संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।
कलाकारों का सम्मान
समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।