स्वास्थ्य विभाग एवं तमिलनाडु मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन के बीच करारनामा
मध्यप्रदेश के शासकीय, मेडीकल एवं गैस राहत अस्पतालों में इस वर्ष दवाईयों का वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। ऐसा नई दवा नीति के लागू होने पर होगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और तमिलनाडु के मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन के बीच एक करारनामे पर हस्ताक्षर हुए। यह जानकारी लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जैव विविधता एवं प्रौद्योगिकी तथा जनशिकायत निवारण मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने दी।स्वास्थ्य मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि नई दवा नीति नए साल के अगले दो-तीन माह में लागू हो जाएगी। वर्तमान में इसके लागू होने तक लघु उद्योग निगम ने अनुबंधित दवा प्रदायकर्त्ता इकाईयों से जो दरे निर्धारित की हैं उन दरों पर दवाइयों के क्रय के लिये राज्य शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अधिकृत किया है।
श्री मिश्रा ने बताया कि अगले दो साल तक नई दवा नीति के तहत दवाइयों, चिकित्सकीय उपकरणों तथा अन्य सामग्री की उपलब्धता तथा वितरण के लिए गत माह तमिलनाडु मेडीकल सप्लाई कार्पोरेशन से करारनामा किया गया।
इस करारनामे के मुताबिक तमिलनाडु का यह उपक्रम स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं गैस राहत विभाग के अस्पतालों में लगने वाली दवाइयों, उपकरणों, सूचर्स एवं अन्य सामग्री की क्रय दर निर्धारित करेगा। इस संबंध में विभागों के अस्पतालों के संबंधित चिकित्सा अधिकारियों ने दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों के संबंध में अपनी जरूरते तय कर ली हैं। इसकी सूची तमिलनाडु के उपक्रम को भेज दी गई है।
तमिलनाडु मेडीकल कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री संदीप सक्सेना ने 30 दिसम्बर को भोपाल आकर चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर करारनामे के क्रियान्वयन को अंतिम रूप दिया। तमिलनाडु द्वारा एक निविदा दस्तावेज तैयार किया है। इसका अनुमोदन स्वास्थ्य विभाग की निविदा निर्णायक समिति करेगी। उसके एक हफ्ते अर्थात जनवरी प्रथम सप्ताह में दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों की निविदाएं जारी हो जाएंगी।
तमिलनाडु मेडीकल कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री संदीप सक्सेना ने 30 दिसम्बर को भोपाल आकर चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर करारनामे के क्रियान्वयन को अंतिम रूप दिया। तमिलनाडु द्वारा एक निविदा दस्तावेज तैयार किया है। इसका अनुमोदन स्वास्थ्य विभाग की निविदा निर्णायक समिति करेगी। उसके एक हफ्ते अर्थात जनवरी प्रथम सप्ताह में दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों की निविदाएं जारी हो जाएंगी।
निविदा भरने वाली इकाईयों से जनवरी के दूसरे सप्ताह में 'प्री विड' कांफ्रेंस रखी जाएगी जिसमें उनकी जिज्ञासाओं के उत्तर दिए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के पूरी होने के पंद्रह दिन बाद संभवत: मार्च के प्रथम सप्ताह में दरों का निर्धारण हो जाएगा। ये दरें एवं अनुबंधकर्त्ता इकाइयों की सूची चिकित्सा शिक्षा, गैस राहत एवं जिला शासकीय अस्पतालों को सौंप दी जाएगी। इसके आधार पर वे अपनी आवश्यकता के मुताबिक सीधे संबंधित विक्रयकर्त्ता इकाई को दवाइयों एवं उपकरणों के क्रय आदेश दे सकेंगे।
0 comments:
Post a Comment