मुख्यमंत्री ने विक्रमोत्सव में 'श्रीकृष्ण उज्जयिनी' नाटक देखा
उज्जैन में धार्मिक पर्यटन की अत्यधिक संभावनाएं हैं, इसे देश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये यहाँ समस्त बुनियादी एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। अगले वर्ष राजा विक्रमादित्य के राज्यारोहण के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं, अत: उज्जैन के साथ ही सारे प्रदेश में विक्रमोत्सव मनाया जायेगा।
ये विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सोमवार को विक्रमोत्सव-2067 के अन्तर्गत कालिदास अकादमी उज्जैन स्थित पं.सूर्यनारायण व्यास संकुल में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय नाट्य समारोह जिसमें, 'श्रीकृष्ण उज्जयिनी' नाटक का मंचन किया जा रहा है, के दूसरे दिन व्यक्त किये। उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ नाटक को देखा और सराहा।
नाटक के मंचन के पूर्व अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विश्व को शाश्वत शान्ति के पथ का दिग्दर्शन हमारी संस्कृति एवं दर्शन कराते हैं। भारतीय संस्कृति में उज्जैन का विशेष स्थान है। उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी होने के साथ ही भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व को प्रेम और कर्मयोग का सन्देश दिया। गीता जैसा महान ग्रंथ सारे विश्व को जीने का मार्ग बताता है। श्री चौहान ने कहा कि उज्जैन के विकास के लिये आगे आने वाले पाँच वर्षो में लगभग 1200 करोड़ रूपये के कार्य कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियाँ भी इसी वर्ष से प्रारम्भ कर दी जायेंगी।
नाट्य की प्रस्तुति से पूर्व श्री चौहान एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। श्री चौहान द्वारा विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के अध्यक्ष श्री राजेश कुशवाह, श्रीकृष्ण उज्जयिनी नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक श्री जगरूपसिंह का सम्मान किया गया। वहाँ स्थापित शोधपीठ की चाबी उन्होंने शोधपीठ के निदेशक डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित को सौंपी। उन्होंने स्मारिका 'रिदम' का विमोचन किया तथा डॉ.अनिल जीनवाल को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
स्वागत भाषण उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ.मोहन यादव ने दिया। उन्होंने बताया कि दर्शकों की मांग पर श्रीकृष्ण उज्जयिनी नाटक का मंचन तीसरे दिन 16 मार्च मंगलवार को भी किया जायेगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिये सभी का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री कुं.विजय शाह, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्री मनोहर ऊँटवाल, सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री ध्रुवनारायण सिंह, महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.मोहन गुप्त, विधायक श्री शिवनारायण जागीरदार, कमिश्नर श्री टी.धर्माराव, आईजी श्री पवन जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण संचालक मण्डल सदस्य श्रीमती यशोदा शर्मा, संचालक संस्कृति श्री श्रीराम तिवारी, श्री रूप पमनानी, श्री भगवतचरण माथुर, श्री जगदीश अग्रवाल, श्री वीरेन्द्र कावड़िया, डीआईजी श्री वरूण कपूर, कलेक्टर श्री अजातशत्रु आदि उपस्थित थे।
ये विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सोमवार को विक्रमोत्सव-2067 के अन्तर्गत कालिदास अकादमी उज्जैन स्थित पं.सूर्यनारायण व्यास संकुल में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय नाट्य समारोह जिसमें, 'श्रीकृष्ण उज्जयिनी' नाटक का मंचन किया जा रहा है, के दूसरे दिन व्यक्त किये। उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ नाटक को देखा और सराहा।
नाटक के मंचन के पूर्व अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विश्व को शाश्वत शान्ति के पथ का दिग्दर्शन हमारी संस्कृति एवं दर्शन कराते हैं। भारतीय संस्कृति में उज्जैन का विशेष स्थान है। उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी होने के साथ ही भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व को प्रेम और कर्मयोग का सन्देश दिया। गीता जैसा महान ग्रंथ सारे विश्व को जीने का मार्ग बताता है। श्री चौहान ने कहा कि उज्जैन के विकास के लिये आगे आने वाले पाँच वर्षो में लगभग 1200 करोड़ रूपये के कार्य कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियाँ भी इसी वर्ष से प्रारम्भ कर दी जायेंगी।
नाट्य की प्रस्तुति से पूर्व श्री चौहान एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। श्री चौहान द्वारा विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के अध्यक्ष श्री राजेश कुशवाह, श्रीकृष्ण उज्जयिनी नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक श्री जगरूपसिंह का सम्मान किया गया। वहाँ स्थापित शोधपीठ की चाबी उन्होंने शोधपीठ के निदेशक डॉ.भगवतीलाल राजपुरोहित को सौंपी। उन्होंने स्मारिका 'रिदम' का विमोचन किया तथा डॉ.अनिल जीनवाल को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
स्वागत भाषण उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ.मोहन यादव ने दिया। उन्होंने बताया कि दर्शकों की मांग पर श्रीकृष्ण उज्जयिनी नाटक का मंचन तीसरे दिन 16 मार्च मंगलवार को भी किया जायेगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिये सभी का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री कुं.विजय शाह, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्री मनोहर ऊँटवाल, सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री ध्रुवनारायण सिंह, महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.मोहन गुप्त, विधायक श्री शिवनारायण जागीरदार, कमिश्नर श्री टी.धर्माराव, आईजी श्री पवन जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण संचालक मण्डल सदस्य श्रीमती यशोदा शर्मा, संचालक संस्कृति श्री श्रीराम तिवारी, श्री रूप पमनानी, श्री भगवतचरण माथुर, श्री जगदीश अग्रवाल, श्री वीरेन्द्र कावड़िया, डीआईजी श्री वरूण कपूर, कलेक्टर श्री अजातशत्रु आदि उपस्थित थे।
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