संगीत एवं कला की विभूतियों का सम्मान भी किया।श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष बैजूबावरा की जन्म स्थान चंदेरी में अखिल भारतीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। अतिशीघ्र यह समारोह प्रारंभ किया जायेगा। इस समारोह को संस्कृति विभाग के कैलेण्डर में शामिल किया जायेगा। 
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कला, संगीत एवं संस्कृति की प्रतिभाओं को अवसर और संरक्षण प्रदान करने के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं। देश में सबसे ज्यादा गतिविधियां मध्यप्रदेश में आयोजित की जाती है। संस्कृति के बजट को भी लगभग तीन गुना बढ़ाया गया है। 
वर्षभर में लगभग 1700 गतिविधियां आयोजित की जाती है। संस्कार भारती और अन्य संस्थाओं के सहयोग से सरकार प्रदेश में कला का अच्छा वातावरण बनाने में सफल हुई है। संस्कृति मंत्री ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।

संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।

कलाकारों का सम्मान

समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।

उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।

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Wednesday, January 20, 2010

डॉ. सैय्यद हैदर रिजवी को मंथन साऊथ एशिया अवार्ड 2009

ज्ञान सहायता विस्तार तकनीक पहल) तकनीक को
'ई-उद्यमिता एवं ई-आजीविका' श्रेणी के अंतर्गत वर्ष 2009 का प्रतिष्ठित मंथन दक्षिण एशिया पुरूस्कार 'खेती' (ज्ञान सहायता विस्तार तकनीक पहल) तकनीक को दिया गया है। यह डॉ. सैय्यद हैदर रिजवी को उन्हें भारत में मध्यप्रदेश राज्य के सिरोंज विकासखण्ड में सिरोंज क्राप प्रोडियूसरस कंपनी लिमिटेड के निर्धन किसानो के साथ उनकी नवप्रवर्तनात्मक अनुसंधान परियोजना, 'ग्रामीण ई-सेवा परियोजना' हेतु दिया गया है यह परियोजना इंग्लैंड के शैफील्ड हेल्लाम विश्वविद्यालय एवं ऑक्फोर्ड विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग की अभिनव पहल थी। भारत में इस परियोजना का प्रयोग एवं क्रियान्वयन डॉ एस एम हैदर रिज़वी एवं उनके ब्रिटिश सहयोगी डॉ एन्डी डीयरडेन द्वारा प्रदान एवं सफल साल्यूशन के साथ किया गया।
डॉ. हैदर एवं डॉ. डीयरडेन इस तकनीक के विकास कार्य में विगत 3 वर्षो से संलग्नरत् रहे। इस प्रयास ने सम्पूर्ण विश्व के उन नीति निर्माताओं एवं नियोजकों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराया है जो कि आई. सी. टी. (सूचना एवं संचार तकनीक) के माध्यम से विकास की गति को सुनिश्चित करने में रूचि रखते हैं।

डॉ. एस एम हैदर रिज़वी जो कि वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन के सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल, भोपाल में संचालक (नीति विश्लेषण) के रूप में पदस्थ है को यह पुरूस्कार नई दिल्ली में डिजीटल एम्पावरमेंट फाउन्डेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया जो कि भारत सरकार के सूचना तकनीकी मंत्रालय एवं इस क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया था। डॉ हैदर द्वारा इस परियोजना के सफलतापूर्वक पथप्रदर्शन करने के अतिरिक्त 'खेती' के परिप्रेक्ष्य में एक लघु संभाव्यता परीक्षण भी किया जिसमें सिरोंज के छोटे एवं सीमान्त किसानों के सहकारी प्रयासों का अमूल्य योगदान रहा।

खेती तकनीक समस्त हितग्राहियों विशेषकर कृषि विशेषज्ञों, कृषक प्रतिनिधियों एवं किसानों के समक्ष सूचना संचार को गति प्रदान करने में संलग्न हैं। अब वे अपने मोबाईल की सहायता से 6 उच्च गुणवता वाले चित्र एवं 1.5 मिनिट की आवाज़ के माध्यम से एक पैकेज (एस डी एस) अपने खेत या गांव में ही निमिर्त कर वेब के माध्यम से अपलोड कर कृषि विशेषज्ञों तक पहुंचा सकते हैं एवं कृषि संबंधी अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इस योजना में प्रश्नोत्तरों के ग्रंथालय की ज्ञान रिपोजिटरी भी तैयार की जा रही है ताकि गरीब कृषक समुदाय को इसके व्यापक अनुप्रयोग में सहयोग प्रदान कर उनका सशक्तीकरण किया जा सके।

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस प्रयास एवं तकनीक के विकास में समस्त हितग्राहियों विशेषकर किसानों का सहयोग सहभागितापूर्ण तरीके से प्राप्त किया गया। जिससे समस्त हितग्राहियों की क्षमता विकास एवं सशक्तिकरण पर प्रभावी ढंग से ध्यान केन्द्रित किया जाना संभव हो पाया। इस तकनीक का किसानों की आय, अजीविका एवं सशक्तिकरण की दशा एवं दिशा में सुधार लाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। 
'खेती' के इस परीक्षणात्मक पहल में 200 से अधिक प्रश्नो एवं समस्याओं का समाधान किया गया जिनके माध्यम से कुछ अत्यन्त महत्वपूर्ण संरक्षणात्मक जोखिमों को कम किया गया। ये तकनीक अन्य क्षेत्रों में भी संचार एवं सूचना के आदान-प्रदान एवं विस्तार हेतु प्रभावी ढंग से प्रयोग की जा सकती है।

मध्यप्रदेश शासन का 'सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल, भोपाल, शैफील्ड हेल्लाम विश्वाद्यालय, इग्लैंड के सहयोग से तकनीकी के सहज अनुप्रयोगों के विस्तार हेतु संभावनाऐं तलाशने में प्रयासरत् है।

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Sunday, January 17, 2010

कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप 2010 में प्रियंका दास ने जीता रजत पदक

 चैम्पियनशिप में 12 यूरोपियन देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया
सिंगापुर में 9 से 13 जनवरी 2010 तक सम्पन्न हुई ''कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप 2010'' के 48 किलो ग्राम भार वर्ग में राज्य मार्शल आर्ट अकादमी की जूडो खिलाड़ी कु. प्रियंका दास ने शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन कर रजत पदक पर कब्जा जमाया।

इस चैम्पियनशिप में 12 यूरोपियन देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिसमें 23 सदस्यीय (सीनियर एवं जूनियर वर्ग सहित) भारतीय टीम में अकादमी की कु. प्रियंका दास ने चयनित होकर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप 2010 के -48 किलो ग्राम भार वर्ग में कु. प्रियंका दास ने न्यूजीलैंड एवं आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में मात्र 1 अंको के अंतर से कु. प्रियंका दास मॉरीशस की खिलाड़ी से पराजित हुई एवं रजत पदक अर्जित किया। कु. दास कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप 2010 के लिए 23 दिसम्बर 2009 से 8 जनवरी 2010 तक हैदराबाद में आयोजित हुए भारतीय जूडो टीम के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षणरत थी।

यहॉ उल्लेखनीय है कि कु. प्रियंका दास ने हॉल ही में सम्पन्न हुई जूनियर एशियन चैम्पियनशिप, लैबनान में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 1 कॉस्य पदक अर्जित किया है तथा वर्ष 2009 में आयोजित हुई राष्ट्रीय जूडो चैम्पियनशिप 2009 के -52 किलो ग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अर्जित किया था।
संचालक खेल- श्री संजय चौधरी ने कु. प्रियंका दास के पदक अर्जित करने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि कु. प्रियंका उभरती हुई खिलाड़ी हैं तथा हमें आशा है कि आगे आने वाले समय में भी ये इसी खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

कु. प्रियंका दास के पदक अर्जित करने पर अपर मुख्य सचिव खेल श्रीमती रंजना चौधरी, संयुक्त संचालक खेल डॉ0 विनोद प्रधान, प्रशासक राज्य खेल अकादमी श्री पी.एस. बुन्देला एवं अकादमी की मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती बिट्टू शर्मा ने बधाई दी।

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Monday, January 11, 2010

संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा संस्कृति भूषण सम्मान से विभूषित

 अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन में
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन द्वारा संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा को आज यहां एक समारोह में संस्कृति भूषण सम्मान से विभूषित किया गया। सम्मेलन के प्रांतीय अधिवेशन में साहित्यकारों और कला समीक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
संस्कृति मंत्री श्री शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि साहित्य साधक कर्म योगी की तरह अनवरत अपने सृजन से समाज को जागृत करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे है। मध्यप्रदेश सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील है। संस्कृति विभाग के बजट को काफी बढ़ाया गया है। सरकार की कोशिश है कि साहित्यकारों कलाकारों को पूरा प्रोत्साहन मिले। इसमें धनराशि के कारण कोई बाधा न आयें। अखिल भारतीय भाषा सम्मेलन द्वारा उन्हें दिये गये सम्मान के प्रतिउत्तर में संस्कृति मंत्री ने कहा कि वे अच्छे श्रोता, अच्छे दर्शक और साहित्य के अच्छे शुभचिन्तक के रूप में अपने कर्तव्य का पालन कर रहे है। कला क्षेत्र के संवाददाताओं और समीक्षकों को सम्मानित करने की परम्परा शुरू करने के लिए संस्कृति मंत्री ने संस्था को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग ने भी कला समीक्षकों के लिए पुरस्कार शुरू किया है। कला संवाददाता भी साहित्यकार ही है। श्री शर्मा ने संस्था को शासन की ओर से अनुदान देने को आवश्यक बताते हुये कहा कि साहित्यकारों के सम्मान से सृजनात्मकता को प्रोत्साहन मिलता है।

इस अवसर पर डॉ. मूलाराम जोशी और डॉ. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी को सरस्वती सम्मान से विभूषित किया गया। डॉ.राम कृष्ण सराफ और डॉ. शरद पगारे एवं डॉ. बी.मारिया कुमार को भारत भाषा भूषण सम्मान से अंलकृत किया गया। डॉ. चन्द्रप्रकाश वर्मा श्रेष्ठ साधना सम्मान, श्री वीरेन्द्र सिंह और कमलकांत सक्सेना को दिया गया। श्री रमेश चन्द्र खरे को साहित्य श्री सम्मान, श्री प्रमोद रामावत, श्री राकेश वर्मा हेरत, डॉ. अंजिला आनंद और श्रीमती मंजू जैन को समन्वय श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्य सेवी सम्मान श्री अशोक चन्द्र दुबे और श्री मनोज जैन मधुर को दिया गया।

अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन में कला संवाददाताओं और समीक्षकों को संवाद श्री सम्मान देने की परम्परा प्रारंभ की है। इस वर्ष यह सम्मान आज श्री विनय उपाध्याय, श्री शाहरोज आफरीदी, श्री दीपक पगारे, श्री बसंत सकरगाए, श्री रविन्द्र स्वप्निल प्रजापति, श्री रामप्रकाश अग्रवाल, सुश्री राखी झँवर और सुश्री आशा सिंह को दिया गया।

अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री मूलाराम जोशी ने मध्यप्रदेश में साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यो के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा की। राष्ट्रीय महासचिव श्री सतीश चतुर्वेदी ने सम्मानित होने वाले साहित्यकारों, कला समीक्षकों एवं संस्कृति मंत्री का प्रशस्ति वाचन किया। सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री रामगोपाल चतुर्वेदी और प्रांतीय महामंत्री डॉ. राम वल्लभ आचार्य ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सम्मान के अंतर्गत प्रशास्ति पत्र, प्रमाण पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट किया गया।

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Thursday, December 31, 2009

वूशु खिलाड़ियों ने किया प्रदेश का नाम रोशन

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 18 पदक

छत्तीसगढ़ के राजनंद गाँव में 24 से 29 दिसम्बर, 2009 तक आयोजित हुई 9वीं जूनियर राष्ट्रीय वूशु चैम्पियनशिप 2009 का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में राज्य मार्शल अकादमी के वूशु खिलाड़ियों ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए एक बार फिर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

खिलाड़ियों ने वर्ष 2009 की समाप्ति पर 18 पदक जीत कर प्रदेश को देश में द्वितीय स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें पांच स्वर्ण, सात रजत तथा छह काँस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता में राज्य मार्शल अकादमी के 15 खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश की 24 सदस्यीय वूशु टीम में चयनित होकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था।
इस चैम्पियनशिप में देश के 700 खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। मध्यप्रदेश वूशु टीम के प्रशिक्षक का दायित्व राज्य मार्शल अकादमी की मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती सारिका मनोज गुप्ता को सौंपा गया था। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री तुकोजीराव पवार ने अकादमी के वूशु खिलाड़ियों द्वारा पदक अर्जित करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
चैम्पियनशिप में मणिपुर ने प्रथम स्थान तथा मध्यप्रदेश ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा अकादमी एवं प्रदेश के खिलाड़ियों ने सांशू स्पर्धा में द्वितीय एवं ताउलू स्पर्धा में तृतीय स्थान अर्जित किया है। अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा पदक अर्जित करने पर अपर मुख्य सचिव खेल श्रीमती रंजना चौधरी, संचालक खेल श्री संजय चौधरी, संयुक्त संचालक खेल डॉ. विनोद प्रधान एवं प्रशासक राज्य खेल अकादमी श्री पी.एस. बुन्देला ने भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा नये कीर्तिमान स्थापित

तीन माह में खिलाड़ियों ने 77 पदक अर्जित कर म.प्र. को किया गौरवान्वित
मध्यप्रदेश में खेल एवं खिलाड़ियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर गत तीन माह में नए कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस दौरान खिलाड़ियों ने 77 पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। 
इनमें से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आठ पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर 69 पदक अर्जित किये गये। इसी प्रकार अकादमियों के 18 खिलाड़ियों ने पिछले तीन माह में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की कराते अकादमी के छह खिलाड़ियों का चयन साउथ एशियन गेम्स (सेफ गेम्स) 2010 के लिये भी हुआ है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित अकादमियों के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दो स्वर्ण तथा छह काँस्य पदक, राष्ट्रीय स्तर पर 19 स्वर्ण, तीन रजत तथा 20 काँस्य पदक अर्जित किये हैं। इसमें 15 से 18 अक्टूबर, 2009 तक जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित पांचवीं कॉमनवेल्थ कराते प्रतियोगिता में दो स्वर्ण एवं दो काँस्य पदक, इण्डिया इन्टरनेशनल सेलिंग एक से आठ नवम्बर, 2009 तक चैन्नई में आयोजित सेलिंग में दो काँस्य पदक, 12 से 15 नवम्बर, 2009 तक लेबनॉन में आयोजित जूनियर एशियन जूडो चैम्पियनशिप में एक काँस्य पदक तथा 11 से 14 दिसम्बर, 2009 तक अस्ताना (कज़ाकिस्तान) में आयोजित इन्टरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में एक काँस्य पदक अर्जित किया जाना शामिल है।
इसी प्रकार अकादमी के खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए पिछले तीन माह में 69 पदक अर्जित किये हैं। इनमें से 19 स्वर्ण, 30 रजत एवं 20 काँस्य पदक राष्ट्रीय स्तर पर अर्जित किया जाना सम्मिलित हैं। इसी तरह पश्चिम क्षेत्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता 13 से 18 अक्टूबर, 2009 तक भोपाल में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ियों ने 12 पदक अर्जित किये हैं। इनमें चार स्वर्ण, चार रजत एवं चार काँस्य पदक शामिल हैं।

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Friday, December 25, 2009

मप्र डी.पी.आई.पी. के लिए प्रतिष्ठित दक्षिण एशिया अवार्ड घोषित

विश्व बैंक दक्षिण एशिया क्षेत्र द्वारा घोषित 
मध्यप्रदेश में संचालित जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना को विश्व बैंक के प्रतिष्ठित दक्षिण एशिया वाइस प्रेसीडेंट टीम अवार्ड के लिए चुना गया है। यह अवार्ड डी.पी.आई.पी. परियोजना के प्रथम चरण के सफल और परिणाममूलक क्रियान्वयन एवं द्वितीय चरण की प्रभावी तैयारियों के लिए विश्व बैंक दक्षिण एशिया क्षेत्र द्वारा घोषित किया गया है।विश्व बैंक के टास्क टीम मैनेजर श्री नेथन बेलट ने इस उपलब्धि के लिए डी.पी.आई.पी. के राज्य परियोजना समन्वयक श्री डी.पी. आहूजा एवं तत्कालीन परियोजना समन्वयक डॉ. रवीन्द्र पस्तोर सहित परियोजना में कार्यरत राज्य, जिला एवं संकुल स्तरीय टीम को बधाई दी है। 
इसी प्रकार विश्व बैंक से मध्यप्रदेश के लिए तत्कालीन टास्क टीम मैनेजर श्री लुइस कांस्टेंटिनो एवं श्री मार्टिन वेन न्यूकूप को भी बधाई दी गई है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के चुने हुए 14 जिलों के 53 विकासखण्डों के अंतर्गत लगभग 3 हजार गाँवों में संचालित डी.पी.आई.पी. परियोजना का प्रथम चरण हाल ही में पूर्ण होकर परियोजना के द्वितीय चरण का काम प्रारम्भ हो गया है।

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Wednesday, December 23, 2009

अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान नामांकन 25 जनवरी तक आमंत्रित

राष्ट्रीय सम्मान के तहत दो लाख रूपये की सम्मान निधि प्रदान की जायेगी
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान- 2009-10 के लिये नामांकन आगामी 25 जनवरी तक आमंत्रित किये गये हैं। इस पुरस्कार के लिये देश-प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, समाज शास्त्रियों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, पत्रकारों एवं विशेषज्ञों से नामांकन आमंत्रित किये गये हैं।
संस्कृति विभाग द्वारा स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा के सर्वोत्कृष्ट मानदंडों की स्थापना के लिये उच्च कोटि के रचनात्मक अवदान, सृजनात्मक शोधकार्य और विशिष्ट उपलब्धियों के सम्माननार्थ अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजादा राष्ट्रीय सम्मान के तहत दो लाख रूपये की सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान पट्टिका प्रदान की जाएगी। संचालक, स्वराज संस्थान संचालनालय, रवीन्द्र भवन परिसर, भोपाल के नाम 25 जनवरी 2010 तक नामांकन भेजे जा सकेंगे। शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल द्वारा प्राप्त अनुशंसा/नामांकनों पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान से अब तक अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम केन्द्र, जशपुर एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं जल संरक्षण प्रणेता श्री अनुपम मिश्र नई दिल्ली को सम्मानित किया जा चुका है।

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Friday, December 11, 2009

अधिकारी निर्भीक होकर सही निर्णय लें - श्री राकेश साहनी

 केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों का आधारभूत प्रशिक्षण सम्पन्न,
भविष्य में बहुत चुनौतियां हैं। अत: अधिकारी जनता के साथ सतत संवाद रखें और निर्भीक होकर सही निर्णय लें। इस आशय का संबोधन प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने आज यहां आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों के 83वें आधारभूत प्रशिक्षण के समापन अवसर पर दिया।

कार्यक्रम में श्री दुर्गेश शंकर, विशेष सचिव भारत सरकार एवं सदस्य केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, महानिदेशक प्रशासन अकादमी डॉ. संदीप खन्ना, संचालक प्रशासन अकादमी श्री मुक्तेश वार्ष्णेय के अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव श्री साहनी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने संबोधन में कहा कि प्राय: यह देखने में आ रहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम आने के बाद अधिकारियों में निर्णय टालने अथवा ना लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, यह उचित नहीं है। सूचना का अधिकार अधिनियम 'जनतांत्रिक-सुशासन' की दिशा में उचित कदम है।
अत: अधिकारियों को निर्भीकतापूर्वक सही निर्णय लेना चाहिये। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी केन्द्रीय राजस्व सेवा के भले ही हों परंतु भविष्य में भारत शासन के विभिन्न विभागों में उन्हें कार्य करना होगा। इसलिये उन्हें प्रजातंत्र के मूल आधार राजनीतिज्ञों के साथ संवाद रखना, उन्हें सही तथ्यों से अवगत कराना और सहमत कराना आना चाहिये।
विशेष सचिव श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि प्रायवेट सेक्टर की तुलना में शासकीय सेवा में वेतन भले ही कम हो, परंतु अधिकार और प्रतिष्ठा में शासकीय अधिकारी निजी क्षेत्रों से बहुत आगे हैं। इसे सेवा में रहने के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में स्वयं महसूस करेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1973 में जब वह केन्द्रीय सेवा में आये थे तब भारत में आयकर से होने वाली आय एक हजार करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपये हो गयी है। भविष्य में आयकर से होने वाली आय नई ऊँचाईयों को छुएगी। अधिकारियों को निष्ठा और सतर्कता के साथ अपने संस्थान की अपेक्षानुरूप कार्य करना तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी संचालक श्री मुक्तेश वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों का 83वां आधारभूत प्रशिक्षण 31 अगस्त, 2009 को प्रशासन अकादमी में प्रारंभ हुआ था। पन्द्रह सप्ताह के इस प्रशिक्षण में सात केन्द्रीय सेवाओं के कुल 78 अधिकारियों ने भाग लिया।
जिन्हें मसूरी अकादमी के पाठ्यक्रम के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार एवं वर्कशाप के आयोजन के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों को पचमढ़ी, अमरकंटक, मण्डला एवं बांधवगढ़ सात दिवसीय ट्रेकिंग तथा ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी से अवगत कराने के लिये भेजा गया।
इसके साथ ही खेल एवं पी.टी. के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की गयी। प्रशिक्षु अधिकारी निम्बालकर संतोष उत्तमराव एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु ने प्रशिक्षण के लिये प्रशासन अकादमी में की गयी व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रदान ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या की जानकारी उन्हें अपना कार्य करने में सदैव प्रेरणादायी रहेगी।
प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन अकादमी भोपाल में पहली बार केन्द्रीय सिविल सेवा के अधिकारियों को आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जो कि अकादमी तथा म.प्र. के लिये गौरव की बात है।
प्रशिक्षु अधिकारी पुरस्कृत- समापन समारोह के अंत में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी तथा विशेष सचिव भारत सरकार श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विशिष्ट योग्यता प्राप्त करने वाले पुरुष एवं महिला प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किये।
जिसमें सर्वोत्तम आल राउण्डर ट्राफी, प्रशिक्षु अधिकारी श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को प्रदान की गई। खेल गतिविधियों में पुरुष वर्ग में श्री कल्याणम, राजेश रामाराव (प्रथम) एवं महिला वर्ग में सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु (प्रथम) को ट्राफी तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर श्री सत्यनारायण एवं सुश्री नितिना नागोरी को रनरअप का पुरस्कार प्रदान किया गया।
पी.टी. में श्री मानवजीत सिंह ढिल्लों एवं सुश्री मीनू शुक्ला को सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये महानिदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसमें श्री दीनदयाल वर्मा एवं सुश्री सारिका शाह रामचन्द्र को महानिदेशक का रजत पदक तथा श्री मुकाम्बिकेएन एस. एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु को महानिदेशक का कांस्य पदक प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आयोजित लिखित परीक्षा में प्रथम आने पर श्री मृत्युंजय शर्मा को महानिदेशक स्वर्ण पदक, श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को द्वितीय स्थान पाने पर महानिदेशक रजत पदक एवं सुश्री भावना गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर महानिदेशक कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव प्रशासन श्री सुदेश कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय एवं सचिव, सामान्य प्रशासन श्री प्रदीप खरे भी उपस्थित थे।

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Saturday, December 5, 2009

गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान

डॉ. नंदकिशोर त्रिखा सम्मानित
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नंद किशोर त्रिखा को प्रदान किया गया। स्थानीय समन्वय भवन में आयोजित एक समारोह में भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष एवं न्यायमूर्ति श्री जी.एन. रे ने यह सम्मान श्री त्रिखा को प्रदान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र प्रभु, स्वदेश के प्रबंध संपादक राजेन्द्र शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र एवं कुलाधिसचिव ओ.पी. दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री रे ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है, पर आज वह दोराहे पर खड़ा है। उसमें गिरावट आ रही है। यह देश और प्रजातंत्र के लिए घातक है। मीडिया को इस स्थिति से उभारने के लिए पत्रकारों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि श्री त्रिखा का सम्मान पत्रकारिता के आदर्शों का सम्मान है।
श्री त्रिखा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का है। पत्रकारिता अपनी जड़ से कट रही है, आज उसको नैतिक और आत्मानुशासी बनाने की जरूरत है। आज आवश्यकता इस बात की है कि मीडिया विश्वसनीयता का सहज सोच और संस्कार अपने कर्म में प्रतिस्थापित करे। पत्रकारिता को अपने उत्तरदायित्व का बोध करना होगा। 
उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारिता को जीवित रखना है तो उसे अपनी विश्वसनीयता के प्रति संवेदनशील और सतर्क होना होगा। उन्होंने कहा कि 'लोक अभियान' चलाकर मीडिया को ऐसा किए जाने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए। उन्होंने 'मीडिया विश्वसनीयता सूचकांक' निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने कहा इसके लिए विश्वविद्यालय में अध्ययन पीठ स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने सम्मान में प्रदान की गई राशि में से इस कार्य के लिए 'बीज राशि' देने की भी घोषणा की।
वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र प्रभु ने श्री त्रिखा के पत्रकारीय आदर्शों के प्रति समर्पण को याद किया। स्वदेश के प्रबंध संपादक श्री राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि आज पत्रकारिता की डगर कठिन है। डॉ. त्रिखा ने पत्रकारिता के उच्चतम आदर्शों को छुआ और निरंतर पत्रकारिता के धर्म का पालन किया। 
राष्ट्रवादी पत्रकारिता के पक्षधर डॉ. त्रिखा पत्रकारिता की विधाओं की त्रिवेणी हैं, उन्होंने पत्रकार, लेखक और अध्यापक तीनों रूपों में अपनी छाप छोड़ी है।
इसके पूर्व न्यायमूर्ति श्री रे ने शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र तथा एक लाख एक रुपये सम्मान राशि प्रदान कर श्री त्रिखा को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।
आभार प्रदर्शन कुलाधिसचिव ओ.पी. दुबे ने किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने किया।

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