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Friday, February 19, 2010

वर्ष 2013 तक 5186 मेगावाट विद्युत क्षमता वृद्धि का लक्ष्य

क्षमता वृद्धि के लिये 42 कम्पनियों से 55 हजार मेगावाट के एमओयू भी हुये
प्रदेश में बिजली की बढ़ती हुई मांग को देखते हुये विद्युत उत्पादन तथा स्थापित क्षमता बढ़ाने के कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश को बिजली उत्पादन की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने के लिये त्वरित गति से कार्य कर रही है।
सरकार ने वर्ष 2013 तक करीब 5186 मेगावाट विद्युत क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही निजी कम्पनियों के माध्यम से भी प्रदेश की विद्युत क्षमता वृद्धि के लिये 42 कम्पनियों से लगभग 55 हजार मेगावाट की ताप विद्युत परियोजनाएं लगाये जाने के लिये समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित भी किये गये हैं।

राज्य सरकार ने वर्ष 2013 तक करीब 5186 मेगावाट विद्युत क्षमता वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी द्वारा 1200 मेगावाट की श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी में 500 मेगावाट की विस्तार इकाईयों का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही 1600 मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना की स्थापना खण्डवा जिले में करने के लिये मेसर्स बी.एच.ई.एल. के साथ अनुबंध हो चुका है। 
नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन द्वारा 2640 मेगावाट गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर में स्थापित करने के लिये गत 9 नवम्बर को समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। साथ ही रिलायंस कम्पनी द्वारा सिंगरौली जिले में 4 हजार मेगावाट क्षमता की सासन अल्ट्रा मेगा परियोजना की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना से प्रदेश को करीब 1600 मेगावाट विद्युत मिलेगी।

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