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Friday, January 15, 2010

नवागत उप पुलिस अधीक्षकों की दीक्षांत परेड आयोजित

पुलिस की कार्यप्रणाली में टीम वर्क का बड़ा महत्व

नये भर्ती हुए पच्चीस उप पुलिस अधीक्षक एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद बुधवार मध्यप्रदेश पुलिस का हिस्सा बन गये। प्रशिक्षण पूरा होने पर जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी में आयोजित 32वें उप पुलिस अधीक्षक (परिवीक्षाधीन) सत्र के दीक्षांत समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. राउत ने दीक्षांत परेड की सलामी ली।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राउत ने नये पुलिस अधिकारियों को परामर्श दिया कि वे अहम से दूर रहें तथा विनम्रता और मानवीयता के गुणों को ना भूलें। श्री राउत ने एक वर्ष के प्रशिक्षण के दौराने बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया। सभी विधाओं में सर्वोत्तम घोषित कु. रश्मि अग्रवाल को मुख्यमंत्री शील्ड प्रदान करने के साथ ही श्री राउत ने उन्हें तलवार प्रदान कर सम्मानित किया।

एक वर्ष के प्रशिक्षण में कुल 29 अधिकारियों ने भाग लिया इनमें मध्यप्रदेश पुलिस के 25 उप पुलिस अधीक्षकों के अलावा होमगार्ड के तीन सेनानी तथा छत्तीसगढ़ के एक उप पुलिस अधीक्षक शामिल थे। कुल 29 अधिकारियों में दस महिला अधिकारी शामिल है।

श्री राउत ने कहा कि नये अधिकारी यह न समझे कि उनका प्रशिक्षण पूरा हो गया है। उन्हें सेवाकाल के दौरान निरंतर प्रशिक्षण के साथ ही स्वप्रेरणा से सीखते रहने की आदत भी डालनी चाहिए। श्री राउत ने उन्हें याद दिलाया कि पुलिस की नौकरी में 24 घंटे काम के लिए तैयार रहना होता है। इसलिए उन्हें अपनी जीवन शैली को पुलिस की कार्य संस्कृति के अनुरूप ढालना होगा। श्री राउत ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में टीम वर्क का बड़ा महत्व है। इसके बिना कामयाबी नामुमकिन है।

प्रारंभ में अकादमी के संचालक श्री टी.के. घोष ने नये अधिकारियों को संविधान तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति निष्ठा, प्रभुसत्ता और अखंडता की रक्षा करने तथा निष्पक्ष कार्य संपादन की शपथ दिलाई। श्री घोष ने अपने संबोधन मे कहा कि नये अधिकारियों को बुनियादी और सेवारत दोनों ही प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया है। अकादमी से बाहर पचमढ़ी और कान्हा के जंगलों का भी उन्हें भ्रमण कराया गया। अंत में अकादमी के उप पुलिस अधीक्षक श्री अनिल झारखड़िया ने आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन डॉ. चन्द्रप्रभा जैन ने किया।

इस अवसर पर आयोजित दीक्षांत परेड का नेतृत्व श्री सुनील पाटीदार ने किया। कु0 प्रतिभा त्रिपाठी ने टू आई सी का दायित्व निभाया। कु. प्रतिभा त्रिपाठी को आउटडोर बेस्ट का तथा रश्मि अग्रवाल को इंडोर बेस्ट का पुरस्कार मिला। विधि में सर्वश्रेष्ठ का पुरस्कार कु. रश्मि अग्रवाल को दिया गया। मस्केटरी में सर्वोत्तम का पुरस्कार गजेन्द्र कंवर को दिया गया।
पुरूषों की खेल प्रतियोगिता में नीरज ठाकुर, गजेन्द्र कंवर, शशिकांत कनकने और गोपाल ठाकुर तथा महिला खेलों में अंजूलता पटले, श्रद्धा जोशी, वीना सिंह, आरती महाजन और नीलमणि लड़िया ने पुरस्कार जीते।

दीक्षांत समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्री विजय वाते, आई.जी. सी.आई.डी. श्री वी.वी.एस. ठाकुर, सागर राजस्व संभाग के कमिश्नर श्री एस.के. वेद, आई.जी. सागर जोन श्री अन्वेष मंगलम, डी.आई.जी. सागर रेन्ज श्री आर.के. गुप्ता, आई.जी. छतरपुर रेन्ज श्री योगेश मुदगल भी उपस्थित थे। समारोह में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के अभिभावक, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

फोरेंसिंक साइंस लेबोरेटरी का निरीक्षण

पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. राउत ने जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी में 32वें उप पुलिस अधीक्षक सत्र के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी का अवलोकन किया। श्री राउत ने इस दौरान नवनिर्मित डी.एन.ए. यूनिट का निरीक्षण भी किया। डी.एन.ए.लेब के संयुक्त संचालक श्री मेहमूद अली ने उन्हें अब तक की प्रगति की जानकारी दी। लेबोरेटरी के संचालक श्री जे.के. अग्रवाल ने श्री राउत को केमिस्ट्री और फिजिक्स सेक्शन के बारे में बताया।

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