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Tuesday, April 6, 2010

सरकार ने आदिवासियों को भूमि का वाजिब हकदार बनाया

 राजस्व संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित
राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कल सीहोर तहसील के अंतिम छोर पर बसे वन ग्राम राबियाबाद पहुंचे जहां उन्होंने 75 आदिवासियों को वन अधिकार हक प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने ग्राम राबियाबाद में ग्राम स्वराज भवन और सीसी रोड निर्माण को मंजूरी प्रदान की।

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Tuesday, December 29, 2009

मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2010 के शासकीय कैलेण्डर का विमोचन

कैलेण्डर के छायाचित्रों में प्रदेश की धरोहरों को दिखाया गया
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह‏ चौहान ने आज निवास पर वर्ष 2010 के शासकीय कैलेण्डर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कैलेण्डर का विमोचन करते हुए नया वर्ष प्रदेश के लिये सुख-समृद्धकारी होने की कामना की। उन्होने नया वर्ष प्रदेश के लोगों के लिये मंगलकारी होने की कामना के साथ ही नया मध्यप्रदेश गढ़ने में समाज की सहभागिता मिलने की भी अपेक्षा व्यक्त की।इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय, राजस्व सचिव और नियंत्रक मुद्रण तथा लेखन सामग्री श्रीमती सीमा शर्मा, उप नियंत्रक श्री देवदत्त और सहायक नियंत्रक श्री एस.वी. कुलकर्णी भी उपस्थित थे।
वर्ष 2010 के शासकीय कैलेण्डर के छायाचित्रों में प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक संपदा की उन धरोहरों को दिखाया गया है, जो अभी विश्व के लिये लगभग अनजानी है। कैलेण्डर के जरिये इतिहास की एक ऐसी अद्भुत यात्रा सामने होती है जो शैलचित्रों से शुरू होकर स्थापत्य के विलक्षण नमूने हमारे सामने लाती हैं। 
'विरासत के कुछ और पन्ने' शीर्षक से कैलेण्डर में चंदेरी स्थित कुश्क महल (फतेहाबाद), मंदसौर के घमनार स्थित धर्मराजेश्वर मंदिर, विदिशा स्थित होलियोडोरस स्तंभ, सागर के एरण में स्थित गुप्त काल की विष्णु वराह प्रतिमा, पन्ना स्थित बल्देव मंदिर, बुरहानपुर स्थित शाहनवाज खाँ का मकबरा, मंदसौर के भानपुरा स्थित शैलचित्र, खरगोन के महेश्वर स्थित देवी अहिल्या का स्मारक, ग्वालियर स्थित गूजरी महल, विदिशा में सतधारा स्थित बौद्ध स्तूप और जबलपुर में भेड़ाघाट स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर और चंदेरी स्थित किला के आकर्षक छायाचित्र संजोये गये हैं।
छायाचित्रों वाले कैलेण्डर का मूल्य 50 रूपये है। बगैर छायाचित्रों के कैलेण्डर का मूल्य 30 रूपये, टेबल कैलेण्डर का मूल्य 3 रूपये रखा गया है। हार्ड बाउण्ड डायरी का मूल्य 100 रूपये और स्पायरल नोट बुक का मूल्य 15 रूपये रखा गया है। 
यह सभी सामग्री शासकीय मुद्रणालयों और उनके डिपो पर 1 जनवरी 2010 से विक्रय के लिये उपलब्ध रहेगी। कैलेण्डर का आकल्पन जनसंपर्क विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा किया गया है। कैलेण्डर के छायाचित्रों का सौजन्य छायाकार श्री राजेंद्र जांगले, श्री हेमंत वायंगणकर, श्री विवेक टेंबे और श्री गोविंद चौरसिया का है।

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