मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की राजस्व विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के ऐसे तहसील मुख्यालय, जहाँ विकासखंड मुख्यालय भी हैं, पर 'समाधान एक दिन' कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान आज शाम मंत्रालय में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुराग जैन और श्री एस.के. मिश्रा, राजस्व सचिव श्रीमती सीमा शर्मा, आयुक्त भू-अभिलेख श्री विनोद सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण के काम में तेजी लाने को भी कहा। उन्होंने राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पटवारियों के रिक्त पदों की पूर्ति की प्रगति की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण के काम में तेजी लाने को भी कहा। उन्होंने राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पटवारियों के रिक्त पदों की पूर्ति की प्रगति की जानकारी भी ली।
श्री चौहान ने पटवारी से राजस्व निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार और नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने क्रमोन्नति और पदोन्नति आदेश भी समय पर जारी किये जाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों की मासिक डायरी की पूर्ति की भी जानकारी प्राप्त की।
बैठक में श्री एम.एम. उपाध्याय ने विभागीय बजट के अब तक व्यय की जानकारी देते हुए विभाग की योजना सीमा में 34 करोड़ की वृद्धि करने की जरूरत रेखांकित की। उन्होंने सुशासन के लिये विभागीय मंथन के आयोजन और नजूल भूमि को रियायती की जगह बाजार दर पर दिये जाने के आदेश जारी होने संबंधी जानकारी दी।
बैठक में राजस्व विभाग के लिये पृथक विभागाध्यक्ष के रूप में राजस्व आयुक्त पद के सृजन और शासकीय मुद्रणालयों के उन्नयन पर भी विचार हुआ।
बैठक में श्री एम.एम. उपाध्याय ने विभागीय बजट के अब तक व्यय की जानकारी देते हुए विभाग की योजना सीमा में 34 करोड़ की वृद्धि करने की जरूरत रेखांकित की। उन्होंने सुशासन के लिये विभागीय मंथन के आयोजन और नजूल भूमि को रियायती की जगह बाजार दर पर दिये जाने के आदेश जारी होने संबंधी जानकारी दी।
बैठक में राजस्व विभाग के लिये पृथक विभागाध्यक्ष के रूप में राजस्व आयुक्त पद के सृजन और शासकीय मुद्रणालयों के उन्नयन पर भी विचार हुआ।
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