उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय सीमा में भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव श्री अवनि वैश्य ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि वे आपदा राहत निधि (सी.आर.एफ.) तथा राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक निधि (एन.सी.सी.एफ.) से राहत कार्यों के लिये जारी धनराशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र तीन माह की समय सीमा में राजस्व विभाग को अनिवार्य रुप से उपलब्ध कराएं। श्री अवनि वैश्य आज मंत्रालय में आपदा राहत निधि एवं राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक निधि से प्राप्त धनराशि के प्रबंधन के बारे में गठित सचिव स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस मौके पर मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक निधि मद से सूखा वर्ष 2009-10 के लिये प्राप्त 40.53 करोड़ रुपये के आवंटन की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने उक्त राशि में से ग्रामीण अंचलों में पेयजल व्यवस्था की दृष्टि से पाईप लाईन की मरम्मत एवं विस्तार कार्यों के लिये 7 करोड़ 70 लाख रुपये और पशुपालन तथा मछलीपालन विभाग की कार्य योजना अनुसार 5 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में मुख्य सचिव ने दमोह नगर की राजनगर जलाशय आवर्धन योजना के तहत जलाशय की ऊंचाई बढाने के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने आगामी गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिये विभिन्न नगरीय निकार्यों को 20 लाख से अधिक रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी। इनमें से आठनेर जिला बैतूल को 25 हजार रुपये, सारंगपुर जिला राजगढ़ की 2 लाख 50 हजार रुपये दमुआ जिला छिंदवाड़ा को 8 लाख 55 हजार रुपये तथा चांदामेटा जिला छिन्दवाड़ा को 8 लाख 88 हजार रुपये आवंटित किये गए हैं।
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