2964 एम.व्ही.ए. क्षमता के अति उच्च दाब उपकेन्द्रों का कार्य भी पूर्ण होगा
प्रदेश में पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये कारगर कदम उठाये गये हैं। वर्तमान में उप-पारेषण एवं वितरण के क्षेत्र में प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, एनर्जी ऑडिट, शत-प्रतिशत मीटरीकरण एवं विद्युत चोरी रोकने के कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है।
इस वर्ष 2009-10 के दौरान 1512 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों के निर्माण तथा 2964 एम.व्ही.ए. क्षमता के अति उच्च दाब उप केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जायेगा। इसमें से गत माह दिसम्बर तक 589 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों एवं 2426 एम.व्ही.ए. क्षमता के अति उच्च दाब उप केन्द्रों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्ष 2009-10 में 1376 करोड़ रुपये राशि के उप-पारेषण एवं वितरण के कार्य किये जायेंगे।वर्ष 2009-10 में 1376 करोड़ रुपये के उप-पारेषण एवं वितरण के होंगे कार्य
इस वर्ष 1512 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों का निर्माण
2964 एम.व्ही.ए. क्षमता के अति उच्च दाब उप केन्द्रों का कार्य पूर्ण
102 उप केन्द्रों की क्षमता में वृद्धि
6630 नये वितरण ट्रांसफार्मर का कार्य पूर्ण
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008-09 के दौरान 1296 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाईनों के निर्माण एवं 3063 एम.व्ही.ए. क्षमता के अति उच्च दाब उप केन्द्रों के निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया है। इसके अलावा उप पारेषण एवं वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिये किये गये गंभीर प्रयासों से वर्ष 2008-09 में कुल 208 नम्बर 33/11 के.व्ही. के नये विद्युत उप केन्द्रों का निर्माण, 381 उप केन्द्रों की क्षमता वृद्धि तथा 205 अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना की गई तथा 7055 नये वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गये।
इसी प्रकार गत माह दिसम्बर तक 1071 किलोमीटर 33 के.व्ही. लाईन, 2821 किलोमीटर, 11 के.व्ही. लाईन, 1261 किलोमीटर निम्न दाब लाईनों के कार्य किये गये हैं। इसके अलावा 134 नये 33/11 के.व्ही. के उप केन्द्र तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाये गये हैं। साथ ही 102 उप केन्द्रों की क्षमता वृद्धि की गई तथा 6630 नये वितरण ट्रांसफार्मर का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है।
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