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Thursday, May 27, 2010

भगौरिया उत्सव की पर्यटन आकर्षण के रूप में ब्रांडिंग होगी

 प्रदेश में पर्यटकों के आकर्षण के सभी रंग
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के लिये मध्यप्रदेश के जनजातीय उत्सव भगौरिया की गुजरात के नवरात्रि महोत्सव की भांति ब्रांडिंग करने की बात कहते हुए प्रदेश में पर्यटकों के आकर्षण के सभी रंग विद्यमान बताये हैं।

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Tuesday, March 16, 2010

उज्जैन बनेगा धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा केन्द्र

मुख्यमंत्री  ने विक्रमोत्सव में 'श्रीकृष्ण उज्जयिनी' नाटक देखा
उज्जैन में धार्मिक पर्यटन की अत्यधिक संभावनाएं हैं, इसे देश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये यहाँ समस्त बुनियादी एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। अगले वर्ष राजा विक्रमादित्य के राज्यारोहण के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं, अत: उज्जैन के साथ ही सारे प्रदेश में विक्रमोत्सव मनाया जायेगा।

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Thursday, January 7, 2010

धार्मिक स्थलों के विकास के लिये एकीकृत योजना बनेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पर्यटन योजनाओं की समीक्षा

मध्यप्रदेश में आगामी वर्ष पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जायेगा। इसके लिये चुने हुए पर्यटन केन्द्रों तथा धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश में सभी धर्मों के महत्वपूर्ण स्थलों में नागरिक सुविधाएं विकसित करने के लिये विशेष एकीकृत योजना बनेगी।

बरगी, इंदिरा सागर तथा गांधी सागर जलाशयों को विश्व स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जायेगा। खजुराहो में पर्यटकों की सुविधा तथा क्षेत्र के विकास के लिये विशेष योजना बनेगी। ये निर्णय आज मंत्रालय में पर्यटन संबंधी योजनाओं की मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा की गई समीक्षा के दौरान लिये गये।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में पिछले वर्षों में अच्छा काम हुआ है। अब आवश्यकता इस बात की है कि कुछ पर्यटन केन्द्रों का चयन कर वहां सर्वोत्तम सुविधाएं विकसित कर देश के एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कि पर्यटन से रोजगार तथा पूंजी निवेश की असीम संभावनाएं हैं तथा इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जाने चाहिये।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि खजुराहो में पर्यटकों के लिये अन्य आकर्षण विकसित करने के साथ उस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये वहां एक समारोह भी आयोजित किया जायेगा।भोपाल-तवा-पचमढ़ी टूरिस्ट सर्किट में केरेवान पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। जिससे पर्यटन सुविधाजनक वाहनों से यात्रा करेंगे तथा निर्धारित केंप साइट्स पर रूक सकेंगे।
बैठक में बताया गया कि भोपाल में भदभदा के पास निजी क्षेत्र में पांच सितारा होटल तथा पर्यटन विकास निगम द्वारा एक कन्वेन्शन सेंटर स्थापित किया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इंदौर में एम.पी. इंस्टिट्यूट ऑफ हास्पिटेलिटी ट्रेनिंग की स्थापना की जा रही है जिसके लिये इंदौर में जमीन का आवंटन हो गया है।
तवा तथा हलाली बांध पर रेस्टारेंट तथा आवासीय सुविधा विकसित की जा चुकी है। देवरी (मंडला) तथा पन्ना में पर्यटकों के लिये मार्ग सुविधाओं का निर्माण हो चुका है। ओरछा में बुंदेलखंड के समृद्ध पुरातत्व एवं इतिहास को प्रदर्शित करने के लिये ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटकों के लिये पेंच एवं पन्ना क्षेत्र में हेलीकाप्टर सुविधाएं तथा अन्य केन्द्रों पर हाट एयर बेलूनिंग का भी प्रस्ताव है।
राज्य में निजी क्षेत्र के सहयोग से जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, छतरपुर, धार, इंदौर, बाबई, पन्ना, दतिया, करेरा (शिवपुरी) नौगांव (छतरपुर) उज्जैन, कटनी, खलघाट, रूखड, बाणसागर, देवरी तथ हलाली में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जायेगा। बैहर तथा उमरिया में हवाई पट्टियां संचालन हेतु निजी क्षेत्र को दी गई है। इसके बाद हवाई यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे स्थित कुछ स्थान पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बरगी एवं इंदिरा सागर परियोजना के नए द्वीपों एवं जलाशय क्षेत्र को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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Tuesday, December 22, 2009

भोपाल में स्थापित होगा अटल बिहारी लोक प्रशासन संस्थान

निःशक्त छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी लोक प्रशासन संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया। इस संस्थान के गठन के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में अघिनियम लाया जायेगा। 
स्कूल आफ गुड गवर्नेंस, स्कूल आफ पब्लिक एडमिनिस्टेशन एण्ड रिसर्च आदि इस संस्था में घटक होंगे। संस्था की विस्तृत रूपरेखा पृथक से तैयार की जायगी। यह संस्था लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों में शोध को प्रोत्साहित करेगी और सुशासन के हमारे प्रयासों को सुद्दढ करने में मददगार सिद्ध होगी।
मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न जलाशयों में पर्यटन गतिविघियों संचालित करने का निर्णय लिया। पहले चरण में प्रदेश के चार बड़े जलाशय ओंकारेश्वर जलाशय खण्डवा इंदिरा सागर खण्डवा, गांधी सगार बांध जिला मंदसौर तथा बाणसागर जिला रीवा में फिलहाल पर्यटन गतिविधियां शुरु की जायेगी। पर्यटन गतिविधियों में क्रूज संचालन, वाटर स्पोर्टस पर्यटन सुविधा विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग घोषित किया जायेगा।
राज्य के अन्य जलाशयों के लिए पर्यटनन विभाग को नोडल विभाग घोषित करने का अधिकार पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को होगा। पर्यटन विभाग उपरोक्त जलाशयों में इन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी निवेश आमंत्रित करने के लिए अधिकृत होगा। 
अन्य कोई शासकीय विभाग ये गतिविधियां संचालित करने के लिए निजी निवेशक को आमंत्रित नहीं कर सकेगा न ही उसेक इससे संबंधित कोई अनुमति दे सकेगा। बांधस्थल पर तथा जलाशयों के किनारे पर पर्यटन विभाग की आवश्यकतानुसार शासकीय भूमि हस्तांतरित की जा सकेगी। बांध के निर्माण अथवा रखरखाव के लिए निर्मित शासकीय भवन संबंधित विभाग नि:शुल्क पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर सकेगा।
परियोजना क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक निविदा एवं अनुबंध की शर्ते आदि तैयार करने ऐसे स्थल जहां निजी निवेशकों के साथ अनुबंध के स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की आवश्कता हो, वहां विभागीय प्रस्ताव को अनुमोदित करने एवं विहित नीतिगत निर्णयों के अधीन समस्त अनुषांगित निर्णय लेने के लिए PUBLIC PRIVATE PARTNERSHIP परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को अधिकृत किया है। सामान्यत: परियोजना के क्रियान्वयन से प्राप्त राशि (इस राशि में भविष्य में होने वाली आय को 10 प्रतिशत वार्षिक दर से डिस्काउंट कर सम्मिलित किया जाएगा) का 5 प्रतिशत पर्यटन विकास निगम को देय होगा। परन्तु जहां राज्य स्तरीय समिति आवश्यक समझे वहां वह पर्यटन विकास निगम को दी जाने वाली राशि के निर्धारण के पृथक सिद्धान्त भी तय कर सकेगी।
मंत्रिपरिषद ने पर्यटकों की सविधा के लिए बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना के तहत कोई सम्पत्ति धारक अपने आवास का कुछ हिस्सा पर्यटकों को ठहरने के लिए उपलब्ध करा सकेगा तथा उन्हें भोजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी दे सकेगा। ऐसा करने पर आवासीय सम्पत्ति का उपयोग वाणिज्यिक नहीं माना जायेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत शासन के ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जारी मार्गदर्शिका के अनुरूप होगा। सम्पत्ति धारक जल तथा सम्पत्ति कर आवासीय दर से ही भुगतान करना होगा। योजना के अंतर्गत पंजीकृत ईकाई को प्रचलित नियमों के अंतर्गत करों का भुगतान करना होगा।
मंत्रि परिषद ने नि:शक्त छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए ली जाने वाली शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता तथा परिवहन भत्ता योजना 2009 को मंजूरी दी। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2009-10 से प्रभावशील होगी। योजना का क्रियान्वयन सामाजिक न्याय विभाग करेगा। 
योजना का उद्देश्य नि:शक्त छात्र/छात्राओं को 10+2 की शिक्षा के पश्चात मेडीकल, इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर एवं प्रबंधन में स्नातक/स्नातकोत्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए शासकीय, अशासकीय, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में नियमित रूप से प्रवेश देकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इसमें नि:शक्त छात्र/छात्राओं को विशिष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां प्राप्त करने के अवसर सुलभ हो सके।
वही इसी और अन्य नि:शक्त विद्यार्थी भी उनकी उपलब्धियों से आकर्षित होकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ओर अग्रसर हो सके। शिक्षण शुल्क का भुगतान सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीधे विश्वविद्यालय/महाविद्यालय को किया जायेगा। ऐसे पाठ्यक्रमों में नियमित रुप से अध्ययनरत छात्र/छात्रा को रूपये 1500 प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए निर्वाह भत्ता दिया जायेगा। इसके अलावा नगर निगम सीमा में 500 रूपये तथा नगरपालिका क्षेत्र में 300 रुपये की दर पर 10 माह के लिए परिवहन भत्ता भी दिया जायेगा। इसका भुगतान विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के माध्यम से होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र/छात्रा को नि:शक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। उसे मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। माता पिता की सालाना आय 96000 से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदन संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय को करना होगा।
मंत्रि परिषद ने पर्यटन विकास निगम के प्रशासकीय ढांचे को मंजूरी प्रदान की। पर्यटक अधोसंरचना में सुधार एवं पर्यटक सुविधाओं में वृद्धि को देखते हुए विभिन्न श्रेणी के 1097 पदों को स्वीकृति दी गई। मंत्रि परिषद ने परिवहन विभाग में सीधी भर्ती के विभिन्न श्रेणी के 173 पदों को भरने की अनुमति भी प्रदान की।
मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश श्रम सेवा (राजपत्रित) भर्ती नियम (संशोधित) 2009 की अनुसूची में 4 में संयुक्त संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संस्था के पद पर पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा 5 वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष किये जाने संबंधी शिथिलता को मंजूरी दी।

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