मत्स्य महासंघ संचालक समिति की बैठक में निर्णय
प्रदेश के मछुआरों की आय बढ़े इसके लिए उनकी व्यावसायिक गतिविधियों का ब्यौरा रखा जायेगा। इसके लिए उनके स्मार्ट कार्ड बनाये जायेंगे। बड़े जलाशयों के मछुआ परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संचालित जलदीप योजना पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।
यह निर्णय मछली पालन मंत्री श्री अजय विश्नोई की अध्यक्षता में सम्पन्न मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ संचालक समिति की 64वीं बैठक में लिया गया। बैठक में श्री अजय विश्नोई ने बताया कि स्मार्ट कार्ड में मछुआरों की व्यक्तिगत जानकारी सहित उनके द्वारा प्रतिदिन पकड़ी गई मछली, आय, भुगतान की गई राशि आदि का विवरण संकलित रहेगा। उनके डाटा को इकाई स्तर से मुख्यालय स्तर तक प्रदर्शित करने हेतु इंटरनेट के माध्यम का उपयोग करते हुए प्रत्येक मछुआरें का अलग-अलग स्मार्ट कार्ड बनाया जायेगा।
श्री विश्नोई ने कहा कि मछुआ परिवारों की आर्थिक व सामाजिक उन्नति की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में मछली उत्पादन कम हुआ है वहां विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने मछुआ कल्याणकारी गतिविधियों में भी लक्ष्य की पूर्ति निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। विलुप्त प्राय: प्रजाति की मछलियों के मत्स्य बीजों के संचय पर भी महासंघ ध्यान दे। महासंघ के बड़े जलाशयों में मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुबंध की अवधि लम्बी करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। इसके लिए शर्ते तथा नियम तय करने के लिए उन्होंने विशेषज्ञ समिति गठित की जायेगी।
बैठक में महासंघ में आवश्यकतानुसार रिक्त पदों की पूर्ति करने का भी निर्णय लिया। इसमें तकनीकी दक्षता वाले पदों का विशेष ध्यान रखा जायेगा। मंथन 2009 कार्यशाला में मत्स्य महासंघ के संबंध में की गई अनुशंसाओं का पालन सुनिश्चित रूप से हो, इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में आम आदमी बीमा योजना, जनश्री बीमा योजना, महासंघ की गतिविधियां, निविदा कार्रवाई, मंथन की अनुशंसाओं पर हुई कार्यवाही आदि के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वार्षिक साधारण सभा के आयोजन के लिए 12 मार्च की तिथि तय की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव मछली पालन श्री मनोज गोयल और महासंघ की प्रबंध संचालक श्रीमती कंचन जैन भी उपस्थित थी। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, क्षेत्रीय निदेशालय के मुख्य निदेशक श्री जे.वी. त्यागी, एनवीडीए के वस्तु विषय विशेषज्ञ श्री हीरासिंह ठाकुर, संचालक मत्स्योद्योग डा. एच.एस. सिददू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
श्री विश्नोई ने कहा कि मछुआ परिवारों की आर्थिक व सामाजिक उन्नति की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में मछली उत्पादन कम हुआ है वहां विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने मछुआ कल्याणकारी गतिविधियों में भी लक्ष्य की पूर्ति निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। विलुप्त प्राय: प्रजाति की मछलियों के मत्स्य बीजों के संचय पर भी महासंघ ध्यान दे। महासंघ के बड़े जलाशयों में मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुबंध की अवधि लम्बी करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। इसके लिए शर्ते तथा नियम तय करने के लिए उन्होंने विशेषज्ञ समिति गठित की जायेगी।
बैठक में महासंघ में आवश्यकतानुसार रिक्त पदों की पूर्ति करने का भी निर्णय लिया। इसमें तकनीकी दक्षता वाले पदों का विशेष ध्यान रखा जायेगा। मंथन 2009 कार्यशाला में मत्स्य महासंघ के संबंध में की गई अनुशंसाओं का पालन सुनिश्चित रूप से हो, इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में आम आदमी बीमा योजना, जनश्री बीमा योजना, महासंघ की गतिविधियां, निविदा कार्रवाई, मंथन की अनुशंसाओं पर हुई कार्यवाही आदि के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वार्षिक साधारण सभा के आयोजन के लिए 12 मार्च की तिथि तय की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव मछली पालन श्री मनोज गोयल और महासंघ की प्रबंध संचालक श्रीमती कंचन जैन भी उपस्थित थी। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, क्षेत्रीय निदेशालय के मुख्य निदेशक श्री जे.वी. त्यागी, एनवीडीए के वस्तु विषय विशेषज्ञ श्री हीरासिंह ठाकुर, संचालक मत्स्योद्योग डा. एच.एस. सिददू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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