परम्परा को रोका जाना चाहिए
वन विहार में पदस्थ सहायक वन संरक्षक श्री ए.के. खरे का कहना है कि सपेरों द्वारा नाग पंचमी के लिए जिन जहरीले सांपों को पकड़कर दांत तोड़ दिये जाते हैं वे सांप दांत तोड़े जाने से हुए जख्म के कारण बाद में मर जाते हैं। इन सांपों को श्रद्धालुओं द्वारा नाग पंचमी पर जो दूध पिलाया जाता है उससे उनके जख्म और गहरे हो जाते हैं।
श्री खरे ने उक्त जानकारी आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर को वन विहार स्थित सर्प उद्यान के अवलोकन के समय दी। श्री गौर ने कहा कि वन्य प्राणियों की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिये। सपेरों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराकर इस परम्परा को रोका जाना चाहिए। सर्प उद्यान में सांपों रखने के लिए जो स्थान बनाया गया है उसकी चार दीवारी भोपाल जिले और मध्यप्रदेश के नक्शे की सीमा रेखा के अनुसार बनाया गया है।भोपाल जिले की आकृति वाले स्थान पर अजगर रखे गये हैं। इन्हें 15 दिन में एक बार मुर्गा खिलाया जाता है। इसके बाद यह अगले 15 दिनों तक कुछ और खाने की स्थिति में नहीं होते। श्री गौर ने कहा कि चलो इनकी तो कोई लिमिट है।
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