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Thursday, April 1, 2010

प्रदेश में वर्ष 2010-11 परिवार नियोजन वर्ष होगा

 प्रेरणा योजना के तहत एक अप्रैल 2010 से प्रदेशव्यापी  अभियान
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में वर्ष 2010-11 परिवार नियोजन वर्ष होगा। विकास के लिये जनसंख्या स्थिरीकरण आवश्यक है। मध्यप्रदेश बनाओ अभियान में भी जनसंख्या नियंत्रण के विषय को शामिल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज अपने निवास पर प्रेरणा योजना के तहत प्रदेश के 22 दम्पतियों को पुरस्कृत कर रहे थे। प्रेरणा योजना के तहत एक अप्रैल 2010 से प्रदेश में अभियान का संचालन प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक आबादी गरीबी का कारण भी है। बढ़ती जनसंख्या के कारण हमारे संसाधन कम पढ़ जाते हैं। छोटे परिवारों में बच्चों को खाने-पीने, पोषण और उपचार की बेहतर सुविधा मिलती हैं। मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष हिमाचल प्रदेश की आबादी के बराबर और पूरे विश्व में पश्चिम आस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर वृद्धि होती है। श्री चौहान ने कहा कि वे मध्यप्रदेश बनाओ यात्रा में जनजागरण के लिये जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे को शामिल कर रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि अधिक जनसंख्या निर्धनता बढ़ाने के साथ ही बाल श्रम जैसी समस्याओं का कारण भी बनती है। श्री चौहान ने कहा कि हालाकि यह समस्या देशव्यापी है लेकिन मध्यप्रदेश में जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में प्रयास तेज किये जायेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुरस्कृत ग्रामीण दंपतियों को उचित आयु में विवाह एवं अंतराल के साथ माता-पिता बनने की जागरूकता के लिये बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रेरणा योजना के तहत गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले 22 दंपतियों को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की यह पुरस्कृत महिलाएं मध्यप्रदेश सरकार की राजदूत मानी जायेंगी और जनसंख्या स्थिरीकरण के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने में मददगार होंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत है जिसे कम करते हुए 2.3 प्रतिशत लाना है। इस कार्य को राष्ट्रीय कर्त्तव्य मानकर प्रत्येक नागरिक द्वारा किया जाना चाहिये।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री महेन्द्र हार्डिया ने कहा कि मध्यप्रदेश जनसंख्या स्थिरीकरण के क्षेत्र में अपने प्रयास तेज कर रहा है। मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, बिहार और राजस्थान में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिये दंपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में जनसंख्या स्थिरीकरण की स्थिति अधिक चिंताजनक नहीं है लेकिन स्वास्थ्य विभाग प्रेरणा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देगा।

जनसंख्या स्थिरता कोष के प्रतिनिधि डॉ. एम.एस. राणावत ने कहा कि गुजरात जैसे राज्यों में समृद्धि अधिक है लेकिन बाल मृत्यु दर मध्यप्रदेश से ज्यादा है। मध्यप्रदेश में महिलाओं के विवाह की आयु न्यूनतम वर्ष 19 से अधिक हो इस पर अपेक्षाकृत अधिक ध्यान दिया गया है। डॉ. राणावत ने उम्मीद व्यक्त की कि जनसहयोग से मध्यप्रदेश में जनसंख्या स्थिरीकरण का कार्य अभियान का रूप प्राप्त कर लेगा। उन्होंने कहा कि आज पुरस्कृत हो रही महिलाएं मध्यप्रदेश की महिलाओं के जागरूक होने की प्रतीक हैं।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक अप्रैल से युद्ध स्तर पर परिवार नियोजन एवं जनसंख्या नियंत्रण के प्रयास किये जायेंगे। गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं ने शिक्षित समाज की तरह एक एवं दो संतान की सीमा को समझा और जाना है। श्री मोहंती ने प्रेरणा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत 19 वर्ष या इससे अधिक उम्र में महिला के विवाह पर पांच हजार रूपये का किसान विकास पत्र दिया जाता है। प्रथम संतान विवाह के दो वर्ष बाद हो अर्थात महिला की उम्र 21 वर्ष या इससे अधिक हो तब बेटी होने पर सात हजार रूपये एवं बेटा होने पर पांच हजार रूपये का किसान विकास पत्र दिया जाता है। योजना के अंतर्गत यह भी प्रावधान किया गया है कि दूसरी संतान पहली संतान के जन्म के तीन वर्ष के पश्चात होने पर तथा दूसरी संतान के जन्म के एक वर्ष के अंदर परिवार कल्याण आपरेशन करवा लेने पर भी किसान विकास पत्र दिया जायेगा। दूसरी संतान बेटी होने पर सात हजार रूपये एवं बेटा होने पर पांच हजार रूपये का किसान विकास पत्र देने का प्रावधान है। इस प्रकार ऐसे दम्पत्ति जो प्रेरणा योजना के मापदंड को पूरा करते हैं, उन्हें 5 हजार रूपये से 19 हजार रूपये तक की राशि के किसान विकास पत्र प्रोत्साहनस्वरूप प्रदान किये जाते हैं, जिसका वित्तीय प्रबंधन जनसंख्या स्थिरता कोष, भारत शासन द्वारा किया जाता है।

इसके पूर्व भारत शासन द्वारा गठित जनसंख्या स्थिरता कोष के वर्ष 2045 तक जनसंख्या स्थिर करने के लक्ष्य से उपस्थितों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आयुष श्रीमती विजया श्रीवास्तव, जनसंख्या स्थिरता कोष के प्रतिनिधि डॉ. सामंत रे भी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. मनोहर अगनानी ने किया।

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