विद्युत की उपलब्धता 30 दिसम्बर तक 6400 मेगावॉट रहेगी
प्रदेश में हुई वर्षा के चलते विद्युत की मांग में कमी आई है। आज विद्युत की मांग करीब 6000 मेगावॉट रही है। रबी मौसम में इसके पूर्व कृषि पम्पों के भार की वजह से विद्युत की मांग करीब 6800 मेगावॉट अधिकतम बनी हुई थी।
विद्युत की मांग में आई कमी को ध्यान में रखते हुए जल विद्युत गृहों में आई खराबी को ठीक किया जा रहा है। साथ ही बिगड़े तथा जले ट्रांसफार्मरों को तेजी से दुरूस्त किया जा रहा है। इससे अधिक मांग के समय विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
नेटवर्क के प्रभावी उपयोग होने से रबी मौसम में अंतिम छोर तक पर्याप्त वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण विद्युत का प्रदाय किया गया है। गत वर्ष 7500 मेगावॉट के स्थान पर इस वर्ष 6800 मेगावॉट की मांग रही है। इस वर्ष विद्युत प्रदाय में लघु अवधि की विद्युत क्रय करने की आवश्यकता भी नहीं आई है। इसे देखते हुए माह अक्टूबर से 15 दिसम्बर तक लगभग 300 करोड़ रूपये राशि की बचत आँकी गई है। संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में भी रात्रि में कोई कटौती नहीं की गई है।
विद्युत नेटवर्क का प्रभावी एंव व्यवस्थित उपयोग हो रहा है। गत वर्ष दिसम्बर माह के मुकाबले इस वर्ष माह दिसम्बर में संभागीय मुख्यालयों को 22 घंटें, जिला मुख्यालयों को 20 घंटें, तहसील मुख्यालयों को 15 घंटें तथा ग्रामीण क्षेत्रों को 10 घंटें विद्युत प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।
विद्युत की अधिकतम उपलब्धता आगामी 30 दिसम्बर तक 6400 मेगावॉट रहेगी। ताप विद्युत गृहों के उचित रखरखाव के चलते आने वाले 15 दिनों में लगभग 2200 मेगावॉट अधिकतम उपलब्धता रहेगी। प्रयास किये जा रहे हैं कि पीएलएफ भी लगभग 75 प्रतिशत बना रहा।
नेटवर्क के प्रभावी उपयोग होने से रबी मौसम में अंतिम छोर तक पर्याप्त वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण विद्युत का प्रदाय किया गया है। गत वर्ष 7500 मेगावॉट के स्थान पर इस वर्ष 6800 मेगावॉट की मांग रही है। इस वर्ष विद्युत प्रदाय में लघु अवधि की विद्युत क्रय करने की आवश्यकता भी नहीं आई है। इसे देखते हुए माह अक्टूबर से 15 दिसम्बर तक लगभग 300 करोड़ रूपये राशि की बचत आँकी गई है। संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में भी रात्रि में कोई कटौती नहीं की गई है।
विद्युत नेटवर्क का प्रभावी एंव व्यवस्थित उपयोग हो रहा है। गत वर्ष दिसम्बर माह के मुकाबले इस वर्ष माह दिसम्बर में संभागीय मुख्यालयों को 22 घंटें, जिला मुख्यालयों को 20 घंटें, तहसील मुख्यालयों को 15 घंटें तथा ग्रामीण क्षेत्रों को 10 घंटें विद्युत प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।
विद्युत की अधिकतम उपलब्धता आगामी 30 दिसम्बर तक 6400 मेगावॉट रहेगी। ताप विद्युत गृहों के उचित रखरखाव के चलते आने वाले 15 दिनों में लगभग 2200 मेगावॉट अधिकतम उपलब्धता रहेगी। प्रयास किये जा रहे हैं कि पीएलएफ भी लगभग 75 प्रतिशत बना रहा।
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