केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों का आधारभूत प्रशिक्षण सम्पन्न,
भविष्य में बहुत चुनौतियां हैं। अत: अधिकारी जनता के साथ सतत संवाद रखें और निर्भीक होकर सही निर्णय लें। इस आशय का संबोधन प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने आज यहां आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों के 83वें आधारभूत प्रशिक्षण के समापन अवसर पर दिया।कार्यक्रम में श्री दुर्गेश शंकर, विशेष सचिव भारत सरकार एवं सदस्य केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, महानिदेशक प्रशासन अकादमी डॉ. संदीप खन्ना, संचालक प्रशासन अकादमी श्री मुक्तेश वार्ष्णेय के अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव श्री साहनी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने संबोधन में कहा कि प्राय: यह देखने में आ रहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम आने के बाद अधिकारियों में निर्णय टालने अथवा ना लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, यह उचित नहीं है। सूचना का अधिकार अधिनियम 'जनतांत्रिक-सुशासन' की दिशा में उचित कदम है।
मुख्य सचिव श्री साहनी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने संबोधन में कहा कि प्राय: यह देखने में आ रहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम आने के बाद अधिकारियों में निर्णय टालने अथवा ना लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, यह उचित नहीं है। सूचना का अधिकार अधिनियम 'जनतांत्रिक-सुशासन' की दिशा में उचित कदम है।
अत: अधिकारियों को निर्भीकतापूर्वक सही निर्णय लेना चाहिये। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी केन्द्रीय राजस्व सेवा के भले ही हों परंतु भविष्य में भारत शासन के विभिन्न विभागों में उन्हें कार्य करना होगा। इसलिये उन्हें प्रजातंत्र के मूल आधार राजनीतिज्ञों के साथ संवाद रखना, उन्हें सही तथ्यों से अवगत कराना और सहमत कराना आना चाहिये।
विशेष सचिव श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि प्रायवेट सेक्टर की तुलना में शासकीय सेवा में वेतन भले ही कम हो, परंतु अधिकार और प्रतिष्ठा में शासकीय अधिकारी निजी क्षेत्रों से बहुत आगे हैं। इसे सेवा में रहने के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में स्वयं महसूस करेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1973 में जब वह केन्द्रीय सेवा में आये थे तब भारत में आयकर से होने वाली आय एक हजार करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपये हो गयी है। भविष्य में आयकर से होने वाली आय नई ऊँचाईयों को छुएगी। अधिकारियों को निष्ठा और सतर्कता के साथ अपने संस्थान की अपेक्षानुरूप कार्य करना तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी संचालक श्री मुक्तेश वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों का 83वां आधारभूत प्रशिक्षण 31 अगस्त, 2009 को प्रशासन अकादमी में प्रारंभ हुआ था। पन्द्रह सप्ताह के इस प्रशिक्षण में सात केन्द्रीय सेवाओं के कुल 78 अधिकारियों ने भाग लिया।
जिन्हें मसूरी अकादमी के पाठ्यक्रम के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार एवं वर्कशाप के आयोजन के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों को पचमढ़ी, अमरकंटक, मण्डला एवं बांधवगढ़ सात दिवसीय ट्रेकिंग तथा ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी से अवगत कराने के लिये भेजा गया।
इसके साथ ही खेल एवं पी.टी. के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की गयी। प्रशिक्षु अधिकारी निम्बालकर संतोष उत्तमराव एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु ने प्रशिक्षण के लिये प्रशासन अकादमी में की गयी व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रदान ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या की जानकारी उन्हें अपना कार्य करने में सदैव प्रेरणादायी रहेगी।
प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन अकादमी भोपाल में पहली बार केन्द्रीय सिविल सेवा के अधिकारियों को आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जो कि अकादमी तथा म.प्र. के लिये गौरव की बात है।
प्रशिक्षु अधिकारी पुरस्कृत- समापन समारोह के अंत में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी तथा विशेष सचिव भारत सरकार श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विशिष्ट योग्यता प्राप्त करने वाले पुरुष एवं महिला प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किये।
जिसमें सर्वोत्तम आल राउण्डर ट्राफी, प्रशिक्षु अधिकारी श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को प्रदान की गई। खेल गतिविधियों में पुरुष वर्ग में श्री कल्याणम, राजेश रामाराव (प्रथम) एवं महिला वर्ग में सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु (प्रथम) को ट्राफी तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर श्री सत्यनारायण एवं सुश्री नितिना नागोरी को रनरअप का पुरस्कार प्रदान किया गया।
पी.टी. में श्री मानवजीत सिंह ढिल्लों एवं सुश्री मीनू शुक्ला को सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये महानिदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसमें श्री दीनदयाल वर्मा एवं सुश्री सारिका शाह रामचन्द्र को महानिदेशक का रजत पदक तथा श्री मुकाम्बिकेएन एस. एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु को महानिदेशक का कांस्य पदक प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आयोजित लिखित परीक्षा में प्रथम आने पर श्री मृत्युंजय शर्मा को महानिदेशक स्वर्ण पदक, श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को द्वितीय स्थान पाने पर महानिदेशक रजत पदक एवं सुश्री भावना गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर महानिदेशक कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव प्रशासन श्री सुदेश कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय एवं सचिव, सामान्य प्रशासन श्री प्रदीप खरे भी उपस्थित थे।
विशेष सचिव श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि प्रायवेट सेक्टर की तुलना में शासकीय सेवा में वेतन भले ही कम हो, परंतु अधिकार और प्रतिष्ठा में शासकीय अधिकारी निजी क्षेत्रों से बहुत आगे हैं। इसे सेवा में रहने के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में स्वयं महसूस करेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1973 में जब वह केन्द्रीय सेवा में आये थे तब भारत में आयकर से होने वाली आय एक हजार करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में बढ़कर 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपये हो गयी है। भविष्य में आयकर से होने वाली आय नई ऊँचाईयों को छुएगी। अधिकारियों को निष्ठा और सतर्कता के साथ अपने संस्थान की अपेक्षानुरूप कार्य करना तथा जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।
प्रारंभ में प्रशासन अकादमी संचालक श्री मुक्तेश वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि केन्द्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारियों का 83वां आधारभूत प्रशिक्षण 31 अगस्त, 2009 को प्रशासन अकादमी में प्रारंभ हुआ था। पन्द्रह सप्ताह के इस प्रशिक्षण में सात केन्द्रीय सेवाओं के कुल 78 अधिकारियों ने भाग लिया।
जिन्हें मसूरी अकादमी के पाठ्यक्रम के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्तर के सेमीनार एवं वर्कशाप के आयोजन के साथ प्रशिक्षु अधिकारियों को पचमढ़ी, अमरकंटक, मण्डला एवं बांधवगढ़ सात दिवसीय ट्रेकिंग तथा ग्रामीण क्षेत्र की जानकारी से अवगत कराने के लिये भेजा गया।
इसके साथ ही खेल एवं पी.टी. के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की गयी। प्रशिक्षु अधिकारी निम्बालकर संतोष उत्तमराव एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु ने प्रशिक्षण के लिये प्रशासन अकादमी में की गयी व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रदान ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या की जानकारी उन्हें अपना कार्य करने में सदैव प्रेरणादायी रहेगी।
प्रशासन अकादमी महानिदेशक डॉ. संदीप खन्ना ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन अकादमी भोपाल में पहली बार केन्द्रीय सिविल सेवा के अधिकारियों को आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जो कि अकादमी तथा म.प्र. के लिये गौरव की बात है।
प्रशिक्षु अधिकारी पुरस्कृत- समापन समारोह के अंत में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी तथा विशेष सचिव भारत सरकार श्री दुर्गेश शंकर ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विशिष्ट योग्यता प्राप्त करने वाले पुरुष एवं महिला प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किये।
जिसमें सर्वोत्तम आल राउण्डर ट्राफी, प्रशिक्षु अधिकारी श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को प्रदान की गई। खेल गतिविधियों में पुरुष वर्ग में श्री कल्याणम, राजेश रामाराव (प्रथम) एवं महिला वर्ग में सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु (प्रथम) को ट्राफी तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर श्री सत्यनारायण एवं सुश्री नितिना नागोरी को रनरअप का पुरस्कार प्रदान किया गया।
पी.टी. में श्री मानवजीत सिंह ढिल्लों एवं सुश्री मीनू शुक्ला को सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये महानिदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसमें श्री दीनदयाल वर्मा एवं सुश्री सारिका शाह रामचन्द्र को महानिदेशक का रजत पदक तथा श्री मुकाम्बिकेएन एस. एवं सुश्री चामर्थी हिमा बिन्दु को महानिदेशक का कांस्य पदक प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आयोजित लिखित परीक्षा में प्रथम आने पर श्री मृत्युंजय शर्मा को महानिदेशक स्वर्ण पदक, श्री निम्बालकर संतोष उत्तमराव को द्वितीय स्थान पाने पर महानिदेशक रजत पदक एवं सुश्री भावना गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर महानिदेशक कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव प्रशासन श्री सुदेश कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय एवं सचिव, सामान्य प्रशासन श्री प्रदीप खरे भी उपस्थित थे।
0 comments:
Post a Comment