वित्त मंत्री पेंशनर्स कल्याण बोर्ड की नियमित बैठकें बुलाने के निर्देश
बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की स्थिति में पिछले वर्ष की तुलना में अच्छा सुधार आया है। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश का देश में सत्रहवा स्थान था जो इस वर्ष ग्यारहवां हो गया है शीघ्र ही इसके नौवें स्थान पर पहुँच जाने की आशा है।
यह जानकारी आज यहां वित्त, योजना, आर्थिक सांख्यिकी एवं बीस सूत्र कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री राघवजी की अध्यक्षता में सम्पन्न विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में दी गई। बैठक में विधायक श्रीमती रेखा यादव, श्री विश्वामित्र पाठक और श्री रामराव कवरेती तथा प्रमुख सचिव वित्त श्री जी.पी. सिंघल, प्रमुख सचिव योजना श्री देवेन्द्र सिंघई, सचिव वित्त श्री अश्विनी कुमार राय, आयुक्त कोष एवं लेखा श्री अरूण तिवारी और आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री ओ.पी. पाठक तथा अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
वित्त मंत्री ने निर्देश दिया कि पेंशनर्स कल्याण बोर्ड तथा पाँचों स्तरों पर अंत्योदय समितियों की नियमित बैठकें बुलाई जानी चाहिए। इसके लिये कार्यपालन अधिकारी का दायित्व निर्धारित किया जाये। बैठक में बताया गया कि अब शासकीय कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंकों में जमा करने की व्यवस्था की गई है और अभी तक एक लाख कर्मचारियों पर यह लागू हो चुकी है। शेष कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ देने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्थानीय निधि संपरीक्षा को अधिक मजूबत बनाया जा रहा है। यह भी बताया गया कि नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को विशेष कार्ड जारी किये गये हैं जिससे वे अपने खाते में जमा राशि की जानकारी कभी भी प्राप्त कर सकते हैं। मध्यप्रदेश वित्त निगम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह निगम प्रतिवर्ष 300 करोड़ रूपये के ऋण देता है और इसकी नान परफार्मिंग एसेट्स सिर्फ दो प्रतिशत है। वर्ष 2008-09 में इसनें 51.25 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
योजना विभाग पर चर्चा के दौरान बताया गया कि 40 प्रतिशत संसाधन जिला योजना के लिये दिये जाते हैं। प्रदेश में 10 वर्ष उम्र तक के बच्चों को जन्म पंजीयन का पूरा बैकलॉग खत्म कर दिया गया है। अब 84 प्रतिशत जन्म पंजीयन हो रहे हैं।
विधायक श्री विश्वामित्र पाठक ने सुझाव दिया कि मृत्यु-प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये। मंत्री श्री राघवजी ने इस संबंध में शीघ्र बैठक बुलाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि पल्स पोलिया टीकाकरण में मध्यप्रदेश में 83 प्रतिशत सफलता हासिल की गई है। विधायक श्रीमती रेखा यादव तथा श्री रामराव कवरेती ने भी अपने सुझाव दिये।
वित्त मंत्री ने निर्देश दिया कि पेंशनर्स कल्याण बोर्ड तथा पाँचों स्तरों पर अंत्योदय समितियों की नियमित बैठकें बुलाई जानी चाहिए। इसके लिये कार्यपालन अधिकारी का दायित्व निर्धारित किया जाये। बैठक में बताया गया कि अब शासकीय कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंकों में जमा करने की व्यवस्था की गई है और अभी तक एक लाख कर्मचारियों पर यह लागू हो चुकी है। शेष कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ देने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्थानीय निधि संपरीक्षा को अधिक मजूबत बनाया जा रहा है। यह भी बताया गया कि नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को विशेष कार्ड जारी किये गये हैं जिससे वे अपने खाते में जमा राशि की जानकारी कभी भी प्राप्त कर सकते हैं। मध्यप्रदेश वित्त निगम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह निगम प्रतिवर्ष 300 करोड़ रूपये के ऋण देता है और इसकी नान परफार्मिंग एसेट्स सिर्फ दो प्रतिशत है। वर्ष 2008-09 में इसनें 51.25 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
योजना विभाग पर चर्चा के दौरान बताया गया कि 40 प्रतिशत संसाधन जिला योजना के लिये दिये जाते हैं। प्रदेश में 10 वर्ष उम्र तक के बच्चों को जन्म पंजीयन का पूरा बैकलॉग खत्म कर दिया गया है। अब 84 प्रतिशत जन्म पंजीयन हो रहे हैं।
विधायक श्री विश्वामित्र पाठक ने सुझाव दिया कि मृत्यु-प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाये। मंत्री श्री राघवजी ने इस संबंध में शीघ्र बैठक बुलाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि पल्स पोलिया टीकाकरण में मध्यप्रदेश में 83 प्रतिशत सफलता हासिल की गई है। विधायक श्रीमती रेखा यादव तथा श्री रामराव कवरेती ने भी अपने सुझाव दिये।
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