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Tuesday, December 22, 2009

भोपाल में स्थापित होगा अटल बिहारी लोक प्रशासन संस्थान

निःशक्त छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी लोक प्रशासन संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया गया। इस संस्थान के गठन के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में अघिनियम लाया जायेगा। 
स्कूल आफ गुड गवर्नेंस, स्कूल आफ पब्लिक एडमिनिस्टेशन एण्ड रिसर्च आदि इस संस्था में घटक होंगे। संस्था की विस्तृत रूपरेखा पृथक से तैयार की जायगी। यह संस्था लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों में शोध को प्रोत्साहित करेगी और सुशासन के हमारे प्रयासों को सुद्दढ करने में मददगार सिद्ध होगी।
मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न जलाशयों में पर्यटन गतिविघियों संचालित करने का निर्णय लिया। पहले चरण में प्रदेश के चार बड़े जलाशय ओंकारेश्वर जलाशय खण्डवा इंदिरा सागर खण्डवा, गांधी सगार बांध जिला मंदसौर तथा बाणसागर जिला रीवा में फिलहाल पर्यटन गतिविधियां शुरु की जायेगी। पर्यटन गतिविधियों में क्रूज संचालन, वाटर स्पोर्टस पर्यटन सुविधा विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग घोषित किया जायेगा।
राज्य के अन्य जलाशयों के लिए पर्यटनन विभाग को नोडल विभाग घोषित करने का अधिकार पब्लिक-प्रायवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को होगा। पर्यटन विभाग उपरोक्त जलाशयों में इन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी निवेश आमंत्रित करने के लिए अधिकृत होगा। 
अन्य कोई शासकीय विभाग ये गतिविधियां संचालित करने के लिए निजी निवेशक को आमंत्रित नहीं कर सकेगा न ही उसेक इससे संबंधित कोई अनुमति दे सकेगा। बांधस्थल पर तथा जलाशयों के किनारे पर पर्यटन विभाग की आवश्यकतानुसार शासकीय भूमि हस्तांतरित की जा सकेगी। बांध के निर्माण अथवा रखरखाव के लिए निर्मित शासकीय भवन संबंधित विभाग नि:शुल्क पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर सकेगा।
परियोजना क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक निविदा एवं अनुबंध की शर्ते आदि तैयार करने ऐसे स्थल जहां निजी निवेशकों के साथ अनुबंध के स्थान पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ संयुक्त उद्यम बनाने की आवश्कता हो, वहां विभागीय प्रस्ताव को अनुमोदित करने एवं विहित नीतिगत निर्णयों के अधीन समस्त अनुषांगित निर्णय लेने के लिए PUBLIC PRIVATE PARTNERSHIP परियोजनाओं हेतु गठित राज्य स्तरीय समिति को अधिकृत किया है। सामान्यत: परियोजना के क्रियान्वयन से प्राप्त राशि (इस राशि में भविष्य में होने वाली आय को 10 प्रतिशत वार्षिक दर से डिस्काउंट कर सम्मिलित किया जाएगा) का 5 प्रतिशत पर्यटन विकास निगम को देय होगा। परन्तु जहां राज्य स्तरीय समिति आवश्यक समझे वहां वह पर्यटन विकास निगम को दी जाने वाली राशि के निर्धारण के पृथक सिद्धान्त भी तय कर सकेगी।
मंत्रिपरिषद ने पर्यटकों की सविधा के लिए बेड एण्ड ब्रेक फास्ट योजना लागू करने का निर्णय लिया। योजना के तहत कोई सम्पत्ति धारक अपने आवास का कुछ हिस्सा पर्यटकों को ठहरने के लिए उपलब्ध करा सकेगा तथा उन्हें भोजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी दे सकेगा। ऐसा करने पर आवासीय सम्पत्ति का उपयोग वाणिज्यिक नहीं माना जायेगा। योजना का क्रियान्वयन भारत शासन के ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जारी मार्गदर्शिका के अनुरूप होगा। सम्पत्ति धारक जल तथा सम्पत्ति कर आवासीय दर से ही भुगतान करना होगा। योजना के अंतर्गत पंजीकृत ईकाई को प्रचलित नियमों के अंतर्गत करों का भुगतान करना होगा।
मंत्रि परिषद ने नि:शक्त छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए ली जाने वाली शिक्षण शुल्क निर्वहन भत्ता तथा परिवहन भत्ता योजना 2009 को मंजूरी दी। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2009-10 से प्रभावशील होगी। योजना का क्रियान्वयन सामाजिक न्याय विभाग करेगा। 
योजना का उद्देश्य नि:शक्त छात्र/छात्राओं को 10+2 की शिक्षा के पश्चात मेडीकल, इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर एवं प्रबंधन में स्नातक/स्नातकोत्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए शासकीय, अशासकीय, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में नियमित रूप से प्रवेश देकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इसमें नि:शक्त छात्र/छात्राओं को विशिष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां प्राप्त करने के अवसर सुलभ हो सके।
वही इसी और अन्य नि:शक्त विद्यार्थी भी उनकी उपलब्धियों से आकर्षित होकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ओर अग्रसर हो सके। शिक्षण शुल्क का भुगतान सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीधे विश्वविद्यालय/महाविद्यालय को किया जायेगा। ऐसे पाठ्यक्रमों में नियमित रुप से अध्ययनरत छात्र/छात्रा को रूपये 1500 प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए निर्वाह भत्ता दिया जायेगा। इसके अलावा नगर निगम सीमा में 500 रूपये तथा नगरपालिका क्षेत्र में 300 रुपये की दर पर 10 माह के लिए परिवहन भत्ता भी दिया जायेगा। इसका भुगतान विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के माध्यम से होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र/छात्रा को नि:शक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। उसे मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। माता पिता की सालाना आय 96000 से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदन संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय को करना होगा।
मंत्रि परिषद ने पर्यटन विकास निगम के प्रशासकीय ढांचे को मंजूरी प्रदान की। पर्यटक अधोसंरचना में सुधार एवं पर्यटक सुविधाओं में वृद्धि को देखते हुए विभिन्न श्रेणी के 1097 पदों को स्वीकृति दी गई। मंत्रि परिषद ने परिवहन विभाग में सीधी भर्ती के विभिन्न श्रेणी के 173 पदों को भरने की अनुमति भी प्रदान की।
मंत्रि परिषद ने मध्यप्रदेश श्रम सेवा (राजपत्रित) भर्ती नियम (संशोधित) 2009 की अनुसूची में 4 में संयुक्त संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं संस्था के पद पर पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा 5 वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष किये जाने संबंधी शिथिलता को मंजूरी दी।

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