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Tuesday, December 22, 2009

प्रदेश में आयतीत शक्कर जनवरी में ऊँचे भावों से मिलेगी निज़ात

नॉन संचालक मंडल का फैसला

प्रदेश में बीते महीनों के दौरान शक्कर के बेकाबू भावों को थामने के लिए की गई अनेक कोशिशों में शक्कर आयात किए जाने का फैसला भी शामिल था। अब ब्राजील से बुलाई जा रही यह शक्कर अगले महीने प्रदेश में पहुँच जाएगी।

नागरिक आपूर्ति निगम खुले बाज़ार में इसकी कम दाम पर बिक्री करेगा। इसी तरह जरूरत पड़ने पर तुवर दाल के भावों पर काबू के लिए भी आज रास्ता खोल दिया गया है। खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री और निगम के अध्यक्ष श्री पारसचंद्र जैन की अध्यक्षता में पूर्वान्ह हुई संचालक मंडल की बैठक में इन दोनों मुद्दों पर विधिवत मंजूरी दे दी गई।
राज्य मंत्री श्री पारसचंद्र जैन के निर्देश पर चार महीने पहले इस शक्कर आयात का तानाबाना बुना गया था। कम दामों पर कई फर्मों से शक्कर का सौदा नहीं हो पाने के कारण इस बारे में फैसला नहीं हो सका था। ढाई माह पूर्व अहमदाबाद की एक फर्म से कम दाम पर शक्कर देने की बातचीत पक्की होने के तत्काल बाद अनुबंध निष्पादित किया गया था।
इसके मुताबिक कोई 50 हजार मे.टन शक्कर जनवरी माह के पहले सप्ताह में ही प्रदेश पहुँच जाएगी। आज संचालक मंडल की बैठक में यह भी तय किया गया कि जरूरत पड़ने पर शक्कर की और मात्रा भी आयतीत की जाएगी।
संचालक मंडल ने यह भी फैसला किया कि आगामी महीनों में तुवर की फसल आने के बाद भावों की पड़ताल में अगर जरूरी हुआ तो नागरिक आपूर्ति निगम देश के भीतर या बाहर से तुवर दाल का आयात भी कर सकेगा। इससे आने वाले वक्त में नागरिकों को तुवर दाल के मंहगे दाम से निजात मिल सकेगी। इसके लिए बाकायदा टैंडर बुलाए जाएंगे।
किसानों से चना भी खरीदेंगे
नागरिक आपूर्ति निगम इसी सीजन में चने की वाणिज्यिक खरीदी भी कर सकेगा। ऐसी खरीदी पिछली बार कोई 15 साल पहले की गई थी। यह खरीदी किसानों से चयनित मंडियों में की जाएगी और उन्हें इसका वाजिब दाम मिल सकेगा।
निगम कर्मियों को आवास
नागरिक आपूर्ति निगम के राजधानी स्थित कार्यालय में कार्यरत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को कोटरा सुल्तानाबाद क्षेत्र में 27 निम्न आय वर्ग मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें गृह निर्माण मंडल से खरीदा जाएगा।
इसी तरह निगम के कर्मचारियों को इसी इलाके में पूर्व में किराए पर उपलब्ध कराए गए पुराने और जीर्णशीर्ण मकानों को ज़मींदोज़ कर शासकीय एजेंसी से उसी जगह नए मकान भी बनवाए जाएंगे।
बैठक में निगम उपाध्यक्ष श्री देवेन्द्र वर्मा, संचालक श्री ए. शर्मा और श्री दिलीप सूर्या, प्रबंध संचालक श्री के.सी. गुप्ता और अतिरिक्त सचिव खाद्य श्री ए.के. जैन भी मौजूद थे।

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Wednesday, November 11, 2009

अब सुधरेगी सार्वजनिक वितरण प्रणाली

Justify Fullतीन नवंबर से प्रदेश में लागू नया खाद्य नियंत्रण आदेश
Bhopal:Tuesday, November 10, 2009: प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुधारने का जो बीड़ा राज्य सरकार ने नौ महीने पहले उठाया था, उसे मुकम्मल अंजाम तक पहुँचा दिया गया है। इस सिलसिले में 18 साल पुराने खाद्य और वितरण नियंत्रण आदेश में व्यापक बदलाव कर इसे तीन नवंबर 2009 से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है और इसका राजपत्र में प्रकाशन हो गया है।
नए आदेश की 50 हजार प्रतियाँ छपवाई जा रही हैं। प्रत्येक जिले को एक हजार कॉपी सुपुर्द की जाएंगी ताकि आम लोग गरीबों के हित से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण सिस्टम में किए गए सार्थक बदलावों से भलीभांति अवगत हो सकें।
कोई नौ महीने पहले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के मुताबिक प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भारी बदलाव लाए जाने की रणनीति पर काम शुरू किया गया था। इसके लिए बाकायदा केबिनेट की एक सब कमेटी बनाई गई थी।
इसमें खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारसचंद्र जैन की अध्यक्षता में सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और सामाजिक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती रंजना बघेल शामिल किए गए थे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के आधा दर्जन सीनियर अफसरों ने खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री अशोक दास के नेतृत्व में इन मंत्रियों के सुझावों के मुताबिक लगातार चिंतन, सर्वे, पर्यवेक्षण और नीति निर्धारण की कार्रवाई की।
केबिनेट सब कमेटी की इस दौरान एक दर्जन से ज्यादा बैठकें हुई। खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारसचंद्र जैन ने प्रस्ताव तैयारी के हर चरण की निरंतर समीक्षा की।
उन्होंने सहकारिता मंत्री श्री बिसेन के साथ खाद्य और सहकारिता विभागों की अलग से कई बैठकें कर इनके जरिए होने वाली कार्रवाई के लिए दोनों में तालमेल कायम कराया। कई व्यावहारिक दिक्कतों के उपयुक्त और ठोस समाधान ढुंढ़कर अमल का रास्ता साफ किया गया। राज्य सरकार इस काम में देरी नहीं चाहती थी इसलिए कुछ वित्तीय प्रावधानों पर भी जल्द सहमति बन गई।
राज्य सरकार की मंशा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के इस नए आदेश से प्रदेश के नागरिक भलीभांति परिचित हों ताकि इस व्यवस्था में उनकी जागरूक और सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो सके। इसलिए आदेश के 3 नवंबर को राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद इसकी 50 हजार प्रतियाँ एक पुस्तिका की शक्ल में तैयार कराई जा रही हैं। हर जिले को एक हजार प्रतियाँ भेज कर लोगों के सहज अवलोकन की व्यवस्था की जा रही है। आदेश के प्रावधानों का विभिन्न माध्यमों के जरिए सभी जिलों में व्यापक प्रचार भी होगा।
नए आदेश में उचित मूल्य दुकानों, राशनकार्डों, लीड समितियों आदि से संबंधित व्यवस्थाओं के संचालन में भारी बदलाव कर इसे ज्यादा सार्थक, प्रभावी और जवाबदेह बनाया गया है। खामियों को लेकर अनेक दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं और समूची कार्रवाई की भोपाल में केन्द्रीय समीक्षा और निगरानी की ऑल लाइन व्यवस्था की गई है।

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