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Thursday, February 18, 2010

प्रदेश में 1250 केन्द्रों पर खरीदेंगे गेहूँ

जरूरत के मुताबिक होगा विस्तार, खरीदी केन्द्रों के बुलाए नक्शे
समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदने के लिए प्रदेश में फिलहाल 1250 केन्द्र तय किए गए हैं। चूंकि 35 लाख मे. टन गेहूँ खरीदे जाने का लक्ष्य तय किया गया है इसलिए इस तादाद में आवश्यकता के अनुसार इजाफा किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया की इस बार राज्य स्तरीय निगरानी और समीक्षा का बंदोबस्त किया गया है, लिहाजा खरीदी केन्द्रों के नक्शे और तयशुदा प्रारूप में वांछित जानकारी एक मार्च तक कलेक्टरों से भोपाल बुलवाई गई है।किसानों की सुविधा के लिए मण्डियों में पेयजल, जनरेटर आदि के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। जानकारियों के संकलन के लिए कम्प्यूटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसका इंतजाम 10 मार्च तक करने को कहा गया है। मण्डियों में उपार्जन के दौरान बिजली, इलेक्ट्रॉनिक तौल-कांटों और पर्याप्त तुलावटियों की व्यवस्था की जा रही है। सारी मण्डियों में नमी मापक यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि औसत अच्छी किस्म के गेहूँ की खरीद के लिए तयशुदा नमी के प्रतिशत की जांच स्थल पर ही की जा सके।

खरीदी केन्द्र जुड़ेंगे गोदाम से

उपार्जन व्यवस्था को पुख्ता और साफ-सुथरी बनाने के लिए गेहूँ खरीदी केन्द्रों को जोड़ा जा रहा है। इसके चलते भण्डारण में अफरातफरी की स्थिति भी नहीं उपजेगी। चूंकि हर खरीदी केन्द्र अपने तयशुदा भण्डार गृह से जुड़ा रहेगा इसलिए माल के परिवहन का रास्ता और स्थान भी पहले से निश्चित होगा। इसी मकसद से गोदामों और खरीदी केन्द्रों की सूचनाओं को पहले से इकट्ठा किया जा रहा है।

गफलत में नहीं रहेंगे किसान

कोई बिचौलिया या अन्य अवांछित तत्व किसानों से बारदाने, सुतली, स्टीचिंग मशीन, कांटा-बांट आदि का इंतजाम खुद करने को कहता है तो सीधे पकड़ में आ जाएगा। किसानों से कहा गया है कि ये सारे इंतजाम सरकार खुद कर रही है इसलिए उन्हें बिचौलियों या व्यापारियों के किसी भड़कावे में नहीं आना है।

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