बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव में संस्कृति मंत्री द्वारा घोषणा
संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश सरकार बैजूबावरा की स्मृति में राष्ट्रीय सम्मान स्थापित करेगा। संगीत के क्षेत्र में यह सम्मान प्रतिवर्ष दिया जायेगा। श्री शर्मा आज यहां रवीन्द्र भवन में संस्कार भारती द्वारा आयोजित बैजूबावरा राष्ट्रीय संगीत महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। श्री शर्मा ने देश के विख्यात संगीत एवं कला की विभूतियों का सम्मान भी किया।श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिवर्ष बैजूबावरा की जन्म स्थान चंदेरी में अखिल भारतीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। अतिशीघ्र यह समारोह प्रारंभ किया जायेगा। इस समारोह को संस्कृति विभाग के कैलेण्डर में शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कला, संगीत एवं संस्कृति की प्रतिभाओं को अवसर और संरक्षण प्रदान करने के लिये विशेष प्रयास किये गये हैं। देश में सबसे ज्यादा गतिविधियां मध्यप्रदेश में आयोजित की जाती है। संस्कृति के बजट को भी लगभग तीन गुना बढ़ाया गया है।
वर्षभर में लगभग 1700 गतिविधियां आयोजित की जाती है। संस्कार भारती और अन्य संस्थाओं के सहयोग से सरकार प्रदेश में कला का अच्छा वातावरण बनाने में सफल हुई है। संस्कृति मंत्री ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।
कलाकारों का सम्मान
समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।
संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री श्री कामतानाथ ने समारोह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत श्रवण कर आत्मसात करने से ही पूर्ण आनंद की अनुभूति होती है। वरिष्ठ ध्रपुद गायक श्री सईदउद्दीन डागर ने भी समारोह को संबोधित किया। श्रीमती सुलोचना वृहस्पति ने भी अपने विचार व्यक्त किये। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री चितरंजन ज्योतिषी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र जी और पूर्व विधायक श्री शैलेन्द्र प्रधान भी उपस्थित थे।
कलाकारों का सम्मान
समारोह में देश के विख्यात कलाकारों को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंटकर बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया। नागपुर के प्रभाकर देशकर, वाराणसी के श्री राजेश्वर आचार्य, श्रीमती सुशीला ताई कुलकर्णी, उज्जैन के श्री बंडुभैया पित्रे, ग्वालियर के श्री श्रीपाददेवकर, भोपाल के वसंतराव शेवलीकर, भोपाल के श्री सिद्धराम स्वामी कोरवार, उज्जैन के श्री रामदास सेण्डेजी, इंदौर के श्री शशिकान्त ताम्बे, भोपाल के श्री किरण देशपाण्डे, भोपाल के श्री सज्जनलाल भट्ट, और इंदौर के श्री रमेश तागड़े को बैजूबावरा संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन के पश्चात संगीत सभा में भोपाल के श्री प्रवीण शेवलीकर द्वारा वायलिन वादन और नई दिल्ली के श्री सुलोचना वृहस्पति द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती की अखिल भारतीय संगीत प्रमुख श्रीमती अलकाताई रिसवुड एवं महानगर अध्यक्षा श्रीमती अरूणा शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। यह महोत्सव सात फरवरी तक चलेगा।
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