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Wednesday, March 10, 2010

कैसे करें साइबर अपराधियों से कम्प्यूटर की सुरक्षा

सालाना तीन करोड़ से ज्यादा कम्प्यूटर यूजर्स हेकिंग के शिकार हो रहे हैं
कम्प्यूटर कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण की नई दिशा मिलेगी। यह बात शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भोपाल के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से 'कम्प्यूटर एप्लीकेशन' विषय पर आज आयोजित रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुये प्रो. रमन श्रीवास्तव, एम.पी.ऑनलाईन ने आज अपने संबोधन में बतलायी। उन्होंने कम्प्यूटर स्किल्स, प्रजेन्टेशन तैयार करना, कम्प्यूटर टेक्नालॉजी के माध्यम से सी.व्ही. बनाना, ऑनलाईन एजुकेशन एवं ऑनलाईन परीक्षायें, ई-बुकरीडर, गुगल, याहू, रेडिफ सर्च इंजन का प्रयोग, नौकरी डॉट काम, मोन्सटर, टाइम्स जॉब, नौकरी हब, शान डॉट काम आदि इंटरनेट साइट एवं विषयों का प्रशिक्षण कम्प्यूटर प्रदर्शन के माध्यम से दिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुये श्री अमित दत्ता ने कहा कि कम्प्यूटर एप्लीकेशन पर कार्यशाला विद्यार्थियों के लिये बड़ी उपयोगी रहेगी। इससे विद्यार्थियों में इस विधा के प्रति रूचि एवं जिज्ञासा बढ़ेगी, जिससे उन्हें कम्प्यूटर के माध्यम से अच्छे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। 
उन्होंने साइबर सुरक्षा (सेफ्टी) पर अपना डेमो देते हुये बताया कि कहीं आपका ईमेल आईडी, पासवर्ड डाटा को जी एस, कूब फेस वार्म जैसे ट्रोजोन वाइरसों ने चुरा तो नहीं लिया है? उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सालाना तीन करोड़ से ज्यादा कम्प्यूटर यूजर्स हेकिंग के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि कैसे इंटरनेट कैफे में आप अपने पासवर्ड आई.डी. को सुरक्षित तरीके से उपयोग कर सकते हैं।

वर्तमान में केवल 5 प्रतिशत लोग कम्प्यूटर प्रशिक्षित हैं। इस प्रकार की कम्प्यूटर कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को कम्प्यूटर का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाने में मदद मिलेगी, जिससे उन्हें रोजगार ढूढने में सहायता होगी। इस आशय के विचार री संजय झा, प्रभारी कम्प्यूटर सेक्शन उच्च शिक्षा विभाग ने व्यक्त करते हुये विद्यार्थियों को एजूकेशनल एप्लीकेशन साफ्टवेयर, माइक्रोसाफ्ट-2007 साफ्टवेयर्स, कम्प्यूटर के अनेकों युटिलिटी टूल्स के बारे में अवगत कराया। 
क्रिप्स के सीनियर एक्जीक्युटिव्ह श्री मुकेश खरोनिया ने कार्यशाला को संबोधित करते हुये अच्छे भविष्य के निर्माण के लिये विद्यार्थियों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। उन्होंने मल्टीमीडिया में स्पेशल आडियो-वीडियो इफेक्ट्स के विभिन्न स्टेप्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रो. अनिल राजपूत, प्राध्यापक साधु वासवानी महाविद्यालय ने कहा कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों की रूचि बढ़ाने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी होते हैं। उन्होंने कम्प्यूटर की टर्मिनोलॉजी, प्रिंटर, हार्डवेयर स्टोरिंग डिवाइस, साफ्टवेयर आदि के बारे में प्रदर्शन के माध्यम से जानकारी दी। 
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. स्वर्णलता तिवारी ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की समस्त कॅरियर योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आव्हान किया। कार्यशाला में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों ने रूचिपूर्वक भाग लेकर अपनी शंकाओं का समाधान किया।

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