समीक्षा आबकारी विभाग
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि आगामी वर्ष से देशी-विदेशी मदिरा दुकानों के आवंटन से आम जनता को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में आबकारी विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री श्री राघवजी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार
आम नागरिकों के लिये कठिनाईयां बढ़ाने की कीमत पर आबकारी आय प्राप्त नहीं करना चाहती। देशी मदिरा के अहातों के संचालन से लोगों के जीवन पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ना चाहिये। इसका विशेष ध्यान रखा जाये।
आवश्यक हो तो इसके लिये नियमों में परिवर्तन किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दुकानों के आवंटन के लिये निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2009-10 में दिसम्बर माह तक 2089.35 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। गत वर्ष विदेशी मदिरा की नयी 159 दुकानों में से 135 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
विभाग में नवगठित जिलों अलीराजपुर और सिंगरौली में नये जिला आबकारी कार्यालयों के लिये आवश्यक पदों की पूर्ति की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में अगस्त 2009 से सिनेमा पर देय मनोरंजन शुल्क की प्रचलित दरों को 50 एवं 40 प्रतिशत से कम करके 20 प्रतिशत कर दिया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 242 सिनेमा घर संचालित हैं।
इंदौर एवं ग्वालियर में 14 नये मल्टीप्लैक्स सिनेमा बने हैं। प्रदेश में आगामी वर्षों में डी.टी.एच. से वार्षिक 5 करोड़ रूपये से अधिक मनोरंजन शुल्क प्राप्त होने की संभावना है। बैठक में जानकारी दी गई कि आबकारी विभाग में कैडर मैनेजमेंट के तहत जिला आबकारी अधिकारी, उपनिरीक्षक एवं आरक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने कार्यालयों के कम्प्यूटराईजेशन पर लगभग 27 करोड़ रूपये की राशि व्यय की है। आबकारी आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों द्वारा देशी-विदेशी मदिरा भंडागारों, दुकानों एवं बीयर निर्माणी इकाईयों के समय-समय पर निरीक्षण भी किये गये हैं।
बैठक में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री ए.पी. श्रीवास्तव, आबकारी आयुक्त श्री अरूण पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, सचिव श्री अनुराग जैन और अपर सचिव श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।
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