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Thursday, April 1, 2010

प्रदेश में वर्ष 2010-11 परिवार नियोजन वर्ष होगा

 प्रेरणा योजना के तहत एक अप्रैल 2010 से प्रदेशव्यापी  अभियान
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में वर्ष 2010-11 परिवार नियोजन वर्ष होगा। विकास के लिये जनसंख्या स्थिरीकरण आवश्यक है। मध्यप्रदेश बनाओ अभियान में भी जनसंख्या नियंत्रण के विषय को शामिल किया जायेगा।

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Monday, March 15, 2010

प्रदेश में आज से खरीदा जायेगा समर्थन मूल्य पर गेहूँ

  किसानों को 24 घंटे में भुगतान का आदेश जारी
प्रदेश में आज 15 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीद का काम शुरू हो जायेगा। इस बार किसानों को इस गेहूँ का भाव 1100 रुपये प्रति क्विंटल दिया जायेगा और इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा घोषित 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस समेत उन्हें कुल 1200 रुपये मिलेंगे। खाद्य आपूर्ति राज्यमंत्री श्री पारसचंद्र जैन ने इस समूची प्रक्रिया की ताजा समीक्षा की और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का 24 घंटे में भुगतान करने संबंधी आदेश भी जारी करवा दिये।

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Saturday, March 13, 2010

ओबेदुल्ला गोल्ड कप हॉकी टुर्नामेंट : लोकल राउंड 17 मार्च से

 टीमों की  एंट्री अनिवार्य रूप से दिनांक 15 मार्च 2010 तक
प्रसिद्ध ओबेदुल्ला गोल्ड कप हॉकी टुर्नामेंट में भाग लेने के लिए भोपाल की हॉकी टीमों का लोकल राउंड 17 मार्च 2010 से आरंभ होगा। इस प्रतियोगिता में भोपाल के सभी क्लब, शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों की टीम भाग ले सकती है।

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Friday, March 12, 2010

समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 15 मार्च से

  व्यापारी और बिचौलिये लाभ न उठाये, 24 घंटे में हो भुगतान
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का लाभ मध्यप्रदेश के वास्तविक किसानों को ही मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिये हैं। श्री चौहान ने कहा कि बिचौलिये और व्यापारी इस व्यवस्था का लाभ नहीं उठाये इसकी समुचित निगरानी की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय से वीडियों कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से गेहूँ उपार्जन व्यवस्था पर जिला कलेक्टरों से मुखातिब थे।

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Tuesday, March 9, 2010

डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टॉफ प्रतिनियुक्ति पर जा सकेगा

हज 2010 में हज मिशन के लिए
हज 2010 में हज मिशन के लिए डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टॉफ अस्थाई प्रतिनियुक्ति पर जा सकेगा। मध्यप्रदेश स्टेट हज कमेटी के अध्यक्ष श्री सलीम कुरैशी ने बताया कि विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के गत 22 फरवरी को भेजे पत्र अनुसार आगामी हज में मेडिकल मिशन के लिये

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Monday, March 8, 2010

प्रदेश में चार बहादुर महिलाओं का सम्मान करेंगे मुख्यमंत्री

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को भोपाल की चार बहादुर महिलाओं का सम्मान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल की अशोका गार्डन निवासी श्रीमती संध्या पांडे जिन्होंने एक लुटेरे का पीछा कर उसे अपने कृत्य करने से रोका था।

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Thursday, March 4, 2010

दाण्डिक ब्याज में छूट की अवधि 31 मार्च बढ़ी

शुल्क एक मुश्त जमा करने पर दंड ब्याज में  छूट
मध्यप्रदेश गृह निर्माण मण्डल द्वारा दाण्डिक ब्याज की अवधि 31 मार्च 2010 तक बढ़ा दी गई है। यह छूट केवल दण्ड ब्याज के लिये प्रभावशील होगी।

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Thursday, February 25, 2010

प्रदेश में जनजातीय सम्मान के लिये प्रविष्टियां 25 मार्च तक आमंत्रित

जनजातीय सम्मान वर्ष 2008 से प्रतिवर्ष दिए  जाते हैं 
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा रानी दुर्गावती राष्ट्रीय सम्मान, वीर शंकर शाह-रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान, ठक्कर बापा राष्ट्रीय सम्मान तथा जननायक टंट्या भील राज्य स्तरीय सम्मान के लिए प्रतिष्टियां 25 मार्च 2010 तक आमंत्रित की गयी हैं।वन्या के प्रबंध संचालक श्रीयुक्त श्रीराम तिवारी ने उक्त जानकारी देते हुये बताया कि जनजातीय समाज की विशिष्ट विभूतियों के योगदान, त्याग और बलिदान से समाज को परिचित कराने के

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Saturday, January 23, 2010

मछली पालन के लिए मिलेगा अल्पकालीन ऋण

फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना
राज्य शासन मछली पालन कर रहे मछुआरों को 'फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध करायेगा। योजना के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (एपेक्स बैंक) ने समस्त जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश किये है।
निर्देशों में कहा गया है कि फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना को संचालक मण्डल के अनुमोदन एवं ऋण नीति में शामिल कर मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से क्रियान्वित किया जाए। साथ ही अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध कराया जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना
ऋण/साख            इकाई                                                                                            लागत अवधि

1    ग्रामीण तालाबों में मछली पालन (1.00 हे)    18300/-                                            18 माह
2    सिंचाई तालाबों में मछली पालन (प्रति हे.)    2000/-    
3    मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन (0.25 हे.) कर मत्स्य बीज उत्पादन    23000/-            6 माह


प्रदेश में मछली पालन कार्य में संलग्न पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों, स्व सहायता समूह, मछुआ समूह के हितग्राही मछुआरों द्वारा ग्रामीण एवं सिंचाई जलाशय को लम्बी अवधि के लिए पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा रहा है। मछुआरों को प्राथमिक आवश्यकताओं जैसे तालाब की पट्टा राशि, मत्स्य बीज क्रय, खाद, नाव एवं जाल आदि के क्रय हेतु कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। जिसके लिए राज्य सरकार ने अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध कराने हेतु उक्त योजना एपेक्स बैंक के सहयोग से प्रारंभ की है।

एपेक्स बैंक द्वारा समस्त जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जारी पत्र में योजना के संचालन के लिए मत्सय विभाग के अधिकारियों से भी सहयोग लेने को कहा गया है। प्रत्येक जिले में मछली पालन विभाग के मैदानी अधिकारी पदस्थ है। योजना में संबंधित विकासखंड स्तरीय अधिकारी द्वारा हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रकरण तैयार कर बैंक को प्रस्तुत किये जायेंगे। हितग्राहियों के कार्यों पर सतत निगरानी रखी जायेगी तथा उन्हें तकनीकी सहायता भी दी जायेगी। बैंक वसूली में भी विभागीय अधिकारियों द्वारा हरसंभव सहायता दी जायेगी। फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना को जिला बैंकों में लागू किये जाने के संबंध में पिछले माह 'मंथन' कार्यक्रम में भी चर्चा हुई थी तथा लक्ष्य निर्धारित किये गये थे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रामीण तालाबों में मत्स्य पालन की गतिविधियां मत्स्य कृषक विकास अभिकरण योजना के तहत संचालित है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों का चयन किया जाता है। सिंचाई जलाशयों में मछली पालन का कार्य चिन्हित हितग्राहियों द्वारा किया जाता है।

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Friday, January 15, 2010

खुले बाज़ार में गेहूँ, चावल की बिक्री

केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही है  विक्रय योजना
प्रदेश में केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही खुले बाज़ार में विक्रय योजना के तहत जनवरी से मार्च तक तीन महीने के लिए गेहूँ और चावल उपलब्ध कराया गया है। इस सिलसिले में राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से वितरण के लिए गेहूँ और चावल की आवश्यकता की जानकारी चाही गई है।
पिछले चार महीनों से सस्ती दरों पर गेहूँ और चावल की बिक्री जिलों में खुले बाज़ार में विक्रय की योजना के तहत की जा रही है। केन्द्र से इस सिलसिले में राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर यह खाद्यान्न खरीदकर शहरी आम लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। 
इस मकसद से जनवरी से मार्च माह तक के लिए 53 हजार 885 मै. टन गेहूँ और 351 मै. टन चावल केन्द्र उपलब्ध कराया गया है। इस खाद्यान्न की बिक्री राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए कराई जा रही है। इसलिए इन दोनों एजेंसियों से इस वांछित खाद्यान्न मात्रा की जानकारी बुलाई गई है।

पिछले उठाव की तारीख बढ़ी

खुले बाज़ार में बिक्री की इस योजना के तहत अक्टूबर से दिसम्बर तक के लिए उपलब्ध आवंटन की शेष मात्रा भी उठाने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम और जिला कलेक्टरों से कहा गया है। इसकी तयशुदा तिथि बढ़ाकर अब 31 जनवरी, 2010 तक कर दी गई है। इस सिलसिले में उठाव सुनिश्चित कर नियमानुसार खाद्यान्न लोगों को बेचे जाने के लिए कहा गया है।

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बी.एड प्रवेश की ऑनलाईन काउंसिलिंग 18 जनवरी से

उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा 15 फरवरी से कक्षाएं प्रारंभ करने के निर्देश
राज्य शासन द्वारा बी.एड पाठ्यक्रम (एक वर्षीय) सत्र 2008-09 की कक्षाएं 15 फरवरी 2010 से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया 18 जनवरी से प्रारंभ कर सत्र का प्रारंभ 15 फरवरी से किये जाने की विस्तृत कार्यक्रम को मंजूरी प्रदान की है। श्री शर्मा ने शैक्षणिक कलेन्डर के अनुरूप पढ़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।
बी.एड पाठ्यक्रम (एक वर्षीय) सत्र 2008-09 की पंजीयन प्रक्रिया जुलाई 2008 में पूर्ण कर ली गई थी। न्यायालय के आदेश के कारण काउंसिलिंग की प्रक्रिया रोक दी गई थी। अब यह प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। ऑनलाईन काउंसिलिंग के लिए निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अन्तर्गत 18 जनवरी से 28 जनवरी 2010 तक ऑनलाईन आवेदकों की प्राथमिकतानुसार महाविद्यालयों की सूची प्राप्त की जाएगी।
मेरिट एवं चयनित प्राथमिकतानुसार 5 फरवरी 2010 से महाविद्यालय के आवंटन के साथ प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। बी.एड की कक्षाएं 15 फरवरी 2010 से प्रारंभ की जाएगी। उच्च न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 6146 के तहत निर्णय के अनुसार तथा एन.सी.टी.ई. द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों की सूची mponline  तथा .mp.gov.in पर उपलब्ध है।

पूर्व के पंजीकृत आवेदकों के आवेदन ही प्रवेश के लिए यथावत मान्य होंगे। जो आवेदक पंजीकरण निरस्त कराने के लिए आवेदन दे चुके है वह प्रवेश के लिए पात्र नहीं होंगे। प्रवेश के लिए सम्पूर्ण प्रक्रिया उपरोक्त बेवसाईट पर 18 जनवरी 2010 को प्रात: 8 बजे से उपलब्ध रहेगी।
पंजीकृत आवेदक इन्टरनेट के माध्यम से घर, कैफे अथवा mponline के अधिकृत कियोस्क पर निशुल्क प्रक्रिया सम्पन्न कर सकते है। पंजीकृत आवेदक 18 जनवरी से 28 जनवरी 2010 तक मान्य महाविद्यालयों में से अधिकतम 50 महाविद्यालयों का प्राथमिकतानुसार चयन कर सकते है।
बेवसाईट पर लॉगइन होने के लिए आवेदक को रजिस्ट्रेशन नम्बर, ट्रान्जेक्शन आईडी एवं अपनी जन्मतिथि डालनी होगी। महाविद्यालयों की प्राथमिकता प्राप्त होने के पश्चात इसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकता है। संस्था की कुल उपलब्ध सीटों में से 75 प्रतिशत सीटे राज्य के मूल निवासियों तथा 25 प्रतिशत प्रदेश के बाहर के निवासियों से भरी जाएगी।
प्रदेश के बाहर के आवेदकों को आरक्षण की पात्रता नहीं होगी। मध्यप्रदेश के मूल निवासियों के लिए नियमानुसार आरक्षण दिया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 फरवरी 2010 को बेवसाईट पर मेरिट सूची प्रकाशित की जाएगी और सीट आवंटन पत्र जारी किये जायेगे। ऐसे पंजीकृत आवेदक जो अब प्रवेश लेने के इच्छुक नहीं है वे बेवसाईट पर रिफन्ड के लिए पंजीयन कर सकते है।

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Wednesday, January 13, 2010

मप्र में मावठे से गेहूँ का रिकार्ड उत्पादन का अनुमान

कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रंजना चौधरी द्वारा रबी फसलों की  समीक्षा
मध्यप्रदेश में रबी सीजन में पिछले वर्ष अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसम्बर माहों में हुई बारिश से रबी की बोनी का रकबा लगभग 11 लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। प्रदेश में इस वर्ष 95.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों द्वारा रबी की बोनी की गई है। रबी सीजन में गेहूँ की बोनी 42.3 लाख हेक्टेयर तथा चने की बोनी 32.3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। प्रदेश में समय पर मावठा गिरने से गेहूँ का उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक आने का अनुमान लगाया गया है। कृषि विभाग को अनुमान है कि इस वर्ष प्रदेश में 85 लाख मैट्रिक टन गेहूँ का उत्पादन होगा। यह जानकारी पिछले दिनों मंत्रालय में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रंजना चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी गई।
सामयिक मावठे से गेहूँ का रिकार्ड 85 लाख मैट्रिक टन उत्पादन का अनुमान
रबी सीजन में लक्ष्य से अधिक 95.36 लाख हेक्टेयर में बोनी
रबी सीजन में 15.70 लाख मैट्रिक टन रसायन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रंजना चौधरी ने बताया कि इस वर्ष रबी की बोनी पिछले वर्ष के मुकाबले 113 प्रतिशत है। प्रदेश में किसानों को उनकी मांग के अनुसार रसायन उर्वरक मिल सके इसके लिये भी केन्द्रीय रसायन मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय से निरंतर सम्पर्क कर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की गई। प्रदेश में इस रबी सीजन में अब तक 15.70 लाख मैट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। किसानों को अब तक 13.81 लाख मैट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले डीएपी की उपलब्धता 17.5 प्रतिशत एवं यूरिया की उपलब्धता 26 प्रतिशत अधिक रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रंजना चौधरी के निर्देश पर आगामी वर्ष 2010-11 के लिये डीएपी उर्वरक की उपलब्धता के लिये अग्रिम भण्डारण की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में किसानों को कृषि कार्य के लिये सहकारी बैंकों के माध्यम से 3 हजार 407 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है।

प्रदेश में गेहूँ के अच्छे उत्पादन को देखते हुए शासकीय रूप से गेहूँ उपार्जन की व्यवस्था के लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को अग्रिम व्यवस्था किये जाने के लिये कहा गया है।

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Monday, January 11, 2010

जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए "ग्रीन कैलेण्डर"

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण वर्ष 2010
जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2010' को सार्थक बनाने के लिए ग्रीन कैलेण्डर बनाया गया है जिसके तहत पूरे प्रदेश में वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के केन्द्र बिन्दु बच्चे होंगे ताकि आने वाली पीढ़ी जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण पहलू के महत्व को जान सकें और इसके संरक्षण संवर्धन के लिए प्रेरित हो सके। लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष, जैव विविधता, जैव प्रौद्योगिकी तथा जन-शिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने यह जानकारी दी।
जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि जैव विविधता वर्ष में क्या-क्या कार्यक्रम होंगे इसका ग्रन केलेंडर तैयार किया गया। कैलेंडर के अनुसार जनवरी माह से संभाग स्तर पर स्कूली बच्चों के साथ 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2010' की शुरूआत की जा चुकी है। फरवरी माह में ईको क्लब और स्कूल बच्चों के साथ भोजवेटलेंड के महत्व के साथ ही पक्षियों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें बच्चों को झील संरक्षण की जरूरत के साथ ही हमारे आसपास रहने वाले पक्षियों के बारे में बताया जाएगा। 
फरवरी माह में विज्ञान दिवस पर विज्ञान, फोटो एवं फिल्म प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। विश्व वानकी दिवस मार्च माह में स्कूली बच्चों को जंगल की जरूरत और महत्व को बताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण पार्कों में ले जाया जाएगा। मार्च में ही आने वाले विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे महत्वपूर्ण व्यक्ति भी इसी विषय पर चर्चा आयोजित की जायेगी। मार्च में ही आने वाले विश्व मेड्रोलोजिकल दिवस पर मौसम परिवर्तन पर बच्चों को फिल्म दिखाई जाएगी और वर्षा में वृद्धि के बारे में बताया जाएगा।

जैव विविधता संरक्षण बोर्ड के स्थापना दिवस एवं विश्व धरोहर दिवस पर अप्रैल माह में मातृभूमि के महत्व और इससे जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी। मई माह में जैव विविधता सप्ताह मनाया जाएगा जिसमें जैव विविधता पर प्रदर्शनी, व्याख्यान, फिल्म प्रदर्शर आयोजित किए जाएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को पचास स्कूलों में दो सौ बच्चों के साथ् पर्यावरण संरक्षण की गतिविधिया आयोजित की जाएगी। विश्व जनसंख्या दिवस एवं हरियाली महोत्सव दिवस जुलाई माह मनुष्य का प्रकृत्ति के समन्वय से पर्यावरण के संरक्षण के महत्व को बताया जाएगा तथा बच्चों को इससे जोड़ा जाएगा। 
वृक्षारोपण का व्यापक अभियान इस माह में शुरू किया जाएगा। सितंबर माह में विश्व ओजोन दिवस पर आजीविका, जनसंख्या से जुड़े मुद्दों का आयोजन विषय पर व्याख्यान आयोजित होंगे। सितंबर माह में ही विश्व उपभोक्ता दिवस पर ईको फ्रेंडली खाद्य पदार्थों और इससे जुड़े विषयों के बारे में जानकारी देने संबंधी आयोजन किए जाएंगे।

विश्व धरोहर दिवस अवसर पर अक्टूबर माह में भी बच्चों के कार्यक्रम आयोजित होंगे। विश्व वानिकी सप्ताह में तथा विश्व वन्य जीव दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को जंगल और प्राणियों के महत्व और उसके संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में बताया जाएगा।

नवंबर माह में एन.बी.ए. स्थापना एवं बाल दिवस पर जैव विविधता संरक्षण यात्राओं, प्रश्नोत्तरी आदि का आयोजन किया जाएगा। दिसंबर माह में गैस त्रासदी पर मोमबत्ती यात्रा निकालने के साथ ही 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता संरक्षण वर्ष 2010' के समापन के मुख्य कार्यक्रम आयोजित किये जाएगें।

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Thursday, January 7, 2010

जैव विविधता संरक्षण से बच्चों को जोड़ें

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2010 का शुभारंभ

जैव विविधता के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए यह जरूरी है कि भावी पीढ़ी को इससे जोड़ा जाए ताकि वे अपनी इस संपदा का महत्व समझे और इसके संरक्षण के लिए संकल्पित हो। यह बात जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री जब्बार ढांकवाला ने 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2010' का शुभारंभ करते हुए कही। इस मौके पर जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री सुधीर कुमार, श्री अभिलाष दुबे एवं श्री डी.पी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चे उपस्थित थे।
सचिव जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी श्री जब्बार ढांकवाला ने कहा कि बच्चे ही हैं जिनसे हमें अपनी प्रकृति, परम्परा और धरोहर के महत्व, भविष्य में उसकी जरूरत और संरक्षण के बारे में बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अगर सही मायने में जल, जंगल, जमीन का संरक्षण करना प्रकृति को बचाना है, जैव विविधता को नष्ट होने से रोकना है तो बच्चों को इनके प्रति जागरूक बनाया जाए।
करोड़ों साल पुरानी हमारी इस जैव विविधता की संपदा आज मानव जाति के कारण ही खतरे में है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे इस खतरे को पहचाने और अपना भविष्य सुंदर बनाने के लिए जैव विविधता संरक्षण के लिए प्राणप्रण से जुट जाएं।
जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री सुधीर कुमार ने आयोजन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए हमें समाज के हर स्तर पर जागृति लाना होगी विशेषकर बच्चों में। उन्होंने कहा कि 'जैव विविधता संरक्षण वर्ष 2010' का उद्देश्य है कि हम अपनी इस करोड़ों साल की संपदा को नष्ट होने से बचाएं और इसके नष्ट होने से धरती पर पड़ने वाले कुप्रभावों को रोकें।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2010 के अवसर पर सेंटर फार इनवायरमेंट द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई थी इसी तरह सुंदर मध्यप्रदेश पर भी एक प्रदर्शनी लगाई गई। जैव विविधता संरक्षण का प्रमुख केन्द्र 'एकांत पार्क' पर केन्द्रित एक ब्रोशर भी प्रकाशित किया गया जिसका विमोचन श्री जब्बार ढांकवाला ने किया।
इस मौके पर जैव विविधता बोर्ड ने बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की, जिसमें चित्रकला, पेपरमेसी प्रतियोगिता, प्रश्न मंच के साथ ही नगर के 35 हास्य क्लब के सदस्यों का भी कार्यक्रम रखा गया। वन विहार के सहायक संचालक श्री ए.के. खरे ने जैव विविधता वर्ष 2010 की जानकारी दी एवं कार्यक्रम का संचालन किया।

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महाविद्यालयों में विवेकानंद जयंती पर सूर्य नमस्कार होगा

 शासन द्वारा निर्देश जारी
विवेकानंद जयंती 12 जनवरी, 2010 के अवसर पर प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किये गये हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रगीत वन्दे मातरम का गायन होगा और सूर्य नमस्कार किया जायेगा।

सभी महाविद्यालयों में सूर्य नमस्कार का पूर्वाभ्यास 9 जनवरी को कराया जायेगा। राज्य शिक्षा केन्द्र/एडूसेट केन्द्र में महाविद्यालय के प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक को 7 जनवरी को कार्यक्रम के संबंध में प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है।

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लेव्ही चावल की नई दरें तय

केन्द्र सरकार ने खरीफ विपणन साल 2009-10 के लिए चावल लेव्ही की नई दरें तय की हैं। राज्य सरकार ने इस साल धान उपार्जन पर 50 रूपए प्रति क्विंटल बोनस भी घोषित किया है। इस बोनस की राशि को जोड़ कर लेव्ही चावल की दरें तय की गई हैं।
इसके मुताबिक बोनस समेत अरबा चावल कामन की लेव्ही दर 1689 रूपए 50 पैसे और ग्रेउ-ए की दर 1735 रूपए 50 पैसे रहेगी। इसी तरह कामन उसना चावल 1680 रूपए 30 पैसे और ग्रेड-ए की लेव्ही दर 1725 रूपए 40 पैसे रहेगी।

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Monday, January 4, 2010

आगामी अप्रैल से नयी उद्योग नीति लागू होगी

 मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उद्योग विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की नयी उद्योग नीति हर हाल में अप्रैल 2010 से लागू करने के निर्देश वाणिज्य और उद्योग विभाग को दिये। श्री चौहान ने आज मंत्रालय में विभागीय समीक्षा के दौरान कामन एप्लीकेशन फार्म और लंबित आवेदनों की आनलाईन ट्रेकिंग में हो रहे विलंब को चिंतनीय बताते हुए उन्हें तत्काल लागू करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने विभागीय समीक्षा के दौरान उद्योगों के क्षेत्र में निवेश संबंधी करारनामों की पूर्ति के लिये संभागायुक्त की अध्यक्षता में गठित की जाने समीक्षा समिति का आदेश भी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने भोपाल-इंदौर, भोपाल-बीना, जबलपुर-कटनी-सतना-सिगरौली इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिये अनुभवी एवं प्रतिष्ठित कंसलटेंट का चयन तत्काल करने पर जोर दिया।
श्री चौहान ने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पंचायतों और उनके द्वारा की गई अन्य घोषणाओं की पूर्ति के लिये आवश्यक राशि भी विभाग को उपलब्ध करवाने की सहमति दी। श्री चौहान ने विभाग में कैडर मैनेजमेंट, बजट प्रावधान और अब तक व्यय राशि की भी जानकारी प्राप्त की।
बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग श्री सत्यप्रकाश ने बताया कि निवेशकों को विभिन्न विभागों से स्वीकृतियां लेने के स्थान पर एक कामन एप्लेकेशन फार्म तैयार करने का काम चल रहा है। इस व्यवस्था को आनलाईन भी किया जायेगा।

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पॉलीटेक्निक भर्ती नियम में होगा बदलाव

उच्च स्तरीय विचार शुरू, पढ़ाई में नवाचार का चिंतन, व्याख्याताओं की हुई संगोष्ठी

प्रदेश में पॉलीटेक्निक भर्ती नियम 2004 की विसंगतियों को दूर कर नए बदलाव लाने पर विचार शुरू हो गया है। इसके चलते वर्ष 2006 तक संविदा पर नियुक्त कोई 400 व्याख्याताओं को अन्य कर्मचारियों की तरह कई सहूलियतें मिल सकेंगी।

यह जानकारी आज यहाँ मध्यप्रदेश पॉलीटेक्निक टीचर्स एसोसिएशन की राज्य स्तरीय संगोष्ठी में तकनीकी शिक्षा संचालक श्री आशीष डोंगरे ने दी। इस मौके पर इन कॉलेजों की शिक्षा में नवाचार और उन्नयन करने तथा गुणवत्ता लाने संबंधी सुझाव व्यक्त किए गए।
प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में व्याख्याताओं की लम्बे वक्त से चली आ रही कमी के मद्देनज़र मौजूदा राज्य सरकार ने इस संबंध में प्रतिबंध हटाकर पॉलीटेक्निक भर्ती नियम 2004 के तहत नई नियुक्तियों की कार्रवाई शुरू की थी। इस सिलसिले में वर्ष 2006 तक कोई 400 व्याख्याताओं की नियुक्तियाँ की गईं। ये नियुक्तियाँ इन स्वशासी कॉलेजों में सोसायटी रिक्रूटमेंट पद्धति पर हुई थीं लिहाजा सरकार से इन्हें मिल रहे पोषण अनुदान से ही उपरोक्त व्याख्याताओं को वेतन दिया जाता है।
तकनीकी शिक्षा के बढ़ते महत्व और इस क्षेत्र में बढ़ी मौजूदा निजी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा के चलते अब इस शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और स्टॉफ को चुस्त-दुरूस्त करना जरूरी माना जा रहा है। उल्लेखनीय यह भी है कि प्रदेश में नए 14 पॉलीटेक्निक कॉलेज खोलने की मंजूरी पिछले साल ही मिल चुकी है और इस साल इनमें से 5 नए कॉलेज शुरू भी हो चुके हैं।
तकनीकी शिक्षा संचालक श्री आशीष डोंगरे ने बताया कि कुछ विसंगतियों में सुधार के लिए अब या तो पॉलिटेक्निक भर्ती नियम 2004 को खत्म कर पुराने सिस्टम को पुन: लागू करने या फिर इस नियम में व्यापक बदलाव करने पर विचार शुरू हो चुका है। इसमें वेतन और आवास भत्तों के प्रदाय आदि अन्य प्रावधानों को संशोधन में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सिस्टम की कई समस्याएं स्थानीय स्तर की हैं जिन्हें इन कॉलेजों के प्राचार्य दूर करने में सक्षम हैं और उन्हें समय-समय पर इसके लिए निर्देश और मार्गदर्शन भी दिया जाता रहा है। श्री डोंगरे ने व्याख्याताओं से संगोष्ठी में उपजने वाले तकनीकी शिक्षा के विस्तार और उन्नयन संबंधी सुझावों को संकलित रूप में एक कमेटी गठित कर संचालनालय भेजने को कहा।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सचिव श्री अरूण नाहर ने कहा कि पॉलीटेक्निक कॉलेजों की व्यवस्था के लिए अब नियमन किया जाना जरूरी हो गया है। पॉलीटेक्निक टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजेश भार्गव और सचिव डॉ. घनश्याम सिंह ठाकुर ने इस मौके पर बताया कि इन महाविद्यालयों में शिक्षा के उन्नयन और विस्तार के लिए इसे परिणाममूलक और रूचिप्रद बनाया जाना जरूरी है।
इसी तरह पर्याप्त स्टॉफ और परीक्षा प्रणाली की नए सिरे से नियमित समीक्षा और कैंपस सिलेक्शन को लेकर कई सुझावों पर विचार कर इन्हें शासन को सौंपा जाएगा। संगोष्ठी की रूपरेखा प्राध्यापक श्री राजेन्द्र भूतड़ा ने बताई।

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मुख्यमंत्री ने एक दिन में की 12 विभागों की समीक्ष

दस प्रमुख बिन्दुओं पर केन्द्रित रही समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज पूरा दिन राज्य मंत्रालय में बिताकर 12 शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में विभागीय कामकाज की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज की बैठकों में इन सभी विभागों को वर्ष 2010 में सामान्य योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के अलावा विभागीय कार्य से संबंधित एक प्राथमिक और नया कार्य शुरू करने को कहा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज ग्रामीण विकास, वन, ऊर्जा, नर्मदा घाटी विकास, वाणिज्य एवं उद्योग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, अनुसूचित जनजाति कल्याण, आवास-पर्यावरण, राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की बैठक ली।
मुख्यमंत्री ने इन बैठकों में प्रमुख रूप से मंथन की विभागीय अनुशंसाओं पर अब तक हुई कार्रवाई, विभागाध्यक्ष द्वारा किये गये निरीक्षण और भ्रमण, दैनिक डायरी का संधारण, भारत शासन से धनराशि प्राप्त करने के विशेष विभागीय प्रयास, बजट आवंटन और व्यय की स्थिति, कैडर मैनेजमेंट, विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, आइडियाज फॉर सी.एम. वेबसाईट पर प्राप्त विभाग से संबंधित आइडियाज के क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित विभिन्न वर्गों की पंचायतों के निर्णयों पर अमल और अन्य बिंदुओं जिन्हें विभाग ने प्राथमिकता देना चाही, की समीक्षा की। इसके अलावा इन बैठक में विभागों में निवेश वृद्धि के प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

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Sunday, January 3, 2010

पाण्डुलिपियां 28 जनवरी तक आमंत्रित

वित्तीय वर्ष 2009-2010 में पुस्तकों के प्रकाशन तथा आर्थिक सहायता के लिय
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा वित्तीय वर्ष 2009-2010 में पुस्तकों के प्रकाशन तथा आर्थिक सहायता के लिये साहित्यकारों एवं शायरों से पाण्डुलिपियां 28 जनवरी, 2010 तक आमंत्रित की गई हैं। पाण्डुलिपियां निर्धारित तिथि तक उर्दू अकादमी के राजधानी स्थित मुल्ला रमूज़ी संस्कृति भवन, बाणगंगा में जमा की जा सकती है।सचिव उर्दू अकादमी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिन साहित्यकारों एवं शायरों की पुस्तकें अकादमी द्वारा प्रकाशित की गई हैं या प्रकाशित करने के लिये आर्थिक सहायता दिये हुए 10 वर्ष से अधिक नहीं हुए हैं उनके प्रकरणों पर विचार नहीं किया जायेगा।
इसके अलावा जिन अदीबों (लेखकों)/शायरों (कवियों) की पाण्डुलिपियां पूर्व से ही अकादमी में जमा हैं उन्हें अब पाण्डुलिपियां दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं है। पुस्तकों के प्रकाशन तथा आर्थिक सहायता के लिये उर्दू अकादमी के कर्मचारी भाग नहीं ले सकेंगे।

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