राजस्व विभाग में मंथन की अनुशंसाओं पर अमल की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर नये अतिक्रमण नहीं होने देना है। उन्होंने अतिक्रमण होने पर संबंधित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। श्री चौहान ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिये अभियान भी चलाया जाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में राजस्व विभाग से संबंधित मंथन-2009 की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, वन मंत्री श्री सरताल सिंह, पशुपालन मंत्री श्री अजय विश्नोई, राज्य मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य सचिव श्री राकेसा साहनी, प्रमुख सचिव राजस्व श्री एम.एम. उपाध्याय, राजस्व सचिव श्रीमती सीमा शर्मा, आयुक्त भू-अभिलेख श्री विनोद सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शीघ्र ही गरीबों को मकान देने की महत्वाकांशी योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शासकीय गृह निर्माण एजेंसियों जैसे गृह निर्माण मंडल, विकास प्राधिकरण आदि को भूमि आवंटित करने के लिये नीति बनाने पर भी विचार हुआ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक मं गांवों में आबादी भूमि के पट्टे प्रदाय करने के संबंध में शीघ्र ही विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में बताया गया कि केन्द्र की नीति में परिप्रेक्ष्य में राज्य की पुनर्वास नीति पर विचार के लिये समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर गैर कृषकों और प्रदेश से बाहर के लोगों द्वारा कृषि भूमि की खरीद पर चिंता जाहिर की। उन्होंने गैर कृषकों द्वारा कृषि भूमि की खरीदी पर रोक के लिये विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिये कृषि भूमि की बजाय अन्य भूमि अथवा पहाड़ियों के ऊपरी क्षेत्र की वृक्षारोपण योग्य भूमि देने पर विचार की बात कही। उन्होंने किसानों की भूमि पर लगे वृक्षों को काटने की अनुमति संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने सभी शासकीय बकाया राजस्व की 50 प्रतिशत राशि की वसूली के लिये डिफाल्टरों की सूची को सार्वजनिक करने के लिये कहा। साथ ही उन्होंने आगामी फरवरी माह से बकाया वसूली का अभियान चलाने के निर्देश दिये।
श्री चौहान ने जिले से लेकर ग्राम स्तर तक पुलिस और राजस्व विभाग में समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग के अधिकारी संयुक्त और नियमित दौरा और निरीक्षण करने के साथ ही रात्रि विश्राम की संस्थागत व्यवस्था पर भी अमल करें।
बैठक में राजस्व विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि भू-अभिलेखों में निजी भूमि के स्वामित्व का पूर्ण विवरण अंकित करने का प्रावधान है। इसी तरह कृषि भूमि पर व्यक्तिगत आवास निर्माण पर डायवर्सन कर में छूट का प्रावधान वर्ष 2003 से प्रचालित है। फसल कटाई प्रयोग समयबद्ध और पारदर्शी पद्धति से किये जाने के निर्देश पिछले माह जारी किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा शीघ्र ही गरीबों को मकान देने की महत्वाकांशी योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शासकीय गृह निर्माण एजेंसियों जैसे गृह निर्माण मंडल, विकास प्राधिकरण आदि को भूमि आवंटित करने के लिये नीति बनाने पर भी विचार हुआ।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक मं गांवों में आबादी भूमि के पट्टे प्रदाय करने के संबंध में शीघ्र ही विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में बताया गया कि केन्द्र की नीति में परिप्रेक्ष्य में राज्य की पुनर्वास नीति पर विचार के लिये समिति गठित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर गैर कृषकों और प्रदेश से बाहर के लोगों द्वारा कृषि भूमि की खरीद पर चिंता जाहिर की। उन्होंने गैर कृषकों द्वारा कृषि भूमि की खरीदी पर रोक के लिये विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिये कृषि भूमि की बजाय अन्य भूमि अथवा पहाड़ियों के ऊपरी क्षेत्र की वृक्षारोपण योग्य भूमि देने पर विचार की बात कही। उन्होंने किसानों की भूमि पर लगे वृक्षों को काटने की अनुमति संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने सभी शासकीय बकाया राजस्व की 50 प्रतिशत राशि की वसूली के लिये डिफाल्टरों की सूची को सार्वजनिक करने के लिये कहा। साथ ही उन्होंने आगामी फरवरी माह से बकाया वसूली का अभियान चलाने के निर्देश दिये।
श्री चौहान ने जिले से लेकर ग्राम स्तर तक पुलिस और राजस्व विभाग में समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग के अधिकारी संयुक्त और नियमित दौरा और निरीक्षण करने के साथ ही रात्रि विश्राम की संस्थागत व्यवस्था पर भी अमल करें।
बैठक में राजस्व विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि भू-अभिलेखों में निजी भूमि के स्वामित्व का पूर्ण विवरण अंकित करने का प्रावधान है। इसी तरह कृषि भूमि पर व्यक्तिगत आवास निर्माण पर डायवर्सन कर में छूट का प्रावधान वर्ष 2003 से प्रचालित है। फसल कटाई प्रयोग समयबद्ध और पारदर्शी पद्धति से किये जाने के निर्देश पिछले माह जारी किये जा चुके हैं।
इसके अलावा आर.बी.सी. के अंतर्गत भूमि का न्यूनतम मूल्य का निर्धारण गाईड लाइन के प्रतिशत के आधार पर करने का आदेश भी जारी होने की जानकारी दी गई।विभाग ने कुल 34 अनुशंसाओं में से 16 की पूर्णता और 14 में कार्यवाही प्रचलित होने की जानकारी दी। शेष चार अनुशंसाएं अन्य विभागों से संबद्ध होने के कारण उन्हें हस्तांतरित होना बताया गया।
0 comments:
Post a Comment