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Thursday, May 27, 2010

भगौरिया उत्सव की पर्यटन आकर्षण के रूप में ब्रांडिंग होगी

 प्रदेश में पर्यटकों के आकर्षण के सभी रंग
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के लिये मध्यप्रदेश के जनजातीय उत्सव भगौरिया की गुजरात के नवरात्रि महोत्सव की भांति ब्रांडिंग करने की बात कहते हुए प्रदेश में पर्यटकों के आकर्षण के सभी रंग विद्यमान बताये हैं।

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Wednesday, May 26, 2010

जनजातीय अंचलों में बनेंगे ऊर्जा संपन्न गांव

 कार्ययोजना तैयार
प्रदेश के जनजातीय अंचलों के तीन हजार गांवों को ऊर्जा संपन्न गांव बनाया जायेगा। जनजातीय बहुल गांवों में गैर पारंपररिक ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा देने के लिये कार्ययोजना बनाई गई है। गैर पारंपरिक ऊर्जा स़्त्रोतों के महत्व पर ग्राम सभा और ग्राम स्तरीय अन्य बैठकों में चर्चा का वातावरण निर्माण किया जायेगा।

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Sunday, March 14, 2010

आदिवासियों की जमीन के प्रकरणों की जांच के लिये प्रदेशव्यापी अभियान चलेगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रणा परिषद की बैठक
मध्यप्रदेश में आदिवासियों से गैर कानूनी तरीके से गैर आदिवासियों द्वारा ली गई जमीनों के प्रकरणों की जांच के लिये अभियान चलाया जायेगा। साथ ही वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि अधिकार-पत्र के लिये जिन आदिवासियों के प्रकरण अस्वीकृत किये गये हैं, उन्हें अस्वीकृति के कारण की जानकारी दी जायेगी।

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Saturday, March 13, 2010

2400 छात्रों को मिला छात्र गृह योजना का लाभ

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजना 
प्रदेश में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्र गृह योजना में इस वर्ष अब तक 2400 छात्रों को छात्र गृह योजना का लाभ दिलाया गया है। इस योजना में इस वर्ष अब तक लगभग 75 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है।

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Monday, March 8, 2010

सफाई कर्मियों के पुनर्वास के लिये 90 करोड़ के ऋण

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के जीवनस्तर में सुधार लाने के लिये दिये गये ऋण का सत्यापन प्रायवेट एजेंसी के माध्यम से कराया जायेगा।

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Friday, February 19, 2010

वीर शंकर शाह रघुनाथ शाह राष्ट्रीय सम्मान के लिये प्रविष्टियां आमंत्रित

प्रविष्टियां 20 फरवरी 2010 तक जमा  होंगी
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा स्वाधीनता संग्राम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रखर योद्धा शंकर शाह-रघुनाथ शाह के नाम से राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। सम्मान की स्थापना का उद्देश्य जनजातीय समाज में स्वाविभमान, अस्मिता, नेतृत्वगुणों, विशिष्ट विभूतियों के स्वर्णिम योगदान, त्याग और बलिदान से समाज को परिचित कराना है। 
यह सम्मान भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन के सृजनात्मक सौंदर्य, परम्परा और विशिष्टता के उत्कृष्ट रेखांकन-लेखन में सुदीर्घ योगदान के लिये प्रदान किया जाता है। इस राष्ट्रीय सम्मान के अंतर्गत दो लाख रूपये की सम्मान निधि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाती है। वर्ष 2010 में इस सम्मान के लिये प्रविष्टियां 20 फरवरी 2010 तक वन्या प्रकाशन राजीव गांधी भवन 35 श्यामला हिल्स, भोपाल में जमा कराई जा सकती है।

वर्ष 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर रणबांकुरे गोंड राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह प्रखर क्रान्तिकारी कवि थे। राजा शंकर शाह उस गढ़ा राज्य के वारिस थे, जिस पर प्रतापी राजा शांकर शाह और वीरांगना रानी दुर्गावती ने शासन किया था। सन् 1784 में गढ़ा राज्य पर सागर के मराठों का अधिकार होने के बाद उनके वारिसों को गुजर-बसर के लिये जबलपुर के पास एक जागीर दे दी गयी थी। राजा शंकर शाह की यह जागीर 1857 की क्रान्ति के समय क्रान्तिकारियों की गतिविधियों का केन्द्र बन गयी थी। ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ वीर शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने देशभक्ति पर अनेक कविताएं लिखीं। इन कविताओं के जरिये अंग्रेजों के खिलाफ जन सामान्य में विरोध का भाव बहुत तेजी से उठा। वीर शंकर शाह-रघुनाथ शाह को स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को आदर के साथ याद किया जाता है।

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा स्थापित इस सम्मान के संबंध में अन्य जानकारी फोन क्रमांक 0755-2661492, 2661152 अथवा ई-मेल vanya_prakashan@yahoo.co.in  पर भी प्राप्त की जा सकती है।

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Thursday, February 4, 2010

योजना राशि का उपयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी -खटीक

राज्य स्तरीय बैठक में योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा
आदिम जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री हरिशंकर खटीक ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों की भलाई राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है, इस कारण योजनाओं में राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त राशि दी गई है। राज्य मंत्री श्री खटीक ने कहा कि प्रदेश के जिन जिलों में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की योजनाओं के लिये आवंटित किया गया बजट का शत-प्रतिशत उपयोग नहीं होता है . 
उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। राज्य मंत्री श्री खटीक आज विंध्याचल भवन में आयोजित अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।कक्षा 6 से 10 तक अध्ययन करने वाले 10 लाख विद्यार्थियों को 14.50 करोड़ रूपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में वितरित
पोस्ट्र मेट्रिक छात्रवृत्ति में 96 हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण
प्रदेश में 200 नवीन छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिये 25 करोड़ रूपये का आवंटन
आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री खटीक ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे आश्रम, छात्रावास एवं शिक्षण संस्थानों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में विभागीय निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा कराये। राज्य मंत्री श्री खटीक ने जिला अधिकारियों से छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली।

आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री देवराज बिरदी ने बैठक में कहा कि जिन जिलों में दिसम्बर माह तक आवंटित बजट में से 75 प्रतिशत से कम राशि का उपयोग हुआ है उन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाये। प्रमुख सचिव श्री बिरदी ने रायसेन, देवास एवं सीहोर जिलों के कुछ छात्रावासों एवं शाला भवनों का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान जो कमियां देखी गई उनके संबंध में उन्होंने पूछताछ की। प्रमुख सचिव श्री बिरदी ने जिलों में कर्मचारियों से संबंधित लंबित प्रकरणों को विशेष रूचि लेकर निराकृत किये जाने के लिये कहा। बैठक को आदिम जाति कल्याण आयुक्त श्री संजय बंदोपाध्याय ने भी संबोधित किया।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 89 आदिवासी विकासखंडों में आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारियों के वेतन आहरण एजुकेशन पोर्टल पर ऑनलाईन होंगे। इस पर तैयार किये गये कर्मचारियों के वेतन बिल ही ट्रेजरी में स्वीकार किये जायेंगे। जिन विकासखंडों में वेतन संबंधी आहरण कार्य ऑनलाईन नहीं होगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। 
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेश में कन्या छात्रावास के बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिये 25 करोड़ रूपये की राशि केन्द्र सरकार से प्राप्त हुई है। इसी तरह 25 करोड़ रूपये का बजट लगभग 200 कन्या छात्रावास एवं आश्रम भवन निर्माण के लिये दिया गया है। प्रदेश में आश्रम एवं छात्रावास के बेहतर रखरखाव के लिये 24 करोड़ रूपये की राशि राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई है। 
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में 25 करोड़ रूपये का बजट नवीन छात्रावास भवन निर्माण के लिये दिया गया है। बैठक में बताया गया कि आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा इस वर्ष दिसम्बर तक कक्षा 6 से 10 तक अध्ययन करने वाले 10 लाख विद्यार्थियों को 14 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि वितरित की गई है। पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत कक्षा 11 एवं 12 में पढ़ने वाले 96 हजार विद्यार्थियों को लगभग 19 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। प्रदेश में प्री-मेट्रिक कन्या राज्य छात्रवृत्ति के अंतर्गत 13 लाख 89 हजार छात्राओं को 18 करोड़ रूपये की राशि वितरित की गई है।

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राष्ट्रीय फोटो फोटो प्रतियोगिता प्रतिबिम्ब के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

श्रेष्ठ फोटो को मिलेगा 31 हजार रुपये का इनाम
आदिम जाति कल्याण विभाग के उपक्रम वन्या द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आदिवासी जीवन के झिलमिल रंगों पर केन्द्रित पंचम राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता 'प्रतिबिम्ब' आयोजित की जायेगी। प्रतियोगिता के लिये प्रविष्टियां 28 फरवरी 2010 तक आमंत्रित की गईं हैं।
इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में 31 हजार रुपये नगद एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा तथा द्वितीय पुरस्कार के रूप में 21 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में 11 हजार नगद एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

वन्या के प्रबंध संचालक श्रीराम तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आदिवासियों के जीवन को रेखांकित करने वाली इस राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता में विविध जनजातीय जीवन, संस्कृति एवं परम्पराओं को प्रतिबिम्ब किया जाता है। इस विधा में पारंगत कोई भी फोटोग्राफर इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है और आदिवासी जीवन से सरोकार रखने वाले फोटो भेज सकता है। श्रेष्ठ फोटो का चयन निर्णायक मण्डल द्वारा किया जायेगा और उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा।

श्री तिवारी ने बताया कि इसके अलावा चार श्रेष्ठ फोटो को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में ढाई-ढाई हजार रुपये एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि वन्या की बाल पत्रिका समझ-झरोखा के बैनरतले यह फोटो प्रतियोगिता वर्ष 2005 से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। 
जिसका उद्देश्य आदिवासियों के जीवनवृत को चित्रों के माध्यम से समाज तक पहंचाना एवं कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उन्होने बताया कि इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के श्रेष्ठ छायाकार, आदिवासी लोककला, संस्कृति, जीवनशैली एवं उनके रहन-सहन को आधार बनाकर मनोहारी छायाचित्रों को अपने कैमरे की आंख से देखकर प्रतिबिम्बित करते है। 
इस प्रतियोगिता के माध्यम से आदिवासी संस्कृति को करीब से देखने का अवसर प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये कोई भी छायाकार अपनी प्रविष्टि 28 फरवरी 2010 तक वन्या, राजीव गांधी भवन 35, श्यामला हिल्स, भोपाल को भेज सकते है।

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Wednesday, February 3, 2010

प्रदेश में वर्ष 2010 में विविध जनजातीय सम्मान के लिये प्रविष्टियां आमंत्रित

प्रविष्टियां 20 फरवरी तक भेजी जा सकेंगी
मध्यप्रदेश में जनजातीय समाज के स्वाभिमान, अस्मिता, नेतृत्व गुणों, त्याग, बलिदान की स्मृति को बनाये रखते हुए समाज के सम्मुख आदर्श प्रस्तुत करने तथा जनजातीय जीवन के पारम्परिक कला-कौशल, सृजनात्मक अवदान को प्रचारित एवं प्रसारित करने के उद्देश्य से आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा तीन राष्ट्रीय सम्मान, एक राज्यस्तरीय सम्मान स्थापित किया है। इन सम्मानों के लिये वर्ष 2010 के लिये पृथक-पृथक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। यह प्रविष्टियां 20 फरवरी, 2010 तक जमा कराई जा सकेंगी।विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर का पहला सम्मान रानी दुर्गावती सम्मान के रूप में आदिवासी एवं पारम्परिक सृजनात्मक कला, शिल्प, समाजसेवा, प्रशासन में अद्वितीय उपलब्धि एवं योगदान के लिये आदिवासी महिला को प्रदान किया जाता है। इस सम्मान में दो लाख रुपये सम्मान निधि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय स्तर का दूसरा सम्मान वीर शंकरशाह-रघुनाथ शाह सम्मान भारतीय साहित्य में जनजातीय जीवन के सृजनात्मक सौंदर्य, परम्परा और विशिष्टता के उत्कृष्ट रेखांकन-लेखन में सुदीर्घ योगदान के लिये तथा आदिवासी पारम्परिक कलाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय साधना के लिये दिया जाता है। इस सम्मान में सम्मान निधि के रूप में दो लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। तीसरा राष्ट्रीय स्तर सम्मान ठक्कर बापा सम्मान गरीब, पीड़ित और हर तरह से पिछड़े आदिवासी समुदाय के लोगों की प्रेम, समदृष्टि और ममतापूर्ण सेवा एवं सुदीर्घ साधना के लिये दिया जाता है। इस सम्मान में दो लाख रुपये एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय स्तर के सम्मान के लिये प्रविष्टियां अखिल भारतीय स्तर पर विभाग द्वारा स्वीकृत की जाती हैं।

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जन-नायक टंट्या भील राज्यस्तरीय सम्मान शिक्षा और खेल गतिविधियों में उल्लेखनीय साधना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये आदिवासी युवा को प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के लिये प्रविष्टियां मध्यप्रदेश स्तर पर आमंत्रित कर स्वीकार की जाती हैं।

इन सम्मानों के लिये भेजी जाने वाली प्रविष्टियों के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित वन्या प्रकाशन राजीव गांधी भवन, 35 श्यामला हिल्स से प्राप्त की जा सकती हैं।

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Friday, January 22, 2010

पुलिस तथा आदिवासी विभाग के 2431 पद मंजूर

विधायकों को वाहन ऋण पर ब्याज अनुदान
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि परिषद की बैठक में प्रदेश में कानून व्यवस्था तथा अपराधों की विवेचना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग के लिये 1500 नये पदों के लिये मंजूरी दी गई। 
इनमें से नक्सल प्रभावी क्षेत्र के लिये 176 पद, चार बड़े शहर-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के थानों-चौकियों के लिये 770 पद अन्य स्थानों के थानों तथा चौकियों के लिये 282 पद, नव गठित जिलों तथा सुरक्षा दस्तों के लिये 272 पद शामिल है। 
इन स्वीकृत पदों में एक पुलिस अधीक्षक, 6 पुलिस उप अधीक्षक, 20 निरीक्षक, दो सूबेदार, 180 उप निरीक्षक, 220 सहायक उप निरीक्षक, 336 प्रधान आरक्षक और 735 आरक्षक के पद हैं। इन पदों के निर्माण पर 3788.50 लाख रुपये का सालाना व्यय भार आयेगा।

इसी प्रकार मंत्रि परिषद ने पुलिस विभाग के अंतर्गत विशेष शाखा फील्ड इकाईयों को सुदृढ़ करने की दृष्टि से 331 नये पदों के निर्माण के लिये भी मंजूरी दी। इन पदों में उप पुलिस अधीक्षक 2, निरीक्षक 15, उप निरीक्षक 19, सहायक उप पुलिस निरीक्षक 85, प्रधान आरक्षक 94, आरक्षक 116 पद शामिल हैं।
इन पदों की स्वीकृति से प्रदेश में आंतकवादी गतिविधियों तथा शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आसूचना संगठन को सुदृढ़ किया जा सकेगा। इन पदों के निर्माण पर 6.71 करोड़ रूपये का व्यय भार आयेगा।

मंत्रि परिषद ने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों के लिये चतुर्थ श्रेणी के 600 नये पदों को भी मंजूरी दी।

मंत्रि परिषद ने न्यायिक प्रकरणों में राज्य शासन के पक्ष समर्थन के लिये नियुक्त प्रभारी अधिकारियों को मानदेय स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित प्रति प्रकरण के लिये एक हजार रूपये तथा उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रति प्रकरण के लिये 1500 रूपये मानदेय दिया जायेगा। एक अधिकारी को इस मानदेय की प्रतिपूर्ति राशि की अधिकतम सीमा दस हजार रूपये प्रतिमाह होगी।

मंत्रि परिषद ने विभागीय जाचं के मामले में जांचकर्ता/प्रस्तुतकर्ता अधिकारियों को मानदेय स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया है। जांचकर्ता अधिकारी को रूपये दो हजार प्रति जांच प्रकरण, प्रस्तुतकर्ता अधिकारी को एक हजार रूपये प्रति प्रकरण तथा सेवानिवृत्त जांच अधिकारी को रूपये पांच हजार प्रति प्रकरण मानदेय दिया जा सकेगा। 
मानदेय इस शर्त पर दिया जायेगा कि संबंधित अधिकारी विभागीय जांच का निराकरण एक वर्ष के भीतर पूर्ण कर लेगा। ऐसा नहीं करने पर मानदेय की पात्रता नहीं होगी तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी।

मंत्रि परिषद ने तेरहवी विधानसभा के सदस्यों को वाहन क्रय ऋण के लिये ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है। वाहन ऋण की सीमा रूपये पांच लाख से बढ़ाकर आठ लाख रूपये की गई है परन्तु अनुदान पांच लाख की सीमा तक ही दिया जायेगा। 
अनुदान केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिये जाने वाले ऋण पर ही दिया जायेगा। ऐसे सदस्यों को वाहन ऋण के दस वर्ष पूरे हो गये हो और उनका संपूर्ण ऋण ब्याज सहित अदा हो गया हो उन्हें भी दुबारा ऋण और अनुदान के लिये पात्र माना जायेगा।

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Monday, January 4, 2010

71 हजार से अधिक आदिवासियों को भू-अधिकार-पत्र मिले

मुख्यमंत्री  द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के कल्याण की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये विभागीय अधिकारी निरंतर जिलों और विकासखंडों का भ्रमण करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज अनुसूचित जाति और आदिम जाति कल्याण विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये।
श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक विभाग इस वर्ष प्राथमिकता पूर्वक एक विशेष कार्य को अंजाम दे। आम जनता के हित में लागू कार्यक्रमों के क्रियान्वयन स्तर किस तरह और अच्छा बनाया जाये इसके लिये प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी कोशिश करे।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 31 दिसम्बर 2009 तक अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत एक लाख 577 दावे मान्य किये गये हैं और 71 हजार 489 मान्य दावों में अधिकार-पत्र दे दिये गये हैं। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने व्यक्तिगत दावों के साथ ही सामुदायिक दावों के संबंध में भी यथा-समय कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि आगामी 30 जनवरी को संत रविदास जयंती पर उज्जैन में विशेष आयोजन के संबंध में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक में बताया गया कि भारत शासन से अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता मद में 25 करोड़ रूपये की राशि कन्या छात्रावासों एवं कन्या आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष और बाउन्ड्रीवॉल के निर्माण के लिये प्राप्त की गई है। इसी तरह छात्रावास भवन निर्माण के लिये गत माह 10 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त की गई। 
नक्सल प्रभावित बालाघाट में छात्रावास एवं आश्रम भवन के निर्माण के लिये 12.26 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त की गई। इसी तरह आदिवासी उपयोजना मद में 87.22 करोड़ रूपये और विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये 31.48 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई है।
आदिवासी कल्याण विभाग में संविदा शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के 7193 पद भरे गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई विभाग से संबंधित 72 घोषणाओं को पूरा कर लिया गया है। अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रमों की भी बैठक में समीक्षा की गई। विभाग के प्रयासों से गत वर्ष आवासीय विद्यालयों में कक्षा दसवीं में अनुसूचित जाति के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत 87.50 रहा। 
इसी तरह कक्षा बारहवीं में यह स्तर 88.29 प्रतिशत रहा। माध्यमिक शिक्षा मंडल के परीक्षा परिणामों में विद्यार्थियों के औसत सफलता प्रतिशत से अनुसूचित जाति विद्यार्थियों का प्रतिशत काफी अधिक रहा। डिंडौरी जिले के अनुसूचित जाति छात्र श्री नितिन ताण्डेकर ने गत वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में प्रवीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव श्री देवराज बिरदी, आयुक्त अनुसूचित जाति विकास श्रीमती सलीना सिंह, आयुक्त आदिवासी विकास श्री संजय बंदोपाध्याय और मुख्यमंत्री के सचिवगण उपस्थित थे।

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