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Tuesday, March 30, 2010

मदिरा दुकानों के वार्षिक मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि

 वार्षिक मूल्य से 21 प्रतिशत अधिक
वर्ष 2010-11 के लिये मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित आबकारी नीति के अंतर्गत मदिरा दुकानों के निष्पादन से प्राप्त होने वाले वार्षिक मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि अर्जित की गई है। वर्ष 2009-10 के लिये मदिरा दुकानों के वार्षिक मूल्य रुपये 2022.72 करोड़ मूल्य के विरूद्ध इन्हीं दुकानों से वर्ष 2010-11 में वार्षिक मूल्य रुपये 2458.39 करोड़ प्राप्त हुआ है

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Monday, March 22, 2010

मप्र खनिज नियम 2006 में संशोधनों का अनुमोदित

 उद्योग संवर्धन नीति 30 जून तक बढ़ी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में प्रस्तावित संशोधनों को अनुमोदित किया गया। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2006 में प्रस्तावित संशोधन का भी अनुमोदन किया।

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Wednesday, March 3, 2010

मंत्रि-परिषद समिति के कार्यकाल में वृद्धि

कार्यकाल 31 मार्च, 2011 बढ़ाने का निर्णय 
राज्य शासन ने वर्ष 2009-10 के लिये अनुमोदित जानकारी व्यवस्था के अध्यधीन यथोचित अनुषांगिक निर्णय लेने के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति का कार्यकाल 31 मार्च, 2011

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Saturday, February 20, 2010

यूनिक पहिचान प्राधिकरण परियोजना के लिये मंत्रिमंडलीय समिति गठित

 समिति के अध्यक्ष मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान होंगे
राज्य शासन ने यूनिक पहचान प्राधिकरण परियोजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी तथा मार्गदर्शन के लिये मंत्रिमंडल की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति केन्द्रीय मंत्रिमंडल के अधिकार प्राप्त समिति के अनुरूप ही राज्य स्तर पर कार्य करेगी। समिति के अध्यक्ष मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रहेंगे। मंत्रिमंडल के सात सदस्यों को समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
राज्यस्तरीय यूनिक पहिचान प्राधिकारण परियोजना के लिये गठित समिति में वित्त, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन व वाणिज्य कर मंत्री श्री राघवजी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान टेक्नालॉजी, सार्वजनिक उपक्रम, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण व ग्रामोद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सामाजिक न्याय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुष चिकित्सा, शिक्षा, जन-शिकायत निवारण, जैव विविधता तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अनूप मिश्रा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पारस जैन सदस्य के रूप में शामिल किये गये हैं। यह समिति केन्द्रीय मंत्रिमंडलीय समिति के अनुरूप ही राज्य में अधिकार प्राप्त कर यूनिक पहिचान प्राधिकरण परियोजना का क्रियान्वयन एवं निगरानी तथा मार्गदर्शन का कार्य करेगी।

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Sunday, January 31, 2010

राज्य प्रशासनिक सेवा के रिक्त 25 पदों की पूर्ति पीएस सी के माध्यम से होगी

मंत्रिपरिषद का निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य सेवा परीक्षा-2009 में सीधी भरती से भरे जाने वाले उप जिलाध्यक्ष के पदों की पूर्ति किये जाने का निर्णय लिया है।मंत्रि परिषद द्वारा लिये गये निर्णय के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के रिक्त 25 पदों की पूर्ति राज्य सेवा परीक्षा-2009 के माध्यम से किये जाने का निर्णय लिया गया है।

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सेवानिवृत्त चिकित्सक मानसेवी चिकित्सक घोषित

 मंत्रि परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सेवानिवृत्त चिकित्सकों को आवेदन प्रस्तुत करने पर मानसेवी चिकित्सक घोषित किया जा सकेगा। इन्हें किसी भी प्रकार का मानदेय/पारिश्रमिक देय नहीं होगा।
इन मानसेवी चिकित्सकों द्वारा देखे गये गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले रोगियों की सभी आवश्यक जांचे नि:शुल्क की जाएंगी। ऐसे रोगियों को शासकीय अस्पतालों से नि:शुल्क औषधियां दी जाएंगी। इन चिकित्सकों द्वारा देखे गये शासकीय कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी। इन मानसेवी आधार पर संलग्न चिकित्सकों के परचे पर सिविल सर्जन/चिकित्सालय प्रमुख के प्रतिहस्ताक्षर के बाद सामान्य प्रक्रिया अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति मान्य होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्चा) नियम, 1958 में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

मंत्रि परिषद ने आयुष विभाग के अधीन आयुर्वेद महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के शिक्षकों के पदों पर विज्ञापन के बाद भी इन वर्गों के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में इन पदों के विरूद्ध अनारक्षित वर्ग से संविदा नियुक्ति देने की अनुमति देने का निर्णय लिया।
यह अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि भविष्य में रिक्त होने वाले अनारक्षित पदों पर इनको नियमित नियुक्ति प्रदान कर समायोजन किया जाएगा। साथ ही इस प्रकार रिक्त होने वाले आरक्षित पदों को क्रमश: विज्ञापित किया जाता रहेगा और आरक्षित वर्ग के लोक सेवक उपलब्ध होने पर आरक्षित पदों पर उन्हें नियमित नियुक्ति दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा अपने कर्मचारियों को दिये गये छठवें वेतनमान का अनुसमर्थन किया।

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Saturday, January 30, 2010

विद्युत मंडल में रिक्त पदों के विरूद्ध सीधी भर्ती से 8135 पद भरे जायंगे

मंत्रि-परिषद का निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में रिक्त पदों के विरूद्ध सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता एवं लाइन स्टाफ की सीधी भर्ती से नियमित नियुक्ति किये जाने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय से वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 तथा 2012-13 में सीधी भर्ती से 8135 पद भरे जाएंगे। इसमें से तीनों वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में 2010, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल में 2825 तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर में 3300 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

मंत्रि परिषद द्वारा लिये गये निर्णय से तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में तकनीकी स्टाफ की कमी को दृष्टिगत रखते हुये वित्तीय वर्ष 2010-11, 2011-12 तथा 2012-13 में रिक्त पदों के विरूद्ध सीधी भर्ती मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में 120 सहायक अभियंता, 90 कनिष्ठ अभियंता, 1800 लाइन परिचारक श्रेणी-2 के पद भरे जाएंगे। इसी प्रकार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल में 175 सहायक अभियंता, 250 कनिष्ठ अभियंता, 2400 लाइन परिचारक श्रेणी-2 तथा मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर में 200 सहायक अभियंता, 100 कनिष्ठ अभियंता तथा 3000 लाइन परिचारक श्रेणी-2 के नियमित पदों को नियमानुसार सीधी भर्ती से भरे जाने का निर्णय लिया गया है।

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रेल्वे विश्राम गृह को भूमि आवंटन की स्वीकृति

मंत्रि परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रि परिषद की बैठक में आज सासन पॉवर लिमिटेड को आवंटित कोल ब्लॉक मुहेर एवं मुहेर अमलोरी परियोजना से विस्थापितों के पुर्नवास व बुनियादी संरचना के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने, सिंगरोली जिले के ग्राम अमिलिया की शासकीय भूमि महान कोल लिमिटेड को आवंटित करने और उमरिया जिले के ग्राम ताला में रेल्वे विश्राम गृह के निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया।मंत्रि परिषद ने निर्णय लिया है कि सासन पॉवर लिमिटेड को कोयला आपूर्ति करने के लिए आवंटित कोल ब्लॉक मुहेर एवं मुहेर अमलोरी विस्तार परियोजना के लिए पुनर्वास हेतु ग्राम अमलोरी की शासकीय कुल किता 16 रकबा 9.749 हेक्टेयर का आवंटन किया जाए। यह आवंटन वर्ष 2009-10 कीगाईड लाइन के अनुसार मूल्यांकन एवं गैर कृषि प्रयोजन हेतु पूर्ण बाजार मूल्य एवं वाणिज्यिक भू-भाटक पर किया जाए।

मंत्रि परिषद ने सिंगरौली जिले के ग्राम अमिलिया में महान कोल लिमिटेड को कुल किता 11, कुल रकबा 2.68 हेक्टेयर शासकीय भूमि कोयला उत्खनन के लिए वर्ष 2009-10 की गाईड लाइन अनुसार मूल्यांकन कर औद्योगिक प्रयोजन हेतु पूर्ण बाजार मूल्य एवं औद्योगिक वार्षिक भू-भाटक पर आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की है।

मंत्रि परिषद ने डिवीजनल इंजीनियर उमरिया (उत्तर) एस.ई.सी., रेल्वे बिलासपुर को ग्राम ताला, तहसील मानपुर जिला उमरिया में एक एकड़ भूमि रेल्वे विश्राम गृह निर्माण के लिए आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की है।

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Friday, January 22, 2010

पुलिस तथा आदिवासी विभाग के 2431 पद मंजूर

विधायकों को वाहन ऋण पर ब्याज अनुदान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि परिषद की बैठक में प्रदेश में कानून व्यवस्था तथा अपराधों की विवेचना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग के लिये 1500 नये पदों के लिये मंजूरी दी गई। 
इनमें से नक्सल प्रभावी क्षेत्र के लिये 176 पद, चार बड़े शहर-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के थानों-चौकियों के लिये 770 पद अन्य स्थानों के थानों तथा चौकियों के लिये 282 पद, नव गठित जिलों तथा सुरक्षा दस्तों के लिये 272 पद शामिल है। 
इन स्वीकृत पदों में एक पुलिस अधीक्षक, 6 पुलिस उप अधीक्षक, 20 निरीक्षक, दो सूबेदार, 180 उप निरीक्षक, 220 सहायक उप निरीक्षक, 336 प्रधान आरक्षक और 735 आरक्षक के पद हैं। इन पदों के निर्माण पर 3788.50 लाख रुपये का सालाना व्यय भार आयेगा।

इसी प्रकार मंत्रि परिषद ने पुलिस विभाग के अंतर्गत विशेष शाखा फील्ड इकाईयों को सुदृढ़ करने की दृष्टि से 331 नये पदों के निर्माण के लिये भी मंजूरी दी। इन पदों में उप पुलिस अधीक्षक 2, निरीक्षक 15, उप निरीक्षक 19, सहायक उप पुलिस निरीक्षक 85, प्रधान आरक्षक 94, आरक्षक 116 पद शामिल हैं।
इन पदों की स्वीकृति से प्रदेश में आंतकवादी गतिविधियों तथा शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आसूचना संगठन को सुदृढ़ किया जा सकेगा। इन पदों के निर्माण पर 6.71 करोड़ रूपये का व्यय भार आयेगा।

मंत्रि परिषद ने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों के लिये चतुर्थ श्रेणी के 600 नये पदों को भी मंजूरी दी।

मंत्रि परिषद ने न्यायिक प्रकरणों में राज्य शासन के पक्ष समर्थन के लिये नियुक्त प्रभारी अधिकारियों को मानदेय स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित प्रति प्रकरण के लिये एक हजार रूपये तथा उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रति प्रकरण के लिये 1500 रूपये मानदेय दिया जायेगा। एक अधिकारी को इस मानदेय की प्रतिपूर्ति राशि की अधिकतम सीमा दस हजार रूपये प्रतिमाह होगी।

मंत्रि परिषद ने विभागीय जाचं के मामले में जांचकर्ता/प्रस्तुतकर्ता अधिकारियों को मानदेय स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया है। जांचकर्ता अधिकारी को रूपये दो हजार प्रति जांच प्रकरण, प्रस्तुतकर्ता अधिकारी को एक हजार रूपये प्रति प्रकरण तथा सेवानिवृत्त जांच अधिकारी को रूपये पांच हजार प्रति प्रकरण मानदेय दिया जा सकेगा। 
मानदेय इस शर्त पर दिया जायेगा कि संबंधित अधिकारी विभागीय जांच का निराकरण एक वर्ष के भीतर पूर्ण कर लेगा। ऐसा नहीं करने पर मानदेय की पात्रता नहीं होगी तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी।

मंत्रि परिषद ने तेरहवी विधानसभा के सदस्यों को वाहन क्रय ऋण के लिये ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है। वाहन ऋण की सीमा रूपये पांच लाख से बढ़ाकर आठ लाख रूपये की गई है परन्तु अनुदान पांच लाख की सीमा तक ही दिया जायेगा। 
अनुदान केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिये जाने वाले ऋण पर ही दिया जायेगा। ऐसे सदस्यों को वाहन ऋण के दस वर्ष पूरे हो गये हो और उनका संपूर्ण ऋण ब्याज सहित अदा हो गया हो उन्हें भी दुबारा ऋण और अनुदान के लिये पात्र माना जायेगा।

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स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों की चिकित्सा सहायता अनुदान राशि बढ़ी

 मंत्रिपरिषद का निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को दी जाने वाली चिकित्सा सहायता अनुदान राशि को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक करने का निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को मध्यप्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सैनिक सम्मान निधि नियम-1972 के तहत निधि/सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिसमें चिकित्सा सहायता अनुदान भी शामिल है।

वर्तमान में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये 20 हजार रुपये तक की राशि दी जा रही है। मंत्रिपरिषद ने वर्तमान परिस्थितियों में चिकित्सा व्यय में अप्रत्याशित वृद्धि होने से स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों की चिकित्सा सहायता अनुदान में भी 50 हजार रुपये तक की वृद्धि की है।

उल्लेखनीय है कि अभी तक स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को पांच हजार रुपये तक की चिकित्सा सहायता अनुदान स्वीकृति संबंधित कलेक्टर द्वारा दी जाती है। इससे अधिक राशि का प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है। चिकित्सा अनुदान 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किये जाने पर 20 हजार रुपये तक की राशि जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की जायेगी। इससे अधिक होने पर चिकित्सा व्यय की राशि की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा जारी की जायेगी।

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Tuesday, December 22, 2009

भोपाल में स्थापित होगा अटल बिहारी लोक प्रशासन संस्थान

निःशक्त छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी लोक प्रशासन संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया। इस संस्थान के गठन के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में अघिनियम लाया जायेगा। 
स्कूल आफ गुड गवर्नेंस, स्कूल आफ पब्लिक एडमिनिस्टेशन एण्ड रिसर्च आदि इस संस्था में घटक होंगे। संस्था की विस्तृत रूपरेखा पृथक से तैयार की जायगी। यह संस्था लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों में शोध को प्रोत्साहित करेगी और सुशासन के हमारे प्रयासों को सुद्दढ करने में मददगार सिद्ध होगी।
मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न जलाशयों में पर्यटन गतिविघियों संचालित करने का निर्णय लिया। पहले चरण में प्रदेश के चार बड़े जलाशय ओंकारेश्वर जलाशय खण्डवा इंदिरा सागर खण्डवा, गांधी सगार बांध जिला मंदसौर तथा बाणसागर जिला रीवा में फिलहाल पर्यटन गतिविधियां शुरु की जायेगी। पर्यटन गतिविधियों में क्रूज संचालन, वाटर स्पोर्टस पर्यटन सुविधा विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग घोषित किया जायेगा।
राज्य के अन्य जलाशयों के लिए पर्यटनन विभाग को नोडल विभाग घोषित करने का अधिकार पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को होगा। पर्यटन विभाग उपरोक्त जलाशयों में इन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी निवेश आमंत्रित करने के लिए अधिकृत होगा। 
अन्य कोई शासकीय विभाग ये गतिविधियां संचालित करने के लिए निजी निवेशक को आमंत्रित नहीं कर सकेगा न ही उसेक इससे संबंधित कोई अनुमति दे सकेगा। बांधस्थल पर तथा जलाशयों के किनारे पर पर्यटन विभाग की आवश्यकतानुसार शासकीय भूमि हस्तांतरित की जा सकेगी। बांध के निर्माण अथवा रखरखाव के लिए निर्मित शासकीय भवन संबंधित विभाग नि:शुल्क पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर सकेगा।
परियोजना क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक निविदा एवं अनुबंध की शर्ते आदि तैयार करने ऐसे स्थल जहां निजी निवेशकों के साथ अनुबंध के स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की आवश्कता हो, वहां विभागीय प्रस्ताव को अनुमोदित करने एवं विहित नीतिगत निर्णयों के अधीन समस्त अनुषांगित निर्णय लेने के लिए PUBLIC PRIVATE PARTNERSHIP परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को अधिकृत किया है। सामान्यत: परियोजना के क्रियान्वयन से प्राप्त राशि (इस राशि में भविष्य में होने वाली आय को 10 प्रतिशत वार्षिक दर से डिस्काउंट कर सम्मिलित किया जाएगा) का 5 प्रतिशत पर्यटन विकास निगम को देय होगा। परन्तु जहां राज्य स्तरीय समिति आवश्यक समझे वहां वह पर्यटन विकास निगम को दी जाने वाली राशि के निर्धारण के पृथक सिद्धान्त भी तय कर सकेगी।
मंत्रिपरिषद ने पर्यटकों की सविधा के लिए बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना के तहत कोई सम्पत्ति धारक अपने आवास का कुछ हिस्सा पर्यटकों को ठहरने के लिए उपलब्ध करा सकेगा तथा उन्हें भोजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी दे सकेगा। ऐसा करने पर आवासीय सम्पत्ति का उपयोग वाणिज्यिक नहीं माना जायेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत शासन के ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जारी मार्गदर्शिका के अनुरूप होगा। सम्पत्ति धारक जल तथा सम्पत्ति कर आवासीय दर से ही भुगतान करना होगा। योजना के अंतर्गत पंजीकृत ईकाई को प्रचलित नियमों के अंतर्गत करों का भुगतान करना होगा।
मंत्रि परिषद ने नि:शक्त छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए ली जाने वाली शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता तथा परिवहन भत्ता योजना 2009 को मंजूरी दी। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2009-10 से प्रभावशील होगी। योजना का क्रियान्वयन सामाजिक न्याय विभाग करेगा। 
योजना का उद्देश्य नि:शक्त छात्र/छात्राओं को 10+2 की शिक्षा के पश्चात मेडीकल, इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर एवं प्रबंधन में स्नातक/स्नातकोत्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए शासकीय, अशासकीय, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में नियमित रूप से प्रवेश देकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इसमें नि:शक्त छात्र/छात्राओं को विशिष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां प्राप्त करने के अवसर सुलभ हो सके।
वही इसी और अन्य नि:शक्त विद्यार्थी भी उनकी उपलब्धियों से आकर्षित होकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ओर अग्रसर हो सके। शिक्षण शुल्क का भुगतान सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीधे विश्वविद्यालय/महाविद्यालय को किया जायेगा। ऐसे पाठ्यक्रमों में नियमित रुप से अध्ययनरत छात्र/छात्रा को रूपये 1500 प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए निर्वाह भत्ता दिया जायेगा। इसके अलावा नगर निगम सीमा में 500 रूपये तथा नगरपालिका क्षेत्र में 300 रुपये की दर पर 10 माह के लिए परिवहन भत्ता भी दिया जायेगा। इसका भुगतान विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के माध्यम से होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र/छात्रा को नि:शक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। उसे मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। माता पिता की सालाना आय 96000 से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदन संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय को करना होगा।
मंत्रि परिषद ने पर्यटन विकास निगम के प्रशासकीय ढांचे को मंजूरी प्रदान की। पर्यटक अधोसंरचना में सुधार एवं पर्यटक सुविधाओं में वृद्धि को देखते हुए विभिन्न श्रेणी के 1097 पदों को स्वीकृति दी गई। मंत्रि परिषद ने परिवहन विभाग में सीधी भर्ती के विभिन्न श्रेणी के 173 पदों को भरने की अनुमति भी प्रदान की।
मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश श्रम सेवा (राजपत्रित) भर्ती नियम (संशोधित) 2009 की अनुसूची में 4 में संयुक्त संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संस्था के पद पर पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा 5 वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष किये जाने संबंधी शिथिलता को मंजूरी दी।

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Monday, December 21, 2009

89 ग्राम न्यायालयों के लिए पद स्वीकृत

 (मंत्रि परिषद के निर्णय)
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित आज यहां सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में 89 ग्राम न्यायालय खोलने के लिए विभिन्न पद स्वीकृत किये गये। इनमें 40 पद व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2, 40 पद रीडर, 40 पद डिपोजीशन राइटर, 40 पद एक्जीक्यूशन क्लर्क, 40 पद प्रोसेस राइटर, 40 पद स्टेनो क्लर्क, 49 पद वाहन चालक तथा 40 पद भृत्य के शामिल है।
प्रदेश में पारेषण एवं वितरण हानियों में कमी लाने तथा प्रति यूनिट राजस्व में वृद्धि के लिये तीनों वितरण कंपनियों द्वारा इस विषय पर किये गये अध्ययन और प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर अधिक हानि वाले क्षेत्रों में विद्युत वितरण कार्य फ्रेंचायजी के माध्यम से कराये जाने की सैद्धांतिक रूप से सहमति दी गई।
वितरण फ्रेंचायजी नियुक्त करने के पूर्व वितरण कम्पनियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि वितरण कम्पनियों द्वारा सर्विस टैक्स अथवा अन्य कोई दायित्व देय होने की स्थिति में भी कम्पनियों को फ्रेंचायजी आवंटित क्षेत्र से प्राप्त हो रहे राजस्व से प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मंत्रि मंडल ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 11 वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में दतिया, शिवपुरी और श्योपुर जिले की योजनाओं के लिये सहमति पत्र ग्रामीण विद्युतीकरण निगम को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया। उनकी नियम एवं शर्तें सामान्य है तथा ऋण पर ब्याज की दर के अतिरिक्त अन्य स्वीकृति की शर्ते 11 वीं पंचवर्षीय योजना में पूर्व में स्वीकृत 21 योजनाओं के अनुरुप है।
मंत्रि परिषद ने प्रदेश में पॉपीस्ट्रा के लिये वर्ष 2010-11 के दौरान न्यूनतम विक्रय मूल्य 100 रूपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने का निर्णय लिया।
मंत्रि परिषद ने स्टेट इंस्टीटियूट ऑफ एजुकेशनल मेनजमेंट एंड ट्रेनिंग की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसकी स्थापना प्रशासन अकादमी की विंग के रुप में किया जायेगा। संस्थान के लिए प्रशासन अकादमी के अधोसंरचना का उपयोग किया जायेगा। फैक्ल्टी के लिए आवश्यकतानुसार आउटसोर्स किया जायेगा।
मंत्रि परिषद ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में अक्टूबर 2009 में किये गये संशोधन का अनुसमर्थन किया। इसमें प्राकृतिक आपदाओं के कारण मकान नष्ट हो जाने पर दी जाने वाली राहत राशि को बढ़ाया गया है। पक्का मकान पूरी तरह नष्ट हो जाने की स्थिति में पूर्व में 25000 रुपये की राहत दी जाती थी जिसे बढ़ाकर 35000 रुपये किया गया है।
मंत्रि परिषद ने वाणिज्यिककर मंत्री द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किये गये मध्यप्रदेश स्टाम्प विधेयक 2009 के खंड 48 के उपखंड 6 के शासकीय संशोधन को कार्योंतर रुप से अनुमोदित किया।
मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश वेट ( संशोधन) अध्यादेश 2009 के प्रारूप का अनुमोदन किया। यह अध्यादेश मध्यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 की कतिपय धाराओं में संशोधन के लिए लाया जाना प्रस्तावित है। एक ही व्यवसाई की एक इकाई से दूसरी इकाई में माल के हस्तांतरण को अधिनियम 2002 के अंतर्गत मान्य नहीं किया जाता था।
इस कारण व्यवसाइयों को इन पर टेक्स रिबेट की पात्रता नहीं थी। उन्हें पात्रता दिलाने के लिए मध्यप्रदेश वेट (संशोधन) अधिनियम, 2009 द्वारा यथोचित प्रावधान किया गया था। परन्तु यह पाया गया कि ऐसा करने से उन व्यवसाइयों को कठिनाई हो रही है, जिनकी दूसरी इकाई द्वारा कर मुक्त माल का निर्माण किया जाता हैं। इसे मध्यप्रदेश वेट (संशोधन) अधिनियम 2009 की मंशा के अनुरुप नहीं पाया गया। अत धारा 2 में संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
धारा 20-क में विवरण पत्र पुनरीक्षित विवरण पत्र 40 लाख रूपए तक विक्रय वाले व्यवसाइयों द्वारा पश्चातवर्ती वर्ष की 31 जुलाई तक तथा अन्य व्यवसाई द्वारा पश्चातवर्ती वर्ष की 31 अक्टूबर तक प्रस्तुत किये जाने पर स्व-निर्धारण की व्यवस्था की गयी है। इस संबंध में प्रस्तावित है कि स्वनिर्धारण की ओर अधिक प्रभावी बनाने के लिए आयुक्त को विवरण पत्र/पुनरीक्षित विवरण पत्र प्रस्तुत करने की तिथि 31 दिसम्बर तक बढ़ाने की शक्तियां दी जाएं, जिससे आवश्यकता एवं व्यवसाई की श्रेणी अनुसार तिथियां निर्धारित की जा सके।
मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश जन शिक्षा (संशोधन) अध्यादेश 2009 का भी अनुमोदन किया। संशोधन अध्यादेश में जन शिक्षा केन्द्र के प्रभारी के रुप में मिडिल स्कूल के प्रधानाध्यापक की जगह हायर सेकण्डरी स्कूल अथवा हाई स्कूल के प्राचार्य को बनाया जाएगा। साथ ही प्रौढ़ शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए प्रत्येक जिले में कुछ अथवा सभी हायर सेकण्डरी अथवा हाई स्कूलों को जन शिक्षा केन्द्र के रुप में पदानिहित किया जाएगा। प्रत्येक जन शिक्षा केन्द्र में दो जन शिक्षक होंगे, जो कि केन्द्र तथा इसके स्कूलों के बीच समन्वय का कार्य करेंगे। जन शिक्षा का चयन जिले के शिक्षकों में से किया जाएगा।

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जिला परिवहन प्राधिकार की स्थापना, चालक लायसेंस बोर्ड समाप्त होंग

प्रदेश की नई परिवहन नीति मंजूर (मंत्रि परिषद के निर्णय)
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में प्रदेश की नई परिवहन नीति को अनुमोदित किया गया। नीति के अंतर्गत स्टेट ट्रांसपोर्ट आथरिटी तथा रीजनल ट्रांसपोर्ट आथरिटी की तर्ज पर जिले के भीतर रूट निर्धारित करने तथा परमिट देने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला ट्रांसपोर्ट आथरिटी का गठन किया जायेगा।जिला परिवहन प्राधिकार बस परमिट के आवेदनपत्रों की समीक्षा करने के बाद स्थानीय जरूरतों को देखते हुए परमिट स्वीकृत करेगा। अंतर जिला एवं अंतर संभागीय मार्गों के लिये परमिट राज्य परिवहन प्राधिकार से ही जारी होंगे। राज्य परिवहन प्राधिकार तथा क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार द्वारा जारी किये जाने वाली व्यवस्था का पूरी तरह कम्प्यूटरीकरण किया जायेगा। 
यात्रियों की सुरक्षा तथा परिवहन की गुणवत्ता की दृष्टि से राज्य में चल रही यात्री बसों की आयु सीमा परमिट शर्तों में निर्धारित की जायेगी। अंतर्राज्यीय रूट के लिए यह आयु सीमा दस वर्ष, राज्य के भीतर रूट के लिए पन्द्रह वर्ष और ग्रामीण रूट के लिए बीस वर्ष होगी। बसों का किराया निर्धारण नियमित रूप से प्रतिवर्ष किया जायेगा। 
जिससे यात्रियों के हितों के संरक्षण के साथ-साथ बस परिवहन व्यवसायिक आधार पर संचालित हो सकेगी। विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाले सार्वजनिक परिवहन साधनों का चिन्हाकंन किया जायेगा और लंबी दूरी के लिए बड़ी बसों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
नई नीति में यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन साधनों को प्रोत्साहित किया जायेगा जिसमें सभी क्षेत्रों में विशेष रूप से बसों की व्यवस्था की जायेगी। मालवाहक परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जायेगा। प्रदेश में राजमार्गों, जिला मार्गों तथा ग्रामीण मार्गों का निरन्तर विकास और निर्माण किया जायेगा जिससे सभी क्षेत्रों में आवागमन के साधन उपलब्ध हो सकें। सड़कों पर जानमाल की सुरक्षा बढ़ाने तथा दुर्घटनाएं कम करने के उपायों को उच्च प्राथमिकता दी जायेगी।
नई नीति के अंतर्गत प्रदेश के अंदर बसों के संचालन के लिए खुली परमिट व्यवस्था आवश्यक नियंत्रण के साथ जारी रहेगी। बस आपरेटरों के बीच स्वास्थ्य प्रतिस्पर्द्धा पैदा की जायेगी और निजी आपरेटरों द्वारा उपयोग किये जा रहे परिवहन साधनों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जायेगी। बस रूटों पर किसी व्यक्ति, संस्था अथवा कम्पनी का एकाधिकार न हो, इसके लिये किसी एक पार्टी अथवा उसके निकट संबंधियों को किसी एक रूट के पचास प्रतिशत से अधिक अनुज्ञापत्र सामान्यत: नहीं दिये जायेंगे। परमिट शर्तों का कड़ाई से पालन कराया जायेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन और आवागमन को अधिक सुलभ और आसन बनाने के लिए नीति में प्रावधान है कि जिला परिवहन प्राधिकार द्वारा यात्री बस यातायात की मांग एवं रूपरेखा का सर्वेक्षण कराया जायेगा जिससे दरों का युक्तियुक्तकरण हो सके और सम्पर्कहीन क्षेत्रों में यात्री बस सेवाएं प्रांरभ की जा सके। नीति के अंतर्गत बस स्टेंड व्यवस्था में सुधार किया जायेगा और वहां सभी मूलभूत रात्रि सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी। 
प्रमुख एवं अतंर्राज्यीय बस स्टेंड के उन्नयन और आधुनिकीकरण का कार्य जन-निजी भागीदारी से कराया जायेगा। प्रदेश में परिवहन आधारभूत सुविधा विकास के लिए उचित इकाई का गठन किया जायेगा।
इसके अलावा सड़क परिवहन निगम को पूरी तरह समाप्त करने का भी नीति में प्रावधान है। सभी संबंधितों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगमों के शेष कर्मचारियों की सेवाएं विधिवत समाप्त करने की कार्रवाई की जायेगी। निगम के अंतर्राज्यीय बस रूटों के समापन के पूर्व उचित वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी। शासन द्वारा निगम की भूतपूर्व परिसम्पत्तियों का यथाशीघ्र निर्वातन किया जायेगा।
माल परिवहन के संबंध में नीति में प्रावधान है कि अंतर्राज्यीय माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिये नेशनल परमिट व्यवस्था को सुदृढ़ किया जायेगा। प्रदेश के अंदर मालयानों की विशेषता परिवहन तथा पुलिस विभागों द्वारा अनावश्यक चैंकिंग नहीं की जायेगी और उन्हें बिना वजह रोका नहीं जायेगा। सीमावर्ती चौकियों में चैंकिंग व्यवस्थित और कम्प्यूटरीकृत होगी। सीमा जांच चौकियों पर एकीकृत एवं इलेक्ट्रानिक जांच चौकियों का निर्माण किया जायेगा।
शहरी क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था सुधार के लिए बड़े शहरों में बस रेपिड ट्रांजिस्ट सिस्टम यथा संभव लागू किया जायेगा। महानगरों में प्रदूषण कम करने के लिए सीएनजी एवं आटो एलपीजी आधारित परिवहन व्यवस्था को निर्धारित किया जायेगा। नीति में सड़क दुर्घटनाएं कम करने के उपाय भी किये गये। 
चालक लायसेंस देने की व्यवस्था कड़ी की जायेगी और लायसेंस बोर्ड समाप्त किया जायेगा। साथ ही वाहनों के फिटनेस चैंकिंग व्यवस्था का और भी प्रभावी बनाया जायेगा। राज मार्गों पर ट्रामा सेंटर स्थापित किये जायेंगे। 
दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ट्रामा सेंटर में पहुंचाने के लिये एम्बुलेंस नेटवर्क 108 से समन्वय कर सेवाएं उपलब्ध कराई जायेगी। नीति में परिवहन अधोसंरचना के विकास, राजस्व संग्रहण एवं कर प्रणाली को मजबूत बनाने, आधुनिकी तकनीकी का समावेश करने तथा वैकल्पिक आवागमन साधन उपलब्ध कराने के भी प्रावधान किये गये हैं।

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Monday, November 2, 2009

मध्यप्रदेश : मंत्रिपरिषद के सदस्यों में विभागों का वितरण

स. क्र. मंत्री/राज्यमंत्री का नाम पूर्व में आवंटित विभाग विभागों का नवीन आवंटन
1. श्री शिवराज सिंह चौहान,मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं हैं
सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं हैं
2. श्री बाबूलाल गौर,मंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास
नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास
3.
श्री राघवजी,
मंत्री
वित्त, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन, वाणिज्यिक कर
वित्त, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी, बीस सूत्रीय क्रियान्वयन, वाणिज्यिक कर
4. श्री जयंत कुमार मलैया,मंत्री
जल संसाधन, आवास और पर्यावरण
जल संसाधन, आवास और पर्यावरण
5. श्री कैलाश विजयवर्गीय,मंत्री
वाणिज्य, उद्योग एवं रोज़गार, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, सार्वजनिक उपक्रम, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामोद्योग, संसदीय कार्य
वाणिज्य, उद्योग एवं रोज़गार, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, सार्वजनिक उपक्रम, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामोद्योग
6. श्री गोपाल भार्गव,मंत्री
पंचायत और ग्रामीण विकास
सामाजिक न्याय, पंचायत और ग्रामीण विकास
7. श्री अनूप मिश्रा,मंत्री
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, जन शिकायत निवारण, जैव विविधता तथा जैव प्रौद्योगिकी
8. श्री सरताज सिंह,मंत्री
-
वन
9. श्री नरोत्तम मिश्रा,मंत्री
-
संसदीय कार्य, विधि और विधायी कार्य
10. श्री विजय शाह,मंत्री
-
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण
11. श्री जगदीश देवड़ा,मंत्री
परिवहन, जेल और गृह
परिवहन, जेल
12. श्री अजय विश्नोई,मंत्री
-
पशुपालन, मछली पालन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण
13. श्री लक्ष्मीकांत शर्मा,मंत्री
संस्कृति, जनसंपर्क, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व व जनशिकायत निवारण
तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, संस्कृति, जनसंपर्क, धार्मिक न्यास और धर्मस्व
14. श्री नागेन्द्र सिंह नागौद,मंत्री
लोक निर्माण विभाग
लोक निर्माण विभाग
15. श्रीमती अर्चना चिटनीस,मंत्री
तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा
स्कूल शिक्षा
16. श्री जगन्नाथ सिंह,मंत्री
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण
श्रम
17. डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया,मंत्री
किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पशुपालन, मछलीपालन,
पिछड़ा वर्ग एवं
अल्पसंख्यक कल्याण
किसान कल्याण तथा कृषि विकास
18. श्री गौरीशंकर चतुर्भज बिसेन,मंत्री
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सहकारिता
19. श्री तुकोजी राव पंवार,मंत्री
पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण
पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण
20. श्री करण सिंह वर्मा,मंत्री
-
राजस्व, पुनर्वास
21. श्री उमाशंकर गुप्ता,मंत्री
-
गृह
22. श्री पारसचंद्र जैन,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण
23. श्री नारायण सिंह कुशवाह,राज्यमंत्री
परिवहन, जेल, गृह
परिवहन, जेल, गृह
24. श्रीमती रंजना बघेल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय
महिला एवं बाल विकास,
25. श्री राजेन्द्र शुक्ल,राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
वन, जैव विविधता/जैव प्रौद्योगिकी, खनिज साधन, विधि और विधायी कार्य
ऊर्जा, खनिज साधन
26. श्री कन्हैयालाल अग्रवाल,राज्यमंत्री
सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन
सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन
27. श्री हरिशंकर खटीक,राज्यमंत्री
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण
28. श्री देवसिंह सैयाम,राज्यमंत्री
पंचायत और ग्रामीण विकास
पंचायत और ग्रामीण विकास
29. श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह,राज्यमंत्री
-
किसान कल्याण तथा कृषि विकास
30. श्री जयसिंह मरावी,राज्यमंत्री
-
वन, राजस्व
31. श्री महेन्द्र हर्डिया,राज्यमंत्री
-
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण
32. श्री नानाभाऊ मोहोड़,राज्यमंत्री
-
स्कूल शिक्षा
33. श्री मनोहर ऊंटवाल,राज्यमंत्री
-
नगरीय प्रशासन एवं विकास

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Saturday, October 24, 2009

नर्सिंग कर्मचारी/अधिकारी अब 65 साल में सेवानिवृत्त होंग

744 सहायक अध्यापक के पदों की स्वीकृति
Bhopal:Friday, October 23, 2009:Updated 18:20IST मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न मंत्रि परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों/अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रि परिषद ने चतुर्थ श्रेणी (वर्ग-द) के ऐसे कर्मचारियों को, जिनके भर्ती नियम में सीधी भर्ती से नियुक्ति का प्रावधान है, प्रथम समयमान वेतनमान 12 वर्ष तथा द्वितीय समयमान वेतनमान 24 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर एक अप्रेल 2006 से दिये जाने का निर्णय लिया।
एक अप्रेल 2006 से 31 अगस्त, 2008 तक की अवधि के दौरान पात्रता आने पर उन्हें समयमान वेतनमान नियमानुसार दिया जायेगा। एक सितंबर 2008 से मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 में उल्लेखित तत्स्थानी वेतन बैंड एवं ग्रेड पे में वेतन निर्धारण किया जायेगा।
मंत्रि परिषद ने निर्णय लिया कि मध्यप्रदेश वित्त निगम को सौ करोड़ रूपये के ऋण व उस पर देय ब्याज की वापिसी के लिये राज्य शासन से प्रत्याभूति देने से पहले मार्केट से लोन तथा फिर हुडको से लोन लिया जायेगा।
मंत्रि परिषद ने विभिन्न विभागों में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के वैकलाग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये निर्धारित योग्यता, अनुभव, अर्हकारी सेवाधारी उम्मीदवार, लोक सेवक आदि के संबंध में एक ही बार शिथिलीकरण की शर्त को हटा दिया है।
मंत्रि परिषद ने भारत ओमन रिफायनरीज लिमिटेड द्वारा उत्पादित लो-ऐरोमेटिक नैप्था की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये भारत ओमन रिफायनरीज लिमिटेड की क्रूड आईल रिफायनरी की क्षमता 9-12 एमएमटीपीए करने का निर्णय लिया, ताकि नैप्था क्रेकर की स्थापना कर उससे उत्पादित पदार्थों पर डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट स्थापित हो सके।
मंत्रि परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 25 संभाग/उप संभागों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया। इनमें पदस्थ आमले की अन्यत्र पदस्थापना कर इन संभागों/उप संभागों के कार्य क्षेत्र में चल रहे कार्यों को अन्य संरचना को सौंपा जायेगा।
मंत्रि परिषद ने शिक्षा गारंटी शालाओं से प्राथमिक शालाओं अथवा सेटेलाईट शाला में परिवर्तित स्कूलों के लिये 744 सहायक अध्यापक के पद स्वीकृत किये। प्रदेश में 25968 शालाओं (पूर्व से शिक्षा गारंटी शालाएं) को नई नीति के तहत 24482 प्राथमिक शालाओं और 1486 सेटेलाईट शालाओं के लिये प्रति शाला दो शिक्षक एवं सेटेलाईट शाला के प्रति शाला एक शिक्षक के मान से 50450 शिक्षकों के पद आवश्यक हैं।
इन शालाओं के लिये पूर्व में 24883 पद स्वीकृत किये गये हैं। 24823 पदों पर गुरूजी कार्यरत हैं। इन गुरूजियों के हटने पर सहायक अध्यापकों के पद निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिये मंत्रि परिषद ने निर्देश दिया है।
मंत्रि परिषद ने जिलों में कुटुम्ब न्यायालय खोलने के निर्णय के तहत इस वर्ष 2 कुटुम्ब न्यायालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की। कुटुम्ब न्यायालय के लिए आवश्यक अमला भी स्वीकृत किया गया।
मंत्रि परिषद ने अकोदिया मंडी जिला शाजापुर में अनुसूचित जाति कन्या प्री मेट्रिक छात्रावास के लिये पदों तथा आवर्ती एवं अनावर्ती व्यय की स्वीकृति दी। मंत्रि परिषद ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर में बालक/कन्या, चार पोस्ट मेट्रिक छात्रावास खोलने के लिये पदों तथा आवर्ती और अनावर्ती व्यय की स्वीकृति दी।
मंत्रि परिषद ने आदिवासी विकास विभाग की 11 वीं पंचवर्षीय योजना में प्रति वर्ष खोले जाने वाले 20 नवीन आश्रम शालाओं तथा 20 नवीन प्री मेट्रिक छात्रावासों के लिये आवश्यक पदों के सृजन की स्वीकृति दी।

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Wednesday, October 14, 2009

राजधानी में ट्रांसपोर्ट नगर का रास्ता साफ

राजधानी के व्यस्ततम इलाके में चल रहे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को अलग जगह बसाने की कवायद अब रफ्तार पकड़ लेगी। नगर निगम द्वारा समीपस्थ कोकता में इस सिलसिले में बचे हुए कोई 656 भूखंडों को आवंटित करने की शर्तों को शिथिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई केबिनेट की बैठक में इस मसौदे पर रजामंदी दे दी गई।
असल में पूर्व में केबिनेट की मंजूरी के बाद बीएमसी ने कुल 824 में से 168 भूखंडों का आवंटन शुरू भी कर दिया है। अब उसे शेष रहे 656 भूखंडों के आवंटन में सरकार की पूर्व में तयशुदा शर्तों के मुताबिक अमल को लेकर व्यावहारिक दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इसके चलते ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को जल्द से जल्द शहर से बाहर करने में भी देर हो रही थी। उधर बीएमसी पर लगातार वित्तीय बोझ भी बढ़ रहा था।
शिथिल की गई शर्तें
केबिनेट के आज के फैसले के मुताबिक अब ट्रांसपोर्टरों और मैकेनिकों को सर्विस टैक्स पंजीयन का प्रमाण पत्र नहीं देना होगा। इसी तरह इन्हें आयकरदाता प्रमाण पत्र पेन कार्ड भी नहीं देने होंगे। छूटों के अगले क्रम में इनके पास 29 फरवरी, 2004 के पहले का बीएमसी द्वारा जारी गुमाश्ता पंजीन पत्र होना भी जरूरी नहीं होगा।
इसी तरह लीज रेंट के निर्धारण में बीएमसी के पूर्व में मंजूर प्रस्ताव के मुताबिक सभी के लिए मंजूर भूमि की दर 23.23 रुपए होगी। भूमि के वास्तविक मूल्य को प्रिमियम माना जाकर उस पर व्यावसायिक भूखण्ड के लिए 7.5 प्रतिशत भू-भाटक लिए जाने पर भी सहमति दी गई है। भूखंड आवंटन में सीमित प्रतिस्पर्धा की मंजूरी दी गई है। भविष्य में शेष भूखंडों के आवंटन का रास्ता भी आसान कर दिया गया है।

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अनाज एवं त्यौहार अग्रिम का पुनर्निर्धारण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की अनाज एवं त्यौहार अग्रिम की पात्रता एवं सीमा का पुनर्निर्धारण किया गया। अब 12 हजार रुपये प्रतिमाह एवं इससे कम मूल वेतन (ग्रेड पे सहित) प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अनाज एवं त्यौहार अग्रिम प्राप्त करने की पात्रता होगी।
अनाज अग्रिम एवं त्यौहार अग्रिम की वर्तमान सीमा क्रमश: दो हजार और एक हजार रुपये है इसे बढ़ाकर अब चार हजार रुपये कर दिया गया है। त्यौहार अग्रिम और अनाज अग्रिम की प्रकृति समान होने के कारण त्यौहार अग्रिम पर भी अनाज अग्रिम पर भी ब्याज प्रभावित होगा।
राज्य शासन द्वारा समय-समय पर भविष्य निधि के लिये निर्धारित ब्याज की दर उपरोक्त अग्रिमों के लिये ब्याज की दर होगी। वर्तमान में यह ब्याज दर 6.5 प्रतिशत है। दोनों अग्रिमों की कटौती आगामी माह के वेतन से अधिकतम 10 किश्तों में की जायेगी। ब्याज की राशि की वसूली मूलधन वसूली के बाद होगी। अन्य शर्तें एवं प्रतिबंध पूर्ववत रहेंगे।
पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक संवर्ग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास के पंचायत सचिव, जिन्हें वेतनमान दिया गया है, को एक जुलाई, 2009 से उनके मूलवेतन के चार प्रतिशत के बराबर महंगाई भत्ते में वृद्धि की जायेगी।
इस प्रकार इन संवर्गों के कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 86 प्रतिशत अतिरिक्त राशि भत्ते के रूप में प्राप्त होगी। इस निर्णय से अध्यापक संवर्ग के लिये 21 करोड़ तथा पंचायत सचिवों के लिये दो करोड़ रुपये का प्रतिवर्ष अतिरिक्त व्यय भार आयेगा।
मंत्रिपरिषद ने निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये शिक्षा ऋण प्राप्त करने में आसानी के लिये उच्च शिक्षा गारंटी योजना का अनुमोदन किया। इसके क्रियान्वयन के लिये दिशा निर्देश जारी करने के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।
उल्लेखनीय है कि निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लितये शिक्षा ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, क्योंकि बैंकों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक ऋण प्राप्त करने पर कॉलेटरल सिक्यूरिटी मांगी जाती है।
इस निर्णय से अब चार लाख रुपये से अधिक शिक्षा ऋण प्राप्त करने वाले निम्न आय वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार की गारंटी पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा। योजना का क्रियान्वयन तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जायेगा। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा ऋण हेतु गारंटी योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे जिनके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं हैं।
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन के लिये संबंधित विभागों के अंतर्गत छानबीन समिति का गठन किया जायेगा, जो आवेदनों पर गुणदोष के आधार पर विद्यार्थियों का चयन करेगी।
मंत्रिपरिषद ने संचालनालय संस्थागत वित्त के नवीन सेटअप एवं संचालनालय अल्प बचत एवं राज्य लाटरीज को समाप्त करने का निर्णय लिया। वर्तमान में संचालनालय अल्प बचत एवं लाटरी के अंतर्गत स्वीकृत पद 120, भरे पद 106 तथा रिक्त पद 14 हैं।
संचालनालय को समाप्त करने के फलस्वरूप संयुक्त संचालक एवं लेखा अधिकारी के कुल 2 पद, को छोड़कर शेष 104 पदों को डाइंग कैडर घोषित किया जायेगा।
संचालनालय अल्प बचत एवं राज्य लाटरीज को समाप्त करने के फलस्वरूप इस संचालनालय के अतिशेष कर्मचारियों को संचालनालय संस्थागत वित्त के नवीन सेटअप के अधीन लिया जायेगा।

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मध्यप्रदेश ग्राम न्यायालय अधिनियम 1996 निरस्त

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रि परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश ग्राम न्यायालय अधिनियम 1996 को निरस्त कर म.प्र. ग्राम न्यायालय (निरसन), अध्यादेश 2009 प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
मंत्रि परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यपालन यंत्री (सिविल) के पद से अधीक्षण यंत्री (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिये विभागीय सेवा भरती नियम में निर्धारित अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जाये। इसके तहत अनारक्षित वर्ग के लिये वर्ष 2009 में रिक्त पदों को भरने के लिये मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (राजपत्रित) सेवा नियम, 1980 में निर्धारित 5 वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक वर्ष की छूट दी जायेगी।
इसी प्रकार मंत्रि परिषद की बैठक में बी.ओ.टी. योजनांतर्गत लेबड़-नारायणपुरा-दिकथान-बिल्लोद-मानपुर मार्ग के निर्माण करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत मार्ग के लिये 218.41 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति तथा इसे बी.ओ.टी. आधार पर विकसित करने की अनुमति दी गई।
Justify Fullमार्ग के लिये कन्सेशन अवधि (निर्माण अवधि सम्मिलित कर) 25 वर्ष निर्धारित की गई। इस मार्ग पर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति भी दी गई। इसके अनुसार पथकर की दरें प्रायवेट कार, जीप 0.35 रुपये प्रति किलोमीटर, हल्के व्यावसायिक वाहन 0.85, खाली तथा भरी हुई बस 1.75, खाली तथा भरा हुआ ट्रक 2.11 एवं मल्टी एक्सल ट्रक ट्रेलर 4.21 रुपये प्रति किलोमीटर दूरी आधारित टोल दरें लगाये जाने की अनुमति दी गई।
मंत्रि परिषद के निर्णय के अनुसार उपरोक्त दरें थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाई जायेंगी। यह वृद्धि प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिये भारत सरकार द्वारा घोषित WPI की दर से एक सितम्बर से प्रभावी की जायेंगी। इसके लिये अन्य परियोजनाओं के समान 31 मार्च, 2007 के थोक मूल सूचकांक को आधार लिया जायेगा। इसी प्रकार इस मार्ग के लिये पूर्व में डी.बी.एफ.ओ. (Design Built Finance Operate) पद्धति पर विकसित की जाने वाली परियोजनाओं हेतु राज्य शासन द्वारा अनुमोदित कन्सेशन अनुबंध को प्रयुक्त करने की अनुमति भी प्रदान की गई।

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स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट को स्वीकृति

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के राजमार्गों के उन्नयन एवं विस्तारीकरण के लिए पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के तहत अधिकाधिक मार्गों के निर्माण कार्य के सुचारू संचालन के लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट को स्वीकृति प्रदान की गयी।
इस आधारभूत संरचना के विकास के लिए स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट राज्य शासन की ओर से केन्द्र सरकार को अग्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद अनुबंध दो प्रतियों में निष्पादित किया जाकर केन्द्र सरकार की सहमति एवं हस्ताक्षर हेतु भेजा गया है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार का पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के माध्यम से राजमार्गों के विकास के लिए एक व्यापक योजना आदर्श कन्सेशन अनुबंध की शर्तों पर स्वयं अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा क्रियान्वयन करने का प्रस्ताव है। इसके तहत राजमार्गों के विभिन्न सेक्शन्स के उन्नयन तथा विस्तारीकरण के लिए बिल्ड ऑपरेट एण्ड ट्रांसफर (बी.ओ.टी.) आधार पर निर्धारित शर्तों पर कार्य करने हेतु कन्सेशनियर्स से करार किया जाएगा।
इस तरह के करारों के अंतर्गत प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन व संचालन राज्य शासन के लिए आवश्यक है तथा राज्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस तरह के प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के निरंतर सहयोग तथा कन्सेशनियर को कतिपय अधिकारों का प्रदाय किया जाना आवश्यक होगा। इस कारण राज्य सरकार के दायित्वों तथा कन्सेशनियर को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में अनुबंध किया जाना वांछित है जिसे इस प्रयोजन हेतु स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट कहा गया है।
स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट के तहत कन्सेशनियर को स्थल तक निरंतर पहुंच तथा मार्ग का अधिकार निर्बाध रूप से होगा। कन्सेशनियर द्वारा चाही जा रही अनुमतियां व परमिट जारी करने के लिए संबंधित शासकीय एजेन्सी सहयोग करेगी। इस तरह की अनुमतियां व परमिट जो केन्द्र शासन के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत है, उन्हें प्राप्त करने में कन्सेशनियर को राज्य शासन आवश्यक सहयोग देगा। साथ ही नगरीय निकाय या अन्य स्थानीय प्राधिकरण से भी वांछित आवश्यक अनुमतियां, परमिट आदि जारी कराने में सहयोग देगा।
कन्सेशनियर के लिखित आवेदन पर राज्य शासन कन्सेशनियर को आधारभूत सुविधाएं, जल व विद्युत उन दरों पर तथा शर्तों पर जो कि अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लागू होती है, उपलब्ध कराएगा। कन्सेशनियर के लिखित अनुरोध पर युटिलिटि की शिफ्टिंग में सहयोग करेगा। परियोजना संबंधी राजमार्गों पर किसी शासकीय एजेन्सी अथवा व्यक्ति द्वारा आकस्मिक स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा कानून व्यवस्था की स्थिति को छोड़कर किसी तरह का कोई बैरियर नहीं लगाने देगा।
नगरीय निकाय व अन्य स्थानीय प्राधिकरणों जिनमें पंचायतें भी शामिल हैं,को प्रोजेक्ट राजमार्गों पर न तो किसी तरह के बैरियर लगाने या अन्य बाधा उत्पन्न करने देगा और न ही किसी तरह का कोई स्थानीय कर अधिरोपित होने देगा।
राज्य शासन कन्सेशनियर को परियोजना मार्गों पर ट्रेफिक संचालित करने की अनुमति देगा। आवश्यकता होने पर नियमानुसार पुलिस व्यवस्था ट्रेफिक के नियंत्रण, अतिक्रमणों के हटाने व राजमार्ग की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराएगा। ट्रेफिक का संचालन तथा मोबाइल पुलिस स्क्वाड की पदस्थी व संचालन शासन के निर्धारित नीतियों तथा परम्पराओं के अनुसार करेगा। शासन की नीतियों के अनुसार चिकित्सकीय सुविधाएं व एम्बुलेंस सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
राज्य शासन, राजमार्ग प्राधिकरण और कन्सेशनियर को कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों के अनुसरण में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन/संचालन में सहायता, सहयोग और सुविधा प्रदान करेगा तथा सभी दायित्वों का पालन सुनिश्चित करेगा।
राज्य शासन संबंधित कन्सेशन अनुबंध के उल्लंघन में किसी तरह की कोई कॉम्पिटिटिंग रोड (प्रतियोगी मार्ग) नहीं बनाएगा। न ही कन्सेशन अनुबंध के प्रावधानों से भिन्न किसी तरह का अतिरिक्त टोल वे स्थापित करेगा।राज्य शासन किसी प्रकार का स्थानीय कर, टोल अथवा परियोजना राजमार्ग के पूर्ण अथवा आंशिक उपयोग हेतु कोई अधिभार अधिरोपित नहीं करेगा।

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अमला और धनराशि मंजूर

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नवीन प्रशासनिक इकाईयों में कार्य संचालन के लिये आवश्यक अमला और वित्तीय प्रावधान के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी है। बैठक में नवगठित 24 तहसीलों के लिये भवन निर्माण, वाहन, कार्यालयीन उपकरण खरीदी के लिये कुल 13 करोड़ 80 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गयी है।
बैठक में नवगठित 24 तहसीलों में कार्य संचालन के लिये सेटअप के अनुसार नये पदों के निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गयी है। नवगठित 24 तहसीलों के लिये तहसीलदार और नायब तहसीलदार के एक-एक पद स्वीकृत किये गये हैं।
इसके साथ ही सहायक ग्रेड-3 के पांच पद और प्रोसेस सर्वेयर/भृत्य के छह पद प्रत्येक तहसील के मान से स्वीकृत किये गये। इसके अलावा पूर्व में गठित की गई 45 तहसीलों के लिये नायब तहसीलदार के एक-एक पद भी स्वीकृत किये गये हैं।

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