पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने लिखा प्रभारी मंत्रियों को पत्र
जल स्वराज्य के लिए समाज और सरकार की साझेदारी जरूरी है। जन-प्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री होने के नाते आप सभी अपने जिले में जलाभिषेक अभियान का नेतृत्व करें और जननायक से जलनायक बने। जलाभिषेक अभियान को प्रदेश में जनांदोलन बनाने के लिए यह आग्रह पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने सभी प्रभारी मंत्रियों को लिखे अपने पत्र में किया है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने प्रभारी मंत्रियों के लिखे अपने पत्र में लिखा है कि जल संरक्षण कार्यों के लिये विगत वर्षों मं जल अभिषेक अभियान के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
जल स्वराज्य के लिए समाज और सरकार की साझेदारी से इस अभियान की प्राथमिकता पर सतत कार्यान्वयन आवश्यक है। श्री भार्गव ने अपने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री की मध्ययप्रदेश बनाओ अभियान के संदर्भ में जल अभिषेक के कार्यों की प्राथमिकता से आप विदित ही हैं।
इसमें आपके नेतृत्व की अपेक्षा है। श्री भार्गव ने लिखा कि जल अभिषेक अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इसकी आगामी कार्यनीति समाज के और अधिक जुड़ाव तथा स्थानीय भौगोलिक विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त जल संरक्षण कार्यों का चयन व सघन कार्यान्वयन पर केन्द्रित रहेगी।
श्री भार्गव ने पत्र में लिखा है, जल अभिषेक से समाज के और अधिक जुड़ाव के लिए पूर्व से मौजूद जल संरक्षण संरचनाओं के सुधार व नवीन जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी बढ़ानी है और निजी खेतों पर जल संरक्षण कार्यों के कार्यान्वयन के लिए सार्मथ्यवान कृषकों को प्रोत्साहित भी करना है।
श्री भार्गव ने याद दिलाया कि हाल ही में पंचायतों में नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने दायित्व ग्रहण किया है। इन पंचायत पदाधिकारियों को जल संरक्षण के विषय पर यदि प्रभारी मंत्रियों का बहुमूल्य मार्गदर्शन और समन्वय प्राप्त हो तो उन्हें निश्चित ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण हेतु प्रभावी कार्य करने की स्फूर्ति प्राप्त होगी।
श्री भार्गव ने पत्र में लिखा कि नदियां भारतीय समाज की आस्था के केन्द्र के साथ-साथ स्थानीय समाज की आजीविका की पोषक भी रही हैं। आज कई नदियां शनै:-शनै: सूख रही हैं। इन सूखी नदियों के कैचमेंट में जल संरक्षण के कार्यों से इनमें पानी के प्रवाह को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
श्री भार्गव ने पत्र में लिखा कि नदियां भारतीय समाज की आस्था के केन्द्र के साथ-साथ स्थानीय समाज की आजीविका की पोषक भी रही हैं। आज कई नदियां शनै:-शनै: सूख रही हैं। इन सूखी नदियों के कैचमेंट में जल संरक्षण के कार्यों से इनमें पानी के प्रवाह को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
श्री भार्गव ने लिखा कि आपके प्रभार वाले जिलों में भी अप्रैल माह में जल यात्राओं का आयोजन होना है। जिसके माध्यम से सूखी नदियों को पुनर्जीवित करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसलिये यह जरूरी है कि जल यात्राओं को आप अपना नेतृत्व जरूर प्रदान करें।
श्री भार्गव ने प्रभारी मंत्रियों को लिखे पत्र में कहा कि जलाभिषेक अभियान में सामाजिक जुड़ाव तथा सक्रिय जन-सहभागिता को प्रोत्साहित करने और जल संरक्षण कार्यों के प्रभाव एवं परिणाममूलक कार्यान्वयन के लिए प्रभार के जिले में आप मार्गदर्शन करें तथा प्रगति की समीक्षा भी निरंतर करें।
श्री भार्गव ने प्रभारी मंत्रियों को लिखे पत्र में कहा कि जलाभिषेक अभियान में सामाजिक जुड़ाव तथा सक्रिय जन-सहभागिता को प्रोत्साहित करने और जल संरक्षण कार्यों के प्रभाव एवं परिणाममूलक कार्यान्वयन के लिए प्रभार के जिले में आप मार्गदर्शन करें तथा प्रगति की समीक्षा भी निरंतर करें।
श्री भार्गव ने विश्वास व्यक्त किया कि आपका सहयोग जलाभिषेक अभियान के लिए न केवल पथ प्रदर्शक होगा, अपितु आपके सान्निध्य से इस जनांदोलन को संबल भी प्राप्त होगा।
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