भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री राकेश श्रीवास्तव ने आज अपरान्ह में जनसंपर्क संचालनालय में आयुक्त पद का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर विभिन्न प्रभागों की गतिविधियों की जानकारी ली। श्री श्रीवास्तव ने संचालनालय के विभिन्न प्रभागों का अवलोकन भी किया।
Read Full Text......
Tuesday, April 27, 2010
Sunday, April 11, 2010
अधिकारियों का ईमानदारी एवं निष्ठा से कर्त्तव्य पालन
जनहित वाद विषयक कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं के विचार
प्रशासनिक अधिकारियों को अपने कर्त्तव्य का पालन पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा से करना चाहिये, तभी समाज के कमजोर एवं गरीब लोगों को न्याय प्राप्त होगा। इस आशय के उद्गार आज यहां आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में “जनहित वादा” (पब्लिक इन्ट्रेस्ट लिटीगेशन)
Read Full Text......
Labels: MP, PublicRelation, Workshops
Saturday, February 6, 2010
बैजूबावरा राष्ट्रीय सम्मान स्थापित होगा
बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव में संस्कृति मंत्री द्वारा घोषणा
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश सरकार बैजूबावरा की स्मृति में राष्ट्रीय सम्मान स्थापित करेगा। संगीत के क्षेत्र में यह सम्मान प्रतिवर्ष दिया जायेगा। श्री शर्मा आज यहां रवीन्द्र भवन में संस्कार भारती द्वारा आयोजित बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। श्री शर्मा ने देश के विख्यात संगीत एवं कला की विभूतियों का सम्मान भी किया।श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष बैजूबावरा की जन्म स्थान चंदेरी में अखिल भारतीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। अतिशीघ्र यह समारोह प्रारंभ किया जायेगा। इस समारोह को संस्कृति विभाग के कैलेण्डर में शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कला, संगीत एवं संस्कृति की प्रतिभाओं को अवसर और संरक्षण प्रदान करने के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं। देश में सबसे ज्यादा गतिविधियां मध्यप्रदेश में आयोजित की जाती है। संस्कृति के बजट को भी लगभग तीन गुना बढ़ाया गया है।
वर्षभर में लगभग 1700 गतिविधियां आयोजित की जाती है। संस्कार भारती और अन्य संस्थाओं के सहयोग से सरकार प्रदेश में कला का अच्छा वातावरण बनाने में सफल हुई है। संस्कृति मंत्री ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।
कलाकारों का सम्मान
समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।
Read Full Text......
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।
कलाकारों का सम्मान
समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।
Labels: Award, laxmi, MP, PublicRelation
Sunday, January 17, 2010
जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट अन्य भारतीय भाषाओं में भी
जनसम्पर्क मंत्री द्वारा विभागीय गतिविधियों की समीक्षा
जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट को दूसरी भारतीय भाषाओं मराठी, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलगू और कन्नड़ में भी शुरू करने के निर्देश दिये है। अभी यह बेवसाईट हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू में है।
जनसम्पर्क मंत्री आज यहां विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में जनसम्पर्क सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट पर प्रति दिन लगभग एक लाख से अधिक हिट्स प्राप्त हुये, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत अन्तर्राष्ट्रीय हिट्स है।
जनसम्पर्क मंत्री ने मध्यप्रदेश की विकास योजनाओं, दर्शनीय स्थलों और पर्यटन स्थलों पर पत्रकारों के प्रेस टूर आयोजित करने के निर्देश दिये। श्री शर्मा ने पत्रकारों के अंतर संभागीय प्रेस टूर भी आयोजित करने के निर्देश दिये। जनसम्पर्क विभाग के सेटअप, पत्रकारों को श्रृद्धानिधि और पत्रकारों की बीमा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जनसम्पर्क मंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। निजी बसों में पत्रकारों को निशुल्क यात्रा के संबंध में परिवहन विभाग से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के उन्होंने निर्देश दिये।
श्री शर्मा ने शासन की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभान्वित हितग्रहियों की सफलता की कहानियों को व्यापक रूप से प्रचारित प्रसारित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा जारी किये जाने वाले विज्ञापनों और समाचारों में विविधता तथा नयापन लाया गया है। भविष्य में क्षेत्रीय बोलियों में भी इनका प्रकाशन कराया जायेंगा। फोटोग्राफरों की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गई है। विभाग द्वारा फोटो बैंक और न्यूज चैनलों की न्यूज मॉनीटरिंग के लिए सुसज्जित सेंटर की स्थापना की गई है। तहसील स्तरीय पत्रकारों को अधिमान्यता की समीक्षा करते हुये जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पत्रकारों को अधिमान्यता दी जायें। इसके लिए आवश्यक होने पर नियमों को और सरल बनाया जायें।
Read Full Text......
जनसम्पर्क मंत्री ने मध्यप्रदेश की विकास योजनाओं, दर्शनीय स्थलों और पर्यटन स्थलों पर पत्रकारों के प्रेस टूर आयोजित करने के निर्देश दिये। श्री शर्मा ने पत्रकारों के अंतर संभागीय प्रेस टूर भी आयोजित करने के निर्देश दिये। जनसम्पर्क विभाग के सेटअप, पत्रकारों को श्रृद्धानिधि और पत्रकारों की बीमा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जनसम्पर्क मंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। निजी बसों में पत्रकारों को निशुल्क यात्रा के संबंध में परिवहन विभाग से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के उन्होंने निर्देश दिये।
श्री शर्मा ने शासन की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभान्वित हितग्रहियों की सफलता की कहानियों को व्यापक रूप से प्रचारित प्रसारित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा जारी किये जाने वाले विज्ञापनों और समाचारों में विविधता तथा नयापन लाया गया है। भविष्य में क्षेत्रीय बोलियों में भी इनका प्रकाशन कराया जायेंगा। फोटोग्राफरों की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गई है। विभाग द्वारा फोटो बैंक और न्यूज चैनलों की न्यूज मॉनीटरिंग के लिए सुसज्जित सेंटर की स्थापना की गई है। तहसील स्तरीय पत्रकारों को अधिमान्यता की समीक्षा करते हुये जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पत्रकारों को अधिमान्यता दी जायें। इसके लिए आवश्यक होने पर नियमों को और सरल बनाया जायें।
Labels: Culture, laxmi, MP, NEWS-Alerts, PublicRelation
Saturday, December 19, 2009
मुख्यमंत्री द्वारा जनसंपर्क की फोटो पत्रिका "चित्रायन" का विमोचन
पत्रिका का कला संयोजन और मुद्रण मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज यहां निवास पर जनसंपर्क मध्यप्रदेश की मासिक फोटो पत्रिका 'चित्रायन' का विमोचन किया। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, विधायक श्री रमेश सक्सेना, आयुक्त जनसंपर्क श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर संचालक जनसंपर्क श्री आर.एम.पी.सिंह, उप संचालक फोटो श्री प्रदीप भाटिया, फोटो संपादक श्री प्रकाश कुलकर्णी और विभागीय छायाचित्रकार उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फोटो पत्रिका के प्रकाशन को एक नयी शुरूआत बताते हुए कहा कि पत्रिका अपने प्रकाशन के उद्देश्य को सार्थक करेगी। उन्होंने कहा कि छायांकन महज तकनीकी कार्य न होकर कला का स्वरूप है। एक छायाचित्र में हजार शब्दों के भाव को सम्प्रेषित करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि शासकीय और विकास कार्यों की गतिविधियों को सम्प्रेषित करने की असीम संभावनाएँ छायाचित्रों में हैं।
जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि यह फोटो पत्रिका विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार की अभिनव विधाओं और प्रयोगों की श्रंखला में नया प्रयास है। फोटो जर्नलिज्म की दिनों दिन बढ़ती महत्ता को देखते हुए यह पत्रिका प्रदेश की विकास गतिविधियों के साथ ही विविधवर्णी संस्कृति और गौरवशाली विरासत को समग्रता में रेखांकित करने में सफल होगी।
जनसंपर्क आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को पत्रिका के प्रकाशन के उद्देश्य की जानकारी दी।
चित्रायन के प्रवेशांक में विकास, नगर विकास, विरासत, लोक संस्कृति और शख्सियत शीर्षकों से छायाचित्रों का प्रकाशन किया गया है। पत्रिका का कला संयोजन और मुद्रण मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा किया गया है।
Read Full Text......
जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि यह फोटो पत्रिका विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार की अभिनव विधाओं और प्रयोगों की श्रंखला में नया प्रयास है। फोटो जर्नलिज्म की दिनों दिन बढ़ती महत्ता को देखते हुए यह पत्रिका प्रदेश की विकास गतिविधियों के साथ ही विविधवर्णी संस्कृति और गौरवशाली विरासत को समग्रता में रेखांकित करने में सफल होगी।
जनसंपर्क आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को पत्रिका के प्रकाशन के उद्देश्य की जानकारी दी।
चित्रायन के प्रवेशांक में विकास, नगर विकास, विरासत, लोक संस्कृति और शख्सियत शीर्षकों से छायाचित्रों का प्रकाशन किया गया है। पत्रिका का कला संयोजन और मुद्रण मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा किया गया है।
Labels: CM, Culture, laxmi, PublicRelation
Thursday, December 10, 2009
जनसंपर्क कर्मियों ने सीखे फोटोग्रॉफी के गुर
अफसर भी चलाएंगे अब कैमरा, मीडिया के साथ हमकदम होने की कोशिश
मीडिया की मौजूदा तेज़ रफ्तार में जनसंपर्क कर्मियों के लिए उसका हमकदम बनना भी आज की दरकार है। इसी हकीकत के मद्देनज़र जनसंपर्क संचालनालय ने अपने अफसरों को दक्ष करने की ठान ली है। कलम के विभिन्न रूपों से अवगत कराने के साथ ही आज इस दफ्तर ने फोटोग्रॉफी के गुर भी इन अफसरों को सिखाए। इसके पहले विभिन्न संभागीय और ज़िला मुख्यालयों पर मैदानी अफसरों को यह प्रशिक्षण दिया गया था।
जानकारियों के संप्रेषण में छायाचित्रों का अपना महत्व होता है। छायाचित्र खुद पूरी कहानी बयाँ कर देते हैं। इसी तथ्य के केन्द्र में तय किया गया था कि जनसंपर्क अधिकारियों को छायाचित्र की उपयोगिता और बारीकियाँ बताई जाएँ।
जानकारियों के संप्रेषण में छायाचित्रों का अपना महत्व होता है। छायाचित्र खुद पूरी कहानी बयाँ कर देते हैं। इसी तथ्य के केन्द्र में तय किया गया था कि जनसंपर्क अधिकारियों को छायाचित्र की उपयोगिता और बारीकियाँ बताई जाएँ।
इस क्षेत्र की पहली जरूरत तो कैमरा चलाना है लिहाजा इसकी संपूर्ण कार्यविधि अफसरों को बताई गई। माना गया था कि अगर अपरिहार्य कारणवश कैमरामेन कार्यक्रम कव्हर करने न पहुँच सके तो उसकी भूमिका पीआरओ भी अच्छे से निभा सकते हैं। इस कसौटी पर पूरा उतरने के लिए उन्हें किन चीजों पर फोकस करना है और इसके क्या तरीके होंगे, ये सारी जानकारियाँ इस मौके पर जुटाई गईं।
पहले दौर में संभाग और जिला मुख्यालयों पर जाकर मैदानी अफसरों के लिए यह कवायद की गई थी। मैदानी क्षेत्रों में अक्सर सरकारी कार्यक्रमों की फोटोग्रॉफी को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आती रही हैं। इन्हें समग्र दूर करने के लिए वहाँ जनसंपर्क अधिकारियों को कैमरे उपलब्ध करा कर फोटोग्राफी की अब ट्रैनिंग भी दे दी गई है।
पहले दौर में संभाग और जिला मुख्यालयों पर जाकर मैदानी अफसरों के लिए यह कवायद की गई थी। मैदानी क्षेत्रों में अक्सर सरकारी कार्यक्रमों की फोटोग्रॉफी को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आती रही हैं। इन्हें समग्र दूर करने के लिए वहाँ जनसंपर्क अधिकारियों को कैमरे उपलब्ध करा कर फोटोग्राफी की अब ट्रैनिंग भी दे दी गई है।
इसके नतीजे में आज अधिकांश जिलों में ये अफसर ही फोटो खीच रहे हैं। संचालनालय में इस सेवा को वक्त के साथ काफी व्यापक कर दिया गया है और आधुनिकतम डीजिटल वीडियो और स्टील कैमरे यहां जुटाए गए हैं।
जनसंपर्क अधिकारियों को फोटोग्राफी में पारंगत कर विभाग मीडिया की दैनंदिनी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में इसके प्रशिक्षण के साथ एक कदम और आगे आ गया है। प्रशिक्षण के मौके पर अपर संचालक समाचार श्री आर.एम.पी. सिंह ने फोटोग्रॉफी के कई तकनीकी पक्षों की बारीकियां समझाईं तो इस सेवा की संपूर्ण प्रक्रिया पर संयुक्त संचालक श्री आर.माकोड़े ने उपयोगी बातें बताईं।
जनसंपर्क अधिकारियों को फोटोग्राफी में पारंगत कर विभाग मीडिया की दैनंदिनी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में इसके प्रशिक्षण के साथ एक कदम और आगे आ गया है। प्रशिक्षण के मौके पर अपर संचालक समाचार श्री आर.एम.पी. सिंह ने फोटोग्रॉफी के कई तकनीकी पक्षों की बारीकियां समझाईं तो इस सेवा की संपूर्ण प्रक्रिया पर संयुक्त संचालक श्री आर.माकोड़े ने उपयोगी बातें बताईं।
संचालनालय के समाचार प्रभाग से जुड़े सारे अफसरों को इस मौके पर वरिष्ठ और अनुभवी फोटोग्रॉफरों श्री खुर्शीद अली बहादुर और श्री प्रकाश कुलकर्णी ने कैमरा संचालन के तकनीकी पक्षों से अवगत कराया।
Read Full Text......
Labels: Media, PublicRelation
Friday, November 27, 2009
अनुदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के कामकाज की होगी जांच
संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में नवगठित संस्कृति परिषद की पहली बैठक सम्पन्न
संस्कृति, जनसंपर्क, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा की अध्यक्षता में आज यहां मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की सामान्य सभा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में निर्देश दिये गये कि संस्कृति विभाग द्वारा जिन संस्थाओं को अनुदान दिया जाता है उनके काम-काज की जांच कराई जाये।
एक अभियान के तहत यह कार्य करने के लिये एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिये गये। लगभग 200 संस्थाओं को विभाग द्वारा वर्ष में अनुदान दिये जाते हैं।
नवगठित संस्कृति परिषद की यह पहली बैठक थी। बैठक में परिषद के सदस्य, सांसद श्री अनिल दवे सहित अन्य शासकीय एवं अशासकीय सदस्य उपस्थित थे। बैठक में शंकराचार्य पीठ ओंकारेश्वर और परशुराम पीठ जानापाव में स्थापित करने की भी अनुशंसा की गई। धार स्थित फड़के संग्रहालय को व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिये गये। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य की संस्कृति नीति अगले तीन माह में तैयार हो जायेगी।
संस्कृति मंत्री ने समय-सीमा के भीतर इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिये। भोपाल में स्थापित कथक केन्द्र को नृत्य केन्द्र के रूप में संचालित करने तथा यहां ओड़िसी और भरतनाट्यम की शिक्षा देने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये।
संस्कृति विभाग और उसके अंतर्गत गठित अकादमियों के वर्ष 2010-11 में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण करने के लिये एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिये गये। यह समिति यह भी सुझाव देगी कि वर्तमान में संचालित किन-किन कार्यक्रमों को बंद किया जा सकता है। संस्कृति विभाग के अंतर्गत अकादमियों द्वारा प्रकाशित की जा रही पत्रिकाओं की भी समीक्षा कर आवश्यकतानुसार समेकित प्रकाशन करने के लिये सुझाव देने के संबंध में भी एक समिति गठित करने के निर्देश दिये गये।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सांची में बौद्ध संस्कृति और साहित्य का एक प्रमुख केन्द्र स्थापित करने के बारे में भी योजना बनाने का सुझाव दिया गया। प्रदेश के कलाकारों और साहित्यकारों एवं कलासाधकों की डायरेक्ट्री एक माह में तैयार करने की समय-सीमा तय की गई।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सांची में बौद्ध संस्कृति और साहित्य का एक प्रमुख केन्द्र स्थापित करने के बारे में भी योजना बनाने का सुझाव दिया गया। प्रदेश के कलाकारों और साहित्यकारों एवं कलासाधकों की डायरेक्ट्री एक माह में तैयार करने की समय-सीमा तय की गई।
प्रतिभावान कलाकारों की खोज के लिये प्रतिभा खोज परीक्षा एवं पुरस्कार योजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से संस्कृति ज्ञान परीक्षा एवं पुरस्कार योजना तैयार करने के निर्देश दिये गये। संस्कृति मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि परिषद के विषय-विशेषज्ञ सदस्यों के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेश की संस्कृति के विस्तार के लिये पहल की जायेगी।
सांसद श्री अनिल दवे ने विभाग और अकादमियों के कार्यक्रमों एवं कार्यों की स्पष्ट परिधि निर्धारित करने के साथ ही वित्तीय अनुशासन एवं कार्यों के सोशल आडिट का सुझाव दिया। उन्होंने विभाग के कार्यक्रमों में जन-भागीदारी बढ़ाने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला, साहित्य एवं संस्कृति के पोषण की आवश्यकता बताई। सामान्य सभा के सदस्यों ने संस्कृति के कार्यक्रमों के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्रीमती आभा अस्थाना और संस्कृति संचालक भी उपस्थित थे।
Read Full Text......
सांसद श्री अनिल दवे ने विभाग और अकादमियों के कार्यक्रमों एवं कार्यों की स्पष्ट परिधि निर्धारित करने के साथ ही वित्तीय अनुशासन एवं कार्यों के सोशल आडिट का सुझाव दिया। उन्होंने विभाग के कार्यक्रमों में जन-भागीदारी बढ़ाने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला, साहित्य एवं संस्कृति के पोषण की आवश्यकता बताई। सामान्य सभा के सदस्यों ने संस्कृति के कार्यक्रमों के संबंध में सुझाव दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्रीमती आभा अस्थाना और संस्कृति संचालक भी उपस्थित थे।
Labels: Culture, laxmi, PublicRelation
Friday, November 13, 2009
बिना शब्दों के भावों को अभिव्यक्ति देते हैं छायाचित्र
जनसंपर्क विभाग की संभाग स्तरीय फोटो पत्रकारिता कार्यशाला
फोटोग्राफ्स में बहुत शक्ति होती है। वे बिना शब्दों के भावों को अभिव्यक्त्ति देते हैं। पत्रकारिता में फोटोग्राफ्स का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। आज फोटोग्राफ्स के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देने की अत्यधिक आवश्यकता है।
इस आशय के विचार कलेक्टर श्री अजातशत्रु ने गुरूवार को यहां जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय संभाग स्तरीय फोटो पत्रकारिता कार्यशाला में व्यक्त किए।
इस अवसर पर अपर संचालक जनसंपर्क भोपाल श्री आर एम पी सिंह, संयुक्त संचालक जनसंपर्क उज्जैन श्री ब्रजेन्द्र द्विवेदी, मुख्य छाया चित्रकार जनसंपर्क संचालनालय भोपाल श्री प्रकाश कुलकर्णी, प्रख्यात छाया चित्रकार श्री गोविन्द चोरसिया तथा संभाग के समस्त जिलों से आए जनसंपर्क अधिकारी एवं फोटोग्राफर्स उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपर संचालक श्री आर एम पी सिंह ने फोटो पत्रकारिता के विभिन्न आयामों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी कला एवं विज्ञान दोनों है। कला के रूप में यह मनोभावों, प्रकृति आदि को अभिव्यक्त करती है वहीं कैमरा तकनीक के रूप में यह विज्ञान है।
इस अवसर पर अपर संचालक श्री आर एम पी सिंह ने फोटो पत्रकारिता के विभिन्न आयामों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी कला एवं विज्ञान दोनों है। कला के रूप में यह मनोभावों, प्रकृति आदि को अभिव्यक्त करती है वहीं कैमरा तकनीक के रूप में यह विज्ञान है।
एक कुशल फोटोग्राफर होने के लिए इन दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनसंपर्क विभाग शीघ्र ही एक मासिक फोटो मैग्जीन प्रकाशित करने जा रहा है जिसमें प्रदेश के समस्त जिलों के श्रेष्ठ छायाचित्र प्रकाशित किए जाएंगे। उन्होंने जनसंपर्क अधिकारियों से कहा कि वे प्रतिमाह अपने जिले के श्रेष्ठ छायाचित्र नियमित रूप से इस के लिये भिजवाएं।
भोपाल से आए छायाचित्र विशेषज्ञ श्री गोविन्द चौरसिया ने फोटोग्राफी के तकनीकी एवं कलात्मक पहलुओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
भोपाल से आए छायाचित्र विशेषज्ञ श्री गोविन्द चौरसिया ने फोटोग्राफी के तकनीकी एवं कलात्मक पहलुओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
फोटोग्राफर को फोटो खींचते समय तकनीकी बातों का ध्यान रखने के साथ यह भी आवश्यक रूप से ध्यान रखना चाहिए कि जिन भावों का वह छायाचित्र के माध्यम से संप्रेषण करना चाहता है वे उसके छायाचित्र में आ रहे हैं या नहीं। साथ ही फोटो की गत्यात्मकता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने फोटो के एक्सपोजर, कम्पोजीशन, फाइल साइज, एंगल आदि के बारे में सूक्ष्मता के साथ प्रतिभागियों को जानकारी दी।
कार्यशाला में मुख्य छायाचिकार श्री प्रकाश कुलकर्णी ने फोटोग्राफी के संबंध में आसान शब्दों में फोटो संकलन, फोटो कंपोजीशन, फोटो करेक्शन, फोटो सम्पादन तथा ई-मेल के माध्यम से फोटो संप्रेषण आदि के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने फोटोग्राफी के दौरान बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों के विषय में भी जानकारी दी। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से फोटोग्राफी के आयामों के विषय में जानकारी दी गई।
कार्यशाला का प्रारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर हुआ। संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री बृजेन्द्र द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यशाला की रूपरेखा बताई। कार्यशाला के अंत में उनके द्वारा उपस्थित सभी का आभार प्रदर्शन किया गया।
Read Full Text......
कार्यशाला में मुख्य छायाचिकार श्री प्रकाश कुलकर्णी ने फोटोग्राफी के संबंध में आसान शब्दों में फोटो संकलन, फोटो कंपोजीशन, फोटो करेक्शन, फोटो सम्पादन तथा ई-मेल के माध्यम से फोटो संप्रेषण आदि के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने फोटोग्राफी के दौरान बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों के विषय में भी जानकारी दी। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से फोटोग्राफी के आयामों के विषय में जानकारी दी गई।
कार्यशाला का प्रारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर हुआ। संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री बृजेन्द्र द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यशाला की रूपरेखा बताई। कार्यशाला के अंत में उनके द्वारा उपस्थित सभी का आभार प्रदर्शन किया गया।
Labels: PublicRelation
Subscribe to:
Posts (Atom)