गांव में ही मिलेगी खेल अधोसंरचना एवं प्रशिक्षक
राज्य शासन ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिये संकल्पित है। पांच हजार आबादी वाले गांवों में खेल मैदान बनाये जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल मैदानों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अब तक पांच हजार से 14 हजार तक आबादी वाले गांवों में कुल 381 खेल मैदानों का निर्माण किया जा चुका है। इनमें से सर्वाधिक 36 खेल मैदानों का निर्माण मुरैना जिले में किया गया है। इन गांवों के खिलाड़ियों को उनके गांव में ही खेल अधोसंरचना एवं प्रशिक्षक उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही निर्मित खेल मैदानों पर संविदा ग्रामीण खेल प्रशिक्षकों की व्यवस्था भी की गई है।
उल्लेखनीय है कि गांव में खेल मैदान की योजना के तहत गांवों के चयन का मापदण्ड, गांव की आबादी, गांव में खेल मैदान निर्माण के लिये भूमि की उपलब्धता तथा गांव में खेल का प्रचलन आदि को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है। करीब 1/4 एकड़ भूमि पर 25 हजार रुपये प्रति मैदान के मान से ग्रामीण खेल मैदानों का निर्माण हुआ है। गांव के खिलाड़ियों को उनके गांव में ही खेल अधोसंरचना एवं प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। खेल मैदानों के निर्माण एवं प्रशिक्षकों की व्यवस्था से प्रदेश की पदक तालिका में वृद्धि होने के साथ ही मैदान निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पांच हजार से अधिक आबादी वाले 381 गांवों को चिन्हित किया जाकर खेल मैदानों का निर्माण किया गया है। इनमें से इंदौर जिले में 34, धार में 28, सागर में 22, ग्वालियर में 20, शाजापुर में 19, होशंगाबाद, बड़वानी, सतना तथा भिण्ड में 18-18, देवास, खरगौन तथा छिन्दवाड़ा में 17-17, सीहोर, छतरपुर तथा शहडोल में 16-16, नीमच तथा दमोह 15-15, बैतूल, उज्जैन तथा रीवा 14-14, जबलपुर तथा बालाघाट में 12-12, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, टीकमगढ़, सिवनी तथा बुरहानपुर में 10-10, नरसिंहपुर में 9, खण्डवा, श्योपुर तथा मंदसौर में 8-8, पन्ना, कटनी तथा रतलाम में 7-7, गुना, मण्डला, उमरिया, राजगढ़ तथा सीधी में 6-6, दतिया में 5, झाबुआ, अनूपपुर तथा हरदा में 4-4, भोपाल तथा डिण्डोरी में 2-2 तथा अशोकनगर जिले में एक खेल मैदान बनाये जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गांव में खेल मैदान की योजना के तहत गांवों के चयन का मापदण्ड, गांव की आबादी, गांव में खेल मैदान निर्माण के लिये भूमि की उपलब्धता तथा गांव में खेल का प्रचलन आदि को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है। करीब 1/4 एकड़ भूमि पर 25 हजार रुपये प्रति मैदान के मान से ग्रामीण खेल मैदानों का निर्माण हुआ है। गांव के खिलाड़ियों को उनके गांव में ही खेल अधोसंरचना एवं प्रशिक्षक भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। खेल मैदानों के निर्माण एवं प्रशिक्षकों की व्यवस्था से प्रदेश की पदक तालिका में वृद्धि होने के साथ ही मैदान निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पांच हजार से अधिक आबादी वाले 381 गांवों को चिन्हित किया जाकर खेल मैदानों का निर्माण किया गया है। इनमें से इंदौर जिले में 34, धार में 28, सागर में 22, ग्वालियर में 20, शाजापुर में 19, होशंगाबाद, बड़वानी, सतना तथा भिण्ड में 18-18, देवास, खरगौन तथा छिन्दवाड़ा में 17-17, सीहोर, छतरपुर तथा शहडोल में 16-16, नीमच तथा दमोह 15-15, बैतूल, उज्जैन तथा रीवा 14-14, जबलपुर तथा बालाघाट में 12-12, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, टीकमगढ़, सिवनी तथा बुरहानपुर में 10-10, नरसिंहपुर में 9, खण्डवा, श्योपुर तथा मंदसौर में 8-8, पन्ना, कटनी तथा रतलाम में 7-7, गुना, मण्डला, उमरिया, राजगढ़ तथा सीधी में 6-6, दतिया में 5, झाबुआ, अनूपपुर तथा हरदा में 4-4, भोपाल तथा डिण्डोरी में 2-2 तथा अशोकनगर जिले में एक खेल मैदान बनाये जा रहे हैं।
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