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Saturday, December 19, 2009

महापौरों का प्रथम सम्मेलन 18 जनवरी को भोपाल म

 सम्मेलन के लिए एक ग्यारह सूत्रीय कार्ययोजना तैयार
नव निर्वाचित महापौरों का प्रथम सम्मेलन संभवत:18 जनवरी को भोपाल में होगा। जिसमें सभी 13 नगर निगमों के नव निर्वाचित महापौर एवं संबंधित आयुक्त मौजूद रहेंगे। इसी दिन जिला मुख्यालयों की नगरपालिकाओं के अध्यक्षों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आमंत्रित किया जाने की भी संभावनाऐं हैं। प्रदेश में 14 नगर निगम हैं। इनमें से उज्जैन को छोड़कर शेष 13 नगर निगमों में हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं।उक्त निर्णय आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में संपन्न विभागीय अधिकारियों की बैठक में लिया गया। जिसमें प्रमुख सचिव श्री राघव चन्द्रा, नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री एस.एन.मिश्रा, नगरीय प्रशासन की परियोजना संचालक श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री गौर ने कहा कि महापौर एवं नगरीय निकायों के अध्यक्षों के सम्मेलन के लिए एक ग्यारह सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की जाय। ताकि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता से लागू किया जा सके। इसमें नगरों की साफ-सफाई, पेयजल, सड़कें, बाग-बगीचे, वाहन पार्किंग स्थल, हाकर्स कार्नरों एवं नालियों का निर्माण जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल किये जांयगे।
श्री गौर ने कहा कि नगर निगमों में आबादी के अनुपात से वार्डवार सफाई संरक्षक ( सफाई कामगार) की व्यवस्था की जाय। साथ ही नगर निगमों के लिए नई जरूतों के मुताबिक एक आदर्श सेटअप तैयार कर उसे लागू किया जाय। प्रत्येक नगर निगमों में मौहल्ला समितियों के लिए पृथक से प्रकोष्ठ की स्थापना की जाय। जिसमें मोहल्ल समितियों के लिए गठन के लिये मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके।
श्री गौर ने कहा कि नगरीय निकायों को अतिक्रमण रोकने और उन्हें हटाने के लिए भी सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। साथ ही शहरों के बाग-बगीचों, नदी, जलाशयों एवं अन्य जल स्त्रोतों और खेल मैदानों को अतिक्रमण से बचाने के काम को भी प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए। 
नगरीय निकायों को संविदा पर सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए पर्याप्त छूट दी जानी चाहिए ताकि सघन क्षेत्रों में दिन में दो बार साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। शहरों की सड़कों के सुधार हरितपट्टियों और सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण को प्राथमिकताओं में शामिल किया जाय। इसके अलावा शहरों के तमाम फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना चाहिए ताकि उनका उपयोग पदयात्री आसानी से कर सके। फुटपाथों पर दुकानें चलाने की अनुमति कदापि न दी जाय।
श्री गौर ने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर निगम में स्वंय का म्युनिसीपल कोर्ट होना चाहिए जो अतिक्रमण तथा अन्य अवैधानिक कार्यों के खिलाफ नियमित रूप से आर्थिक दण्ड एवं सिविल जेल भेजने जैसक कदम उठा सके। नगर निगमों में अभी इसकी कमी है। श्री गौर ने कार्ययोजना में शहरी परिवहन व्यवस्था को नये सिरे से मजबूत करने पर भी जोर दिया । 
साथ ही कहा कि नगरीय निकायों को शहर के पुराने हिस्सों में सड़क, नाली, प्रकाश, बाग-बगीचे एवं पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। अनेक शहरों में नव विकसित इलाकों में तो अनेक सुविधाऐं है परन्तु शहर की पुरानी बस्तियां आज भी उपेक्षित एवं सुविधा विहीन है उक्त विसंगतियों को दूर किया जाना आवश्यक है। श्री गौर ने इस सिलसिले में जूनी इंदौर एवं पुराने भोपाल का उदाहरण दिया।
प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री राघव चन्द्रा ने नगरीय निकायों के लिए सेटअप तथा जनसंख्या अनुपात के अनुसार वार्ड वार सफाई कामगारों की संख्या तय करने पर सहमति व्यक्त कर व्यवस्था शीघ्र कराने का भरोसा दिलाया।

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