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Saturday, January 23, 2010

मप्र के मुख्यमंत्री श्री चौहान की प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह, से मुलाकात

प्रदेश की लंबित परियोजनाओं से अवगत कराया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से उनके निवास पर मिलकर प्रदेश की लंबित परियोजनाओं से अवगत कराया। ऊर्जा के क्षेत्र में श्री चौहान ने लंबित परियोजनाओं को बाहरी संस्थानों द्वारा आर्थिक मदद के प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल में मध्यप्रदेश में ऊर्जा का उत्पादन और पारेषण लगभग दुगुना हो गया है और आगामी पांच सालों में 5000 मेगावाट का अधिक उत्पादन किया जायेगा।

ऊर्जा वितरण के लिये नये संयंत्र लगाने के लिये ऊर्जा मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक के माध्यम से 1686 करोड़ रूपये की प्रस्तावित योजना वित्त मंत्रालय में लंबित है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को इसको शीघ्र स्वीकृत करवाने का आग्रह किया। प्रदेश में कोयले की कमी का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश में प्रति माह लगभग 67 लाख मीट्रिक टन कोयले का खनन किया जा रहा है।
कोयले पर आधारित ऊर्जा संयंत्रों के लिये मध्यप्रदेश को 17 लाख मीट्रिक टन कोयले की प्रति माह आवश्यकता होती है। जबकि प्रदेश को केन्द्र सरकार द्वारा सिर्फ 11 लाख मीट्रिक टन कोयला दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार का कहना है कि शेष कोयला राज्य को आयात करना चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि यह व्यवहारिक नहीं है क्योंकि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुसार यहां बंदरगाह नहीं हैं।
जिससे कि कोयले को आयात करने में सुविधा हो। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार को प्रदेश के बिरसिंहपुर क्षेत्र से कोयले का आवंटन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुये शीघ्र उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

नक्सलवाद के बारे में श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि नक्सलवाद से प्रदेश के सीधी, उमरिया और शहडोल जिले भी ग्रसित हैं। बालाघाट जिले में नक्सलवादियों से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा तैनात बटालियन को वापस बुलाये जाने पर आपत्ति जताते हुये श्री चौहान ने बटालियन को वहीं तैनात रहने देने का आग्रह किया।

श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से बुंदेलखंड विकास के लिये घोषित पैकेज को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि उक्त पैकेज कम से कम 24000 करोड़ रूपये का होना चाहिए। जिसमें से 18000 करोड़ मध्यप्रदेश के हिस्से में बुदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिये मिलना चाहिये। श्री चौहान ने इसी भांति महाकौशल और विन्ध्य क्षेत्र के विकास के लिये भी केन्द्र सरकार को विशेष पैकेज की घोषणा करने की मांग की।

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेल मंत्री डा. एम.एस. गिल से उनके निवास पर मुलाकात कर महिला हॉकी फेडरेशन के लिए एक करोड़ रूपये की सहायता देने की जानकारी दी।। उन्होंने खेलों में राजनीतिकरण पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि खेल संघ के लिये खेलों में महारथ प्राप्त विशेषज्ञों की ही सेवाएं लेनी चाहिए ताकि खेलों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हॉकी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिये प्रदेश में एस्ट्रोटर्फ के नये स्टेडियम बनाने जा रही है जिससे नये खिलाड़ी तैयार होंगे। राज्य सरकार ने खेलों के लिये 60 करोड़ के बजट का आवंटन किया है। पहले मात्र चार करोड़ का खेल बजट होता था। उन्होंने बताया कि देश की जूनियर महिला हॉकी टीम में मध्यप्रदेश से 4 खिलाड़ी हैं।

श्री चौहान ने वित्त मंत्री डा. प्रणब मुखर्जी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर प्रदेश में गैस पर आधारित पावर प्लांट लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से होकर गैस पाइप लाइन जाती है इसलिए यहां पावर प्लांट और खाद कारखाना लगाना उचित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां पी.पी.पी की तर्ज पर राज्य में सड़कें बनायी गयी हैं। डा. मुखर्जी से सड़कों के लिए विश्व बैंक से भी मदद दिलाने का आग्रह किया।

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