मंत्रि परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सेवानिवृत्त चिकित्सकों को आवेदन प्रस्तुत करने पर मानसेवी चिकित्सक घोषित किया जा सकेगा। इन्हें किसी भी प्रकार का मानदेय/पारिश्रमिक देय नहीं होगा।
इन मानसेवी चिकित्सकों द्वारा देखे गये गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले रोगियों की सभी आवश्यक जांचे नि:शुल्क की जाएंगी। ऐसे रोगियों को शासकीय अस्पतालों से नि:शुल्क औषधियां दी जाएंगी। इन चिकित्सकों द्वारा देखे गये शासकीय कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी। इन मानसेवी आधार पर संलग्न चिकित्सकों के परचे पर सिविल सर्जन/चिकित्सालय प्रमुख के प्रतिहस्ताक्षर के बाद सामान्य प्रक्रिया अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति मान्य होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्चा) नियम, 1958 में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।मंत्रि परिषद ने आयुष विभाग के अधीन आयुर्वेद महाविद्यालयों के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के शिक्षकों के पदों पर विज्ञापन के बाद भी इन वर्गों के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में इन पदों के विरूद्ध अनारक्षित वर्ग से संविदा नियुक्ति देने की अनुमति देने का निर्णय लिया।
यह अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि भविष्य में रिक्त होने वाले अनारक्षित पदों पर इनको नियमित नियुक्ति प्रदान कर समायोजन किया जाएगा। साथ ही इस प्रकार रिक्त होने वाले आरक्षित पदों को क्रमश: विज्ञापित किया जाता रहेगा और आरक्षित वर्ग के लोक सेवक उपलब्ध होने पर आरक्षित पदों पर उन्हें नियमित नियुक्ति दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा अपने कर्मचारियों को दिये गये छठवें वेतनमान का अनुसमर्थन किया।
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