सफलता की कहानी
जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मध्यप्रदेश की उपयोजना कपिलधारा के अंतर्गत 7355 गरीब किसानों के लिये सरकारी खर्चे पर कूप निर्माण स्वीकृत किये गये है। इनमें से 3306 हितग्राहियों के कूप पूरी तरह से बन चुके है और ये कृषक कुएं के पानी का उपयोग फसल सिंचाई के लिये करने भी लगे है।
कलेक्टर श्री आर.ए.खण्डेवाल जिन्होंने कपिलधारा कूप योजना के महत्व को समझा उन्होंने कपिलधारा कूपों का जिले भर में जाल बिछाने के लिये भरसक प्रयास किये। पंचायत सचिवों को लक्ष्य दिये और कूप पूर्ण करने की समय सीमा तय की, हर सप्ताह विकासखण्ड मुख्यालयों पर सचिवों की बैठक में लगातार कूप निर्माण कार्य की समीक्षा की जिसका सुफल यह रहा कि जिले में 3306 हितग्राहियों के कूप पूर्ण हो चुके है। इनसे सिंचाई कर हितग्राहियों ने दोगुनी-तिगुनी फसल उत्पादन लेना शुरू कर दिया है। कल तक बंजर सी जमीन आज सोना उगल रही है।शासन ने इन्हें कुआं मुफ्त में खुदवा कर तो दे दिये लेकिन इनमें से कईयों के पास स्वयं का सिंचाई साधन अर्थात विद्युत मोटर, डीजल पम्प न होने से ये दूसरे के साधन के आसरे पर निर्भर थे। ये हितग्राही सिंचाई साधन के लिये दूसरे पर निर्भर न रहें इस हेतु कलेक्टर श्री खण्डेवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सतेन्द्र सिंह ने इन हितग्राहियों के यहाँ स्वयं का सिंचाई साधन हो इसकी पक्की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी प्रयास शुरू किये। इन हितग्राहियों को स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभ दिलाने की रणनीति तैयार की। इसके तहत इच्छुक हितग्राही कृषकों को बिजली की मोटर, डीजल पम्प, सिंचाई के पाइप, स्प्रिंकलर हेतु बैक से ऋण प्रकरण स्वीकृत कराये जा रहे है। इसमें प्रत्येक प्रकरण पर, प्रकरण अनुसार 7 हजार 500 से लेकर 10 हजार तक की अनुदान राशि जिला पंचायत से दी जा रही है। इसके साथ ही कृषि, आदिमजाति कल्याण और अंत्यावसायी विभाग के द्वारा कपिलधारा कूप हेतु शासन से प्राप्त लक्ष्य को भी जिला पंचायत के सहयोग से पूरा कराया जा रहा है।
अभी तक जिले में 820 हितग्राहियों के प्रकरणों में 4 करोड़ 93 लाख 5 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से जिला पंचायत द्वारा 604 हितग्राहियों को 3 करोड़ 63 लाख 45 हजार रूपये की राशि स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत की गई है। कृषि विभाग द्वारा 143 हितग्राहियों के प्रकरण में 85 लाख 8 हजार रूपये, अंत्यावसायी द्वारा 43 हितग्राहियों को 25 लाख 8 हजार रूपये और आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा 30 हितग्राहियों को 18 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।
जिले के 820 गरीब किसान पूर्ण रूप से कृषि कार्य के लिये सक्षम हो गये है इनके पास कुआं है, सिंचाई का साधन भी उपलब्ध करा दिया गया है। मेहनत इनको करनी है, कहा भी गया है कि मेहनत का फल मीठा होता है। खेती करेंगे खेतों में पानी जायेगा तो खुशहाली आना लाजिमी है।
जिन किसानों के यहाँ कूप खुदवाये गये है उनकी इतनी क्षमता या ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं थी की वे स्वयं के साधनों से कूप खुदवा सकें। इस लिहाज से कपिलधारा उपयोजना इनके लिये वरदान बन गई है।
जिले में वित्तीय वर्ष 2009-10 के अंत तक 7355 कूप निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 3306 कूप पूर्ण हो चुके है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बताया है कि दमोह जनपद में स्वीकृत 1691 में से 696, हटा में 928 में से 206, पटेरा में 1068 में से 453, तेन्दूखेड़ा में 1446 में से 630, जबेरा में 808 में से 491, पथरिया में 962 में से 582 और बटियागढ़ में स्वीकृत 452 कूप में से 248 कूप निर्मित हो चुके है।

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