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Monday, May 17, 2010

स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित गणवेश पहने यह सुनिश्चित किया जाये

 मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल अधीक्षकों को भेजे गये निर्देश
प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में पदस्थ स्वास्थ्यकर्मियों के लिये निर्धारित गणवेश अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश दिये गये हैं। चिकित्सकों से भी ड्यूटी के दौरान एप्रेन पहनने को कहा गया है। लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा, आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा के आदेश पर इस आशय के निर्देश सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा अस्पताल अधीक्षकों को दिये गये हैं।

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Wednesday, April 7, 2010

जन-स्वास्थ्य संस्थान स्थापित होगा

  विधायक होंगे रोगी कल्याण समिति  के सदस्य
अस्पतालों में बेहतर प्रशासन और सेवाएं देने के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रदेश में जन स्वास्थ्य संस्थान स्थापित होगा। ग्वालियर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुचारु बनाने के लिए दो दिन चली राज्य स्तरीय चिंतन बैठक के बाद लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने यह जानकारी दी।

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Monday, January 11, 2010

ग्वालियर- दुर्ग रोप-वे बनेगा दो वर्ष में

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बहुप्रतीक्षित रोप-वे का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने फूलबाग से ग्वालियर दुर्ग तक बनने जा रही बहुप्रतीक्षित 'रोप-वे' का आज शिलान्यास किया। ग्वालियर अंचलवासियों की बड़ी शिद्दत से इस रोपवे की लम्बे समय से प्रतीक्षा थी। इसके निर्माण से ग्वालियर अंचल में पर्यटन के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित होंगे।
ग्वालियर में पर्यटन के क्षेत्र में नये अध्याय के रूप में जुड़ने जा रहे 'रोप-वे' के शिलान्यास अवसर पर सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनूप मिश्रा, गृह एवं परिवहन राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, स्थानीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, राज्य सभा सांसद श्रीमती माया सिंह, पूर्व महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, साडा अध्यक्ष श्री जयसिंह कुशवाह, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जगदीश शर्मा, पूर्व महापौर श्री माधवशंकर इंदापुरकर व वयोवृद्ध जनप्रतिनिधि एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री डोंगर सिंह 'कक्का' सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व शासकीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

नगर निगम आयुक्त डा. पवन शर्मा ने बताया कि 750 मीटर, लम्बाई में बनने जा रही इस 'रोप-वे' का लोअर टर्मिनल फूलबाग स्थित बारादरी पर व अपर टर्मिनल ग्वालियर दुर्ग स्थित 'एक पत्थर की बावड़ी' के समीप बनाया जायेगा। यह 'रोप-वे' करीब 8 करोड़ रूपये की लागत से लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार होगी। उन्होंने बताया कि 'रोपवे' में छ: ट्राली होंगी और प्रत्येक ट्रॉली में 6 लोगों के एक साथ बैठने की व्यवस्था रहेगी। 'रोप-वे' पर लगाई गई ट्रॉली, लोअर टर्मिनल से अपर टर्मिनल तक की 750 मीटर की दूरी 7 मिनिट में तय करेगी। रोप-वे के दुर्ग स्थित अपर टर्मिनल से किले पर मौजूद दर्शनीय स्थलों के अवलोकन के लिये बैट्री चलित वाहन भी चलाये जायेंगे। इसी तरह फूलबाग बारादरी स्थित लोअर टर्मिनल पर पर्यटकों की सुविधा के लिये रिसेप्शन डेस्क, पर्यटक सूचना केन्द्र, मेडीकल सहायता, सिक्योरिटी सेंटर, क्लॉक रूम, काफी शॉप, ओपन एयर रेस्टॉरेंट, सोवेनियर शॉप व पार्किंग आदि व्यवस्थायें रहेंगी। रोप-वे का निर्माण नगर निगम द्वारा जनभागीदारी के अन्तर्गत मेसर्स दामोदर रोप-वे कन्स्ट्रक्शन कंपनी कोलकाता एवं श्री बालाजी डेवलपर्स ग्वालियर के माध्यम से कराया जायेगा।
शेजवलकर व श्री कक्का का किया सम्मान
ग्वालियर रोप-वे निर्माण की पहल करने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विदा ले रहे महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, वयोवृद्ध नेता श्री डोंगर सिंह 'कक्का' तथा पूर्व महापौर श्री माधव शंकर इंदापुरकर को पुष्पाहार पहनाकर सम्मानित किया।

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Monday, January 4, 2010

नई दवा नीति नए वर्ष में लागू होगी

स्वास्थ्य विभाग एवं तमिलनाडु मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन के बीच करारनामा
मध्यप्रदेश के शासकीय, मेडीकल एवं गैस राहत अस्पतालों में इस वर्ष दवाईयों का वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। ऐसा नई दवा नीति के लागू होने पर होगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और तमिलनाडु के मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन के बीच एक करारनामे पर हस्ताक्षर हुए। यह जानकारी लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी तथा जनशिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने दी।स्वास्थ्य मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि नई दवा नीति नए साल के अगले दो-तीन माह में लागू हो जाएगी। वर्तमान में इसके लागू होने तक लघु उद्योग निगम ने अनुबंधित दवा प्रदायकर्त्ता इकाईयों से जो दरे निर्धारित की हैं उन दरों पर दवाइयों के क्रय के लिये राज्य शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अधिकृत किया है। 
श्री मिश्रा ने बताया कि अगले दो साल तक नई दवा नीति के तहत दवाइयों, चिकित्सकीय उपकरणों तथा अन्य सामग्री की उपलब्धता तथा वितरण के लिए गत माह तमिलनाडु मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन से करारनामा किया गया। 
इस करारनामे के मुताबिक तमिलनाडु का यह उपक्रम स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं गैस राहत विभाग के अस्पतालों में लगने वाली दवाइयों, उपकरणों, सूचर्स एवं अन्य सामग्री की क्रय दर निर्धारित करेगा। इस संबंध में विभागों के अस्पतालों के संबंधित चिकित्सा अधिकारियों ने दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों के संबंध में अपनी जरूरते तय कर ली हैं। इसकी सूची तमिलनाडु के उपक्रम को भेज दी गई है।
तमिलनाडु मेडीकल कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री संदीप सक्सेना ने 30 दिसम्बर को भोपाल आकर चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर करारनामे के क्रियान्वयन को अंतिम रूप दिया। तमिलनाडु द्वारा एक निविदा दस्तावेज तैयार किया है। इसका अनुमोदन स्वास्थ्य विभाग की निविदा निर्णायक समिति करेगी। उसके एक हफ्ते अर्थात जनवरी प्रथम सप्ताह में दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों की निविदाएं जारी हो जाएंगी।
निविदा भरने वाली इकाईयों से जनवरी के दूसरे सप्ताह में 'प्री विड' कांफ्रेंस रखी जाएगी जिसमें उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के पूरी होने के पंद्रह दिन बाद संभवत: मार्च के प्रथम सप्ताह में दरों का निर्धारण हो जाएगा। ये दरें एवं अनुबंधकर्त्ता इकाइयों की सूची चिकित्सा शिक्षा, गैस राहत एवं जिला शासकीय अस्पतालों को सौंप दी जाएगी। इसके आधार पर वे अपनी आवश्यकता के मुताबिक सीधे संबंधित विक्रयकर्त्ता इकाई को दवाइयों एवं उपकरणों के क्रय आदेश दे सकेंगे।

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Tuesday, December 1, 2009

एड्स के खिलाफ समाज के जिम्मेदार लोग आगे आयें

 प्रदेश में 55 रक्तकोष के माध्यम से एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित
एड्स के खतरे से समाज को बचाने एवं सुरक्षित रखने के लिए समाज के जिम्मेदार लोग आगे आएं और एड्स के खिलाफ संयुक्त संघर्ष अभियान छेड़ें। यह अपील लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी तथा जन-शिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने की। श्री मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में एड्स से बचाव एवं जागरूकता लाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक अभियान छेड़ा है तथा ठोस कदम उठाए हैं।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में एड्स के बचाव के लिए चलाए जा रहे रक्त सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 55 रक्तकोष कार्यरत हैं जिनसे अभी तक एक लाख अठारह हजार 838 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया जिसमें स्वैच्छिक रक्तदान से 99 हजार 525 यूनिट रक्त शामिल है। श्री मिश्रा ने बताया कि एड्स के खतरे के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।
जिसमें आकाशवाणी, दूरदर्शन के अलावा गोष्ठी, सेमिनार, चिन्हांकित क्षेत्रों में तथा युवाओं आदि में जागृति लाने तथा उन्हें एड्स से बचाव के लिए जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। एड्स बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए जेल, महिला बाल विकास, पंचायत एवं उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर संयुक्त गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में 58 एस.टी.डी. क्लीनिक के माध्यम से 48 हजार से अधिक रोगियों का उपचार किया गया एवं एड्स कार्यक्रम को स्वास्थ्य कार्यक्रमों का ही एक हिस्सा बनाकर जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। परिवार नियोजन के साधनों के माध्यम से एड्स रोकने के लिए प्रदेश में एक करोड़ के लगभग बचाव के साधन वितरित किए गए। एकीकृत परामर्श एवं जांच केन्द्रों के माध्यम से 128 आय.सी.टी.सी. केन्द्रों में 67 हजार से अधिक एच.आय.व्ही. की जांच की गई।
शिशुओं को एड्स संक्रमण से बचाने के लिए प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रिवेंशल ऑफ पेरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन केन्द्र स्थापित किए गए हैं जिनमें एच.आई.व्ही. पॉजिटिव 59 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का परीक्षण कर शिशुओं को संक्रमण से बचाने के उपाय किए गए।
एड्स मरीजों को नि:शुल्क इलाज एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित ए.आय.टी. केन्द्रों से 3028 एड्स रोगियों को दवा उपलब्ध कराई गई। कम्युनिटी केयर सेंटर प्रदेश में सात स्थापित किए गए हैं जहां एड्स पीड़ित व्यक्तियों को दवाओं के प्रभाव की निगरानी मनोवैज्ञानिक सहायता, पोषण आहार संबंधी मदद की जाती है। उन्हें इसके लिए सेंटर में 5 से 15 दिन तक भर्ती रखा जाता है।

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Thursday, November 19, 2009

आयुर्वेद शिक्षा एवं चिकित्सा को प्रदेश में सशक्त बनाया जायेगा

आयुष मंत्री  की भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष  के साथ बैठक
मध्यप्रदेश में आयुर्वेद महाविद्यालयों एवं आयुर्वेद चिकित्सा को सशक्त और लोकप्रिय बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी और इसके लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाएगा। 
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने उपरोक्त जानकारी भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा के साथ आज विधानसभा में हुई एक बैठक में दी। 
इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सा शिक्षा श्रीमती विजया श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री डी.डी. अग्रवाल आयुक्त आयुष श्रीमती मधु हांडा, भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के सदस्य डा. प्रमोद जैन, डा. एस.डी गर्ग आदि उपस्थित थे।
आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति एवं शिक्षण को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद के अनुसार प्रदेश के आयुर्वेद महाविद्यालयों में जो कमियां है उन्हें दूर करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाएगा तथा इसके क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए एक अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा का आम लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है।
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आयुर्वेद चिकित्सा को महत्व मिले। इसके लिए जरूरी है कि आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा के लिए स्थापित संस्थान परिषद के निर्धारित मानदंडों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि परिषद मध्यप्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा को स्थापित करने में हरसंभव मदद देने को तैयार है।

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Tuesday, November 10, 2009

जननी सहयोगी एक्सप्रेस योजना जुड़ेगी 108 एंबूलेंस से

हर जिला अस्पताल में होंगे ट्रामा सेन्टर
Bhopal:Monday, November 9, 2009: जननी सहयोगी एक्सप्रेस योजना को 108 एंबूलेंस से जोड़ा जाएगा, साथ ही हर संभाग के बाद हर जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर खोला जाएगा। अत्याधुनिक एंबुलेंस ई.एम.आर.आई. 108 के 108 दिन पूरे होने के बाद आयोजित एक समारोह में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, जैव विविधता एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि 108 का हमारा प्रयोग काफी सफल रहा है। हादसों एवं स्वाभाविक बीमारियों से ग्रसित मरीज जिन्हें त्वरित इलाज की आवश्यकता होती है उन्हें इसके जरिए समय पर चिकित्सा मिली यह प्रसन्नता की बात है।
उन्होंने कहा कि हमारा इस सुविधा का पूरे प्रदेश में विस्तार करने की योजना है। श्री मिश्रा ने बताया कि पूरे प्रदेश में इसके लिए 700-800 108 एंबूलेंस की आवश्यकता होगी। अभी हमने प्रदेश के सभी छै मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा प्रदान की है इसके लिये सोलह करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
उन्नीस एंबुलेंस अभी हमने और चाही हैं। अगले तीन माह में हमें सौ और 108 चाहिए, जो सड़कों पर लोगों को त्वरित इलाज के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहें। श्री मिश्रा ने बताया कि अत्याधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराने के पूर्व हम हर जिला अस्पताल में आवश्यक तैयारियों भी कर रहे हैं ताकि आकस्मिक चिकित्सा वाल मरीज को तत्काल चिकित्सा मिले।
इसके लिए हम हर जिले में कॉल सेंटर खोल रहे हैं। जिसे हम 108 से लिंक करेंगे अभी तक ग्यारह जिलों में कॉल सेंटर खोलने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके साथ ही हम आकस्मिक चिकित्सा यूनिट को सशक्त बनाने जा रहे हैं।
सबसे पहले सभी छै मेडिकल कॉलेज फिर संभागीय स्तर पर और इसके बाद हर जिला अस्पताल में आकस्मिक चिकित्सा यूनिट 24 घंटे काम करे और इसमें सभी त्वरित चिकित्सीय व्यवस्था हो यह हमारा लक्ष्य है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हम इस पर भी विचार कर रहे हैं कि जननी सहयोगी एक्सप्रेस योजना को 108 से लिंक करें। इसके लिए उन्होंने वी.के. संस्थान से एक पूरा प्लान बनाकर देने को कहा। स्वास्थ्य मंत्री श्री मिश्रा ने एंबूलेंस 108 के 116 दिन पूरे होने पर उसके संचालकों कर्मचारियों को बधाई दी कि उनका काम बेहतर रहा है। आगे भी उनकी सेवाएं उत्कृष्ट हों यह स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया।
प्रारंभ में स्वास्थ्य मंत्री ने 108 के सफलतम 116 दिन पूरे होने पर एक केक काटा। इस अवसर पर जी.वी.के.ई.एम.आर.आई. के प्रमुख श्री सरकार ने बताया कि वर्तमान में पचपन 108 एंबूलेंस चल रही हैं। सोलह जुलाई 2009 से प्रारंभ हुई इन एंबूलेंस को वर्तमान में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर में चलाया जा रहा है।
इसके जरिए 92 लाख आबादी को कवर किया जा रहा है। साढ़े चार सौ से अधिक लोग इस सेवा से जुड़े हैं। श्री सरकार ने बताया कि 108 के लिये आने वाले 92 प्रतिशत फोन को पहली घंटी में उठा लिया जाता है। सोलह हजार मरीजों को इसका लाभ मिला है।
यह एंबूलेंस सूचना मिलने पर 19 मिनिट में शहरी क्षेत्र में तथा 28 मिनिट में ग्रामीण क्षेत्र में मौके पर पहुंच जाती है। अभी तक इसके जरिए 1500 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।

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केन्द्र ने सराही संस्थागत प्रसव में मप्र की उपलब्धि

मध्यप्रदेश में क्षमता एवं संभावना दोनों हैं
Bhopal:Monday, November 9, 2009 भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण दल ने मध्यप्रदेश में संस्थागत प्रसव में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की अत्याधिक सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में परिवार नियोजन कार्यक्रम को अव्वल बनाने की पूरी क्षमता है। जो देश में एक उदाहरण बन सकता है।
परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए दल के प्रमुख एवं राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण कोष के कार्यकारी निदेशक डा. अमरजीत सिंह के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, जैव विविधता, जनशिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा के साथ हुई।
राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण कोष के कार्यकारी निदेशक डा. अमरजीत सिंह ने कहा कि राष्ट्र व्यापी परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए हमने सबसे पहले मध्यप्रदेश को इसलिए चुना क्योंकि इस प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में जो नेतृत्व हासिल हुआ है वह उत्कृष्ट है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में क्षमता एवं संभावना दोनों है और यह पूरे देश में परिवार कल्याण कार्यक्रम में अग्रणी हो सकता है। डा. अमरजीत सिंह ने संस्थागत प्रसव में 22 प्रतिशत वृद्धि के लिए कहा कि ‘‘इसके लिए मैं प्रदेश का अभिनंदन करता हूं'' उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संस्थागत प्रसव 50 से बढ़कर 72 प्रतिशत हो गया है। समीक्षा दल के प्रमुख ने प्रदेश की जननी सहयोगी एक्सप्रेस योजना और ईएमआरआई 108 एंबूलेंस की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि जननी सहयोगी योजना में प्रदेश सरकार ने जो पैकेज सिस्टम लागू किया है वह निश्चित ही प्रशसंनीय है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों के बारे में डाक्टरों से लेकर निचले स्तर तक जो प्रशिक्षण दिया गया वह गुणवत्तापूर्ण है। उन्होंने पुरूष नसबंदी में प्रदेश में हुई प्रगति की सराहना की। समीक्षा दल प्रमुख ने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश में बच्चों और महिलाओं में कुपोषण दूर करने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने इस अवसर पर समीक्षा दल का स्वागत करते हुए कहा कि आप वह आइना हैं जिसके जरिए हम प्रदेश के परिवार कल्याण कार्यक्रमों की असली तस्वीर देखते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रमों को गति देने के लिए हम अथक प्रयास कर रहे हैं।
इसके लिए हम मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ ही निजी नर्सिंग होम में होने वाले परिवार नियोजन प्रकरण को भी दर्ज करेंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि निजी नर्सिंग होम परिवार कल्याण कार्यक्रम में जो भी गतिविधि करे उसकी जानकारी राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग को दें।
श्री मिश्रा ने बताया कि हम कन्यादान योजना से लाभान्वित होने वाले दंपत्तियों से भी संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि प्रारंभ से ही उन्हें परिवार कल्याण कार्यक्रमों के प्रति जागरूक बनाया जा सके। श्री मिश्रा ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री की मंशा प्रदेश को स्वर्णिम बनाने की है।
उसमें हमारा योगदान होगा कि हम उन्हें एक स्वस्थ्य प्रदेश बनाकर दें। उन्होंने समीक्षा दल को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश में परिवार कल्याण कार्यक्रम को गति देने के लिये जो प्रयास प्रारंभ किये गए उनमें और गति लाई जाएगी।
बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण कोष के विशेषज्ञ सदस्य डॉ. राणावत, डॉ. प्रमोद सामंतरे, संचालक स्वास्थ्य डॉ. अशोक शर्मा सहित निजी नर्सिंग होम के संचालक तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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