मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के कल्याण की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये विभागीय अधिकारी निरंतर जिलों और विकासखंडों का भ्रमण करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज अनुसूचित जाति और आदिम जाति कल्याण विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये।
श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक विभाग इस वर्ष प्राथमिकता पूर्वक एक विशेष कार्य को अंजाम दे। आम जनता के हित में लागू कार्यक्रमों के क्रियान्वयन स्तर किस तरह और अच्छा बनाया जाये इसके लिये प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी कोशिश करे।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 31 दिसम्बर 2009 तक अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत एक लाख 577 दावे मान्य किये गये हैं और 71 हजार 489 मान्य दावों में अधिकार-पत्र दे दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने व्यक्तिगत दावों के साथ ही सामुदायिक दावों के संबंध में भी यथा-समय कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि आगामी 30 जनवरी को संत रविदास जयंती पर उज्जैन में विशेष आयोजन के संबंध में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक में बताया गया कि भारत शासन से अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता मद में 25 करोड़ रूपये की राशि कन्या छात्रावासों एवं कन्या आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष और बाउन्ड्रीवॉल के निर्माण के लिये प्राप्त की गई है। इसी तरह छात्रावास भवन निर्माण के लिये गत माह 10 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त की गई।
नक्सल प्रभावित बालाघाट में छात्रावास एवं आश्रम भवन के निर्माण के लिये 12.26 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त की गई। इसी तरह आदिवासी उपयोजना मद में 87.22 करोड़ रूपये और विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये 31.48 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई है।
आदिवासी कल्याण विभाग में संविदा शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के 7193 पद भरे गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई विभाग से संबंधित 72 घोषणाओं को पूरा कर लिया गया है। अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रमों की भी बैठक में समीक्षा की गई। विभाग के प्रयासों से गत वर्ष आवासीय विद्यालयों में कक्षा दसवीं में अनुसूचित जाति के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 87.50 रहा।
इसी तरह कक्षा बारहवीं में यह स्तर 88.29 प्रतिशत रहा। माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणामों में विद्यार्थियों के औसत सफलता प्रतिशत से अनुसूचित जाति विद्यार्थियों का प्रतिशत काफी अधिक रहा। डिंडौरी जिले के अनुसूचित जाति छात्र श्री नितिन ताण्डेकर ने गत वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में प्रवीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव श्री देवराज बिरदी, आयुक्त अनुसूचित जाति विकास श्रीमती सलीना सिंह, आयुक्त आदिवासी विकास श्री संजय बंदोपाध्याय और मुख्यमंत्री के सचिवगण उपस्थित थे।
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