विधायक होंगे रोगी कल्याण समिति के सदस्य
अस्पतालों में बेहतर प्रशासन और सेवाएं देने के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही प्रदेश में जन स्वास्थ्य संस्थान स्थापित होगा। ग्वालियर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुचारु बनाने के लिए दो दिन चली राज्य स्तरीय चिंतन बैठक के बाद लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने यह जानकारी दी।
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ ही बेहतर चिकित्सीय प्रशासन भी होना जरूरी है। चिकित्सा क्षेत्र में यह कमी कभी-कभी चिकित्सा सेवाओं पर प्रतिकूल असर डालती है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए यह विचार किया गया है कि प्रदेश में जन स्वास्थ्य संस्थान बने जिसमें चिकित्सकों को चिकित्सा से जुड़े प्रशासन का भी प्रशिक्षण दिया जाए। इससे जिला, ब्लॉक एवं संभाग स्तर पर चिकित्सीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। श्री मिश्रा ने बताया कि इससे अस्पतालों में बेहतर नियंत्रण भी रहेगा और लोगों को व्यवस्थित रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्राप्त हो सकेंगी।श्री मिश्रा ने बताया कि बैठक में रोगी कल्याण समितियों को प्रभावी बनाने पर विचार किया गया। इन समितियों को जनोन्मुखी बनाने की जरूरत है ताकि स्थानीय जनता के चिकित्सा से जुड़े हितों का संरक्षण हो सके। श्री मिश्रा ने बताया कि इसके लिए अब रोगी कल्याण समिति की सामान्य सभा में सभी विधायकों को सदस्य बनाया गया है। इसी तरह रोगी कल्याण समिति की कार्यकारणी में जिस विधायक के विधानसभा क्षेत्र में अस्पताल होगा वहां का विधायक उसका सदस्य होगा। श्री मिश्रा ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत अब नई व्यवस्था में हितग्राही को अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। भुगतान न होने की शिकायत मिलने पर संबंधित ब्लॉक मेडीकल आफिसर और सिविल सर्जन को इसका जवाबदार माना जाएगा। श्री मिश्रा ने बताया कि अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा जब तक तमिलनाडु मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए दवाओं की दरें निर्धारित नहीं की जातीं तब तक मेडीकल कॉलेजों के सेंट्रल प्रीस्योरमेंट कमेटी द्वारा जो दरें दवा की निर्धारित की हैं उन्हीं पर जिलों में दवा क्रय की जायेगी।
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