प्रदेश इन घिनौनी हरकतों से निपटने के लिए चौकस
खाने-पीने की चीजों में मिलावट का गौरखधंधा पिछले कुछ महीनों से देश के विभिन्न स्थानों पर तेजी से उजागर हुआ है। राज्य सरकार प्रदेश में इन घिनौनी हरकतों से निपटने के लिए चौकस है। यदि लोग भी जागरूक होकर इसे प्रशासन की जानकारी में ले आएँ तो बात बन जाएगी और मिलावटिए सीखचों के पीछे हो जाएंगे। सबके लिए यह जानना जरूरी है कि पीसे मसालों से लेकर आटा और चाय पत्ती तथा कॉफी में मिलावट और वह भी सेहत से दुश्मनी निकालने वाली संभव है। यदि वक्त रहते उपभोक्ता नहीं संभले तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
सरकारी उपायों के तहत खाद्य विभाग के अफसरों और अमले को इस बारे में बाकायदा ट्रेनिंग देकर मुस्तैद किया जा रहा है। लेकिन उपभोक्ता जो इन सारी चीजों का इस्तेमाल रोज़मर्रा कर रहे हैं, अपने घर पर छोटे से टेस्ट से असलियत जाँच कर तत्काल यह जानकारी प्रशासन को दे सकते हैं। उपभोक्ताओं की इस सजगता से प्रशासनिक अमले की कार्रवाई की पड़ताल भी हो सकेगी और किसी कोताही की सूरत में यह अमला भी कार्रवाई की ज़द से आ जाएगा।
हल्दी में लकड़ी बुरादा, मिर्च में ईंट चूरा
इस जानकारी से चौंकने की बजाय सतर्क होना जरूरी है कि पीसी हल्दी में लकड़ी का रंगीन बुरादा, चाक पाउडर या पीला साबुन और पत्थर का पाउडर हो सकता है। सेहत पर इसका दुष्प्रभाव कोई भी अच्छे से जान सकता है। यही अंदेशा पीसी मिर्च को लेकर भी हो सकता है जबकि इसमें ईंट पाउडर, नमक पाउडर या फिर टैल्कम पाउडर तक मिलाया जा सकता है।
घरेलू जाँच
हल्दी में मेटानिल येलो का पता लगाने के लिए टेस्ट ट्यूब में एक चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर उसमें कुछ बूंदें सांद्रित हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाने पर तत्काल सच्चाई सामने आएगी। इस घोल का रंग यदि तुरंत गुलाबी हो जाए और पानी में घुलकर यह रंग गायब हो जाए तो हल्दी शुद्ध होगी। लेकिन यह रंग गायब न हो तो यह माना जाएगा कि हल्दी में बगैर अनुमति वाला कोलतार रंग मेटानिल येलो मौजूद है।
इसी तरह हल्दी में चाक पाउडर, पीसे साबुन और पत्थर के पाउडर की पड़ताल के लिए टेस्ट ट्यूब में थोड़ा हल्दी पाउडर और पानी डालकर इसमें सांद्रित हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूँद मिलाने पर स्थिति साफ हो जाएगी। इस क्रिया को करने पर यदि ट्यूब में बुलबुले उठने लगें तो इसमें उपरोक्त घातक चीजों की मिलावट होना पाया जाएगा।
नकली मिर्च की जाँच
एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर डालने के बाद पानी का रंगीन होना इसमें कृत्रिम रंग की मौजूदगी दर्शा देगा। यदि इसमें ईंट पाउडर या रेत है तो वह गिलास की तली में बैठ जाएंगे। यदि गिलास में बचे अवशेष को छूने पर यह चिकना लगे तो यह साबुन या पत्थर मिले होने का इशारा करेगा। मिर्च पाउडर को इस कसौटी पर हाथ से मसलने पर ही मिलावट का पता चल जाता है।
आटा, मैदा, रवा की जाँच
इन चीजों में रेत, मिट्टी, कीड़े, जाले, कूड़ा-कचरा, गोबर और लोहे का चूरा आदि मिलाए जा सकते हैं। इसकी जाँच इन आटों को गौर से देखने पर ही हो सकती है। मिलावटी आटे की रंगत और शक्ल गौर से देखने और सूंघने पर साफ नज़र आएगी। जहाँ तक इनमें लोहे के चूरे की पड़ताल की बात है तो एक चुम्बक इसमें घुमाते ही लोहे का चूरा अलग हो जाएगा। बेसन में खेसरी आटा मिलाकर बेचा जा सकता है। इसका पता लगाने के लिए 10 ग्राम बेसन में 50 मि.ली. हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालकर इसे 15 मिनट तक उबलते पानी पर रखें तो खेसरी आटे की बेसन में मिलावट होने पर इसका रंग गुलाबी हो जाएगा। यदि बेसन में कोई मेटानिल येलो मिलाया गया है तो इसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालने के बाद और बगैर उबलते पानी पर रखे भी इसका रंग तुरंत गुलाबी हो जाएगा।
सरकारी उपायों के तहत खाद्य विभाग के अफसरों और अमले को इस बारे में बाकायदा ट्रेनिंग देकर मुस्तैद किया जा रहा है। लेकिन उपभोक्ता जो इन सारी चीजों का इस्तेमाल रोज़मर्रा कर रहे हैं, अपने घर पर छोटे से टेस्ट से असलियत जाँच कर तत्काल यह जानकारी प्रशासन को दे सकते हैं। उपभोक्ताओं की इस सजगता से प्रशासनिक अमले की कार्रवाई की पड़ताल भी हो सकेगी और किसी कोताही की सूरत में यह अमला भी कार्रवाई की ज़द से आ जाएगा।
हल्दी में लकड़ी बुरादा, मिर्च में ईंट चूरा
इस जानकारी से चौंकने की बजाय सतर्क होना जरूरी है कि पीसी हल्दी में लकड़ी का रंगीन बुरादा, चाक पाउडर या पीला साबुन और पत्थर का पाउडर हो सकता है। सेहत पर इसका दुष्प्रभाव कोई भी अच्छे से जान सकता है। यही अंदेशा पीसी मिर्च को लेकर भी हो सकता है जबकि इसमें ईंट पाउडर, नमक पाउडर या फिर टैल्कम पाउडर तक मिलाया जा सकता है।
घरेलू जाँच
हल्दी में मेटानिल येलो का पता लगाने के लिए टेस्ट ट्यूब में एक चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर उसमें कुछ बूंदें सांद्रित हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाने पर तत्काल सच्चाई सामने आएगी। इस घोल का रंग यदि तुरंत गुलाबी हो जाए और पानी में घुलकर यह रंग गायब हो जाए तो हल्दी शुद्ध होगी। लेकिन यह रंग गायब न हो तो यह माना जाएगा कि हल्दी में बगैर अनुमति वाला कोलतार रंग मेटानिल येलो मौजूद है।
इसी तरह हल्दी में चाक पाउडर, पीसे साबुन और पत्थर के पाउडर की पड़ताल के लिए टेस्ट ट्यूब में थोड़ा हल्दी पाउडर और पानी डालकर इसमें सांद्रित हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूँद मिलाने पर स्थिति साफ हो जाएगी। इस क्रिया को करने पर यदि ट्यूब में बुलबुले उठने लगें तो इसमें उपरोक्त घातक चीजों की मिलावट होना पाया जाएगा।
नकली मिर्च की जाँच
एक गिलास पानी में एक चम्मच मिर्च पाउडर डालने के बाद पानी का रंगीन होना इसमें कृत्रिम रंग की मौजूदगी दर्शा देगा। यदि इसमें ईंट पाउडर या रेत है तो वह गिलास की तली में बैठ जाएंगे। यदि गिलास में बचे अवशेष को छूने पर यह चिकना लगे तो यह साबुन या पत्थर मिले होने का इशारा करेगा। मिर्च पाउडर को इस कसौटी पर हाथ से मसलने पर ही मिलावट का पता चल जाता है।
आटा, मैदा, रवा की जाँच
इन चीजों में रेत, मिट्टी, कीड़े, जाले, कूड़ा-कचरा, गोबर और लोहे का चूरा आदि मिलाए जा सकते हैं। इसकी जाँच इन आटों को गौर से देखने पर ही हो सकती है। मिलावटी आटे की रंगत और शक्ल गौर से देखने और सूंघने पर साफ नज़र आएगी। जहाँ तक इनमें लोहे के चूरे की पड़ताल की बात है तो एक चुम्बक इसमें घुमाते ही लोहे का चूरा अलग हो जाएगा। बेसन में खेसरी आटा मिलाकर बेचा जा सकता है। इसका पता लगाने के लिए 10 ग्राम बेसन में 50 मि.ली. हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालकर इसे 15 मिनट तक उबलते पानी पर रखें तो खेसरी आटे की बेसन में मिलावट होने पर इसका रंग गुलाबी हो जाएगा। यदि बेसन में कोई मेटानिल येलो मिलाया गया है तो इसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालने के बाद और बगैर उबलते पानी पर रखे भी इसका रंग तुरंत गुलाबी हो जाएगा।
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