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Friday, April 16, 2010

अवैध पॉलीथीन निर्माता एवं विक्रेताओं के खिलाफ केस दर्ज करें - श्री गौर

 भानपुर कचरा खंती बंद करने की समयबद्ध योजना बनेगी
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने नगर निगम तथा म.प्र. प्रदूषण निवारण मण्डल के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि 20 माइक्रॉन से कम गेज की पॉलीथीन थैली अथवा पॉलीथीन बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज करायें।

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Tuesday, April 13, 2010

गरीब बस्ती के हर घर में पक्का शौचालय एवं सीमेन्टेड रोड

 जो देखभाल करेंगे वहीं बनेंगे पार्क - श्री गौर
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने आज यहां बाग सेवनिया एवं बाग मुगालिया जाटखेड़ी अयोध्या बस्ती में प्रोजेक्ट 'उत्थान' के तहत किये जा रहे विकास कार्यों का अवलोकन किया। शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इन गरीब बस्तियों के प्रत्येक घर में

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Friday, January 15, 2010

फ्रांस के रेन्न और भोपाल शहर में होगा विकास पर करार

यूनेस्को हेरीटेज सिटी नेटवर्क के तहत 
धरोहरों की सुरक्षा करते हुए अधोसरंचना विकास के लिए यूनेस्को हेरिटेज नेटवर्क के तहत भोपाल तथा फ्रांस के रेन्न शहरों के मध्य एक करारनामा होगा। इस नेट वर्क के तहत भोपाल सहित प्रदेश के सात शहरों का चयन किया गया है।
इस सिलसिले में आज एक बैठक नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें रेन्न एवं भोपाल शहर के मध्य होने वाले संभावित करारनामें के लिए यातायात, अधोसरंचना विकास एवं हेरीटेजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिये जाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में यूनेस्कों विशेषज्ञ मिशन के सदस्य रेन्न शहर के उप महापौर श्री जोन ईव्स शौपे, फ्रांस हेरिटेज शहर नेटवर्क के श्री जोन मिशेल गैल्ली, संसदीय सहायक सुश्री सारा डोश, यूनेस्को एक्सपर्ट श्रीमती सविता राजे, भोपाल की महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चन्द्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा, भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह मौजूद थे।

यूनेस्को हेरीटेज सिटी नेटवर्क के तहत प्रदेश के जिन सात शहरों को चुना गया है उनमें भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, उज्जैन, महेश्वर, बुरहानपुर एवं जबलपुर शामिल है। इन शहरों में हेरीटेज की सुरक्षा के लिए विदेश के अलग-अलग शहरों के साथ समन्वय स्थापित कर इस दिशा में काम किया जाएगा और चयनित शहरों के मध्य करारनामा कर एक दूसरे के अनुभव बांटे जाकर विकास किया जाएगा।

बैठक में रैन्न शहर के उप महापौर ने बताया कि रैन्न की आबादी 4 लाख है और भोपाल की तरह वहां एतिहासिक धरोहरों में शामिल 16 वीं एवं 17 वीं सदी के अनेक भवन है जिनको सुरक्षित रख उनमें आधुनिक सुविधाऐं दी गई है। कालान्तर में यह शहर अग्निदुर्घटना में लगभग नष्ट हो गया था। बाद में उक्त हेरीटेज का पुनरोद्धार कर उसके मूल स्वरूप में लाया गया और आधुनिक बुनियादी नागरिक सुविधाऐं बहाल की गई।

उन्होंने बताया कि नैसर्गिक सौन्दर्य, तालाब तथा पहाड़ियों से सुसज्जित भोपाल उनके शहर के स्वरूप के काफी करीब हैं और वे यहां धरोहरों की सुरक्षा के साथ विकास के लिए परस्पर भागीदारी करना चाहते हैं। इसका लाभ दोनों शहर को होगा। 
महापौर श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि वे भोपाल में धरोहरों की सुरक्षा के साथ सुव्यवस्थित यातायात एवं अधोसंरचना विकास के लिए परस्पर सहयोग की इच्छुक है। नेटवर्क के तहत यूनेस्को भोपाल नगर निगम के चयनित अधिकारियों को रेन्न शहर में आमंत्रित कर प्रशिक्षण देगा। तदुपरान्त वहां के अधिकारी भोपाल में आकर यहां के अनुभव के आधार पर प्रशिक्षित होंगे।

नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने यूनेस्को हेरिटेज, नेटवर्क, रेन्न शहर के भौगोलिक, एतिहासिक एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित जानकारी ली और कहा कि प्रदेश सरकार हेरिटेज की सुरक्षा चाहती है। उन्होंने हेरिटेज महत्व के भवनों को सम्पत्ति कर से मुक्त करने के सुझाव पर विचार करने को कहा।

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Saturday, December 19, 2009

महापौरों का प्रथम सम्मेलन 18 जनवरी को भोपाल म

 सम्मेलन के लिए एक ग्यारह सूत्रीय कार्ययोजना तैयार
नव निर्वाचित महापौरों का प्रथम सम्मेलन संभवत:18 जनवरी को भोपाल में होगा। जिसमें सभी 13 नगर निगमों के नव निर्वाचित महापौर एवं संबंधित आयुक्त मौजूद रहेंगे। इसी दिन जिला मुख्यालयों की नगरपालिकाओं के अध्यक्षों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आमंत्रित किया जाने की भी संभावनाऐं हैं। प्रदेश में 14 नगर निगम हैं। इनमें से उज्जैन को छोड़कर शेष 13 नगर निगमों में हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं।उक्त निर्णय आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में संपन्न विभागीय अधिकारियों की बैठक में लिया गया। जिसमें प्रमुख सचिव श्री राघव चन्द्रा, नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री एस.एन.मिश्रा, नगरीय प्रशासन की परियोजना संचालक श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने कहा कि महापौर एवं नगरीय निकायों के अध्यक्षों के सम्मेलन के लिए एक ग्यारह सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की जाय। ताकि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता से लागू किया जा सके। इसमें नगरों की साफ-सफाई, पेयजल, सड़कें, बाग-बगीचे, वाहन पार्किंग स्थल, हाकर्स कार्नरों एवं नालियों का निर्माण जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल किये जांयगे।
श्री गौर ने कहा कि नगर निगमों में आबादी के अनुपात से वार्डवार सफाई संरक्षक ( सफाई कामगार) की व्यवस्था की जाय। साथ ही नगर निगमों के लिए नई जरूतों के मुताबिक एक आदर्श सेटअप तैयार कर उसे लागू किया जाय। प्रत्येक नगर निगमों में मौहल्ला समितियों के लिए पृथक से प्रकोष्ठ की स्थापना की जाय। जिसमें मोहल्ल समितियों के लिए गठन के लिये मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके।
श्री गौर ने कहा कि नगरीय निकायों को अतिक्रमण रोकने और उन्हें हटाने के लिए भी सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। साथ ही शहरों के बाग-बगीचों, नदी, जलाशयों एवं अन्य जल स्त्रोतों और खेल मैदानों को अतिक्रमण से बचाने के काम को भी प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए। 
नगरीय निकायों को संविदा पर सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए पर्याप्त छूट दी जानी चाहिए ताकि सघन क्षेत्रों में दिन में दो बार साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। शहरों की सड़कों के सुधार हरितपट्टियों और सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण को प्राथमिकताओं में शामिल किया जाय। इसके अलावा शहरों के तमाम फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना चाहिए ताकि उनका उपयोग पदयात्री आसानी से कर सके। फुटपाथों पर दुकानें चलाने की अनुमति कदापि न दी जाय।
श्री गौर ने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर निगम में स्वंय का म्युनिसीपल कोर्ट होना चाहिए जो अतिक्रमण तथा अन्य अवैधानिक कार्यों के खिलाफ नियमित रूप से आर्थिक दण्ड एवं सिविल जेल भेजने जैसक कदम उठा सके। नगर निगमों में अभी इसकी कमी है। श्री गौर ने कार्ययोजना में शहरी परिवहन व्यवस्था को नये सिरे से मजबूत करने पर भी जोर दिया । 
साथ ही कहा कि नगरीय निकायों को शहर के पुराने हिस्सों में सड़क, नाली, प्रकाश, बाग-बगीचे एवं पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। अनेक शहरों में नव विकसित इलाकों में तो अनेक सुविधाऐं है परन्तु शहर की पुरानी बस्तियां आज भी उपेक्षित एवं सुविधा विहीन है उक्त विसंगतियों को दूर किया जाना आवश्यक है। श्री गौर ने इस सिलसिले में जूनी इंदौर एवं पुराने भोपाल का उदाहरण दिया।
प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री राघव चन्द्रा ने नगरीय निकायों के लिए सेटअप तथा जनसंख्या अनुपात के अनुसार वार्ड वार सफाई कामगारों की संख्या तय करने पर सहमति व्यक्त कर व्यवस्था शीघ्र कराने का भरोसा दिलाया।

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Friday, December 18, 2009

सड़कों से कन्डम वाहनों को हटाने का अभियान चलेगा

नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने दिये निर्देश
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने पुलिस तथा नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सड़कों पर जितने भी खटारा और कन्डम वाहन खड़े हैं उन्हें तत्काल सड़कों से हटाया जाये ताकि यातायात में होने वाले अवरोध समाप्त हो सके। 
राजधानी की सड़कों पर इस तरह के अनेक वाहन खड़े देखे जा सकते हैं।उक्त निर्देश आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर द्वारा अपने निवास पर आयोजित एक बैठक में अधिकारियों को दिये गये।
श्री गौर ने निर्देश दिये कि मछली मार्केट को सुव्यवस्थित किया जाये साथ ही शहर के डस्टबिनों से दिन में दो बार कचरा उठाया जाये। उन्होंने बड़े तालाब में छट पूजा के लिये शीतलदास की बगिया के पास घाट चौड़ा करने और इसराणी चौराहा पर फब्बारा लगवाने के भी निर्देश नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह को दिये। इसके अलावा नगरीय प्रशासन मंत्री ने शहर में नये हाकर्स कार्नर बनाने तथा हमीदिया रोड समानान्तर मार्ग तथा गिन्नौरी फोरलेन सड़क का निर्माण एक माह में पूरा करने संबंधी निर्देश भी दिये।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने ट्रेफिक पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिये कि बुधवारा स्थित चार बत्ती चौराहा से आजाद मार्केट तक की सड़क से अतिक्रमण हटाकर उस पर यातायात सुव्यवस्थित किया जाये और मोती मस्जिद से बुधवारा चार बत्ती चौराहा तक की सड़क एवं कमला पार्क से गिन्नौरी होते हुए बुधवारा तक की नवनिर्मित फोर लेन सड़क को एकांगी मार्ग घोषित करने की कार्यवाही की जाये। श्री गौर ने चौक बाजार स्थित चौक एवं ताजुल मसाजिद से ताजमहल तक के मार्ग से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश नगर निगम के आयुक्त को दिये।
मुख्यमंत्री निवास के समीप स्थित बोट क्लब पर उन्होंने प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग को प्रतिबंधित करने तथा उक्त स्थान पर खड़े होने वाले हाथ ठेला व्यावसाइयों के लिए हाकर्स कार्नर बनवाने के और कमला पार्क के पास के फुटपाथों की चौड़ाई कम कराने के भी निर्देश दिये।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह, एडीएम श्री रजनीश श्रीवास्तव, एडीशनल एसपी श्री संतोष गौर, सीएसपी ट्रेफिक श्री लल्ली तथा नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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Friday, December 4, 2009

विकास किस कीमत पर हो, तय करें: मुख्यमंत्री श्री चौहान

 गैस त्रासदी की पच्चीसवीं बरसी पर प्रार्थना और श्रृद्धांजलि सभा
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल गैस पीड़ितों की वेदना को कम करने के लिये प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। वर्ष 1984 में हुई इस भयावह त्रासदी के जख्म अभी भरे नहीं हैं। इस हादसे की स्मृति आज भी दहला देती है और वह घटनाक्रम यादकर कलेजा कांप जाता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकसित और विकासशील सभी राष्ट्रों में उद्योगों में सुरक्षा संबंधी नियमों एवं प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। विकासशील देशों में ऐसी लापरवाही पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
विकास किसकी कीमत और कितनी कीमत पर हो, यह तय होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज भोपाल के बरकतउल्ला भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना एवं श्रद्धांजलि सभा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। भोपाल गैस त्रासदी की 25वीं बरसी पर हुई इस श्रद्धांजलि सभा में नगरीय प्रशासन विकास और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री सुरेश पचौरी, विधायक श्री आरिफ अकील, मुख्यसचिव श्री राकेश साहनी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी से प्रभावित लाखों लोग अपनी तकलीफों के साथ जीवित हैं।
राज्य सरकार ने गैस त्रासदी से पीड़ित एवं प्रभावित लोगों के सामाजिक, आर्थिक और चिकित्सकीय पुनर्वास के लिये लगातार प्रयास किये हैं। अभी भी ये प्रयास जारीे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने गैस प्रभावितों की अधिकाधिक सहायता के लिये भारत सरकार से भी आग्रह किया है। गैस त्रासदी के लिये दोषी लोगों को सजा मिलनी ही चाहिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अंतिम फैसला होने तक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में किसी भी तरह का निर्माण न हो। श्री चौहान ने कहा कि फिर ऐसी त्रासदी न हो, इस दिशा में प्रत्येक स्तर पर जागरूक रहकर प्रयास भी होना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन श्री संतोष तिवारी ने किया। इस अवसर पर सनातन धर्म की ओर से डा. शिवदत्त शास्त्री, इस्लाम धर्म की ओर मुफ्ती अब्दुल रज्जाक, सिख धर्म की ओर से ज्ञानी दिलीप सिंह, इसाई धर्म की ओर से फादर आनंद मुटुंगल, जैन धर्म की ओर से श्री राजमल पवैया, बौद्ध धर्म की ओर से भंते शाक्य पुत्र सागर और बोहरा समाज की ओर से श्री यूसुफ अली ने प्रार्थना की। सभी उपस्थितों द्वारा दो मिनिट का मौन धारण कर गैस त्रासदी में असमय दिवंगत हुए नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई।
पुनर्वास प्रयासों पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बरकतउल्ला भवन परिसर में भोपाल गैस त्रासदी की पच्चीसवीं बरसी पर इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर केंद्रित छाया चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश माध्यम, जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की प्रशंसा की।

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Friday, October 23, 2009

तहस-नहस हो गया भू-माफिया का आलम

गौर ने ठोकी निगम और पुलिस की पीठ
नगर निगम ने आखिर अयोध्या बायपास मार्ग पर स्थित आलम नगर की चार एकड़ सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से सफलता पूर्वक छुड़ा लेने में कामयाबी हासिल कर ली है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने आज आलम नगर नमक उक्त बस्ती का अवलोकन किया।
वहां भू-माफियाओं के आशियाने अब जमींदोज होकर खण्डहर में तब्दील हो गये है। श्री गौर ने उक्त कार्यवाही के लिए नगर निगम प्रशासन की पीठ ठोकी और जिला पुलिस अधीक्षक श्री जयदीप प्रसाद को फोन कर कार्यवाही में पुलिस सहयोग के लिए प्रशंसा की।
दस करोड़ रूपये की कीमत की आलम नगर नामक इस बस्ती पर भू-माफियाओं ने झुग्गी बस्ती की आड़ में कब्जा कर अपनी अट्टालिकाऐं एवं व्यावसायिक संस्थान बना लिये थे। आलम नगर के भ्रमण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह ने नगरीय प्रशासन मंत्री को बताया कि इस बस्ती के झुग्गीवासियों को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत आलम नगर के समीप ही बनाये गये तीन मंजिला आवासों में बसा दिया गया है।
अवैद्य कब्जाधारी भू-माफिया इन झुग्गीवासियों को पक्के आवासों में जाने से इसलिए रोक रहा था ताकि उनकी आड़ में उनकी अवैद्य अट्टिलाकाऐं महफूज बनी रहे। यहां जिन लोगों ने अपने पक्के विशाल अशियाने बना लिये थे वे सभी संपन्न थे और उनके पास लक्जरी वाहन, ट्रक आदि थे। इतना ही नहीं यहां वेल्डिंग की दुकानें, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय किया जा रहा था। आलम नगर से अतिक्रमण हटाने के पश्चात यहां की खाली जमीन, जिसका बाजार मूल्य करीब दस करोड़ रूपये है, नगर निगम के कब्जे में आ गई है।
सन् 1991 में वीआईपी रोड के लिए हटाये गये अतिक्रमणों के बाद आलम नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कार्यवाही है। श्री गौर ने उक्त कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए कहा कि जहां भी भू-माफियाओं के अवैध कब्जे है उनको भी सख्ती से हटा दिया जाय और दोषियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाए।
आलम नगर के भ्रमण के दौरान महिला नेत्री श्रीमती कृष्णा गौर, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सरिता श्रीवास्तव नगर निगम के जोन अध्यक्ष श्री किशन ग्वाला सहित बड़ी संख्या में नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे।

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