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Wednesday, May 12, 2010

मनरेगा के तहत मजूदरी का भुगतान समय पर हो – किसान कल्याण राज्यमंत्री

 बारहमासी सड़कों के निर्माण के लिये जनप्रतिनिधियों से चर्चा करें 
किसान कल्याण राज्यमंत्री एवं होशंगाबाद जिले के प्रभारी मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरों को मजदूरी का भुगतान निश्चित समय पर हो। उन्होंने कहा कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी रोजगार की आवश्यकता हो

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Thursday, April 22, 2010

मनरेगा से 49 लाख परिवारों को रोजगार मिला

 सर्वाधिक रोजगार इंदौर संभाग में
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के तहत 49 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में सर्वाधिक कार्य इंदौर संभाग में हो रहे है।

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Friday, April 9, 2010

कपिलधारा कूपों से गरीब किसानों के घर आ रही खुशहाली

 सफलता की कहानी
जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मध्यप्रदेश की उपयोजना कपिलधारा के अंतर्गत 7355 गरीब किसानों के लिये सरकारी खर्चे पर कूप निर्माण स्वीकृत किये गये है। इनमें से 3306 हितग्राहियों के कूप पूरी तरह से बन चुके है और ये कृषक कुएं के पानी का उपयोग फसल सिंचाई के लिये करने भी लगे है।

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Tuesday, February 9, 2010

सभी ग्रामीण परिवारों के बने जॉबकार्ड

प्रदेश में करीब 1 करोड़ 12 लाख जॉबकार्ड धारक
महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत जॉबकार्ड निश्चित नीति और प्रक्रिया के तहत बनाए गए हैं। अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण अंचल में निवासरत पंजीकृत परिवारों को जॉबकार्ड प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। 

आय और सम्पत्ति के आधार निर्धारित नहीं किए गए हंै। राज्य में अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों की बड़ी संख्या होने और प्रदेश के भौगोलिक विस्तार एवं ग्रामीण अंचल की सामाजिक विषमताओं के परिप्रेक्ष्य में जानकारी के अभाव में जरूरतमंद परिवार रोजगार के अधिकार से वंचित नहीं हो, इस लिए आगे बढ़कर जॉबकार्ड बनाए गए हैं।

योजना के प्रभावशील होने के पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2002-03 में ग्रामीण परिवार सर्वेक्षण की जानकारी के आधार पर जॉबकार्ड बनाने की प्रक्रिया निर्धारित की गई। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश में योजना के तहत सभी ग्रामीण परिवारों के लिए जॉबकार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में करीब 1 करोड़ 12 लाख जॉबकार्ड धारक है। इस तरह की प्रक्रिया के अनुसरण से सभी ग्रामीण परिवारों के नाम सूची में शामिल हैं, उनके भी जो संभवतः कभी भी रोजगार की मांग नहीं करेगें। इससे ऐसे लोगों के कार्ड बनाना सुनिश्चित किया गया जो रोजगार की मांग करते, भले ही वे समाज के ऐसे वर्गो से हो जिन्हें कतिपय कारणों से कार्ड बनवाने में कठिनाई हो सकती थी। इस तरह की शिकायतों की संभावना को कम करने में सहायता मिली। राज्य में जॉबकार्ड वितरण की नीति के फलस्वरूप योजना की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ है। ग्रामीण अंचल के परिवारों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध कराई है।

योजनांतर्गत लगभग 52 लाख परिवारों ने रोजगार प्राप्त किया है। तब भी सभी ग्रामीण परिवारों के जॉबकार्ड बनने से इस तरह के समाचार प्रसारित होने की आशंका रहती है कि समृद्ध अथवा संपन्न व्यक्तियों के कार्ड बन गए हैं। इस स्थिति पर अंकुश लगाने के लिये एवं सासंदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों एवं जनपद पंचायत के अध्यक्षों के नाम सेे जॉबकार्ड होने के प्रकरणों के दुरूपयोग की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में जिलों को ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के जॉबकार्ड निरस्त करने के निर्देश प्रसारित किए गए हैं। पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने के कारण उक्त कार्यवाही में विलंब हुआ है। आचार संहिता समाप्त होने के उपरांत इस पर पुनः निर्देश जारी किये जा रहे हैं।

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Monday, December 21, 2009

अब सौ रूपये मजदूरी

मजदूरों को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में अब मजदूरी सौ रूपये मिलेगी। इस आशय के निर्देश सभी संभागीय आयुक्तों, जिलाध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों को भेज दिए गए हैं।
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में अभी तक 91 रूपये मजदूरी मिलती थी। नए निर्देशों के तहत अकुशल श्रमिकों के लिए बढ़ी हुई मजदूरी सौ रूपये अक्टूबर माह से देय होगी। लगभग 37 लाख 91 हजार परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें बढ़ी हुई मजदूरी का अक्टूबर माह से तीन माह का एरियर्स भी मिलेगा।

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