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Tuesday, March 9, 2010

साख समितियों के कर्मियों लिये सेवा शर्तें बनीं

 तीस हजार से अधिक कर्मियों की अब शासकीय कर्मियो के अनुरूप सेवा शर्त
प्राथमिक सहकारी साख समितियों में काम करने वाले कर्मियों की शासकीय कर्मचारियों के अनुरूप सेवा शर्तें होंगी। सहकारिता एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने बताया कि 26 फरवरी से प्राथमिक सहकारी समितियों में यह सेवा नियम लागू करने के आदेश जारी हो गए हैं। सहकारिता के इतिहास में पहली बार जन प्राथमिक साख समितियों में ये नियम बने हैं।

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Monday, March 8, 2010

सफाई कर्मियों के पुनर्वास के लिये 90 करोड़ के ऋण

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के जीवनस्तर में सुधार लाने के लिये दिये गये ऋण का सत्यापन प्रायवेट एजेंसी के माध्यम से कराया जायेगा।

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Thursday, December 10, 2009

पेंशन पर मंहगाई राहत की नयी दरें स्वीकृत

अतिरिक्त पेंशन पर भी मंहगाई राहत देय
राज्य शासन ने पेंशनर/परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत दिनाँक एक नवम्बर 2009 से प्रतिमाह पेंशन/परिवार पेंशन का 19 प्रतिशत की दर से और दिनाँक एक जनवरी 2010 से प्रतिमाह पेंशन/परिवार पेंशन का 22 प्रतिशत की दर से स्वीकृत की है. वृद्ध पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी मंहगाई राहत देय होगी।स संबंध में वित्त विभाग द्वारा आज एक आदेश जारी किया गया है। राज्य शासन के पेंशनर/परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत की दर 19 प्रतिशत के अनुसार माह नवम्बर 2009 की पेंशन/परिवार पेंशन दिसम्बर 2009 में देय होगी और मंहगाई राहत की दर 22 प्रतिशत के अनुसार जनवरी 2010 की पेंशन/परिवार पेंशन फरवरी 2010 में देय होगी।
यह मंहगाई राहत अधिवार्षिकी, सेवानिवृत्त, असमर्थता तथा क्षतिपूर्ति पेंशन पर देय होगी। सेवा से पदच्युत या सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को स्वीकार किये गये अनुकम्पा भत्ता पर भी इस मंहगाई राहत की पात्रता होगी और परिवार पेंशन तथा असाधारण पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को भी यह मंहगाई राहत वित्त विभाग के नियमों के अधीन देय होगी।

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Wednesday, November 11, 2009

कर्मचारी-अधिकारी संघों का भरोसा नहीं टूटने देंगे-मुख्यमंत्री

हड़ताल समाप्ति के फैसले पर खुशी व्यक्त
Bhopal:Tuesday, November 10, 2009 मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि कर्मचारी-अधिकारी संघों द्वारा अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल की समाप्ति का फैसला लेकर उनसे जो भरोसा जताया गया है, वह उसे किसी भी हाल में टूटने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज रात निवास पर कर्मचारी-अधिकारी संघों के पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने हड़ताल समाप्ति के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी दृष्टि से कर्मचारी-अधिकारी और सरकार कभी अलग-अलग नहीं रहे हैं। कर्मचारी-अधिकारी सरकार के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा कोशिश रही है कि कर्मचारी और सरकार आमने-सामने नहीं खड़े हों। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि छठवें वेतनमान के लाभ राज्य के कर्मचारियों-अधिकारियों को देने से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने बताया कि जनता के हितों को ध्यान में रखकर कर्मचारी कल्याण के लिये जो भी किया जा सकता है वह करने का प्रयास होगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उनका प्रयास यह है कि कर्मचारियों को उत्साह, ऊर्जा और प्रसन्नता जनता की भलाई के कामों में लगे। श्री चौहान ने प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों से ‘‘आईये अपना मध्यप्रदेश बनाये’’ अभियान में समर्पित भागीदारी का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी किस तरह की हो यह वे स्वयं तय करें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रत्येक तिमाही में कर्मचारी-अधिकारी संघों से वे स्वयं एक बार चर्चा करेंगे। उन्होंने विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठकों को निर्धारित समयावधि में आयोजित किये जाने की बात भी कही।
प्रारंभ में गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार से कर्मचारियों-अधिकारियों से संवाद की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में सरकार ने कर्मचारियों सहित सभी वर्गों की चिंता की है। श्री गुप्ता ने फैसले के लिये कर्मचारी-अधिकारी संघों को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रति उनके एटीट्यूट की सराहना की। श्री गुप्ता ने उम्मीद जाहिर की कि संवाद और सौहार्द की यह भावना आगे भी बनी रहेगी।
कार्यक्रम में अनेक कर्मचारी-अधिकारी संघों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर कर्मचारी-अधिकारी संघों के अध्यक्ष मंडल के संयोजक श्री बी.पी. दुबे सहित तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, पंचायत सेवा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ, कर्मचारी कांग्रेस, वाहन चालक यांत्रिकी संघ, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, पशुचिकित्सक संघ, शिक्षक कांग्रेस, अजाक्स, अपाक्स, राजस्व अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश वित्त सेवा अधिकारी संघ, अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के महिला प्रकोष्ठ, कृषि एवं उद्यान अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश राज्य अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर संघ, मध्यप्रदेश कार्यभारित कर्मचारी एवं दैनिक वेतन भोगी श्रमिक महासंघ, मध्यप्रदेश कृषि विकास अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश सर्व शिक्षा अभियान कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश पटवारी संघ, मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश अधिकारी/कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ, मध्यप्रदेश होम्योपैथिक संघ, मध्यप्रदेश राज्य मंत्रालय अधिकारी/कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश लायब्रेरी एवं क्रीड़ा अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश शासकीय अध्यापक संघ, मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र कर्मचारी संगठन, मध्यप्रदेश कृष्ठ कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश शिक्षा गारंटी गुरूजी संघ, मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय गैर शिक्षकीय कर्मचारी संघ, राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ, मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी महासंघ, मध्यप्रदेश प्राचार्य मंच, मध्यप्रदेश अध्यापक संविदा शिक्षक संघ, सहायक शिक्षक विज्ञान संघ, मध्यप्रदेश स्टेनोग्राफर एसोसिएशन, स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी संघ, माध्यमिक शिक्षा मंडल कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, मध्यप्रदेश पैरा मेडिकल एम्प्लाईज एसोसिएशन, मध्यप्रदेश कृषि सहायक सांख्यिकी अधिकारी संघ, मध्यप्रदेश आई.टी.आई. तकनीकी कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश पंचायत आडिटर महासंघ और मध्यप्रदेश खेल एवं युवक कल्याण कर्मचारी संघ के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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