मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पर्यटन योजनाओं की समीक्षा
मध्यप्रदेश में आगामी वर्ष पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जायेगा। इसके लिये चुने हुए पर्यटन केन्द्रों तथा धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश में सभी धर्मों के महत्वपूर्ण स्थलों में नागरिक सुविधाएं विकसित करने के लिये विशेष एकीकृत योजना बनेगी।
बरगी, इंदिरा सागर तथा गांधी सागर जलाशयों को विश्व स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जायेगा। खजुराहो में पर्यटकों की सुविधा तथा क्षेत्र के विकास के लिये विशेष योजना बनेगी। ये निर्णय आज मंत्रालय में पर्यटन संबंधी योजनाओं की मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा की गई समीक्षा के दौरान लिये गये।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में पिछले वर्षों में अच्छा काम हुआ है। अब आवश्यकता इस बात की है कि कुछ पर्यटन केन्द्रों का चयन कर वहां सर्वोत्तम सुविधाएं विकसित कर देश के एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कि पर्यटन से रोजगार तथा पूंजी निवेश की असीम संभावनाएं हैं तथा इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जाने चाहिये।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि खजुराहो में पर्यटकों के लिये अन्य आकर्षण विकसित करने के साथ उस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये वहां एक समारोह भी आयोजित किया जायेगा।भोपाल-तवा-पचमढ़ी टूरिस्ट सर्किट में केरेवान पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। जिससे पर्यटन सुविधाजनक वाहनों से यात्रा करेंगे तथा निर्धारित केंप साइट्स पर रूक सकेंगे।
बैठक में बताया गया कि भोपाल में भदभदा के पास निजी क्षेत्र में पांच सितारा होटल तथा पर्यटन विकास निगम द्वारा एक कन्वेन्शन सेंटर स्थापित किया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इंदौर में एम.पी. इंस्टिट्यूट ऑफ हास्पिटेलिटी ट्रेनिंग की स्थापना की जा रही है जिसके लिये इंदौर में जमीन का आवंटन हो गया है।
तवा तथा हलाली बांध पर रेस्टारेंट तथा आवासीय सुविधा विकसित की जा चुकी है। देवरी (मंडला) तथा पन्ना में पर्यटकों के लिये मार्ग सुविधाओं का निर्माण हो चुका है। ओरछा में बुंदेलखंड के समृद्ध पुरातत्व एवं इतिहास को प्रदर्शित करने के लिये ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटकों के लिये पेंच एवं पन्ना क्षेत्र में हेलीकाप्टर सुविधाएं तथा अन्य केन्द्रों पर हाट एयर बेलूनिंग का भी प्रस्ताव है।
राज्य में निजी क्षेत्र के सहयोग से जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, छतरपुर, धार, इंदौर, बाबई, पन्ना, दतिया, करेरा (शिवपुरी) नौगांव (छतरपुर) उज्जैन, कटनी, खलघाट, रूखड, बाणसागर, देवरी तथ हलाली में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जायेगा। बैहर तथा उमरिया में हवाई पट्टियां संचालन हेतु निजी क्षेत्र को दी गई है। इसके बाद हवाई यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे स्थित कुछ स्थान पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बरगी एवं इंदिरा सागर परियोजना के नए द्वीपों एवं जलाशय क्षेत्र को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में पिछले वर्षों में अच्छा काम हुआ है। अब आवश्यकता इस बात की है कि कुछ पर्यटन केन्द्रों का चयन कर वहां सर्वोत्तम सुविधाएं विकसित कर देश के एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कि पर्यटन से रोजगार तथा पूंजी निवेश की असीम संभावनाएं हैं तथा इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जाने चाहिये।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि खजुराहो में पर्यटकों के लिये अन्य आकर्षण विकसित करने के साथ उस क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये वहां एक समारोह भी आयोजित किया जायेगा।भोपाल-तवा-पचमढ़ी टूरिस्ट सर्किट में केरेवान पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। जिससे पर्यटन सुविधाजनक वाहनों से यात्रा करेंगे तथा निर्धारित केंप साइट्स पर रूक सकेंगे।
बैठक में बताया गया कि भोपाल में भदभदा के पास निजी क्षेत्र में पांच सितारा होटल तथा पर्यटन विकास निगम द्वारा एक कन्वेन्शन सेंटर स्थापित किया जायेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इंदौर में एम.पी. इंस्टिट्यूट ऑफ हास्पिटेलिटी ट्रेनिंग की स्थापना की जा रही है जिसके लिये इंदौर में जमीन का आवंटन हो गया है।
तवा तथा हलाली बांध पर रेस्टारेंट तथा आवासीय सुविधा विकसित की जा चुकी है। देवरी (मंडला) तथा पन्ना में पर्यटकों के लिये मार्ग सुविधाओं का निर्माण हो चुका है। ओरछा में बुंदेलखंड के समृद्ध पुरातत्व एवं इतिहास को प्रदर्शित करने के लिये ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटकों के लिये पेंच एवं पन्ना क्षेत्र में हेलीकाप्टर सुविधाएं तथा अन्य केन्द्रों पर हाट एयर बेलूनिंग का भी प्रस्ताव है।
राज्य में निजी क्षेत्र के सहयोग से जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, छतरपुर, धार, इंदौर, बाबई, पन्ना, दतिया, करेरा (शिवपुरी) नौगांव (छतरपुर) उज्जैन, कटनी, खलघाट, रूखड, बाणसागर, देवरी तथ हलाली में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जायेगा। बैहर तथा उमरिया में हवाई पट्टियां संचालन हेतु निजी क्षेत्र को दी गई है। इसके बाद हवाई यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे स्थित कुछ स्थान पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बरगी एवं इंदिरा सागर परियोजना के नए द्वीपों एवं जलाशय क्षेत्र को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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