बैटरी चलित वाहन एवं साईकिलों का लोकार्पण
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को आज प्रतिष्ठित आईएसओ 9001:2008 अवार्ड प्रमाण पत्र मिला। वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने श्योरविन क्वालिटी सर्टिफिकेशन संस्था से वन विहार में आज आयोजित एक कार्यक्रम में प्रमाण पत्र प्राप्त किया। वन एवं राजस्व राज्य मंत्री श्री जय सिंह मरावी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने कार्यक्रम के दौरान वन विहार में आने वाले प्रकृति प्रेमी पर्यटकों की सुविधा के लिये दो बैटरी चलित गोल्फ कार्ट एवं 25 नई साईकिलों का लोकार्पण भी किया। एनएचडीसी के चीफ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री के.एम. सिंह ने वन विहार के लिये ये साईकिलें भेंट स्वरूप प्रदान की।इस अवसर पर बताया गया कि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान संभवत: देश का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है जिसे आईएसओ 9001:2008 अवार्ड दिया गया है। इस प्रमाण पत्र आवार्ड से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर हुयी है एवं इससे न सिर्फ वन विहार वरन् मध्यप्रदेश वन विभाग भी गौरान्वित हुआ है। यह प्रमाण पत्र तीन वर्षों के लिये प्राप्त हुआ है।
वन विहार में पर्यटकों को नयी सुविधा प्रदान करने तथा प्रदूषण मुक्त वाहन के प्रचलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो आठ-आठ सीटर बैटरी चलित गोल्फ कार्ट शुरू की जा रही है। यह वाहन पूर्णत: बैटरी चलित है इनसे किसी भी प्रकार का प्रदूषण भी नहीं होता है। चारो ओर से खुले इस वाहन से वन विहार की सैर और अधिक आनंददायी हो जावेगी। प्रत्येक गोल्फ कार्ट की कीमत 5.25 लाख रुपये है। इसे मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से बैंगलोर स्थित एक कंपनी से क्रय किया गया है। यह सेवा वन विहार में प्रतिदिन उपलब्ध रहेगी। एक घंटे की सैर के लिये 12 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्क पर्यटकों को 50 रुपये एवं 12 वर्ष से कम आयु के पर्यटकों को 30 रुपये प्रति घंटा की दर से शुल्क देना होगा। यह सुविधा भदभदा की ओर स्थित चीकू प्रवेश द्वार से संचालित की जावेगी।
वन विहार में विगत 2 वर्षों से पर्यटकों के बीच साइकिल सवारी काफी लोकप्रिय रही है तथा वर्तमान में 69 साइकिलें इस हेतु उपलब्ध थी। पर्यटकों को, खासतौर पर अवकाश के दिन, साइकिलें उपलब्ध न रहने से होने वाली निराशा से निजात देने हेतु एनएचडीसी द्वारा वन विहार प्रबंधन को 25 नयी साइकिलें दी गई है। इन 25 सायकिलों में 5 डबल सीटर, 5 जूनियर एवं शेष 15 सीनियर साइकिलें हैं। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि एनएचडीसी द्वारा वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान एक टाइगर को भी एक वर्ष के लिये गोद लिया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणीकरण एवं पर्यटकों को प्राप्त यह नयी सौगातें इस ग्रीष्म अवकाश में आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहने की संभावना है। वन विहार में वर्ष 2010 के प्रथम 2 माहों में 50 हजार से अधिक पर्यटक भ्रमण हेतु आये हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री एम.के. राय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. दुबे, लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री आर.के. दवे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री आर.एस. नेगी, वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पी.के. शुक्ला, प्रधान मंख्य वन संरक्षक (कार्य आयोजना) डॉ. एच.एस. पाबला, एनवीडीए सदस्य श्री ए.एस. अंसारी, मुख्य वन संरक्षक भोपाल डॉ. ए.के. भट्टाचार्य, वन विहार संचालक श्री एस.एस. राजपूत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, एनएचडीसी एवं म.प्र. पर्यटन विकास निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

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