अगला वर्ष बांस वर्ष - मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा वन विभाग की समीक्षा
वन विभाग आगामी वर्ष को बांस वर्ष के रूप में मनाएगा तथा इसके अंतर्गत जनसहयोग से पांच करोड़ बांस के पौधे लगाए जायेंगे। यह जानकारी आज यहां मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा वन विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने इसके लिये प्रदेशव्यापी कार्ययोजना बनाकर आदिम जाति कल्याण विभाग के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने सड़क के किनारे 3 कतार की रोपणी की नीति बनाने को भी कहा। इस नीति में एक कतार के वृक्ष रोपणीधारक व्यक्ति को काटने की पात्रता रहेगी और दो कतार के वृक्ष छाया हेतु लगे रहने दिये जायेंगे। योजना पर अमल लोक निर्माण विभाग करेगा।
मुख्यमंत्री ने
वन विभाग की अनुमति वाले विभिन्न विकास कार्यों के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक हो तो अधिकारों का विकेन्द्रीकरण कर जिला स्तर पर ऐसे प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि
वन विभाग को हरियाली महोत्सव के लिये अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिये। इस कार्यक्रम से अधिक से अधिक लोग जुड़े इसके लिये बेहतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग को ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना चाहिये।
उन्होंने बिगड़े वनों के वनीकरण के लिये भी विशेष प्रयास किये जाने के निर्देश दिये। अपर मुख्य सचिव वन श्री प्रशांत मेहता ने विभागीय प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की रेन फेड एरिया अथारिटी से प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन के अंतर्गत मृदा एवं जल-संरक्षण की 215 करोड़ की योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
यह योजना इस वर्ष से पांच वर्ष तक चरणों में लागू होगी। श्री महेता ने विभाग में कैडर मैनेजमेंट की स्थिति को संतोषजनक बताया। उन्होंने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 5 किलोमीटर पर एक ऊर्जा वन के विकास की योजना की भी जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में खनिज संपदा के दोहन के लिये योजना तैयार की जा रही है तथा खनिज विभाग के सहयोग से पहले मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर तथा पन्ना में इस पर अमल किया जायेगा। पहले ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जायेगा जहां वन संपदा कम है तथा उपलब्ध खनिजों का भंडार अधिक है। इसी प्रकार प्रत्येक ग्राम में वन दूत तथा निजी रोपणियों को प्रोत्साहित करने की योजना को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन ने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। अब संबंधित वन ग्राम की ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव पारित करने पर निर्धारित प्रक्रिया द्वारा जिलाध्यक्ष द्वारा राजस्व ग्राम की स्वीकृति जारी की जा सकेगी। राज्य शासन की घोषणा के अनुरूप बैगा आदिवासियों को वन डिपो से बांस उपलब्ध कराया जाना प्रारंभ कर दिया गया है।
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