जलाभिषेक अभियान की थीम इस बार संवाद और अहसास
जलाभिषेक अभियान को इस वर्ष नया स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके क्रियान्वयन की रणनीति में परिवर्तन कर आठ मार्च से पूरे प्रदेश में “जलाभिषेक अभियान’’ शुरू हो रहा है। प्रदेश स्तर पर जलाभिषेक अभियान का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री सर्वोच्च जल नायक और ग्राम स्तर पर इसका नेतृत्व करने वाले सरपंच “जल नायक’’ कहलायेंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जलाभिषेक अभियान के दौरान इस बार संवाद और अहसास को केन्द्र बिन्दु में रखा गया है।श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि जलाभिषेक अभियान में इस बार क्रियान्वयन और प्रोत्साहन की रणनीति का वर्गीकरण किया गया है। समृद्ध और समर्थ किसानों को अभियान से जोड़ने के लिए “भागीरथ कृषक’’ योजना बनाई गई है। ऐसे किसानों को जिनके कुएं, ट्यूबवेल, निर्माण असफल हो गए हैं उन्हें इस अभियान से जोड़ने के लिए यह अहसास कराया जाएगा कि जल संरक्षण कितना जरूरी है। ऐसे कृषकों को “भागीरथ किसान’’ कहा जाएगा। इन किसानों को पानी का अर्थशास्त्र बताया जाएगा। चूंकि ये किसान समृद्ध होंगे वे स्वयं के व्यय पर जल संरक्षण का कार्य करा सकेंगे तो उन्हें सुझाव दिया जाएगा। इन किसानों को तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी कि वे सिंचाई तालाब, स्टाप डेम या नाला बंधान का कार्य करें।
जलाभिषेक अभियान की एक अन्य नई रणनीति के तहत दो पीढ़ियों के बीच संवाद भी कराया जाएगा। इसमें एक विशेष ग्रामसभा जो आठ मार्च को होगी इसमें गांव के बुजुर्ग व्यक्ति गांव के युवाओं के साथ खुला संवाद करेंगे। गांव के बड़े बुजुर्ग व्यक्ति गांव में पूर्व में पर्याप्त पानी की उपलब्धता, हरियाली की व्यापकता आदि के बारे में युवाओं को अवगत करायेंगे। साथ ही उन्हें भविष्य में जल संरक्षण के प्रति प्रेरित भी बुजुर्गों द्वारा किया जाएगा। इस बार जलाभिषेक सम्मेलनों और यात्राओं के स्थान भी तय किए गए हैं। जलाभिषेक यात्राएं गांव से निकलकर ऐसे स्थानों पर सम्मेलन करेंगी जहां पूर्व में जल स्त्रोत थे लेकिन संरक्षण के अभाव में सूख गए हैं। ऐसे स्थानों पर सम्मेलन के माध्यम से ग्रामीणों को अहसास कराया जाएगा कि अगर हम अब भी जागरूक नहीं बने तो धीरे-धीरे हमारे सभी जलस्त्रोत सूख जाएंगे।
जलाभिषेक अभियान के तहत इस वर्ष मुख्यमंत्री इस अभियान का नेतृत्व करने पर सर्वोच्च “जल नायक’’ होंगे जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच जल नायक कहलायेंगे। जो सरपंच जल संरक्षण संवर्द्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करेंगे उन्हें “भागीरथ जल नायक’’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। जलाभिषेक अभियान के तहत अच्छा काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। 25 भागीरथ कृषकों को चिन्हांकित कर उनसे जल संरक्षण संवर्धन का कार्य कराने तथा 50 लाख रुपये जनसहभागिता से सुनिश्चित कराने वाले अधिकारी कर्मचारी को “जल प्रेरक’’ के रूप में तथा 50 भागीरथ कृषकों को चिन्हांकित करने तथा उनके माध्यम से जल संरक्षण संवर्धन का कार्य कराने वाले तथा एक करोड़ रुपये तक जन सहभागिता से एकत्रित करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को जल सारथी के रूप में सम्मानित किया जायेगा।

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