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Monday, April 5, 2010

सांस्कृतिक कैलेण्डर में शुमार होगा नोहटा महोत्सव

 प्रभारी मंत्री श्री भार्गव द्वारा तीन दिवसीय नोहटा महोत्सव का शुभारंभ
जिला मुख्यालय से दमोह-जबलपुर मार्ग पर लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नोहटा में कलचुरि कालीन भगवान नोहलेश्वर मंदिर के समीप कल से तीन दिवसीय नोहटा महोत्सव का भव्य शुभारंभ प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने किया। प्रभारी मंत्री श्री भार्गव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित प्रथम दिवस के कार्यक्रम स्थानीय विधायक श्री रत्नेश सालोमन की अध्यक्षता में सम्पन्न किये गये।

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Sunday, February 21, 2010

जहर के दांत तोड़ने से मर जाते हैं सांप

 परम्परा को रोका जाना चाहिए
वन विहार में पदस्थ सहायक वन संरक्षक श्री ए.के. खरे का कहना है कि सपेरों द्वारा नाग पंचमी के लिए जिन जहरीले सांपों को पकड़कर दांत तोड़ दिये जाते हैं वे सांप दांत तोड़े जाने से हुए जख्म के कारण बाद में मर जाते हैं। इन सांपों को श्रद्धालुओं द्वारा नाग पंचमी पर जो दूध पिलाया जाता है उससे उनके जख्म और गहरे हो जाते हैं।
श्री खरे ने उक्त जानकारी आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर को वन विहार स्थित सर्प उद्यान के अवलोकन के समय दी। श्री गौर ने कहा कि वन्य प्राणियों की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिये। सपेरों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराकर इस परम्परा को रोका जाना चाहिए। सर्प उद्यान में सांपों रखने के लिए जो स्थान बनाया गया है उसकी चार दीवारी भोपाल जिले और मध्यप्रदेश के नक्शे की सीमा रेखा के अनुसार बनाया गया है।

भोपाल जिले की आकृति वाले स्थान पर अजगर रखे गये हैं। इन्हें 15 दिन में एक बार मुर्गा खिलाया जाता है। इसके बाद यह अगले 15 दिनों तक कुछ और खाने की स्थिति में नहीं होते। श्री गौर ने कहा कि चलो इनकी तो कोई लिमिट है।

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Monday, February 8, 2010

जनजातीय कलाकारों से कलाकृतियाँ 28 फरवरी तक आमंत्रित

 मध्यप्रदेश जनगढ़ पुरस्कार
गोंड परधान गायकी परम्परा के जनगढ़ सिंह श्याम की स्मृति में आदिम जाति कल्याण विभाग के उपक्रम वन्या द्वारा स्थापित किए गए जनगढ़ सिंह श्याम पुरस्कार के लिए प्रदेश के जनजातीय कलाकारों, शिल्कारों से कलाकृतियाँ 28 फरवरी 2010 तक आमंत्रित की गई है। इस पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ कलाकृति को रुपये 25 हजार की नगद राशि एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा।
वन्या के प्रबंध संचालक श्रीराम तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनी में भागीदारी के लिए मध्यप्रदेश के आदिवासी कलाकार अपनी कलाकृति वन्या के कार्यालय 35 राजीव गांधी भवन, श्यामला हिल्स में भेज सकते है। यह पुरस्कार आदिवासी पांरपरिक कलाओं के क्षेत्र में जनजातीय कलाकार को दिया जाता है। विगत् दो वर्षो से स्थापित यह पुरस्कार दिलीप सिंह श्याम एवं हीरामन उर्वेती को प्रदान किया गया था। इस वर्ष कलाकृतियाँ आमंत्रित की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के मंडला जिले के प्रतापगढ़ में रहने वाले जनगढ़ सिंह श्याम की स्मृति में शुरू किया गया है।

उल्लेखनीय है कि स्व. श्याम मूलतः गोंड़ परधान गायकी परम्परा से थे। गीत गाना और बाँसुरी बजाना जनगढ़ को विरासत में वैसे ही मिला था जैसा कि परम्परागत चित्रकारी करना। जनगढ़ मूर्ति बनाने में भी दक्ष थे। जनगढ़ सिंह श्याम ने गोंड परधान चित्रकारी की एक नयी शैली ही विकसित की है जिसे दुनिया के कलाजगत ने सम्मान दिया है।

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय मध्यप्रदेश जनगढ़ पुरस्कार ऐसे महान दिवंगत युवा कलाकार जनगढ़ सिंह श्याम की याद को चिरस्थाई बनाने एवं आदिवासी कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया है।

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Sunday, February 7, 2010

पुरातात्विक महत्व के स्थलों का जिलेवार सर्वेक्षण

 संस्कृति मंत्री द्वारा धरोहर प्रतियोगिता में बच्चों को पुरस्कार वितरित
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि पुरातात्विक महत्व के स्थलों और कलाकृतियों का जिलेवार सर्वे कराया जा रहा है। इसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा और इनके संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। श्री शर्मा आज यहां राज्य संग्रहालय में बाल उत्सव धरोहर प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित कर रहे थे।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि हमें विशेषकर नई पीढ़ी को देश के सांस्कृतिक पुरातात्विक वैभव को जानना चाहिये। हमारा गौरवशाली और समृद्ध इतिहास है। इसे जानकर हमारा गौरव बढ़ेगा। उन्होंने धरोहर प्रतियोगिता की सराहना की । इस प्रतियोगिता में भोपाल सहित विभिन्न स्कूलों के साथ ही संभाग के सीहोर, रायसेन, विदिशा, बैतूल, हरदा आदि जिलों के बच्चों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधकों को विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक धरोहर और पुरातत्व स्थलों का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कराना चाहिये।

प्रतियोगिता के अन्तर्गत राज्य संग्रहालय द्वारा स्कूलों के प्रबंधन के सहयोग से बच्चों को सग्रहालय की कला वीथिका का भ्रमण कराया गया। बच्चों में धरोहरों के प्रति जागृति बढ़ाने के लिए चित्रकला, गायन, निबंध और नृत्य की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। निबंध प्रतियोगिता में 6 से 8 वर्ष की कक्षा के बच्चों के लिए विषय मेरा शहर भोपाल और 9 से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विषय भोपाल की ऐतिहासिक इमारतें रखा गया था। विभिन्न प्रतियोगिता में विजयी प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को संस्कृति मंत्री ने प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किये।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्रीमती आभा अस्थाना और संचालक पुरातत्व श्री मनोज गोविल भी उपस्थित थे। श्री गोविल ने बताया कि स्कूलों में हेरीटेज क्लब बनाने की योजना है। कार्यक्रम में बच्चों ने आकर्षक शास्त्रीय गायन, नृत्य, समूह नृत्य प्रस्तुत किये।

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Saturday, January 23, 2010

संस्कृति विभाग कलाकारों को तैयार करें

संस्कृति मंत्री द्वारा विभागीय गतिविधियों की समीक्षा
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज यहां संस्कृति विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। संस्कृति मंत्री ने कहा कि विभाग कलाकारों को तैयार करने का कार्य करें। केवल कार्यक्रमों और उत्सवों का आयोजन ही विभाग का दायित्व नहीं है। बैठक में अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्रीमती आभा अस्थाना, संस्कृति संचालक एवं विभिन्न अकादमियों के निदेशक उपस्थित थे।श्री शर्मा ने कहा कि अभावग्रस्त साहित्यकारों एवं कलाकारों को वित्तीय सहायता देने की योजना पर समय सीमा में अमल किया जाएगा। उन्होंने प्रस्तावित शंकराचार्य शोधपीठ औंकारेश्वर, परशुराम शोधपीठ जानापाव और संत रविदास शोधपीठ महू की स्थापना के संबंध में प्रगति की समीक्षा की। खण्डवा में संगीत एवं कला महाविद्यालय के लिए भूमि का चयन शीघ्र सुनिश्चित कराने के उन्होंने निर्देश दिये। 
बैठक में बताया गया कि संस्कृति संदर्भ केन्द्र एवं संग्रहालय की स्थापना की जा चुकी है। मराठी साहित्य अकादमी एवं पंजाबी साहित्य अकादमी की स्थापना की कार्यवाही शीघ्र कराने के उन्होंने निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर में आंचलिक कला संकुल बनकर तैयार है। 
जबलपुर में संकुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि झाबुआ में जनजातीय संस्कृति संदर्भ केन्द्र एवं सृजनपीठ की स्थापना के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। प्रतिभा खोज योजना अगले वित्तीय वर्ष से लागू कर दी जाएगी।

संस्कृति मंत्री ने छन्द बेले का अन्तर्राष्ट्रीय समारोह आयोजित करने के संबंध में तैयारियां करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि गजेटियर के लोकप्रिय संस्करण का निर्माण और इन्टरनेट पर उपलब्ध कराने की योजना पर अमल प्रारंभ कर दिया गया है। 
संस्कृति मंत्री ने धार में संचालित फड़के म्यूजियम के अधिग्रहण और संचालन की कार्यवाही संस्कृति विभाग द्वारा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये। उन्होंने नाट्य विद्यालय की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इसे अतिशीघ्र प्रारंभ करने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

संस्कृति मंत्री ने उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत अकादमी, आदिवासी लोक कला परिषद, कालिदास अकादमी एवं स्वराज्य संस्थान संचालनालय की गतिविधियों की भी समीक्षा की।

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Sunday, January 17, 2010

जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट अन्य भारतीय भाषाओं में भी

जनसम्पर्क मंत्री द्वारा विभागीय गतिविधियों की समीक्षा
जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट को दूसरी भारतीय भाषाओं मराठी, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलगू और कन्नड़ में भी शुरू करने के निर्देश दिये है। अभी यह बेवसाईट हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू में है। 
जनसम्पर्क मंत्री आज यहां विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में जनसम्पर्क सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जनसम्पर्क विभाग की बेवसाईट पर प्रति दिन लगभग एक लाख से अधिक हिट्स प्राप्त हुये, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत अन्तर्राष्ट्रीय हिट्स है।

जनसम्पर्क मंत्री ने मध्यप्रदेश की विकास योजनाओं, दर्शनीय स्थलों और पर्यटन स्थलों पर पत्रकारों के प्रेस टूर आयोजित करने के निर्देश दिये। श्री शर्मा ने पत्रकारों के अंतर संभागीय प्रेस टूर भी आयोजित करने के निर्देश दिये। जनसम्पर्क विभाग के सेटअप, पत्रकारों को श्रृद्धानिधि और पत्रकारों की बीमा योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जनसम्पर्क मंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। निजी बसों में पत्रकारों को निशुल्क यात्रा के संबंध में परिवहन विभाग से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के उन्होंने निर्देश दिये।

श्री शर्मा ने शासन की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभान्वित हितग्रहियों की सफलता की कहानियों को व्यापक रूप से प्रचारित प्रसारित करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा जारी किये जाने वाले विज्ञापनों और समाचारों में विविधता तथा नयापन लाया गया है। भविष्य में क्षेत्रीय बोलियों में भी इनका प्रकाशन कराया जायेंगा। फोटोग्राफरों की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गई है। विभाग द्वारा फोटो बैंक और न्यूज चैनलों की न्यूज मॉनीटरिंग के लिए सुसज्जित सेंटर की स्थापना की गई है। तहसील स्तरीय पत्रकारों को अधिमान्यता की समीक्षा करते हुये जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पत्रकारों को अधिमान्यता दी जायें। इसके लिए आवश्यक होने पर नियमों को और सरल बनाया जायें।

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Monday, January 11, 2010

संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा संस्कृति भूषण सम्मान से विभूषित

 अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन में
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन द्वारा संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा को आज यहां एक समारोह में संस्कृति भूषण सम्मान से विभूषित किया गया। सम्मेलन के प्रांतीय अधिवेशन में साहित्यकारों और कला समीक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
संस्कृति मंत्री श्री शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि साहित्य साधक कर्म योगी की तरह अनवरत अपने सृजन से समाज को जागृत करने का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे है। मध्यप्रदेश सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील है। संस्कृति विभाग के बजट को काफी बढ़ाया गया है। सरकार की कोशिश है कि साहित्यकारों कलाकारों को पूरा प्रोत्साहन मिले। इसमें धनराशि के कारण कोई बाधा न आयें। अखिल भारतीय भाषा सम्मेलन द्वारा उन्हें दिये गये सम्मान के प्रतिउत्तर में संस्कृति मंत्री ने कहा कि वे अच्छे श्रोता, अच्छे दर्शक और साहित्य के अच्छे शुभचिन्तक के रूप में अपने कर्तव्य का पालन कर रहे है। कला क्षेत्र के संवाददाताओं और समीक्षकों को सम्मानित करने की परम्परा शुरू करने के लिए संस्कृति मंत्री ने संस्था को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग ने भी कला समीक्षकों के लिए पुरस्कार शुरू किया है। कला संवाददाता भी साहित्यकार ही है। श्री शर्मा ने संस्था को शासन की ओर से अनुदान देने को आवश्यक बताते हुये कहा कि साहित्यकारों के सम्मान से सृजनात्मकता को प्रोत्साहन मिलता है।

इस अवसर पर डॉ. मूलाराम जोशी और डॉ. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी को सरस्वती सम्मान से विभूषित किया गया। डॉ.राम कृष्ण सराफ और डॉ. शरद पगारे एवं डॉ. बी.मारिया कुमार को भारत भाषा भूषण सम्मान से अंलकृत किया गया। डॉ. चन्द्रप्रकाश वर्मा श्रेष्ठ साधना सम्मान, श्री वीरेन्द्र सिंह और कमलकांत सक्सेना को दिया गया। श्री रमेश चन्द्र खरे को साहित्य श्री सम्मान, श्री प्रमोद रामावत, श्री राकेश वर्मा हेरत, डॉ. अंजिला आनंद और श्रीमती मंजू जैन को समन्वय श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। साहित्य सेवी सम्मान श्री अशोक चन्द्र दुबे और श्री मनोज जैन मधुर को दिया गया।

अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन में कला संवाददाताओं और समीक्षकों को संवाद श्री सम्मान देने की परम्परा प्रारंभ की है। इस वर्ष यह सम्मान आज श्री विनय उपाध्याय, श्री शाहरोज आफरीदी, श्री दीपक पगारे, श्री बसंत सकरगाए, श्री रविन्द्र स्वप्निल प्रजापति, श्री रामप्रकाश अग्रवाल, सुश्री राखी झँवर और सुश्री आशा सिंह को दिया गया।

अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री मूलाराम जोशी ने मध्यप्रदेश में साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यो के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा की। राष्ट्रीय महासचिव श्री सतीश चतुर्वेदी ने सम्मानित होने वाले साहित्यकारों, कला समीक्षकों एवं संस्कृति मंत्री का प्रशस्ति वाचन किया। सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री रामगोपाल चतुर्वेदी और प्रांतीय महामंत्री डॉ. राम वल्लभ आचार्य ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सम्मान के अंतर्गत प्रशास्ति पत्र, प्रमाण पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट किया गया।

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Sunday, January 3, 2010

संस्कृति मंत्री द्वारा " संस्कृति भारती" पत्रिका का विमोचन

 पंडित मदनमोहन मालवीय पर केन्द्रित पत्रिका
संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज यहां अपने निवास पर पंडित मदनमोहन मालवीय पर केन्द्रित पत्रिका 'संस्कृति भारती' का विमोचन किया।  इस पत्रिका का प्रकाशन धर्म संस्कृति समिति भोपाल द्वारा किया गया है। पत्रिका में हिन्दुत्व के समक्ष चुनौतियां विषय पर विशेष सामग्री प्रकाशित की गई है।
विमोचन अवसर पर पूर्व विधायक श्री रमेश शर्मा (गुट्टू भैया), पूर्व महापौर मधु गार्गव, संस्था के अध्यक्ष भरतचंद चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष वैद्य गोपाल मेहता, श्री प्रकाश गावंदे, श्री आशुतोष पाराशर, श्री ज्ञानप्रकाश तिवारी, पार्षद श्री विष्णु राठौर और गणेश राठौर उपस्थित थे।

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Friday, January 1, 2010

आज भी पत्रकार योद्धा है-जनसम्पर्क मंत्री

भाषायी पत्रकारिता की सात शोध पुस्तकों का विमोचन
उच्च शिक्षा एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज यहां माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय द्वारा स्वतंत्र भारत की भाषायी पत्रकारिता पर प्रकाशित सात शोध पुस्तकों का लोकार्पण किया। श्री शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आज भी पत्रकार योद्धा के रूप में काम कर रहे है। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेधावी विद्यार्थी आ रहे है। पत्रकारिता का भविष्य भावी पीढ़ी के हाथों सुरक्षित रहेगा। इसमें कोई संदेह नही है।
श्री शर्मा ने कहा कि पूंजी का जमाना है, व्यवसायिक दृष्टिकोण है। इसके बाद भी पत्रकार चुनौतीपूर्ण ढंग से अपना दायित्व निभा रहे है। उन्होंने शोध परियोजना में अध्ययन और शोध को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र और परियोजना के निर्देश श्री विजयदत्त श्रीधर को बधाई दी।
मध्यप्रदेश के विकास में पत्रकारों के योगदान को उल्लेखनीय बताते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की आने वाली सभी चुनौतियों का मिलजुलकर मुकाबला करेंगे और प्रदेश को विकास की ऊचाईयों तक पहुंचायेंगे।
श्री शर्मा ने शोध करने वाले पत्रकारों का पुष्पहारों से स्वागत करते हुए प्रकाशित पुस्तकों की प्रति भेंट की। उन्होंने श्री सुंधाशु मिश्रा, श्री मनोज कुमार, श्री शिवअनुराग पटेरिया, सुश्री अचला मिश्र, श्री सोमदत्त शास्त्री, श्री रामभुवन सिंह कुशवाह और सुश्री सत्यासिंह राठौर को पुस्तकें भेंट की।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव ने कहा कि यह शोध पुस्तके पत्रकारों की भावी पीढ़ी को मार्गदर्शन प्रदान करेगी। उन्होंने पत्रकारिता में चरित्र निर्माण की आवश्यकता बताई।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर रमेशचन्द्र शाह ने कहा कि साहित्य एवं पत्रकारिता का घनिष्ठ संबंध है। मूल्यमूढ़ता के इस युग में यह पुस्तके पत्रकारिता में गौरवूपर्ण अग्रजों की परम्परा से भावी पीढ़ी को अवगत करायेंगी और चुनौतियों का मुकाबला करते हुए उन्हें सफल बनाने में फलदायी होगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि शोध परियोजना के अन्तर्गत बंगला, तमिल, तेलगू और ऊर्दू पत्रकारिता के इतिहास की पाडुलिपि तैयार हो गयी है। हिन्दी पत्रकारिता का शब्दकोष, संदर्भकोष और वर्तनीकोष प्रकाशित किया जा चुका है। लगभग 100 बड़े सम्पादकों के मोनोग्राफ प्रकाशित किये जा रहे है। कार्यक्रम में जनसम्पर्क सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इन प्रयासों से पत्रकारिता का प्रामाणिक इतिहास बनेगा जो पत्रकारिता की भावी पीढ़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री ओ.पी. दुबे ने अपने विचार व्यक्त किये। कुल सचिव श्री पी.एन. साकल्ले ने आभार व्यक्त किया।
आज जो पुस्तकें लोकार्पित की गई है उनमें प्रमुख हिन्दी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों पर अध्ययन कर शोध प्रकाशित किया गया है। उनके अंतर्गत साप्ताहिक हिन्दुस्तान, धर्मयुग, दिनमान, रविवार, आज, हिन्दुस्तान, नवज्योति, नवभारत, नवभारत टाईम्स, नई दुनिया, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण,अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, युगधर्म, दैनिक भास्कार, देशबन्धु, स्वदेश और प्रभार खबर समाचार पत्रों का अध्ययन कर शोध पुस्तकें प्रकाशित की गयी है।
भोपाल गैस त्रासदी और मीडिया विषय पर भी शोध पुस्तक प्रकाशित की गयी है। योद्धा पत्रकारों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध पुस्तकों की श्रंृखला में गणेश शंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी और रामवृक्षबेनीपुरी पर पुस्तकों का भी प्रकाशन किया गया है। स्वतंत्र भारत में खेल पत्रकारिता पर भी शोध कर पुस्तक का प्रकाशन किया गया है। इन सभी पुस्तकों का विमोचन किया गया।

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Thursday, December 31, 2009

योद्धा पत्रकारों, हिन्दी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों पर शोध पुस्तकों का प्रकाशन

जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा  करेंगे  पुस्तकों का विमोचन
उच्च शिक्षा एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा गुरूवार 31 दिसम्बर को हिन्दी भवन में अपरान्ह 4 बजे माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की शोध परियोजना के अन्तर्गत प्रकाशित सात पुस्तकों का विमोचन करेंगे। समारोह के विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रो. रमेशचन्द्र शाह और वरिष्ठ पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव होंगे। विश्व विद्यालय के कुलपति श्री अच्युतानन्द मिश्रा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा देश के हिन्दी के प्रमुख समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के शोध की परियोजना प्रारम्भ की गयी हैं। उनके अन्तर्गत साप्ताहिक हिन्दुस्तान, धर्मयुग, दिनमान, रविवार, आज, हिन्दुस्तान, नवज्योति, नवभारत, नवभारत टाइम्स, नई दुनिया, स्वतन्त्र भारत, दैनिक जागरण, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, युगधर्म, दैनिक भास्कर, देशबन्धु, स्वदेश और प्रभात खबर समाचार पत्रों का अध्ययन कर शोध पुस्तकें प्रकाशित की गयी है।
भोपाल गैस त्रासदी और मीडिया विषय पर भी शोध पुस्तक प्रकाशित की गयी है। योद्धा पत्रकारों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध पुस्तकों की श्रृंखला में गणेश शंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी और रामवृक्षबेनीपुरी पर पुस्तकों का भी प्रकाशन किया गया है। स्वतन्त्र भारत में खेल पत्रकारिता पर भी शोध कर पुस्तक का प्रकाशन किया गया है। इन सभी पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा।

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Tuesday, December 29, 2009

गायन और बाँसुरी वादन से महकेगी 31 दिसम्बर की रात

  बाँसुरी रूपक कुलकणीर् का वादन होगा
संस्कृति संचालनालय द्वारा 31 दिसम्बर की रात पम्परानुसार इस बार भी सबद निरन्तर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 1 जनवरी के आगमन की बेला को सांस्कृतिक रुझानों और रचनात्मक भागीदारी के साथ सार्थक करने के निमंत्रण के साथ आयोजित इस समारोह में रवीन्द्र भवन में रात्रि 9 बजे से बाँसुरी वादन और फिर उसके उपरान्त गायन की सभाएँ होंगी।

संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में पहले विख्यात बाँसुरी वादक श्री रूपक कुलकणीर् का बाँसुरी वादन होगा। श्री रूपक कुलकणीर्, पण्डित हरिप्रसाद चौरसिया के सुयोग्य शिष्य हैं। नौ वर्ष की उम्र से उन्होंने पण्डित जी से मैहर घराने की संगीत परम्परा की शिक्षा ग्रहण की है। उनकी कठिन साधना में ध्रुपद, खयाल, तंत्रकारी शैली का संस्कार प्रमुख रूप से शामिल है।
श्री रूपक ने 11 वर्ष की उम्र में पहली बार बड़ौदा के दरबार हॉल में बाँसुरी वादन किया था तब से अब तक अनेक महत्वपूर्ण संगीत सभाओं में आपने सराहनीय प्रस्तुति दी है। अनेक प्रतिष्ठित कम्पनियों द्वारा आपके बाँसुरी वादन की सीडी जारी की गई हैं।
श्री कुलकणीर् के बाँसुरी वादन के पश्चात श्री रतन मोहन शर्मा का गायन होगा। श्री रतन मोहन शर्मा, मेवाती घराने के प्रतिभाशाली गायक हैं। आप पण्डित प्रताप नारायण जी, पण्डित मणिराम जी, पण्डित मोतीराम जी एवं पण्डित जसराज के संगीत संस्कारों से निष्णात हैं एवं परिवार की परम्परा को अपनी गहन और समपिर्त साधना से नैरंतर्य प्रदान करने का काम कर रहे हैं।
श्री रतन मोहन शर्मा ंखयाल, तराना, ध्रुपद, हवेली संगीत सहित भजन, टप्पा और राजस्थानी लोक संगीत के भी जाने-माने कलाकार हैं। आपने अनेक टेलीविजन धारावाहिकों एवं प्रायवेट अलबमों के लिए स्वर-संगीत रचना की है जिन्हें व्यापक सराहना मिली है।
ह कार्यक्रम रात्रि 12 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क है।

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Friday, December 25, 2009

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा क्रिसमस पर बधाई

चौहान ने  कहा  प्रभु यीशु की  शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने क्रिसमस पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि प्रभु यीशु की भाईचारे, सद्भाव, एकता और सेवा की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। 
श्री चौहान ने कहा कि महापुरूष और पथप्रदर्शक चाहे वे किसी भी समुदाय और धर्म के हों, अंतत: उनकी शिक्षाएं और आदर्श सम्पूर्ण मानवता की सेवा को ही समर्पित होती है। प्रभु यीशु भी उन्हीं में से एक है। श्री चौहान ने क्रिसमस पर समस्त ईसाई धर्मावलंबियों सहित सभी प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

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Wednesday, December 23, 2009

अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान नामांकन 25 जनवरी तक आमंत्रित

राष्ट्रीय सम्मान के तहत दो लाख रूपये की सम्मान निधि प्रदान की जायेगी
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान- 2009-10 के लिये नामांकन आगामी 25 जनवरी तक आमंत्रित किये गये हैं। इस पुरस्कार के लिये देश-प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, समाज शास्त्रियों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, पत्रकारों एवं विशेषज्ञों से नामांकन आमंत्रित किये गये हैं।
संस्कृति विभाग द्वारा स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा के सर्वोत्कृष्ट मानदंडों की स्थापना के लिये उच्च कोटि के रचनात्मक अवदान, सृजनात्मक शोधकार्य और विशिष्ट उपलब्धियों के सम्माननार्थ अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजादा राष्ट्रीय सम्मान के तहत दो लाख रूपये की सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान पट्टिका प्रदान की जाएगी। संचालक, स्वराज संस्थान संचालनालय, रवीन्द्र भवन परिसर, भोपाल के नाम 25 जनवरी 2010 तक नामांकन भेजे जा सकेंगे। शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल द्वारा प्राप्त अनुशंसा/नामांकनों पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान से अब तक अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम केन्द्र, जशपुर एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं जल संरक्षण प्रणेता श्री अनुपम मिश्र नई दिल्ली को सम्मानित किया जा चुका है।

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Sunday, December 20, 2009

शुरू हुआ बाल रंग समारोह

 विभिन्न राज्यों के लगभग 1500 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे ह
भोपाल में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय बाल रंग समारोह की शुरूआत हुई। राष्ट्रीय बाल रंग समारोह में विभिन्न राज्यों के लगभग 1500 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।
राष्ट्रीय बाल रंग समारोह में आज साहित्यिक प्रतियोगिताएं एवं नि:शक्त एवं मदरसा के बच्चों की प्रतियोगिताएं हुई। समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को लगभग 6 हजार बच्चों ने देखा। छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर ज्ञानोपयोगी जानकारी हासिल की।
समारोह में देवास के छात्र-छात्राओं ने जल रांगोली, होशंगाबाद के छात्र-छात्राओं ने सूर्य-चंद्रगहण व तारामंडल बनाया। राजगढ़ के झिरी संस्कृत ग्राम के सौ छात्रों ने अपनी प्रस्तुति दी। इस मौके पर अनेक अधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। समारोह के अंतिम दिन 20 दिसम्बर को विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आदि कार्यक्रम होंगे।

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Saturday, December 19, 2009

मुख्यमंत्री द्वारा जनसंपर्क की फोटो पत्रिका "चित्रायन" का विमोचन

पत्रिका का कला संयोजन और मुद्रण मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज यहां निवास पर जनसंपर्क मध्यप्रदेश की मासिक फोटो पत्रिका 'चित्रायन' का विमोचन किया। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, विधायक श्री रमेश सक्सेना, आयुक्त जनसंपर्क श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर संचालक जनसंपर्क श्री आर.एम.पी.सिंह, उप संचालक फोटो श्री प्रदीप भाटिया, फोटो संपादक श्री प्रकाश कुलकर्णी और विभागीय छायाचित्रकार उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फोटो पत्रिका के प्रकाशन को एक नयी शुरूआत बताते हुए कहा कि पत्रिका अपने प्रकाशन के उद्देश्य को सार्थक करेगी। उन्होंने कहा कि छायांकन महज तकनीकी कार्य न होकर कला का स्वरूप है। एक छायाचित्र में हजार शब्दों के भाव को सम्प्रेषित करने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि शासकीय और विकास कार्यों की गतिविधियों को सम्प्रेषित करने की असीम संभावनाएँ छायाचित्रों में हैं।
जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि यह फोटो पत्रिका विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार की अभिनव विधाओं और प्रयोगों की श्रंखला में नया प्रयास है। फोटो जर्नलिज्म की दिनों दिन बढ़ती महत्ता को देखते हुए यह पत्रिका प्रदेश की विकास गतिविधियों के साथ ही विविधवर्णी संस्कृति और गौरवशाली विरासत को समग्रता में रेखांकित करने में सफल होगी।
जनसंपर्क आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को पत्रिका के प्रकाशन के उद्देश्य की जानकारी दी।
चित्रायन के प्रवेशांक में विकास, नगर विकास, विरासत, लोक संस्कृति और शख्सियत शीर्षकों से छायाचित्रों का प्रकाशन किया गया है। पत्रिका का कला संयोजन और मुद्रण मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा किया गया है।

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Sunday, December 6, 2009

पत्रकारों की लायसेसिंग संबंधी की अनुशंसा पर केन्द्र रुख स्पष्ट करें

प्रसार भारती पब्लिक ब्रॉडकास्टर की भूमिका निभाए
मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज यहां सूचना मंत्रियों के सम्मेलन में लिब्राहन आयोग द्वारा पत्रकारों की लाइसेसिंग की अनुशंसा का मुद्दा उठाकर इस संबंध में भारत सरकार से अपनी नीति स्पष्ट करने की अपेक्षा की। 
सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के सूचना मंत्रियों के 27वे सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमती अंबिका सोनी ने किया। जनसंपर्क मंत्री के साथ राज्य के जनसंपर्क सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने भी बैठक में भाग लिया।
श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने अपने भाषण में पत्रकारों की लाइसेसिंग के संबंध में लिब्राहन आयोग की अनुशंसा से असहमति व्यक्त करते हुये कहा कि क्या हम पत्रकारों की अधिस्वीकृति से उनकी लाइसेसिंग के युग में प्रवेश कर रहे हैं ? लिब्राहन आयोग ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि अन्य प्रोफेशन्स की तरह पत्रकारों को भी लायसेंस से ही काम करने की व्यवस्था आवश्यक है और उन्हें भी अनुशासनिक कार्रवाई का पात्र बनाया जाना चाहिये तथा व्यावसायिक कदाचार सिद्ध होने पर पत्रकारों के काम का अधिकार निलंबित कर देना चाहिये।
केबल नीति में 74 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति देशहित में नहीं
श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने केन्द्र सरकार द्वारा नवंबर माह में केबल आपरेटर्स के लिये लाई गई हिट्स संबंधी नीति में 74 प्रतिशत तक विदेशी पूंजी निवेश की अनुमति देने पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुये कहा कि यह देशहित के अनुकूल नहीं है। स्वयं अमेरिका ने अपने टेलीकम्युनिकेशन एक्ट में विदेशी निवेश को 20 प्रतिशत तक सीमित रखा है। 
वर्तमान केबल एक्ट एसओएस और केबल आपरेटरों पर प्रभावी नियमन नहीं कर पा रहा है। समाज और उपभोक्ताओं के हित में केबल एक्ट को और मजबूत बनाये जाने की उन्होंने मांग की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार केबल आपरेटर्स के संबंध में एक प्रमोशनल पालिसी लाये। केबल आपरेटरों के जरिये राजनैतिक इस्तेमाल और व्यक्तिगत आक्रमण आदि पर निगरानी रखने का भी उन्होंने सुझाव दिया। 
श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश में कापी राईट एक्ट को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिये विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है। उन्होंने वीडियो पायरेसी रोकने के लिये पायरेट गेंगों को ट्रेक कर उनकी परसम्पत्तियों को फ्रीज करने का सुझाव दिया। उन्होंने डिजीटल पायरेसी रोकने के लिये भी ज्यादा सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई। 
उन्होंने बताया कि प्रदेश में मनोरंजन कर की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। मध्यप्रदेश में मनोरंजन कर की दरें अन्य राज्यों की तुलना में कम हैं। मनोरंजन कर को प्रस्तावित गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के अंतर्गत लाने के मामले में राज्य के विवेकाधिकार के मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की बात कहीं। केबल क्षेत्र के डिजिटलीकरण पर उन्होंने सहमति व्यक्त की।
प्रसार भारती पब्लिक सर्विस ब्राडकास्टर की भूमिका निभाये
जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा ने प्रसार भारती द्वारा जनहित के मुद्दों, लोकधर्मी कार्यक्रमों और सांस्कृतिक उत्सवों के प्रसारण के लिये शुल्क लिये जाने का विरोध करते हुये कहा कि प्रसार भारती स्वयं को पब्लिक सर्विस ब्राडकास्टर बताता है और लोकधर्मी विषयों के प्रसारण के लिये शुल्क मांगकर कामशिर्यल संगठन की भूमिका में आ जाता है, जो आपत्तिजनक है। 
उन्होंने इस संबंध में खजुराहो समारोह, तानसेन समारोह और मुख्यमंत्री के जनशिकायत निवारण की जानकारी के लिये दूरदर्शन द्वारा शुल्क मांगे जाने का उल्लेख किया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो के लिये भारत सरकार को भेजे गये प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दिये जाने का मामला भी उन्होंने उठाया। श्री शर्मा ने ब्राडकास्टिगं सर्विस रेगुलेशन के संबंध में एक स्वतंत्र टीआरपी रेगुलेशन बनाये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 11 वीं योजना के अंत तक लगभग पौने पांच सौ चैनल हो जायेंगे। टीआरपी के बारे में ग्रामीण क्षेत्रों या एक लाख से कम जनसंख्या के कस्बों के लोगों के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व होता ही नहीं है। टीआरपी टारगेट ग्रुप के निर्णय को विकृत कर रही है।
पुस्तकों के लिये स्पष्ट प्रावधान हो
जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने प्रेस एंड बुक्स् रजिस्ट्रेशन एक्ट 1867 में प्रस्तावित संशोधनों को उपयोगी बताते हुये इसमें से पुस्तकों को बाहर करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान को इस एक्ट से हटाया जाता है तो पुस्तकों के रजिस्ट्रेशन के लिये अलग से स्पष्ट प्रावधान किया जाना चाहिये। 
श्री शर्मा ने आरएनआई द्वारा शीर्षक आवंटन में सर्तकता बरतने की आवश्यकता बताई। प्रसारण सेवा विनियमन विधेयक 2007 के संबंध में जनसंपर्क मंत्री ने सहमति व्यक्त की। उन्होंने इस अधिनियम में दिशा निर्देश और नियम बनाने के लिये राज्यों को कोई शक्तियां प्रदान नहीं करने पर आपत्ति व्यक्त की। श्री शर्मा ने भारतीय पब्लिक रिलेशंस कौंसिल के गठन, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय और राज्य स्तर के जनसंपर्क एवार्ड और केन्द्र तथा राज्य सरकारों के सूचना विभागों के बीच अधिकाधिक समन्वय और कार्यक्रम संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

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Friday, December 4, 2009

भारतीय विज्ञान सम्मेलन संपन्न

 स्कूली विद्यार्थियों द्वारा   प्रदर्शनी एक्सपो-09 का अवलोकन
दूसरे भारतीय विज्ञान सम्मेलन के अंतिम दिन आज यहाँ स्कूली बच्चों की चहल-पहल रही। बड़ी संख्या में आये स्कूली विद्यार्थियों ने यहाँ लगी प्रदर्शनी एक्सपो-09 का अवलोकन किया। उच्च शिक्षा एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने भी आज इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उनके साथ सांसद श्री अनिल माधव दवे भी मौजूद थे।

उच्च शिक्षा और जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सम्मेलन के माध्यम से विज्ञान के बारे में जागरूकता लाने के सफल प्रयास किये गये हैं। उन्होंने अवलोकन की शुरूआत जे.सी. बोस पंडाल से की, जहां इस ख्यात वैज्ञानिक के संबंध में दुर्लभ छायाचित्रों को प्रदर्शित किये गये थे। इसके बाद उन्होंने जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी देखी जिसमें प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं के माडल प्रदर्शित किये गये हैं।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल और वन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। वन विभाग की प्रदर्शनी में वन्य प्राणियों और वनस्पति की प्रजातियों की जानकारी दी गयी है। उन्होंने उर्जा विकास निगम की प्रदर्शनी में सौर उर्जा से चलने वाले उपकरणों और जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान की प्रदर्शनी में जनजातीय जीवन संस्कृति के छायाचित्रों का अवलोकन किया।
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, आयुष विभाग, विद्युत मंडल, लोक निर्माण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी उद्यानिकी और ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी भी देखी। विज्ञान भारती की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये विज्ञान माडलों को प्रदर्शित किया गया है।
युवा वैज्ञानिक पल्लवी तिवारी की प्रस्तुति
सम्मेलन के तहत आज यू.एस.ए. की युवा वैज्ञानिक पल्लवी तिवारी ने प्लेनरी सेशन में कम्प्यूटर एडेड डायग्नोसिस से आटोमेटेड अर्ली डिटेक्शन ऑफ केंसर पर प्रस्तुतीकरण किया। वे अमेरिका के रटगर्ट विश्वविद्यालय में इस विषय पर शोध कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि केंसर के बारे में जांच की एम.आर.आई. जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ कम्प्यूटर एडेड तकनीक जोड दी जाये तो परिणाम अधिक परिष्कृत होते हैं। इससे शरीर के किसी अंग में केंसर के ट््यूमर की निश्चित पहचान हो जाती है। उनका कहना था कि इस तकनीक से मरीजों को बार-बार बायोप्सी नहीं कराना पड़ेगी। इससे मिलने वाले मेप में केंसर के निश्चित स्थान की पहचान हो सकेगी तथा उसका उपचार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने प्रोस्टेट केंसर पर केन्द्रित स्लाईड और चित्रों से इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान उपस्थित वैज्ञानिकों और विज्ञान के विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान भी किया। इस सत्र की अध्यक्षता मेडिकल कालेज के डीन डॉ. एम.के.सारस्वत ने की।

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Tuesday, December 1, 2009

संस्कृति मंत्री श्री शर्मा द्वारा संबोधि समारोह का शुभारंभ

 नृत्य गतियों में मुखरित हुए बुद्ध संदेश
समता और एकता की कलात्मक बानगियों के साथ विश्व बन्धुत्व का सनातन संदेश देता महात्मा बुद्ध का जीवन दर्शन, बीती शाम साँची के मुक्ताकाश मंच पर जीवंत हुआ। साँची में इस तीन दिवसीय उत्सव का शुभारंभ प्रदेश के जनसम्पर्क एवं संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साँची महोत्सव को और भव्यता प्रदान की जाएगी तथा आगामी वर्ष यह महोत्सव अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
अनुसूचित तथा जनजाति कल्याण विभाग, पर्यटन विकास निगम और जिला प्रशासन रायसेन के सहयोग से संस्कति विभाग द्वारा परिकल्पित तीन दिवसीय संबोधि समारोह की पहली शाम सिक्किम, इंडोनेशिया, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, अरूणाचल, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के पारंपरिक तथा जनजातीय नृत्यों की बहुरंगी प्रस्तुतियों में बौद्ध विचारों को नए शिल्प सौन्दर्य और रूपकों में देखना दर्शकों के लिए ऐतिहासिक अनुभव था। उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग के आमंत्रण पर देश-विदेश के सैकड़ों कलाकार अपने जीवन और संस्कृति में सदियों से कायम अमन, एकता तथा आपसदारी को अभिव्यक्त करने बौद्ध तीर्थ साँची आए हैं। इस गरिमामय समारोह का सूत्र संचालन कला समीक्षक श्री विनय उपाध्याय ने किया।
सभा की शुरूआत हिमाचल प्रदेश के बौद्ध मठों में प्रचलित नृत्य छमक छाम से हुई। काली टोपी और शरीर पर चटख रंगों से लदकर परिधान धारण किए भिक्षुगणों ने इस नृत्य के रूप में सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण की कामनाओं को अभिव्यक्त किया। छमक छाम हिमाचल के बौद्ध अनुयायियों का धार्मिक नृत्य है जो कि गुंटुर फेस्टिवल तथा चरबर मेले के दौरान किया जाता है। इस नृत्य के पाठ का अनुष्ठान और नृत्य की उल्लिखित प्रस्तुतियां पूरे वातावरण में पवित्रता का संचार करती हैं।
सिक्किम के कला दल ने जीवन में मृत्यु के प्रसंग को सिंग याम छम नृत्य में अभिव्यक्त किया जो दरअसल मुखौटा नृत्य है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद आत्मा के सदमार्ग पर गतिमान होने तथा पुण्य कार्य करने की कामना इस नृत्य में मुखरित होती है। शहनाई जैसा सुधिर वाद्य और बड़े ड्रम के आकार का लाल वाद्य अपनी लयकारी से इस नृत्य को और भी मनभावन बना देता है।
बुद्ध की वैचारिक चेतना को अंगीकार करता तिब्बतियों का पारम्परिक नृत्य छाला छिरिंग जितना आकर्षक अपने रूपों और विन्यास को लेकर बन पड़ा, उतना ही भावपूर्ण अपनी भीतरी पैठ के कारण इस कला रूप में कलाकारों ने अपने पारम्परिक पहनावे को भी प्रकट किया।

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Monday, November 30, 2009

शांति एवं समृद्धि के लिए बुद्ध के मार्ग पर चलें : श्री लक्ष्मीकांत शर्मा

साँची वार्षिकोत्सव आयोजन को मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप

शांति एवं समृद्धि बुद्ध के मार्ग पर चलकर आयेगी। देश में व्याप्त आतंकवाद, नक्सलवाद, अराजकता के माहौल में बुद्ध के बताये मार्ग पर चलकर ही शांति, समृद्धि व अहिंसा प्राप्त हो सकती है। यह विचार आज साँची में आयोजित चैत्यगिरि बिहार 57वें वार्षिकोत्सव में जनसंपर्क, संस्कृति एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने व्यक्त किये।
श्री शर्मा ने कहा कि साँची व भीमबैठिका जैसी दो-दो विश्व धरोहर रायसेन जिले में हैं। पुरातत्व विभाग के सहयोग से इनकी और ख्याति अर्जित हो सके, ऐसे प्रयास किये जायेंगे। विदिशा के उदेश्वर मंदिर को भी विश्व स्तरीय ख्याति दिलाने के प्रयास किए जायेंगे।
उन्होंने बताया कि साँची के कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करने के लिए अगले वर्ष से इसको भव्यता प्रदान की जायेगी। यह कार्यक्रम तीन दिवसीय होगा। इसी कड़ी में आज से तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रारंभ किया जा रहा है। जिसमें देशी एवं विदेशी कलाकार अपने नृत्य व नाटकों की प्रस्तुति करेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक भी आयोजित की जायेगी। विदेशी श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलें इसके लिए प्रदेश सरकार हर-संभव मदद करेगी। हवाई पट्टी की स्थापना के लिए जमीन खोजी जा रही है।
इस अवसर पर श्री शर्मा ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज के शुभकामना संदेश का वाचन भी किया। श्रीमती स्वराज ने अपने संदेश में कहा कि सांसद के नाते साँची क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सभी तरह से प्रयास किए जायेंगे।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि शांति की प्रतीक साँची प्रदेश व समस्त विश्व की धरोहर है। इसे सजाना-संवारना हमारा कर्तव्य है। चक्रवर्ती सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र व पुत्री संघमित्रा यहीं से श्रीलंका गये थे। जहां उन्होंने महात्मा बुद्ध के संदेश को प्रसारित व प्रचारित किया। हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि उसी राज्य श्रीलंका के धर्मानुरागी लोग साँची के श्रृंगार व विकास में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। महाबौद्ध सभा के अध्यक्ष पूज्य श्री वानगल उपतिस्स नायक थेरो के नेतृत्व में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आश्वस्त करते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार उनके सकारात्मक कार्यों में सदैव उनके साथ है। अगले वर्ष यह उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित होगा। बौद्ध विश्वविद्यालय के लिए जमीन सहित सभी सुविधाएं दी जायेंगी। भविष्य में यह विश्वविद्यालय नालंदा व तक्षशिला विश्वविद्यालय की तरह ख्याति अर्जित कर सकेगा। साँची से शांति व सद्भावना का संदेश विश्व के हर कोने में पहुंचे, ऐसी उन्होंने कामना की है।
साँची के विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि साँची मेला प्रतिवर्ष नवम्बर माह के चौथे रविवार को आयोजित किया जाता है। आगामी वर्षों में यह और अधिक सफलता प्राप्त कर सकेगा।
अपने उद्बोधन में वानगल उपतिस्स नायक थेरो ने कहा कि हम 57वां वार्षिक उत्सव मना रहे हैं। यह उत्सव 1952 से प्रारंभ हुआ इसका उद्घाटन स्व. पं. जवाहर लाल नेहरू ने किया था। भगवान बुद्ध के शिष्य के अवशेषों को अंग्रेजों ने सौ वर्ष तक अपने पास रखा जो बाद में महाबोधि सोसायटी के अनुरोध पर सौंपे गए। सम्राट अशोक के पुत्र-पुत्री ने बौद्ध धर्म का प्रचार कार्य साँची से किया था। विश्व के सभी देशों में बौद्ध लोगों के लिए साँची महत्वपूर्ण स्थल है।
श्री थेरो ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि अगले वर्ष से साँची वार्षिकोत्सव तीन दिन का होगा। जिसमें सरकार द्वारा बौद्ध देशों में निमंत्रण भेजा जायेगा। बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना से बौद्ध धर्म व दर्शन के अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में ताइवान के चीस्विगलुई महाथेरो सिंकदराबाद, गुणरत्न थेरो एवं महाबोधि सोसायटी के प्रबंधक श्री डी.पी. सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। ताइवान के श्री चिस्विग ने श्री लक्ष्मीकांत शर्मा को आलेख भेंट किया।
महाबोधि सोसायटी ने वार्षिकोत्सव के आयोजन में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए पुरातत्व विभाग के तीन गाइडों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा प्रतिभाशाली बच्चों कु. प्रिया राठौर, कु. संजू राजभर, कु. सुमन मीणा, श्री गोविंद सिंह गौर को दो-दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंत में श्री चंद्रबोधि पाटिल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री कमलेश बहादुर ने किया। इस दौरान भोपाल कमिश्नर डॉ. पुखराज मारू, पुलिस उप महानिरीक्षक श्रीमती अनुराधा शंकर सिंह, कलेक्टर श्रीमती सुनीता त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री आई.पी. कुलश्रेष्ठ एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी उपस्थित थे।

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Sunday, November 29, 2009

साँची और मिहिनतले (श्रीलंका)को सिस्टर सिटी बनाने पर सहमति

साँची में बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना में राज्य सहयोग करेगा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में आज के विश्व का कल्याण निहित है। उन्होंने कहा कि करूणा, प्रेम, शांति और सह-अस्तित्व जैसे भगवान बुद्ध के आदर्शों से वे बाल्यावस्था से ही प्रभावित है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज सुबह निवास पर श्रीलंका महाबौधि सोयायटी के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल में सोसायटी के अध्यक्ष श्री वेन बेनगला थेरो उपतिस्सा, श्री वसंत डी-सिल्वा, श्रीमती एवं श्री वीरामन और रेव. पोरभोटा वाप्पा, किंग सुप्रीम ला गिवर ताइवान के डॉ. लिन और सुश्री वेंग जू, म्यांनमार के श्री ग्वेन विज्जा, आस्ट्रेलिया के श्री वेन हियन और महाबोधि सोसायटी साँची के श्री डी.पी. सिंह शामिल थे। 
प्रतिनिधि मंडल ने साँची में बुनियादी नागरिक और पर्यटक सुविधाओं के विकास के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान को साधुवाद दिया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को वर्ष 2010 में श्रीलंका आने का निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सांची (रायसेन) में बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी की स्थापना में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिये राज्य शासन ने रायसेन और विदिशा जिले में भूमि का चयन कर लिया है। सोसायटी के प्रतिनिधियों के निरीक्षण के बाद यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये उपयुक्त पायी जाने वाली भूमि आवंटित कर दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साँची में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले बौद्ध मेले को अंर्तराष्ट्रीय स्वरूप देने में भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। श्री चौहान ने वर्ष 2010 में नवंबर माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले एक दिवसीय मेले को अंर्तराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिये तीन दिवसीय करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने मेले में श्रीलंका सहित ताइवान, सिंगापुर, जापान, म्यांनमार और कोरिया आदि सभी बौद्ध देशों के प्रतिनिधित्व पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साँची (रायसेन) और श्रीलंका के मिहिनतले नगर को सिस्टर सिटी बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी। प्रतिनिधि मंडल के अनुसार सम्राट अशोक के पुत्र महेन्द्र ने तत्कालीन समय में साँची से ही बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिये श्रीलंका प्रस्थान किया था। महेन्द्र श्रीलंका पहुंचने पर सबसे पहले मिहिनतले नगर में ही रूके थे।
मुख्यमंत्री ने साँची को धार्मिक और पर्यटक नगरी के रूप में विश्व परिदृश्य पर लाने के प्रतिनिधि मंडल के सुझाव पर भी सहमति दी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में सभी तरह के सहयोग के लिये तैयार है। श्री चौहान ने कहा कि इस संबंध में प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन और राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक स्वयं 29 नवंबर को साँची पहुंचकर श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करेंगे।
प्रारंभ में प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को प्रसाद भेंट किया। श्री चौहान ने प्रतिनिधि मंडल का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष ने श्री चौहान को आशीर्वाद स्वरूप रक्षा सूत्र बांधा। ताइवान के प्रतिनिधियों ने भारत की सुख-समृद्धि और श्री चौहान की दीर्घायु के लिये प्रार्थना भी की।

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