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Tuesday, April 6, 2010

सरकार ने आदिवासियों को भूमि का वाजिब हकदार बनाया

 राजस्व संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित
राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कल सीहोर तहसील के अंतिम छोर पर बसे वन ग्राम राबियाबाद पहुंचे जहां उन्होंने 75 आदिवासियों को वन अधिकार हक प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने ग्राम राबियाबाद में ग्राम स्वराज भवन और सीसी रोड निर्माण को मंजूरी प्रदान की।

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Tuesday, March 16, 2010

मप्र में 36 तहसीलें सूखा प्रभावित

राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन के निर्देश  जारी
राज्य शासन ने निर्धारित मापदण्डों के आधार पर प्रदेश की 36 तहसीलों को सूखा प्रभावित माना है। सर्व साधारण की जानकारी के लिये राजस्व विभाग द्वारा इस संबंध में सूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। प्रमुख सचिव राजस्व श्री मदनमोहन उपाध्याय द्वारा इस संबंध में आगामी राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन के निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं।

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Thursday, February 18, 2010

राजस्व मंडल के अध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए निरीक्षण के नये निर्देश

 निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू
राज्य शासन ने राजस्व मंडल के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण के लिए नये निर्देश जारी किए है। नवीन निर्देशों के अनुसार राजस्व मंडल के अध्यक्ष एवं सदस्य अब केवल कमिश्नर, कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी के साथ ही तहसील न्यायालयों का ही निरीक्षण करेंगे। उक्त अधिकारियों द्वारा ये निरीक्षण राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुरूप किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में अध्यक्ष तथा सदस्य राजस्व मंडल को शासन के सभी विभागों के जिला, तहसील तथा ब्लॉक कार्यालयों का निरीक्षण करने के अधिकार दिए गए थे। शासन द्वारा पूर्व परिपत्र को निरस्त करते हुए अध्यक्ष तथा सदस्य, राजस्व मंडल को पूर्व में दिए गए अधिकारों को समाप्त कर दिया गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल, सभी कमिश्नरों, विभागाध्यक्षों एवं कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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Friday, January 8, 2010

बकाया राजस्व की 50 प्रतिशत वसूली का अभियान फरवरी से

 राजस्व विभाग में मंथन की अनुशंसाओं पर अमल की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर नये अतिक्रमण नहीं होने देना है। उन्होंने अतिक्रमण होने पर संबंधित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। श्री चौहान ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिये अभियान भी चलाया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में राजस्व विभाग से संबंधित मंथन-2009 की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, वन मंत्री श्री सरताल सिंह, पशुपालन मंत्री श्री अजय विश्नोई, राज्य मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य सचिव श्री राकेसा साहनी, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय, राजस्व सचिव श्रीमती सीमा शर्मा, आयुक्त भू-अभिलेख श्री विनोद सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शीघ्र ही गरीबों को मकान देने की महत्वाकांशी योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शासकीय गृह निर्माण एजेंसियों जैसे गृह निर्माण मंडल, विकास प्राधिकरण आदि को भूमि आवंटित करने के लिये नीति बनाने पर भी विचार हुआ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक मं गांवों में आबादी भूमि के पट्टे प्रदाय करने के संबंध में शीघ्र ही विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में बताया गया कि केन्द्र की नीति में परिप्रेक्ष्य में राज्य की पुनर्वास नीति पर विचार के लिये समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर गैर कृषकों और प्रदेश से बाहर के लोगों द्वारा कृषि भूमि की खरीद पर चिंता जाहिर की। उन्होंने गैर कृषकों द्वारा कृषि भूमि की खरीदी पर रोक के लिये विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिये कृषि भूमि की बजाय अन्य भूमि अथवा पहाड़ियों के ऊपरी क्षेत्र की वृक्षारोपण योग्य भूमि देने पर विचार की बात कही। उन्होंने किसानों की भूमि पर लगे वृक्षों को काटने की अनुमति संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने सभी शासकीय बकाया राजस्व की 50 प्रतिशत राशि की वसूली के लिये डिफाल्टरों की सूची को सार्वजनिक करने के लिये कहा। साथ ही उन्होंने आगामी फरवरी माह से बकाया वसूली का अभियान चलाने के निर्देश दिये।
श्री चौहान ने जिले से लेकर ग्राम स्तर तक पुलिस और राजस्व विभाग में समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग के अधिकारी संयुक्त और नियमित दौरा और निरीक्षण करने के साथ ही रात्रि विश्राम की संस्थागत व्यवस्था पर भी अमल करें।
बैठक में राजस्व विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि भू-अभिलेखों में निजी भूमि के स्वामित्व का पूर्ण विवरण अंकित करने का प्रावधान है। इसी तरह कृषि भूमि पर व्यक्तिगत आवास निर्माण पर डायवर्सन कर में छूट का प्रावधान वर्ष 2003 से प्रचालित है। फसल कटाई प्रयोग समयबद्ध और पारदर्शी पद्धति से किये जाने के निर्देश पिछले माह जारी किये जा चुके हैं।
इसके अलावा आर.बी.सी. के अंतर्गत भूमि का न्यूनतम मूल्य का निर्धारण गाईड लाइन के प्रतिशत के आधार पर करने का आदेश भी जारी होने की जानकारी दी गई।विभाग ने कुल 34 अनुशंसाओं में से 16 की पूर्णता और 14 में कार्यवाही प्रचलित होने की जानकारी दी। शेष चार अनुशंसाएं अन्य विभागों से संबद्ध होने के कारण उन्हें हस्तांतरित होना बताया गया।

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Monday, January 4, 2010

आदिवासी ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने के काम में तेजी आएगी

अगला वर्ष बांस वर्ष - मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा वन विभाग की समीक्षा
वन विभाग आगामी वर्ष को बांस वर्ष के रूप में मनाएगा तथा इसके अंतर्गत जनसहयोग से पांच करोड़ बांस के पौधे लगाए जायेंगे। यह जानकारी आज यहां मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा वन विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने इसके लिये प्रदेशव्यापी कार्ययोजना बनाकर आदिम जाति कल्याण विभाग के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सड़क के किनारे 3 कतार की रोपणी की नीति बनाने को भी कहा। इस नीति में एक कतार के वृक्ष रोपणीधारक व्यक्ति को काटने की पात्रता रहेगी और दो कतार के वृक्ष छाया हेतु लगे रहने दिये जायेंगे। योजना पर अमल लोक निर्माण विभाग करेगा।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग की अनुमति वाले विभिन्न विकास कार्यों के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण कर जिला स्तर पर ऐसे प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन विभाग को हरियाली महोत्सव के लिये अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिये। इस कार्यक्रम से अधिक से अधिक लोग जुड़े इसके लिये बेहतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग को ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना चाहिये। 
उन्होंने बिगड़े वनों के वनीकरण के लिये भी विशेष प्रयास किये जाने के निर्देश दिये। अपर मुख्य सचिव वन श्री प्रशांत मेहता ने विभागीय प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की रेन फेड एरिया अथारिटी से प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन के अंतर्गत मृदा एवं जल-संरक्षण की 215 करोड़ की योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
यह योजना इस वर्ष से पांच वर्ष तक चरणों में लागू होगी। श्री महेता ने विभाग में कैडर मैनेजमेंट की स्थिति को संतोषजनक बताया। उन्होंने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 5 किलोमीटर पर एक ऊर्जा वन के विकास की योजना की भी जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में खनिज संपदा के दोहन के लिये योजना तैयार की जा रही है तथा खनिज विभाग के सहयोग से पहले मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर तथा पन्ना में इस पर अमल किया जायेगा। पहले ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जायेगा जहां वन संपदा कम है तथा उपलब्ध खनिजों का भंडार अधिक है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्राम में वन दूत तथा निजी रोपणियों को प्रोत्साहित करने की योजना को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन ने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। अब संबंधित वन ग्राम की ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव पारित करने पर निर्धारित प्रक्रिया द्वारा जिलाध्यक्ष द्वारा राजस्व ग्राम की स्वीकृति जारी की जा सकेगी। राज्य शासन की घोषणा के अनुरूप बैगा आदिवासियों को वन डिपो से बांस उपलब्ध कराया जाना प्रारंभ कर दिया गया है।

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बड़े तहसील मुख्यालयों पर भी अब "समाधान एक दिन" कार्यक्रम

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की राजस्व विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के ऐसे तहसील मुख्यालय, जहाँ विकासखंड मुख्यालय भी हैं, पर 'समाधान एक दिन' कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान आज शाम मंत्रालय में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। 
बैठक में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुराग जैन और श्री एस.के. मिश्रा, राजस्व सचिव श्रीमती सीमा शर्मा, आयुक्त भू-अभिलेख श्री विनोद सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण के काम में तेजी लाने को भी कहा। उन्होंने राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पटवारियों के रिक्त पदों की पूर्ति की प्रगति की जानकारी भी ली। 
श्री चौहान ने पटवारी से राजस्व निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार और नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने क्रमोन्नति और पदोन्नति आदेश भी समय पर जारी किये जाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों की मासिक डायरी की पूर्ति की भी जानकारी प्राप्त की।
बैठक में श्री एम.एम. उपाध्याय ने विभागीय बजट के अब तक व्यय की जानकारी देते हुए विभाग की योजना सीमा में 34 करोड़ की वृद्धि करने की जरूरत रेखांकित की। उन्होंने सुशासन के लिये विभागीय मंथन के आयोजन और नजूल भूमि को रियायती की जगह बाजार दर पर दिये जाने के आदेश जारी होने संबंधी जानकारी दी।
बैठक में राजस्व विभाग के लिये पृथक विभागाध्यक्ष के रूप में राजस्व आयुक्त पद के सृजन और शासकीय मुद्रणालयों के उन्नयन पर भी विचार हुआ।

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