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Monday, March 8, 2010

मुख्यमंत्री द्वारा सन् 2013 तक 24 घंटे बिजली आपूर्ती क्षमता विकास के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रदेश में बिजली की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने सन् 2013 तक आबादी क्षेत्रों में 24 घंटे और खेती के लिये न्यूनतम 8 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने की क्षमता के विकास के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में बिजली की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। श्री चौहान ने परीक्षाओं के दौरान शहरों और गांवों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति पर भी जोर दिया।बैठक में वित्त मंत्री श्री राघवजी, ऊर्जा राज्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य, विद्युत मंडल के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी, प्रमुख सचिव वित्त श्री जी.पी. सिंहल, ऊर्जा सचिव श्री एस.पी.एस. परिहार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुराग जैन और विद्युत वितरण तथा उत्पादन कंपनियों के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में प्लांट लोड फैक्टर कम होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन कंपनी ऊर्जा संयंत्रों के रख-रखाव और संधारण के काम की सतत् समीक्षा कर प्लान्ट लोड फैक्टर को अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर कम से कम 75 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करें। श्री चौहान ने कहा कि इस संबंध में वे परिणाम चाहेंगे और ऐसा न होने पर जवाबदेही निर्धारित कर कार्रवाई की जायेगी।

श्री चौहान ने बैठक में वित्त विभाग से ऊर्जा उत्पादन के लिये ऊर्जा विभाग को आवश्यक समर्थन करने को कहा। उन्होंने ऊर्जा विभाग को अगले तीन वर्षों में आवश्यक वित्तीय सहायता का आंकलन कर उसकी पूर्ति के स्रोत भी तलाशने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी विद्युत वितरण कंपनियों को राजस्व में वृद्धि करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिये सभी आवश्यक और संभव उपाय किये जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा भारत सरकार से वार्षिक अनुबंधता मात्रा करार के बाद प्रदेश में ताप विद्युत उत्पादन के लिये जरूरी कोयले की मात्रा के प्रदाय में और कमी आयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को कोल मंत्रालय और कोल कंपनियों से प्राप्त होने वाले कोयले की मात्रा के बाद जरूरी कुल 23.46 लाख टन कोयले की आयात और घरेलू बाजार के माध्यम से व्यवस्था की कार्ययोजना बनायी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सारणी स्थित ताप विद्युत संयंत्र को घटिया कोयले की आपूर्ति और प्रदेश को पर्याप्त और उचित गुणवत्ता के कोयले की आपूर्ति का मुद्दा पुन: केन्द्र सरकार के ध्यान में लायेंगे।

श्री चौहान ने फीडर सेपरेशन के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फीडर सेपरेशन का कार्य अगले तीन वर्ष में आवश्यक रूप से पूरा किया जाये। ऐसा होने से आबादी क्षेत्रों को 24 घंटे और खेती को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने फीडर सेपरेशन और अन्य कार्यों में विधायक और सांसद निधि के सहयोग संबंधी विभागीय सुझाव से सहमति व्यक्त की। उन्होंने इस सुझाव सहित आदिवासी उपयोजना और अनुसूचित जाति विकास योजना मद से भी फीडर सेपेरेशन के कार्य में सहयोग प्राप्त करने के सुझाव का परीक्षण कर संबंधित से चर्चा करने को कहा।

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