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Saturday, January 23, 2010

मछली पालन के लिए मिलेगा अल्पकालीन ऋण

फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना
राज्य शासन मछली पालन कर रहे मछुआरों को 'फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध करायेगा। योजना के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (एपेक्स बैंक) ने समस्त जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश किये है।
निर्देशों में कहा गया है कि फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना को संचालक मण्डल के अनुमोदन एवं ऋण नीति में शामिल कर मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से क्रियान्वित किया जाए। साथ ही अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध कराया जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना
ऋण/साख            इकाई                                                                                            लागत अवधि

1    ग्रामीण तालाबों में मछली पालन (1.00 हे)    18300/-                                            18 माह
2    सिंचाई तालाबों में मछली पालन (प्रति हे.)    2000/-    
3    मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन (0.25 हे.) कर मत्स्य बीज उत्पादन    23000/-            6 माह


प्रदेश में मछली पालन कार्य में संलग्न पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों, स्व सहायता समूह, मछुआ समूह के हितग्राही मछुआरों द्वारा ग्रामीण एवं सिंचाई जलाशय को लम्बी अवधि के लिए पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा रहा है। मछुआरों को प्राथमिक आवश्यकताओं जैसे तालाब की पट्टा राशि, मत्स्य बीज क्रय, खाद, नाव एवं जाल आदि के क्रय हेतु कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। जिसके लिए राज्य सरकार ने अल्पकालीन ऋण/साख उपलब्ध कराने हेतु उक्त योजना एपेक्स बैंक के सहयोग से प्रारंभ की है।

एपेक्स बैंक द्वारा समस्त जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जारी पत्र में योजना के संचालन के लिए मत्सय विभाग के अधिकारियों से भी सहयोग लेने को कहा गया है। प्रत्येक जिले में मछली पालन विभाग के मैदानी अधिकारी पदस्थ है। योजना में संबंधित विकासखंड स्तरीय अधिकारी द्वारा हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रकरण तैयार कर बैंक को प्रस्तुत किये जायेंगे। हितग्राहियों के कार्यों पर सतत निगरानी रखी जायेगी तथा उन्हें तकनीकी सहायता भी दी जायेगी। बैंक वसूली में भी विभागीय अधिकारियों द्वारा हरसंभव सहायता दी जायेगी। फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना को जिला बैंकों में लागू किये जाने के संबंध में पिछले माह 'मंथन' कार्यक्रम में भी चर्चा हुई थी तथा लक्ष्य निर्धारित किये गये थे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रामीण तालाबों में मत्स्य पालन की गतिविधियां मत्स्य कृषक विकास अभिकरण योजना के तहत संचालित है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों का चयन किया जाता है। सिंचाई जलाशयों में मछली पालन का कार्य चिन्हित हितग्राहियों द्वारा किया जाता है।

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