यूनेस्को हेरीटेज सिटी नेटवर्क के तहत
धरोहरों की सुरक्षा करते हुए अधोसरंचना विकास के लिए यूनेस्को हेरिटेज नेटवर्क के तहत भोपाल तथा फ्रांस के रेन्न शहरों के मध्य एक करारनामा होगा। इस नेट वर्क के तहत भोपाल सहित प्रदेश के सात शहरों का चयन किया गया है।
इस सिलसिले में आज एक बैठक नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें रेन्न एवं भोपाल शहर के मध्य होने वाले संभावित करारनामें के लिए यातायात, अधोसरंचना विकास एवं हेरीटेजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिये जाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में यूनेस्कों विशेषज्ञ मिशन के सदस्य रेन्न शहर के उप महापौर श्री जोन ईव्स शौपे, फ्रांस हेरिटेज शहर नेटवर्क के श्री जोन मिशेल गैल्ली, संसदीय सहायक सुश्री सारा डोश, यूनेस्को एक्सपर्ट श्रीमती सविता राजे, भोपाल की महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चन्द्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा, भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह मौजूद थे।
यूनेस्को हेरीटेज सिटी नेटवर्क के तहत प्रदेश के जिन सात शहरों को चुना गया है उनमें भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, उज्जैन, महेश्वर, बुरहानपुर एवं जबलपुर शामिल है। इन शहरों में हेरीटेज की सुरक्षा के लिए विदेश के अलग-अलग शहरों के साथ समन्वय स्थापित कर इस दिशा में काम किया जाएगा और चयनित शहरों के मध्य करारनामा कर एक दूसरे के अनुभव बांटे जाकर विकास किया जाएगा।
बैठक में रैन्न शहर के उप महापौर ने बताया कि रैन्न की आबादी 4 लाख है और भोपाल की तरह वहां एतिहासिक धरोहरों में शामिल 16 वीं एवं 17 वीं सदी के अनेक भवन है जिनको सुरक्षित रख उनमें आधुनिक सुविधाऐं दी गई है। कालान्तर में यह शहर अग्निदुर्घटना में लगभग नष्ट हो गया था। बाद में उक्त हेरीटेज का पुनरोद्धार कर उसके मूल स्वरूप में लाया गया और आधुनिक बुनियादी नागरिक सुविधाऐं बहाल की गई।
उन्होंने बताया कि नैसर्गिक सौन्दर्य, तालाब तथा पहाड़ियों से सुसज्जित भोपाल उनके शहर के स्वरूप के काफी करीब हैं और वे यहां धरोहरों की सुरक्षा के साथ विकास के लिए परस्पर भागीदारी करना चाहते हैं। इसका लाभ दोनों शहर को होगा।
इस सिलसिले में आज एक बैठक नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें रेन्न एवं भोपाल शहर के मध्य होने वाले संभावित करारनामें के लिए यातायात, अधोसरंचना विकास एवं हेरीटेजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिये जाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में यूनेस्कों विशेषज्ञ मिशन के सदस्य रेन्न शहर के उप महापौर श्री जोन ईव्स शौपे, फ्रांस हेरिटेज शहर नेटवर्क के श्री जोन मिशेल गैल्ली, संसदीय सहायक सुश्री सारा डोश, यूनेस्को एक्सपर्ट श्रीमती सविता राजे, भोपाल की महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चन्द्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री एस.एन. मिश्रा, भोपाल नगर निगम के आयुक्त श्री मनीष सिंह मौजूद थे।
यूनेस्को हेरीटेज सिटी नेटवर्क के तहत प्रदेश के जिन सात शहरों को चुना गया है उनमें भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, उज्जैन, महेश्वर, बुरहानपुर एवं जबलपुर शामिल है। इन शहरों में हेरीटेज की सुरक्षा के लिए विदेश के अलग-अलग शहरों के साथ समन्वय स्थापित कर इस दिशा में काम किया जाएगा और चयनित शहरों के मध्य करारनामा कर एक दूसरे के अनुभव बांटे जाकर विकास किया जाएगा।
बैठक में रैन्न शहर के उप महापौर ने बताया कि रैन्न की आबादी 4 लाख है और भोपाल की तरह वहां एतिहासिक धरोहरों में शामिल 16 वीं एवं 17 वीं सदी के अनेक भवन है जिनको सुरक्षित रख उनमें आधुनिक सुविधाऐं दी गई है। कालान्तर में यह शहर अग्निदुर्घटना में लगभग नष्ट हो गया था। बाद में उक्त हेरीटेज का पुनरोद्धार कर उसके मूल स्वरूप में लाया गया और आधुनिक बुनियादी नागरिक सुविधाऐं बहाल की गई।
उन्होंने बताया कि नैसर्गिक सौन्दर्य, तालाब तथा पहाड़ियों से सुसज्जित भोपाल उनके शहर के स्वरूप के काफी करीब हैं और वे यहां धरोहरों की सुरक्षा के साथ विकास के लिए परस्पर भागीदारी करना चाहते हैं। इसका लाभ दोनों शहर को होगा।
महापौर श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि वे भोपाल में धरोहरों की सुरक्षा के साथ सुव्यवस्थित यातायात एवं अधोसंरचना विकास के लिए परस्पर सहयोग की इच्छुक है। नेटवर्क के तहत यूनेस्को भोपाल नगर निगम के चयनित अधिकारियों को रेन्न शहर में आमंत्रित कर प्रशिक्षण देगा। तदुपरान्त वहां के अधिकारी भोपाल में आकर यहां के अनुभव के आधार पर प्रशिक्षित होंगे।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने यूनेस्को हेरिटेज, नेटवर्क, रेन्न शहर के भौगोलिक, एतिहासिक एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित जानकारी ली और कहा कि प्रदेश सरकार हेरिटेज की सुरक्षा चाहती है। उन्होंने हेरिटेज महत्व के भवनों को सम्पत्ति कर से मुक्त करने के सुझाव पर विचार करने को कहा।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने यूनेस्को हेरिटेज, नेटवर्क, रेन्न शहर के भौगोलिक, एतिहासिक एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित जानकारी ली और कहा कि प्रदेश सरकार हेरिटेज की सुरक्षा चाहती है। उन्होंने हेरिटेज महत्व के भवनों को सम्पत्ति कर से मुक्त करने के सुझाव पर विचार करने को कहा।
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