बिसेन की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की बैठक सम्पन्न
कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना का लाभ 31 मार्च 97 के पूर्व के उन किसानों को भी मिलेगा जिनके ऋण मध्यावधि परिवर्तित ऋण सीमा में आयेंगे। यह निर्णय आज सहकारिता एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन की अध्यक्षता में हुई सहकारिता विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया।
सहकारिता मंत्री श्री बिसेन ने बैठक में ऋण राहत और ऋण माफी योजना के इस नए मार्गदर्शी नियम को तत्काल सभी बैंको को पहुँचाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऋण राहत और ऋण माफी की योजना में इस संशोधन से काफी किसानों को राहत मिलेगी। श्री बिसेन ने बैठक में सहकारी बैंको में रिक्त पदों को भरने के लिये मित्रा कमेटी की सिफारिशों और वैद्यनाथन पैकेज के अनुरूप एक नया सेटअप तत्काल बनाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं पर शासकीय नियंत्रण पूर्णता: समाप्त होना चाहिये ताकि वे स्वतंत्र होकर निर्णय ले और सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाये। श्री बिसेन ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि मैदानी स्तर पर यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को अमानक स्तर का खाद-बीज न मिले। सहकारिता मंत्री ने गेहूँ उपार्जन के मुद्दे पर किसानों को किसी भी तरह की कठिनाई न हो ऐसी व्यवस्थाएं मैदानी स्तर पर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंको सुदृढ़ बनाने के लिये विशेष प्रयास भी किये जाये ताकि सहकारिता आंदोलन को प्रदेश में मजबूत बनाया जा सकेगा।बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खरीफ फसलों के लिये कृषकों को 2435 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया। आपके बैंक आपके द्वार योजना के तहत सहकारी समितियों द्वारा जनवरी तक 34.60 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये।

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