जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया के निर्देश
जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया ने गुरुवार को एक बैठक में जल संसाधन विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। श्री मलैया ने निर्देश दिए कि विभाग के मुख्य अभियंता से लेकर सहायक यंत्री स्तर तक के सभी अभियंता अपने क्षेत्र में चल रही सिंचाई परियोजनाओं के निमार्ण कार्यों को अनिवार्य रूप से देखने जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अभियंता साइट पर जाकर इन्सपेक्शन नोट लिखें।
श्री मलैया ने कहा कि वे स्वयं इस बात की जानकारी लेंगे कि अभियंता अपनी साइट पर अनिवार्य रूप से भ्रमण करते हैं अथवा नहीं। श्री मलैया ने कहा कि निर्माणाधीन सिंचाई योजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने मुख्य अभियन्ताओं से कहा कि उनके अधीनस्थ जो अधिकारी कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनकी जानकारी शासन को दें और अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर कड़ी कार्रवाई भी करें।
उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा और जो अधिकारी अच्छा कार्य नहीं करेंगे उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री मलैया ने कहा कि शासन ने विभागीय योजनाओं के वार्षिक लक्ष्य तय कर दिए हैं, धनराशि की कोई कमी नहीं है। अतः उन्हें अपेक्षित परिणाम देना चाहिए।
श्री मलैया ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के अंर्तगत फील्ड चैनल बनाने के तथा ट्रिपल आर योजना के अंर्तगत कार्य करने के प्रस्ताव 15 जनवरी तक शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक योजना की समीक्षा की। श्री मलैया ने विश्व बैंक की सहायता से संचालित परियोजना वॉटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा की और परियोजना की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
श्री मलैया ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के अंर्तगत फील्ड चैनल बनाने के तथा ट्रिपल आर योजना के अंर्तगत कार्य करने के प्रस्ताव 15 जनवरी तक शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक योजना की समीक्षा की। श्री मलैया ने विश्व बैंक की सहायता से संचालित परियोजना वॉटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा की और परियोजना की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
श्री मलैया ने कहा के प्रदेश शासन ने सिंचाई के क्षेत्र के विस्तार को सर्वाधिक महत्व दिया है ताकि हमारे प्रदेश का किसान खुशहाल हो सके। बैठक में प्रमुख सचिव जल संसाधन श्री अरविंद जोशी, प्रमुख अभियंता श्री प्रजापति, परियोजना संचालक श्री पी.के. तिवारी, सभी कछारों के मुख्य अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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